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मौलाना जर्जिस अंसारी के विवादित बयान पर निरुपम की तीखी प्रतिक्रिया

Mumbai, Maharashtra:मौलाना जर्जिस अंसारी के विवादित बयान पर शिवसेना नेता संजय निरुपम ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा, “जब इस्लाम का अस्तित्व नहीं था, तब कृष्ण का अस्तित्व था। उनकी दैविक शक्तियों के सामने दुनिया नतमस्तक थी। यह कृष्ण और उनके भक्तों का अपमान है। इस मौलाना की जीभ काट लेनी चाहिए.” निरुपम ने कहा कि मौलाना जर्जिस अंसारी के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि उन्हें जेल में डालकर कृष्ण और राम के बारे में सिखाया जाए। साथ ही उन्होंने कहा कि भगवान राम और भगवान कृष्ण के मूल्यों के साथ आज हिंदुस्तान एकजुट है। दरअसल, मौलाना जर्जिस अंसारी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, जिसमें वो कहते सुना जा सकता है भगवान श्रीकृष्ण पाँच बार के नमाज़ी थे।
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कांवड़ मेले की तैयारी के लिए राज्यों के अधिकारी समन्वय बैठक करेंगे

Haridwar, Uttarakhand:30 जुलाई से शुरू होने वाले आगामी कांवड़ मेلے की तैयारियों को लेकर शुक्रवार को कई राज्यों के आलाधिकारियों ने चिंतन किया। हरिद्वार के मेला नियंत्रण भवन में उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में यूपी, हरियाणा, पंजाब, हिमाचल, राजस्थान समेत कई राज्यों के अधिकारियों ने बैठक की। बैठक में कांवड़ मेले के समय आपसी समन्वय पर जोर दिया गया। इस दौरान कांवड़ियों की भीड़, उनके रूट और सुरक्षा को लेकर भी मंथन हुआ। बीते सालों में कांवड़ मेले में बढ़ी कावड़ियों की संख्या के चलते कांवड़ मेले के दौरान भीड़ प्रबंधन को लेकर चर्चा की गई। बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद बर्धन ने कहा कि कांवड़ मेला हमेशा चुनौती भरा होता है और हरिद्वार इसका केंद्र होने के कारण सबसे ज्यादा यहीं फोकस होता है लिहाजा सभी राज्य आपसी सहयोग से इसे सकुशल संपन्न करेंगे। बाइट - आनंद बर्धन, मुख्य सचिव, उत्तराखंड
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स singrauoli में आधे घंटे की बारिश से नगर निगम-कलैक्टर कार्यालय के सामने जलभराव फैल गया

Singrauli, Madhya Pradesh:सिंगरौली बारिश के समाचारों में आधे घंटे की बारिश ने खोली नगर निगम के दावों की पोल कलेक्टर कार्यालय, एसपी ऑफिस और नगर निगम के सामने सड़क बनी तालाब जलभराव से जूझा जिला मुख्यालय, राहगीरों की बढ़ी मुश्किलें सड़क या गड्ढा पानी में डूबे रास्तों ने बढ़ाया हादसे का खतरा नालियों की सफाई के दावे फेल पहली तेज बारिश में ही दिखी बदहाली बारिश से मिली राहत, लेकिन जलभराव ने बढ़ाई लोगों की परेशानी एंकर सिंगरौली में एक बार फिर मौसम का मिजाज बदला और तेज गरज चमक के साथ हुई बारिश ने जिला मुख्यालय की व्यवस्थाओं की पोल खोलकर रख दी महज आधे घंटे की बारिश के बाद कलेक्टर कार्यालय, एसपी कार्यालय और नगर निगम कार्यालय के सामने सड़क पर भारी जलभराव हो गया हालत यह रही कि सड़क का एक हिस्सा पूरी तरह पानी में डूब गया और लोगों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा बारिश के बाद जिला मुख्यालय की प्रमुख सड़कें तालाब में तब्दील नजर आईं सड़क पर इतना पानी भर गया कि वाहन चालकों को यह समझना मुश्किल हो गया कि सड़क कहां है और गड्ढे कहां हैं मोटरसाइकिल सवारों ने बताया कि पानी भरने के कारण हादसे का खतरा लगातार बना रहता है कई जगह पाइपलाइन कार्य के बाद सड़क की मरम्मत भी नहीं कराई गई जिससे समस्या और गंभीर हो गई है राहगीरों का कहना है कि नगर निगम हर साल बारिश से पहले नालियों की सफाई और सड़कों की मरम्मत के बड़े-बड़े दावे करता है लेकिन पहली तेज बारिश में ही सारी व्यवस्थाओं की हकीकत सामने आ जाती है जलभराव के कारण पैदल चलने वालों के साथ-साथ दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों को भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा गुजरते वाहनों से लोगों पर पानी की छींटें पड़ती रहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि जब जिला मुख्यालय में कलेक्टर, एसपी और नगर निगम कार्यालय के सामने यह स्थिति है तो जिले के अन्य क्षेत्रों की हालत का सहज अंदाजा लगाया जा सकता है लोगों ने आरोप लगाया कि वर्षों से जलभराव की समस्या बनी हुई है लेकिन स्थायी समाधान की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया हालाँकि बारिश से उमस भरी गर्मी से लोगों को कुछ राहत जरूर मिली लेकिन बारिश थमते ही जलभराव और बदहाल सड़कों ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दीं अब सवाल यह है कि हर साल करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद आखिर शहर को जलभराव की समस्या से कब राहत मिलेगी
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आगरा की सरकारी भूमि पर 27 धार्मिक स्थलों के मामले में अदालत ने आदेश सुरक्षित रखा

