244001
UP में SDM ठाकुरद्वारा मानी अरोड़ा के स्टेनो सचिन शर्मा को किया गिरफ्तार
Moradabad, Uttar Pradesh:एंटी करप्शन टीम ने एसडीएम ठाकुरद्वारा के स्टेनो सचिन शर्मा को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा। शिकायत करनपुर गांव के एक व्यक्ति द्वारा की गई थी। टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई योगी सरकार के भ्रष्टाचार विरोधी अभियान का हिस्सा है।
0
0
Report
हमें फेसबुक पर लाइक करें, ट्विटर पर फॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब्ड करें ताकि आप ताजा खबरें और लाइव अपडेट्स प्राप्त कर सकें| और यदि आप विस्तार से पढ़ना चाहते हैं तो https://pinewz.com/hindi से जुड़े और पाए अपने इलाके की हर छोटी सी छोटी खबर|
Adhir Ranjan Chowdhury के काफिले पर ट्रक की टक्कर, मुर्शीदाबाद में सुरक्षा कर्मी घायल
Noida, Uttar Pradesh:A truck has hit Adhir Ranjan Chowdhury's convoy near Jibanti, Murshidabad, while he was returning from Kandi to Berhampore after completing an election campaign in Kandi. Incident took place at around 18:45 Hrs. Several security personnel & staff injured. More details awaited0
0
Report
जयपुर: राजन विशाल के विदेश दौरे के दौरान हेमंत गेरा को मिला अतिरिक्त चार्ज
Jaipur, Rajasthan:जयपुर।IAS राजन विशाल जाएंगे विदेशी दौरे पर। जल जीवन मिशन के मिशन डायरेक्टर हैं राजन विशाल。 विदेश यात्रा के दौरान बदला प्रशासनिक जिम्मा。 हेमंत कुमार गेरा को मिला अतिरिक्त प्रभार。 हेमंत कुमार गेरा संभालेंगे मिशन डायरेक्टर, जल जीवन मिशन का कार्यभार。 गेरा वर्तमान में PHED विभाग के प्रमुख सचिव。 राजन विशाल की वापसी तक रहेगा अतिरिक्त चार्ज。 कार्मिक विभाग ने जारी किए आदेश。0
0
Report
उत्तराखंड के चार धामों की पवित्रता संरक्षण पर जोर—BKTC अध्यक्ष
Noida, Uttar Pradesh:ऋषिकेश, उत्तराखंड | उत्तराखंड में श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी कहते हैं, "...उत्तराखंड के चार धाम न केवल सनातन धर्म की जीवनरेखा हैं, बल्कि इसके चार आधारभूत स्तंभ भी हैं। इन स्थलों की पवित्रता, पौराणिक कथाओं और पहचान को बनाए रखने के लिए इनके संरक्षण की बात करना बिलकुल सही है...यह प्रस्ताव बोर्ड के समक्ष भी प्रस्तुत किया गया था, और सभी ने इसका कृतज्ञतापूर्वक स्वागत किया। हमें अपने धार्मिक संस्थानों की रक्षा और उन्हें बढ़ावा देना चाहिए, जो सनातन धर्म में आस्था के केंद्र हैं...हम आप सभी को सरल, सुलभ और सुरक्षित दर्शन प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं, और आप सभी को मंदिर और यहां मौजूद हमारी चीजों का ध्यान रखना चाहिए।"0
0
Report
Advertisement
पटना में फॉरेंसिक समिट का समापन, 4 FSL लैब सक्रिय, 9 भवन जल्द शुरू
