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YogiYogiFollow31 Dec 2024, 12:19 pm
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सहारनपुर में प्रेम प्रसंग के चलते विवाहिता और युवक की मौत, जांच जारी

Saharanpur, Uttar Pradesh:सहारनपुर जिले में आज एक विवाहिता और युवक ने जहरीला पदार्थ खाकर जान दे दी। दोनों के शव गांव से थोड़ी दूर खेत में मिले हैं। बताया जा रहा है कि दोनों के बीच कुछ समय से प्रेम प्रसंग चल रहा था। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर जांच शरू कर दी है। नागल थाना क्षेत्र के मड़की गांव निवासी नरेंद्र ने अपनी साली की बेटी काजल को गोद लिया था। करीब एक वर्ष पूर्व काजल की शादी देहात कोतवाली क्षेत्र के सुंदलहेड़ी गांव निवासी राजू के साथ की थी। बताया गया है कि शादी के पहले से काजल के अपने रिश्तेदारी में लगने वाले युवक अंकुश से प्रेम संबंध थे। शादी के बाद भी दोनों का मिलना-जुलना जारी था।परिजनों के मुताबिक, कुछ दिन पहले काजल के पति ने दोनों को साथ देख लिया था। इसके बाद काजल को मायके भेज दिया गया था, जहां वह पिछले करीब 10 दिन से रह रही थी। शनिवार को वह अचानक घर से गायब हो गई। उस समय उसके अभिभावक मजदूरी पर गए हुए थे। शाम को घर लौटने पर काजल के नहीं मिलने से परिजन चिंतित हो गए और उसकी तलाश शुरू की। नरेंद्र ने नागल थाने पहुंचकर बेटी को बहला-फुसलाकर ले जाने की आशंका जताते हुए पुलिस को सूचना दी। परिजनों का आरोप है कि तत्काल मुकदमा दर्ज करने के बजाय उन्हें कुछ समय इंतजार करने की सलाह दी गई। इसी दौरान आज ग्रामीणों ने गांव के बाहर स्थित एक खेत में युवक और युवती के शव पड़े होने की सूचना दी। मौके पर पहुंचकर परिजनों ने उनकी पहचान काजल और अंकुश के रूप में की। सूचना मिलते ही पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और आवश्यक साक्ष्य जुटाने के बाद दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया। क्षेत्राधिकारी बेहट प्रिया यादव ने बताया कि थाना गागलहेडी पुलिस को सुबह सूचना प्राप्त हुई कि अंकुश पुत्र राकेश व काजल पत्नी राजू निवासी ग्राम संघालेडी थाना कोतवाली देहात दोनों द्वारा कोई जहरीला पदार्थ खा लिया गया है। इस सूचना पर तत्काल पुलिस द्वारा मौके पर पहुँचकर नजदीकी हॉस्पिटल में दोनों को भर्ती कराया गया जहाँ पर इलाज के दौरान दोनों की मृत्यु हो गई है। दोनों मृतकों के पंचायतनामे एवं पोस्टमार्टम की कार्रवाई की जा रही है। तहरीर प्राप्त कर अग्रिम विधिक कार्रवाई की जाएगी।
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कासगंज में शराब ठेके पर महिलाओं का प्रदर्शन; पेटियाँ दुकान से बाहर फेंकीं

Kasganj, Uttar Pradesh:कासगंज में शराब ठेके पर महिलाओं का प्रदर्शन; पेटियाँ दुकान से बाहर फेंकीं कासगंज कासगंज यूपी के कासगंज में महिलाओं ने शराब ठेके के विरोध में ग्रामीण महिलाओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। दर्जनों महिलाओं ने बीयर और शराब की पेटियां दुकान से बाहर सड़क पर निकालकर फेंक दीं, जिससे मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। दरअसल मामला जनपद कासगंज के थाना सिकंदरपुर वैश्य क्षेत्र के ग्राम लधोली का है आज रविवार के दिन दर्जनों महिलाओं ने शराब के ठेके पास पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया और बीयर और शराब की पेटियां दुकान के बाहर सड़क पर फेंक दी जिससे मौके पर अफरा तफरी मच गई। दुकान पर मौजूद सेल्समैन ने पुलिस और दुकान स्वामी को जानकारी दी। जिसके बाद कई थानों का फोर्स व प्रशासनिक अधिकारी मौके पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया। वहीं तहसीलदार पटियाली रामनयन सिंह और नायब तहसीलदार मुकेश कुमार ने भी घटनास्थल पहुंचकर महिलाओं से बातचीत की। प्रदर्शन कर रही महिलाओं का कहना था कि गांव में शराब की वजह से युवा पीढ़ी नशे की गिरफ्त में जा रही है। उनका आरोप है कि शराब के सेवन के बाद कई पुरुष घरों में पत्नी और बच्चों के साथ मारपीट करते हैं, जिससे पारिवारिक विवाद बढ़ रहे हैं। महिलाओं ने हाल ही में गांव में हुई एक दर्दनाक घटना का भी उल्लेख किया, जिसमें कथित रूप से शराबी पति से परेशान होकर एक महिला ने अपने 10 वर्षीय पुत्र को जहर देने के बाद स्वयं भी विषाक्त पदार्थ का सेवन कर जीवन लीला समाप्त कर ली। महिलाओं ने स्पष्ट कहा कि वे गांव में शराब का ठेका संचालित नहीं होने देंगी।
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सहारनपुर बारात में असलहे से फायरिंग, वीडियो वायरल; पुलिस जांच शुरू