Agra, Uttar Pradesh:आगरा में टेढ़ी बगिया स्थित रहमानी मस्जिद समेत सरकारी भूमि पर बने 27 धार्मिक स्थलों को लेकर दायर याचिका पर आज कोर्ट में अहम सुनवाई हुई. सुनवाई के दौरान अदालत ने वादी पक्ष से कई महत्वपूर्ण सवाल पूछे और आदेश सुरक्षित रख लिया है. यह याचिका योगी यूथ ब्रिगेड के प्रदेश अध्यक्ष कुंवर अजय तोमर की ओर से दायर की गई है. याचिका में जिलाधिकारी, नगर निगम, लोक निर्माण विभाग (PWD) और छावनी परिषद के अधिकारियों को प्रतिवादी बनाया गया है. वादी पक्ष का दावा है कि सरकारी भूमि पर बने इन धार्मिक स्थलों की वजह से यातायात प्रभावित हो रहा है और अतिक्रमण की स्थिति बनी हुई है. वहीं, पूरे मामले में विशेष न्यायाधीश ने सुनवाई पूरी करने के बाद अपना आदेश सुरक्षित रख लिया है. अदालत का आदेश शनिवार तक आने की संभावना जताई जा रही है।
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गुलमर्ग: ड्रंग वॉटरफॉल पर मेगा सफाई अभियान, पर्यावरण संरक्षण का संदेश

Gulmarg, Gulmarg Development Authority Organises Mega Sanitation-cum-Cleanliness Drive at Famous Picnic Spot Drung, Tangmarg In a significant initiative to promote environmental conservation and maintain cleanliness at one of Kashmir's most visited tourist destinations, the Gulmarg Development Authority (GDA) on Friday organised a Mega Sanitation-cum-Cleanliness Drive and public awareness programme at the famous Drung Waterfall in Tangmarg. The drive was conducted under the leadership of Chief Executive Officer, Gulmarg Development Authority, Tariq Hussain Naik, with active participation from the Municipal Committee Tangmarg, ATV Association Tangmarg, Vendor Association Drung, local residents, GDA officials, sanitation workers and other stakeholders. The campaign aimed to make the scenic tourist destination clean, garbage-free and environmentally sustainable. During the drive, participants collected and removed large quantities of waste from the Drung Waterfall area, surrounding pathways and the banks of Nallah Ferozpora. The programme also focused on spreading awareness among tourists, shopkeepers and local stakeholders about the importance of maintaining cleanliness and protecting the fragile ecology of the area. Speaking on the occasion, CEO GDA Tariq Hussain Naik stressed the need for collective responsibility in preserving the natural beauty of Gulmarg and Drung. He appealed to visitors and local stakeholders to avoid littering, use designated waste bins and actively support cleanliness initiatives to ensure that the tourist destination remains clean and attractive for future generations. Participants appreciated the Gulmarg Development Authority for taking the initiative and reaffirmed their commitment to keeping Drung neat and clean. Local residents, stakeholders and tourists praised the sanitation drive and urged the authorities to organise similar awareness and cleanliness programmes regularly to safeguard the environment, preserve the ecology and enhance the overall tourist experience. The Gulmarg Development Authority reiterated its commitment to promoting sustainable tourism and environmental protection through continuous cleanliness campaigns and public participation across tourist destinations in the Gulmarg Tangmarg region.
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SC ने गाज़ियाबाद चार-वर्षीय बच्ची के रेप-हत्या मामले में डॉक्टरों-अस्पतालों पर नाराज़गी जाहिर की