Patna, Bihar:पटना, पटना पुलिस मुख्यालय में बायोलॉजिकल साइंस पर आयोजित दो दिवसीय सेटेलाइट कॉन्फ्रेंस का आज समापन हो गया। इस अवसर पर गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी ने कहा कि भारत सरकार और बिहार सरकार के गृह मंत्रालय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस सम्मेलन में देशभर के विशेषज्ञों ने भाग लिया, जहां नई तकनीकों और जांच प्रणाली पर चर्चा हुई। वहीं, कॉन्फ्रेंस के पहले दिन मंगलवार को डीजीपी विनय कुमार ने जानकारी दी थी कि बिहार में फिलहाल पटना, मुजफ्फरपुर, भागलपुर और राजगीर में 4 क्षेत्रीय एफएसएल लैब कार्यरत हैं, जबकि 9 नए एफएसएल भवन तैयार हो चुके हैं जिन्हें अगले 1-2 वर्षों में शुरू किया जाएगा। उन्होंने बताया था कि 102 सहायक निदेशक और वरिष्ठ वैज्ञानिक सहायकों की नियुक्ति भी की जा चुकी है, जिससे राज्य में फॉरेंसिक जांच और अपराध अनुसंधान व्यवस्था और मजबूत होगी।0
0
Report
गोपालगंज भू-माफिया गैंग के आरोपी गंगदयाल यादव गिरफ्तार
Gopalganj, Bihar:गोपालगंज पुलिस भू माफिया के विरुद्ध करवाई जारी है पुलिस ने गंगदयाल यादव को गिरफ्तार किया है गंगदयाल यादव राजद सुप्रीमो लालू यादव का करीबी बताया जाता है व न्यायिक हिरासत में भेज दिया है ये पूर्व में भी जमीन से जुड़े मामले में जेल जा चुके हैं नगर थाना पुलिस ने बंजारी रोड निवासी शिक्षक गंगदयाल यादव को उनके घर से गिरफ्तार किया है उसपर जमीन का पेपर तैयार कर जमीन हड़पने का आरोप लगा है नगर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है वहीं पूर्व के मामले में भी वारंट है गोपालगंज एसपी विनय तिवारी ने बताया कि पूर्व में गोपालगंज में एक गैंग एक्टिव था जो जमीन का फर्जी पेपर बनाकर जमीन पर कब्जा करते हैं उसी क्रम में पता चला दो माफिया योगेंद्र पंडित व गंगदयाल यादव का गैंग चलता था ये पूर्व में जेल गए हैं पता चला कि ये लोग पुनः ऐक्टिव हो गए हैं कई मामलों में आम लोगो को परेशान कर रहे हैं रजिस्ट्री का कागज बनवा रहे व रंगदारी मांग रहे जिसके बाद गंगदयाल यादव को गिरफ्तार किया गया है ये प्रकाश में आया है कि गंगदयाल यादव का पटना लिंक था और किन लोगों के साथ ये उठते बैठाते हैं किन लोगों के दम पर ये काम कर रहे थे इसकी जांच की जा रही है0
0
Report
बंगाल पोर्ट को मिनी पाकिस्तान बनाकर भाजपा उम्मीदवार ने मचाया बवाल
Kolkata, West Bengal:बंगाल में कार सेवा 2 की तैयारी भाजपा केंडिडेट बोले बाबरी मिटाऊंगा चाहते जान चली जाय,ममता के मंत्री पर बंगाल पॉर्ट को मिनी पाकिस्तान बनाने का लगाया आरोप - बंगाल में चुनाव चरम पर है...भाजपा केंडिडेट ने बंगाल में अयोध्या जैसी कार सेवा का एलान कर दिया... - ममता के मंत्री और पोर्ट से प्रतिद्वन्दी फिरहाद हकीम को पाकिस्तान के लाहौर भेजूँगा ये कहना है पोर्ट से भाजपा केंडिडेट राकेश सिंह का …भाजपा केंडिडेट में आरोप लगाया कि फिरहाद हकीम पोर्ट को मिनी पाकिस्तान बोलते है टीएमसी नेता को पाकिस्तान प्रेम है तो ४ मई को लाहौर भेजुँगा…फिरहाद हकीम हिंदुओं को दुश्मन मानता है कहता है की ग़ैर मुस्लिम होना गुनाह है उसने बंगाल पोर्ट को मिनी पाकिस्तान बना दिया तो रिजल्ट आते ही उसे लाहौर बिना पासपोर्ट के भेज दूँगा … - भाजपा केंडिडेट ने कहा की हुमायू कबीर टीएमसी से अभी भी मिला हुआ है बंगाल में बाबरी नहीं रहेगी… चाहे जान देकर मिटानी पड़े या अयोध्या जैसी कार सेवा - २ करनी पड़े…बंगाल की बाबरी को डायनामेट से उड़ा