Saharanpur, Uttar Pradesh:सहारनपुर जिले के थाना देवबंद क्षेत्र के गांव खेड़ामुगल में आई एक बारात के दौरान कुछ युवकों द्वारा अवैध असलहे से फायरिंग किए जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस हरकत में आ गई है। मामले का संज्ञान लेते हुए अधिकारियों ने जांच शुरू करा दी है। शनिवार को छुटमलपुर से टीटू नामक व्यक्ति की बहन की बरात गांव खेड़ामुगल आई थी। बाराद्वारी के दौरान कुछ युवक डीजे की धुन पर नाचते हुए तमंचे से हवाई फायरिंग करते दिखाई दिए। फायरिंग की इस घटना से मौके पर मौजूद लोगों में दहशत का माहौल बन गया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बताया गया है कि एक व्यक्ति ने एक्स पर कथित आरोपियों के नाम और पते का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री समेत पुलिस के उच्चाधिकारियों को वीडियो टैग कर कार्रवाई की मांग की है। पुलिस बताया कि वायरल वीडियो की जांच कराई जा रही है। आरोपियों की पहचान की जा रही है और उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जल्द ही संबंधित युवकों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा
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7 माह की गर्भवती महिला की संदिग्ध मौत: प्रताड़ना के आरोप

Saharanpur, Uttar Pradesh:सहारनपुर के थाना देहात कोतवाली क्षेत्र स्थित 62 फुटा रोड, हाकम शाह में एक 7 माह की गर्भवती महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। घटना के बाद मृतका के परिजनों ने पति और ससुराल पक्ष पर प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है। मृतका के भाई शाहरukh ने बताया कि उसकी बहन को पिछले करीब तीन महीनों से लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान किया जा रहा था। आरोप है कि पति उसे आए दिन मारता-पीटता, धमकाता और घर से बाहर आने-जाने पर रोक लगाता था। परिजनों का कहना है कि इसी प्रताड़ना के कारण महिला ने आत्महत्या की या फिर उसके साथ कोई अन्य घटना हुई, इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। शाहरukh के अनुसार शाम करीब 5 बजे उन्हें फोन पर बहन की तबीयत बिगड़ने की सूचना मिली। बताया गया कि उसका पति उसे अस्पताल लेकर पहुंचा था, लेकिन वहां पहुंचने तक उसकी मौत हो चुकी थी। महिला के गर्भ में सात माह का बच्चा भी था, जिसकी भी जान नहीं बच सकी। मृतका की शादी करीब पांच वर्ष पहले हुई थी और उसका एक दो वर्षीय बेटा भी है। परिजनों ने पति सारिक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए कहा है कि मामले की गहन जांच कर दोषियों को कड़ी सजा दी जाए। फिलहाल पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी。
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शातिर बाइक चोर गिरफ्तार, चोरी की तीन मोटरसाइकिलें बरामद

Jaipur, Rajasthan:चौमूं जयपुर DCP वेस्ट प्रशान्त किरण के निर्देशन में मिली सफलता विश्वकर्मा पुलिस ने बाइक चोरी का किया खुलासा शातिर बाइक चोर को किया गिरफ्तार आरोपी के कब्जे से चोरी की 3 बाइक की बरामद आरोपी रामकिशन गुर्जर को किया गिरफ्तार हैड कॉन्स्टेबल करण सिंह की रही सराहनीय भूमिका एंकर-डीसीपी वेस्ट प्रशांत किरण के निर्देशन में विश्वकर्मा थाना पुलिस को बाइक चोरी के मामलों में बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक शातिर वाहन चोर को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से चोरी की तीन मोटरसाइकिलें बरामद की हैं।विश्वकर्मा थाना पुलिस को लगातार मिल रही वाहन चोरी की शिकायतों के बाद विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर तंत्र की सहायता से आरोपी की पहचान कर उसे गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी ने कई वारदातों को अंजाम देना स्वीकार किया, जिसके बाद पुलिस ने उसके कब्जे से चोरी की तीन बाइक बरामद कर लीं। गिरफ्तार आरोपी की पहचान रामकिशन गुर्जर के रूप में हुई है। पुलिस आरोपी से अन्य वाहन चोरी की वारदातों के संबंध में भी पूछताछ कर रही है।
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परादीप पेट्रोल पंप में आग: अस्पष्ट कारणों से जांच की मांग