Noida, Uttar Pradesh:गाज़ियाबाद में चार वर्षीय बच्ची से रेप और मर्डर का मामला। SC ने बच्ची को समय पर इलाज देने में लापरवाही बरतने वाले डॉक्टर और निजी अस्पतालों पर कड़ी नाराजगी जताई। SC ने डॉक्टर को फटकार लगाते हुए कहा कि अगर आप अपनी ड्यूटी नहीं निभा सकते, तो अपने नाम के आगे 'डॉक्टर' लिखने का आपको कोई अधिकार नहीं है। अगर आपके पास इलाज की सुविधा नहीं थी, तो कम-से-कम संवेदनशीलता दिखाते हुए बच्ची को दूसरे अस्पताल लेकर जाते। आपने उसे इसलिए नजरअंदाज किया क्योंकि वह गरीब थी! क्योंकि वह आपकी फीस नहीं दे सकती थी! सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जिस अस्पताल में बच्ची को ले जाया गया, उसने भी बहुत ही अमानवीय व्यवहार किया। कोर्ट ने अस्पताल से कहा कि वो पीड़ित के परिवार को उचित मुआवजा दे। नाराज कोर्ट ने कहा कि अगर हम जुर्माना लगाएंगे तो उसका असर अलग होगा, लेकिन बेहतर होगा कि आप पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दें। आपने बेहद असंवेदनशील रवैया अपनाया है। यह मामला मार्च 2026 में गाज़ियाबाद में एक चार साल की बच्ची के रेप और हत्या से जुड़ा है। आरोप है कि एक नाबालिग रेप पीड़ित को समय पर ज़रूरी मेडिकल सहायता नहीं मिली। पीड़ित के पिता ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर पुलिस की जांच और इलाज में लापरवाही की शिकायत की है.
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दमोह के पथरिया में छठी बार चोरी: लाखों की चांदी-जेवर CCTV में कैद

Damoh, Madhya Pradesh:दमोह के पथरिया में चोरी की बड़ी वारदात, सीसीटीवी में कैद हुए चोर, लाखों की चोरी.. एक ही दुकान पर छठवीं बार चोरों ने बोला धावा.. दमोह जिले के पथरिया की ज्वेलरी शॉप प्रकाश चंद जैन पर बीती रात 4 बजे चोरों ने पीछे के हिस्से की दीवाल तोड़कर दुकान के अंदर प्रवेश किया। शॉप में लगी सीसीटीवी कैमरों में चोरी रिकॉर्ड हुई। पीड़ित दुकानदार प्रकाश सराफ के अनुसार दुकान में लगभग तीन किलो चांदी और कुछ सोने के जेवरात थे। सीसीटीवी पर चोरों ने मुंह ढका हुआ था और चोर आराम से चोरी करते दिख रहे थे। सुबह दुकान स्वामी को खबर लगी और उसने पुलिस को सूचना दी। यह छठी चोरी है; पिछले पांच वर्षों में हर साल यहां चोरी हुई है और लाखों का माल ले गया। पथरिया पुलिस पिछली पांच चोरीयों को पकड़ने में नाकाम रही है। इलाके में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।
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नागौर के रियांबड़ी में मानसून के दौरान अवैध बजरी खनन का आरोप