देंगे जेल जाने और जान देने के लिए तैयार हूँ… - बंगाल को पाकिस्तान बनाने की तैयारी है…बंगाल पोर्ट मिनी पाकिस्तान के नाम से घोषित किया है बड़ा पाकिस्तान नहीं बनने दूँगा… - भाजपा केंडिडेट ने में और मेरे बच्चे जेल भेजा में भी बदला लूंगा फरहाद हाकिम और उसकी बेटियों को जेल दूँगा… बंगाल में tmc उर्दू लागू करने को तैयारी… - बंगाल को भगवा से रंग देंगे…भाजपा केंडिडेट राकेश सिंह ने वो हरा रंग नहीं लगा पाएंगे…टीएमसी वालो को बचना है तो भगवा ओड़ ले नहीं तो बदला सूत समेत लिया जाएगा… - SIR को लेकर बोले घुसपैठियों के जरिये पॉर्ट में 60% मुस्लिम वोटर हो गए थे अब SIR में सभी घुसपैठी भाग गए हिदू वोटर उल्टा 60% हो गए रातोरात घुसपैठी भाग गए जो TMC ने बसाए थे... (121- राकेश सिंह भाजपा उम्मीदवार पोर्ट विधानसभा)0
0
Report
Advertisement
मुंगेर में जमीनी विवाद पर घर तोड़ने का वीडियो वायरल, पुलिस कर रही जांच
Munger, Bihar:मुंगेर में पिछले कुछ दिनों से एक वीडियो बड़ी तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसमें कुछ लोगों के द्वारा खंती और लौहा के औजार से घर तोड़ते दिख रहा है। और इसका किसी ने वीडियो बना लिया । जब इस वीडियो के विषय में पता चला तो पता चला कि दो चचेरे भाईयों के जमीनी विवाद में घर के दिवाल को तोड़ा जा रहा है । अब पूरे मामला की जांच अब पुलिस कर रही है । वायरल वीडियो कासिम बाजार थाना क्षेत्र के खोजा बाजार का है । वहां के निवासी दो चचेरे भाई सुभाष चंद्र सुधाकर और दूसरा पक्ष कुंदन और उसका भाई चंदन है । दिनों पक्ष आपस में चचेरे भाई है । और घर के बंटवारे के बाद जब सुभाष चंद्र सुधाकर अपना घर बनाने लगे तो इन दोनों चचेरे भाइयों ने गली बनाने के मुद्दे पर उसे घर बनाने से रोक दिया । उसके बाद काफी कहा सुनी भी दोनों के बीच हुआ । इस बीच गली को बनाने के लिये दोनों भाइयों ने सुभाष के घर तो खंती और लौहा के औजार से तोड़ने लगा । और इसी का वीडियो बना किसी ने सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया । भाइयों के इस हरकत को ले पुलिस से मदद लेने पहुंचे सुभाष ने थाना को लिखत आवेदन देते हुए बताया कि उनके चचेरे भाइयों ने बंटवारा के बाद अपना मकान तो बना लिया पर जब वह मकान बनाने लगे तो चचेरे भाइयों ने गली बनाने को ले इसका विरोध कर दिया। और इतना ही नहीं उन लोगों ने घर को भी तोड़ने लगा । जिसको ले उन्होंने थाना में भी आवेदन दिया है। साथ ही बताया कि अब पुलिस से यही गुहार है पुलिस उनके मामले को देखते हुए उचित न्याय करे ।0
0
Report
ईरान के 4000 साल के इतिहास की गाथा: सिकंदर से चंगेज तक
Delhi, Delhi:슬ग ID- Historiyan But on Iran बाइट- ओम जी उपाध्याय, इतिहासकार ईरान दुनिया की सबसे पुरानी लगातार चलने वाली सभ्यताओं में से एक है, जिसकी जड़े लगभग 4000 साल पुरानी हैं। सिकंदर महान से लेकर क्रूर चंगेज खान तक ने ईरान पर हमले किए और इसे मिटाने की कोशिश की, लेकिन हर बार ईरानी उठ खड़े हुए। अमेरिका के साथ 47 साल लड़ा और अब सीजफायर को मजबूर किया।0
0
Report
SC के सवाल: गैर-भक्त भी_submitted_sub(Sub)रीमला परंपरा को चुनौती दे सकते हैं?
Noida, Uttar Pradesh:जब भगवान अयप्पा के भक्त नहीं, तो सबरीमाला मंदिर की परंपरा को चुनौती क्यों, SC का सवाल सुप्रीम कोर्ट ने सवाल उठाया है कि जो लोग भगवान अयप्पा के भक्त ही नहीं हैं, क्या वे भी मंदिर की परंपराओं को कोर्ट में चुनौती दे सकते हैं? अगर कोई ऐसा व्यक्ति चुनौती देता है तो क्या कोर्ट को उस पर सुनवाई करनी चाहिए! सुप्रीम कोर्ट के सामने सवाल जस्टिस नागरत्ना ने यह सवाल सबरीमला विवाद से उपजे से संवैधानिक सवालों पर विचार रही संविधान पीठ की सुनवाई के दौरान किया। 9 जजों की संविधान पीठ धार्मिक परंपरा और मौलिक अधिकार से जुड़े 7 सवालों पर विचार कर रही है। संविधान पीठ ने जो सातवां सवाल तय किया है , वो यही है कि क्या कोई ऐसा व्यक्ति भी किसी ऐसे धर्म /संप्रदाय की परंपरा को अदालत में चुनौती दे सकता है, जिसका वो खुद सदस्य नहीं है! मंदिर की परंपरा को किसने चुनौती दी यह सवाल इसलिए भी प्रासंगिक है कि क्योंकि साल 2018 में जिस याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सभी उम्र की महिलाओं की मंदिर के एंट्री को इजाज़त दे दी थी, वो याचिका इंडियन लॉयर एसोसिएशन की ओर से दाखिल की गई थी आज जस्टिस नागरत्ना ने पूछा कि क्या यह संगठन भगवान अयप्पा के भक्तों का है।केंद्र सरकार का पक्ष रख रहे सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता ने इससे इंकार किया। इस पर जस्टिस नागरत्ना ने सवाल किया कि जो लोग भगवान के भक्त नहीं है, जिनका मंदिर से कोई संबंध नहीं है,वो कैसे मंदिर की परंपरा को चुनौती दे सकते है। अगर ऐसे किसी संगठन ने ऐसी परंपरा को चुनौती देते हुए सिविल कोर्ट में केस किया होता तो वो मुकदमा याचिका दायर होने का उपयुक्त कारण न होने के तकनीकी आधार पर खारिज हो जाता! चीन जस्टिस की राय अलग सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि संविधान पीठ जिन सवालो पर विचार कर रही है उनमें से एक सवाल यह भी है।जस्टिस नागरत्ना ने इस पर कहा कि सबसे पहले इसी सवाल पर विचार होना चाहिए जस्टिस नागरत्ना और एसजी तुषार मेहता के बीच चल रहे सवाल जवाब के बीच चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि साल 2018 में संविधान पीठ के फैसले में कहा गया था कि अगर कोर्ट के सामने कोई गम्भीर सवैंधानिक मुद्दा उठाया गया है तो कोर्ट इसमे दखल दे सकता है फिर चाहे याचिकाकर्ता को उस मुद्दे से कोई सीधा वास्ता न हो। अगर केस से सीधा सम्बंध होने पर ही सुनवाई के आधार माना जाता तो फिर तो यह याचिका सुनी नहीं जाती, 2006 में यह खारिज हो जाती। हालांकि चीफ जस्टिस ने साथ मे जोड़ा आर्टिकल 25 और आर्टिकल 26 के तहत दिए अधिकार धार्मिक स्वतंत्रता से जुड़े व्यक्तिगत अधिकार है। ऐसे मामलों के अमूनन वही कोर्ट आ सकता है, जिसका यह सवैंधानिक अधिकार बाधित हो रहा हो! याचिकाकर्ताओं का एतराज इस पर याचिकाकर्ताओं की पेश वकील इंदिरा जय सिंह ने कहा कि अगर कोर्ट को लगता है कि वो याचिका सुनवाई लायक नहीं थी तो फिर आगे इस रेफेरेंस पर सुनवाई नहीं होनी चाहिए। सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता ने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या वो ऐसी अर्जी दाखिल कर सकते है कि मुस्लिम महिलाओं को मस्जिदों में एट्री मिले। याचिकाकर्ताओ की ओर से पेश दूसरे वकील राजीव धवन ने कहा कि बहुत सी महिलाएं ऐसी हो सकती है जो मंदिर जाना चाहती हो लेकिन इसके लिए कोर्ट आने से झिझकती हो । ऐसे में इस केस के याचिकाकर्ता संगठन ने ऐसी महिलाओं की बात कोर्ट में रखी है PIL के दुरुपयोग पर सरकार का एतराज सरकार का पक्ष रख रहे एसजी तुषार मेहता ने कहा कि क़ानून में जनहित याचिकाओं की शुरुआत ऐसे लोगों के लिए की गई थी जिनको क़ानूनी प्रतिनिधित्व नहीं मिल पाता था।