Jaipur, Rajasthan:मानसून में नदी में प्रवेश पर है रोक, लेकिन नागौर के रियांबड़ी में लूणी नदी में हो रहा बेखौफ अवैध खनन! - रियांबड़ी में रोक के बावजूद रात के अंधेरे में नदी से अवैध बजरी खनन, सवाल यहां बजरी माफिया हावी या लीजधारक कर रहे खनन? - पूर्व विधायक ने कहा, मिलीभगत से चल रहा खेल, अवैध तरीके से 1000 ट्रक बजरी का स्टॉक करने के आरोप जयपुर। नागौर जिले की बजरी खनन लीजों में जमकर फर्जीवाड़े हो रहे हैं। लीजों से काटे जा रहे रवन्नों में गड़बड़ियों के साथ ही अब मानसून सीजन में भी नदी से बजरी खनन का मामला सामने आया है। 31 अगस्त तक बजरी खनन पर रोक होने के बावजूद भी लूणी नदी क्षेत्र से बजरी निकाली जा रही है। उल्लेखनीय है कि रियांबड़ी तहसील क्षेत्र में बजरी खनन में अनियमितताओं के एक के बाद एक मामले सामने आ रहे हैं। यहां सुनील चौधरी नामक बजरी लीज से काटे गए रवन्नों के फर्जीवाड़े को लेकर पादुकलां पुलिस थाने में पिछले माह एक मुकदमा दर्ज हुआ था। अब रियांबड़ी के ही आलनियावास क्षेत्र में बजरी लीज के पास नदी से अवैध रूप से बजरी निकाले जाने का मामला सामने आया है। दरअसल यहां राजस्व गांव आलनियावास के खसरा नम्बर 141 और लूगिया ग्राम के खसरा नम्बर 56 में महादेव कंस्ट्रक्शन नाम से बजरी लीज आवंटित है। खान विभाग ने 2 सितंबर 2024 को लीजधारक ओमप्रकाश के नाम से बजरी खनन का पट्टा जारी किया हुआ है। स्थानीय निवासियों और पूर्व विधायक ने यहां आलनियावास के खसरा संख्या 304, जो कि गैर मुमकिन नदी क्षेत्र है, से अवैध बजरी खनन का आरोप लगाया है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि नदी क्षेत्र से मानसून सीजन में रोक के बावजूद भी बजरी निकाली जा रही है। यहां शाम 6 बजे से लेकर देर रात तक मशीनों के जरिए नदी क्षेत्र से बजरी निकाली जाती है। स्थानीय लोगों ने लीजधारक पर ही बजरी खनन करने का आरोप लगाया है। महादेव कंस्ट्रक्शन बजरी लीज को लेकर आरोप - मानसून के चलते नदियों में बजरी खनन पर 1 जुलाई से 31 अगस्त तक रोक - नदियों के खनन पिटों के रिप्लेनिशमेंट और हादसों से बचने के लिए रहती है रोक - लेकिन रियांबड़ी के आलनियावास ग्राम में लूणी नदी से खनन के आरोप - यहां आलनियावास के खसरा नंबर 304 में नदी के बहाव क्षेत्र से खनन हो रहा है - दिन के बजाय यहां रात में मशीनों से बजरी निकाली जा रही - यहां 14 जुलाई की रात में नदी से मशीनों से निकाली जा रही बजरी - आरोप कि रोजाना मिलीभगत से नदी क्षेत्र से निकाली जाती है बजरी - स्थानीय लोगों ने बजरी लीजधारक महादेव कंस्ट्रक्शन पर लगाए आरोप - नदी से अवैध रूप से बजरी निकालकर स्टॉक में इकट्ठी की जा रही - करीब 1000 ट्रकों का स्टॉक किए जाने के लग रहे आरोप - खान विभाग और पुलिस के अधिकारियों की मिलीभगत से चल रहा खेल रवन्नों में फर्जीवाड़े का मामला पहले आ चुका सामने शिाकायतकर्ताओं का आरोप है कि खान विभाग के अधिकारियों को लिखित शिकायत देने के बावजूद भी अवैध बजरी खनन पर रोक नहीं लग पा रही है। डेगाना के पूर्व विधायक रिछपाल मिर्धा और निम्बोडा कला के स्थानीय निवासी विरमाराम ने बताया कि मानसून अवधि में भी लीज क्षेत्र से हटकर नदी से अवैध रूप से बजरी निकालना प्रशासन के लिए एक खुली चुनौती है। लेकिन इस खेल में खान विभाग और पुलिस दोनों की मिलीभगत होने से अवैध खनन रुक नहीं पा रहा है। उल्लेखनीय है कि महादेव कंस्ट्रक्शन की इस लीज में अप्रैल-मई माह के दौरान फर्जी तरीके से रवन्ने काटने का प्रकरण भी सामने आ चुका है। एक अन्य बजरी लीजधारक सुनील चौधरी का फर्जीवाड़ा - 2 जून को अल सुबह बजरी के 2 ट्रकों को पुलिस ने पकड़ा - दोनों ट्रकों को सुबह 5:40 बजे पुलिस थाना पादुकला लाया गया - लेकिन जब्त ट्रक RJ37GD6546 का सुबह 8:16 बजे टीपी काटा गया - दूसरे ट्रक RJ21GD5814 का सुबह 8:26 बजे टीपी काटा गया - बजरी लीजधारक सुनील चौधरी ने दोनों ट्रकों के गलत टीपी काटे - गोटन फोरमैन राजकुमार ने इस फर्जीवाड़े को लेकर FIR करवाई - FIR में दर्ज कराया कि थाने में बंद ट्रकों के आखिर कैसे टीपी हुए जारी ? क्या नागौर में रुकेंगी बजरी खनन की गड़बड़ियां ? कुलमिलाकर नागौर के रियांबड़ी में बजरी लीजों पर जमकर फर्जीवाड़े हो रहे हैं। मानसून सीजन में रोक के बावजूद नदी क्षेत्र से अवैध रूप से बजरी खनन से पुलिस और खान विभाग दोनों की ही कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। देखना होगा कि मानसून सीजन में अवैध खनन का यह खेल रुकेगा या फिर कोई बड़ा हादसा होने के बाद ही प्रशासन चेतेगा ?
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खैरागढ़ के जंगलों में 14 बैगा परिवार आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष

Khairgarh, Uttar Pradesh:देश विकसित भारत बनने की बात कर रहा है। लेकिन खैरागढ़ जिले के जंगलों के बीच बसा एक छोटा-सा गांव आज भी बुनियादी सुविधाओं का इंतजार कर रहा है। यहां रहते हैं बैगा आदिवासी, जिन्हें विशेष रूप से संरक्षित जनजाति और अक्सर राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र के रूप में सम्मानित किया जाता है। लेकिन सम्मान और वास्तविक जीवन के बीच की दूरी यहां साफ दिखाई देती है। गांव में न सड़क है, न बिजली, न आंगनबाड़ी, न स्कूल और न ही पीने के पानी की पक्की व्यवस्था। बरसात आते ही यह गांव दुनिया से कट जाता है। हमारी यह ग्राउंड रिपोर्ट सिर्फ एक गांव की नहीं, बल्कि उन अधूरे वादों की कहानी है जो आज भी विकास का इंतजार कर रहे हैं। घने जंगल, ऊंचे पहाड़ और उफनते नदी-नालों के बीच बसा है टिंगीपुर। देवरचा पंचायत के इस छोटे से गांव में सिर्फ 14 बैगा परिवार रहते हैं। यहां तक पहुंचना ही किसी चुनौती से कम नहीं। बरसात में नदी-नाले भरते ही गांव का संपर्क पूरी तरह टूट जाता है। बीमार पड़ जाए तो एंबुलेंस नहीं पहुंचती, गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों को खाट या कंधों के सहारे बाहर लाना पड़ता है। गांव में बिजली के खंभे नहीं हैं। शाम ढलते ही पूरा गांव अंधेरे में डूब जाता है। पीने के लिए नल नहीं, सिर्फ नदी और झिरिया का सहारा है। गांव में बोरिंग तो है, लेकिन उसका पानी पीने लायक नहीं। राशन लेने के लिए ग्रामीणों को करीब पांच किलोमीटर पैदल चलकर पहाड़ और नदी पार करनी पड़ती है। तेज बारिश होने पर कई-कई दिनों तक राशन भी नहीं मिल पाता। सबसे दर्दनाक तस्वीर गांव के बच्चों की है। कभी यहां पेड़ के नीचे स्कूल लगता था। एक शिक्षक बच्चों को पढ़ाने आते थे। लेकिन युक्तियुक्तकरण के बाद शिक्षक का आना बंद हो गया। आज गांव में न स्कूल है, न आंगनबाड़ी। छोटे बच्चे शिक्षा की पहली सीढ़ी से ही वंचित हैं। जिन हाथों में किताबें और पेंसिल होनी चाहिए थीं, वे अब जंगल से लकड़ी बीनते और घर के काम करते नजर आते हैं। कई बच्चों ने पढ़ाई बीच में ही छोड़ दी। ग्रामीण बताते हैं कि चुनाव के समय नेता और अधिकारी जरूर आते हैं। सड़क, बिजली, पानी और शिक्षा के बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं। लेकिन चुनाव खत्म होते ही यह गांव फिर जंगल के बीच अकेला छोड़ दिया जाता है। सरकारी योजनाओं के तहत कुछ परिवारों को आवास जरूर मिला है, लेकिन जीवन बदलने वाली बुनियादी सुविधाएं आज भी यहां नहीं पहुंच सकी हैं। टिंगीपुर के बच्चे आज भी उस दिन का इंतजार कर रहे हैं, जब उनके गांव में फिर से पढ़ाई शुरू होगी। माताएं उस सुबह का इंतजार कर रही हैं, जब घर तक साफ पानी पहुंचेगा। बुजुर्ग उस शाम का इंतजार कर रहे हैं, जब पहली बार उनके घर में बिजली का बल्ब जलेगा। और पूरा गांव उस सड़क का इंतजार कर रहा है, जो उन्हें बाकी दुनिया से जोड़ेगी।
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