लेकिन आज इनका सबसे दुरूपयोग हो रहा है। ख़ास एजेंडे के लिए जनहित याचिकाओं का इस्तेमाल हो रहा है।चीफ जस्टिस ने इससे सहमति जताते हुए कहा कि अदालत को ऐसी जनहित याचिकाओं को स्वीकार करते वक़्त सतर्क रहने की ज़रूरत है! धार्मिक परंपरा को अंधविश्वास कोर्ट नहीं करार दे सकता _sunvai के दूसरे दिन भी आज केन्द्र सरकार की ओर से सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता ने दलील रखी। मेहता ने कहा कि कोर्ट यह तय नहीं कर सकता कि कोई धार्मिक परंपरा अंधविश्वास है या नहीं। अगर कहीं सुधार की गुंजाइश नज़र आती है तो यह विधायिका देखती है और ज़रूरत के मुताबिक उसे रोकने के लिए क़ानून भी लाया जाता है। जज सरकार की दलील से सहमत नहीं हालांकि जज इस दलील से सहमत नज़र नहीं आए। जस्टिस अमानुल्लाह ने कहा कि कोर्ट यह तय करने का अधिकार रखता है कि कोई धार्मिक परंपरा अंधविश्वास है या नहीं। कोर्ट को ऐसी परंपराओं की न्यायिक समीक्षा का अधिकार है हालाकि बाद में इसे रोकने के लिए कानून लाना विधायिका का काम है। जस्टिस बागची ने कहा कि अगर कोई व्यक्ति आर्टिकल 32 के तहत कोर्ट में याचिका दायर कर कहता है कि किसी जगह जादू-टोना का इस्तेमाल एक धार्मिक परंपरा के रूप में किया जा रहा है और विधायिका ने इस पर अभी कोई कानून नहीं बनाया है।तो क्या कोर्ट इसमे कुछ नहीं करेगा। क्या वो इसे रोकने का निर्देश जारी नहीं कर सकता!कोर्ट किसी भी धार्मिक परंपरा को इस कसौटी पर परख सकता है कि क्या वो स्वास्थ्य, पब्लिक आर्डर और नैतिकता के खिलाफ तो नहीं है! बेंच के सदस्य जस्टिस सुंदरेश ने भी कहा कि कई बार कोर्ट जानबूझकर दखल नहीं देता लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि कोर्ट के पास अधिकार नहीं है। अगर कोई सती जैसी गलत परंपरा हो तो कोर्ट दखल दे सकता है। हिंदू धर्म में कोई एक ईश्वर, एक ग्रंथ नहीं-SG तुषार मेहता ने कहा कि हिंदू धर्म मे बहुत विविधता है।कोई एक ईश्वर ,कोई एक धार्मिक ग्रंथ नहीं है जिसके आधार पर तय किया जाए कि वो परंपरा अनिवार्य धार्मिक परंपरा है या नहीं। भगवान अयप्पा को भक्त चूंकि नैष्ठिक ब्रह्मचारी मानते है इसलिए वहां मंदिर में महिलाओं की एट्री को लेकर परंपरा है।हर देवता की अपनी ख़ासियत है। कोर्ट परंपरा को बदलकर देवता के मौलिक चरित्र को नहीं बदल सकता।0
0
Report
Advertisement
TET विरोध: बालाघाट में हजारों शिक्षक रैली, ज्ञापन के साथ परीक्षा रद्द की मांग
Raebareli, Uttar Pradesh:TET परीक्षा के विरोध में जिले भर के स्कूलों से हजारों शिक्षक बालाघाट मुख्यालय पहुंचे. उन्होंने मुलना स्टेडियम में एक सभा की और उसके बाद तकरीबन एक किमी लंबी रैली निकालकर कलेक्ट्रेट की ओर कूच किया. यहां पर उन्होंने डिप्टी कलेक्टर प्रदीप कौरव को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा. उनकी मांग है कि शिक्षकों की जो योग्यता परीक्षा होनी है उसे रद्द किया जाए. शिक्षकों का कहना है कि यह उनकी गरिमा के साथ खिलवाड़ है. ऐसे में अगर परीक्षा लेनी है, तो कलेक्टर, तहसीलदार आदि सभी सरकारी अधिकारी कर्मचारी की लो सिर्फ शिक्षकों के साथ ही प्रयोग क्यों ? शिक्षकों का कहना है कि सिर्फ हम ही क्यों ई-अटेंडेंस लगाए. हमारी ही क्यों परीक्षा हो. बाकी तमाम अफसर और कर्मचारी क्यों नहीं दिखते हैं. हम देश की बुनियाद को मजबूत करने का काम करते हैं. हमारे पढ़ाए बच्चे आज तमाम सरकारी नौकरी में है. ऐसे में सरकार हमारी मांगों को मानना चाहिए. अगर ऐसा नहीं होता है, तो आने वाले समय में राज्य स्तर और राष्ट्रीय स्तर का आंदोलन करने की चेतावनी दी है. इस विषय पर दो दिन पहले बालाघाट प्रवास पर आए जिले के प्रभारी मंत्री और स्कूल शिक्षा मंत्री ने बयान दिया था कि सरकार ने केवल सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों का पालन किया था, लेकिन अब सरकार वापस अपना पक्ष रखेगी. उन्होंने कहा कि शिक्षक संगठन इस विषय में निचले स्तर तक कर्मचारियों के बीच फैले संदेह को दूर करें. सरकार का तर्क है कि टीईटी लागू होने से पहले नियुक्त शिक्षक तय भर्ती नियमों का पालन कर सेवा में आए थे.0
0
Report
मारपीट के बाद समझौता, घायल नहीं—विवाद सुलझ गया
Noida, Uttar Pradesh:हालाँकि मारपीट के बाद दोनों ही पक्षों के लोगों ने आपस में समझौता कर विवाद को सुलझाया... वहीं इस मारपीट में किसी के घायल होने की खबर नहीं है0
0
Report
केदारनाथ धाम बर्फ से ढका, यात्रा से पहले मार्गों की सफाई चुनौती
Noida, Uttar Pradesh: पहाड़ों में भारी बर्फबारी के बीच केदारनाथ धाम और शहर पूरी तरह बर्फ से ढक गया है...आस पास के इलाकों में कई फीट बर्फ जमा हो गई है 19 अप्रैल से चारधाम यात्रा शुरु होने वाली है....लिहाजा मंदिर समिति के सामने चुनौती है यात्रा से पहले मार्गों से बर्फ हटाई जा सके0
0
Report
Advertisement
ऑस्ट्रेलिया संसद में बाबा धीरेन्द्र शास्त्री ने विश्व शांति का संदेश दिया
Chhatarpur, Madhya Pradesh:एकंर -आस्ट्रेलिया की 8 दिवसीय यात्रा में पहुंचे बागेश्वर धाम पीठाधीश पं. धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री ने वहां की संसद में विश्व शांति का संदेश दिया। यह पहला अवसर है जब किसी भारतीय संत ने आस्ट्रेलिया की संसद में सनातन संस्कृति और विश्व शांति का संदेश दिया है। इससे यह स्पष्ट है कि सनातन का विश्वास आस्ट्रेलिया की संसद तक पहुंच चुका है। बाबा बागेश्वर ने कहा कि जब मन में शांति होगी तभी विश्व की शांति की कल्पना की जा सकती है। अशांत मन से समाज और राष्ट्र में शांति नहीं आ सकती। राष्ट्रगान और हनुमान चालीसा के साथ विश्व शांति की चर्चा शुरू हुई। आस्ट्रेलिया की राजधानी कैनबरा स्थित संसद में बागेश्वर धाम सरकार धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का ऐतिहासिक संबोधन हुआ। उन्होंने पूरी दुनिया को शांति का संदेश दिया। बाबा बागेश्वर का यह ऑस्ट्रेलिया दौरा इसलिये खास माना जा रहा है क्योंकि यहां पहली बार किसी भारतीय संत ने ऑस्ट्रेलिया की संसद में आध्यात्मिक प्रवचन दिया। इस अवसर पर बाबा बागेश्वर ने कहा कि यहां के मूल निवासी, प्रशासन के अधिकारी और दुनिया के 150 करोड़ सनातनियों की ओर से धन्यवाद कि आप विश्व शांति की चर्चा के लिए इकट्ठा हुए हैं। उन्होंने ईरान-अमेरिका युद्ध का उल्लेख करते हुए कहा कि मैं रास्ते में था तो पता चला कि मिडिल ईस्ट में जो युद्ध चल रहा था वहां सीजफायर हो गया। भगवान करे सीजफायर बना रहे। ऑस्ट्रेलिया की संसद से बैठकर हम इतना कह सकते हैं विवाद कोई रास्ता नहीं, संवाद रास्ता है। उन्होंने कहा कि विनाश करना है तो युद्ध को चुनो और विकास के लिए बुद्ध को चुनो। बागेश्वर महाराज ने कहा कि अंदर के तत्व को जान लेना ही शांति है। आप तब तक अशांत हैं जब तक कुछ पाने की इच्छा है। बड़े-बड़े राजा, नौकर चाकर रखने वाले लोग आशांत रहते हैं लेकिन साधु-संतों फकीरों को देखो, वे कितने शांत हैं। जब तक अतृप्त रहोगे अशांत रहोगे और जब तृप्त हो जाओगे तब शांत हो जाओगे। भारत ने पूरी दुनिया को परिवार की दृष्टि से देखा उन्होंने भारत की संस्कृति और सभ्यता का उल्लेख करते हुए कहा कि हम बहुत गौरवशाली हैं और उस सनातन परंपरा से आते हैं जहां शांति से ही शुरुआत होती है। उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया ने सभी देशों को व्यापार की दृष्टि से देखा लेकिन भारत ने पूरी दुनिया को परिवार की दृष्टि से देखा। उन्होंने कहा कि स्त्रियों को दुनिया ने भोग्या की दृष्टि से देखा लेकिन हमने पूज्या की दृष्टि से देखा। संवाद ही एकमात्र रास्ता.. बाबा बागेश्वर ने ईरान और अमेरिका को शांति का संदेश देते हुए कहा कि सबसे बड़ी लड़ाई महाभारत हमारे देश में लड़ी गई और जिस जमीन पर महाभारत की लड़ाई लड़ी गई वह जमीन आज भी पड़ी है लेकिन जो लड़े वो सब निपट गए। इसलिए कहता हूं कि विवाद कोई रास्ता नहीं है। संवाद ही एकमात्र रास्ता है। बीडीयो -धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री -पीठाधीश्वर0
0
Report
Uttarakhand Governor ne PM se mulakat, rajnaitik charcha me tez raftar
Noida, Uttar Pradesh:Uttarakhand ke rajyapal ne PM se ki mulakat0
0
Report
जिला अस्पताल में मां की ममता के लिए नन्हे हाथों ने घसीटी व्हीलचेयर खुल गई स्वास्थ्य सुविधाओं की पोल।
Manpur, Madhya Pradesh:जिले के मुख्य चिकित्सालय जिला अस्पताल उमरिया से एक एक मर्मस्पर्शी तस्वीर सामने आई है जिसने जिले भर में उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं और व्यवस्थाओं की भी पोल खोल कर रख दी है। बता दें कि विभाग के जिम्मेदारों की बड़ी लापरवाही को उजागर करता यह वीडियो दरअसल जिला अस्पताल उमरिया का है जहां पर एक छोटी बच्ची अपने हाथों से व्हीलचेयर घसीटती हुई नजर आ रही है इस वायरल वीडियो के बारे में बताया जाता है कि उक्त छोटी बच्ची अपनी मां के साथ जिला अस्पताल पहुंची थी जिनके पैर में चोट लगने के कारण वह चल फिर नहीं सक रही थी और जिला चिकित्सालय के गेट के पास ही बैठ गई ऐसे में वहां पर इस हेतु तैनात स्वास्थ्य कर्मियों ने भी उनकी कोई मदद नहीं की जिसे देखकर छोटी बच्ची ने अपनी मां के प्रति समर्पण और ममता दिखाते हुए खुद मोर्चा संभाला और अस्पताल के भीतर जाकर खुद से व्हीलचेयर उठाकर अपनी मां के पास ले आई। इस तस्वीर ने जहां जिले के स्वास्थ्य महकमें की लापरवाही को उजागर किया है वहीं जिले में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का झूठा राग अलापने वाले जिम्मेदारों को भी आईना दिखाया है देखना होगा कि इसके बाद भी जिम्मेदारों को अपनी जिम्मेदारी का एहसास होके थोड़ी सी शर्म आ पाती है अथवा वो सब कुछ जानकार भी बेजान और बेशर्म बने बैठे रहते हैं।0
0
Report
Advertisement