Paradeep, Odisha:ପାରାଦୀପ ଥାନା ଛକ ନିକଟ ପେଟ୍ରୋଲ ପମ୍ପ ଅଫିସ କାର୍ଯ୍ୟାଳୟ ରେ ଅଗ୍ନିକାଣ୍ଡ। ପାରାଦୀପ ସି.ଆଇ.ଏସ୍.ଏଫ. ଅଗ୍ନିଶମ ବିଭାଗ ପହଞ୍ଚି ନିଆଁକୁ କଲା ଆୟତ୍ତ। ଅଗ୍ନିକାଣ୍ଡ ରେ ଅନେକ ଦରକାରୀ ଅଫିସ କାଗଜପତ୍ର ପୋଡି ଯାଇଥିବା ଜଣାପଡିଛି। ତେବେ ଅଗ୍ନିକାଣ୍ଡ ର କାରଣ ଅସ୍ପଷ୍ଟ ରହିଥିବା ବେଳେ ସର୍ଟସର୍କିଟ୍ ଯୋଗୁ ଅଗ୍ନିକାଣ୍ଡ ଘଟିଥାଇ ପାରେ ବୋଲି ଅନୁମାନ କରାଯାଉଛି। ଏହି ପେଟ୍ରୋଲ ପମ୍ପ ଟି 'ପାରାଦୀପ ପୋର୍ଟ ହୋଲସେଲ୍ କୋ-ପରିଟିଭ୍ ସୋସାଇଟି ଲିମିଟେଡ଼' ଦ୍ବାରା ପରିଚାଳିତ ହୋଇ ଆସୁଥିବା ବେଳେ ଆଜି ମଧ୍ୟାହ୍ନ ସମୟରେ ଅଫିସ କାର୍ୟାଳୟ କୌଣସି କାରଣରୁ ଅଗ୍ନିକାଣ୍ଡ ଘଟି କିଛି ଯରୁରୀ ଦରକାରୀ କାଗଜପତ୍ର ପୋଡି ଯାଇଥିବା ଜଣାପଡିଛି।ତେବେ କାର୍ଯ୍ୟାଳୟ ଟି ଆଜି ବନ୍ଦ ରହିଥିବା ସମୟରେ ଅଗ୍ନିକାଣ୍ଡ ଘଟି ଧୂଆଁ ବାହାରୁଥିବା ଦେଖି ସ୍ଥାନୀୟ ଲୋକେ ଅଗ୍ନିଶମ ବିଭାଗ କୁ ଖବର ଦେବାପରେ ନିଆଁକୁ ଆୟତ୍ତ କରା ଯାଇଥିବା ଜଣାପଡିଛି। ତେବେ ଗ୍ନିକାଣ୍ଡରେ ଅଳ୍ପକେ ପେଟ୍ରୋଲ ପମ୍ପ ଟି ରକ୍ଷା ପାଇ ଯାଇଥିଲା ବେଳେ କାହିଁକି ବା କେଉଁ କାରଣ ରୁ ନିଆଁ ଲାଗିଛି ତାହା ତଦନ୍ତ ହେବାର ଆବଶ୍ୟକ ରହିଛି ବୋଲି ସାଧାରଣରେ ଚର୍ଚ୍ଚା ହେଉଛି। ପାରାଦ୍ୱୀପ ରୁ ନାରାୟଣ ବେହେରା। (ଜୀ ମିଡ଼ିଆ )
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मधेपुरा के युवाओं ने BPSC 70वीं में शानदार प्रदर्शन कर जिले का मान बढ़ाया

Madanpur, Bihar:बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की 70वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा के परिणाम में मधेपुरा जिले के युवाओं ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जिले का नाम पूरे बिहार में रोशन किया है। ग्रामीण विकास पदाधिकारी (RDO), राजस्व पदाधिकारी (RO), अनुमंडल पदाधिकारी (SDM), पुलिस उपाधीक्षक (DSP) एवं अन्य महत्वपूर्ण पदों पर जिले के कई प्रतिभाशाली अभ्यर्थियों का चयन हुआ है। परिणाम घोषित होने के बाद जिले भर में खुशी का माहौल है और सफल अभ्यर्थियों के घरों पर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। सबसे चर्चित सफलताओं में मधेपुरा सदर प्रखंड के साहूगढ़ पंचायत स्थित दिवानी टोला निवासी अखिलेश कुमार का नाम शामिल है। किसान दीनदयाल यादव के पुत्र अखिलेश पहले से 68वीं BPSC में चयनित होकर प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी (BPRO) के पद पर कार्यरत हैं। अब उन्होंने 70वीं BPSC में सफलता हासिल कर ग्रामीण विकास पदाधिकारी (RDO) का पद प्राप्त किया है। सीमित संसाधनों वाले किसान परिवार से निकलकर अखिलेश ने यह साबित कर दिया कि मेहनत और लगन से हर मंजिल हासिल की जा सकती है। वहीं मधेपुरा के राहुल कुमार ने भी संघर्ष और धैर्य की मिसाल पेश की है। चपरासी के पोते और समाहरणालय से सेवानिवृत्त सहायक प्रशासी पदाधिकारी लाल शंकर राय के पुत्र राहुल ने कई असफलताओं के बाद 70वीं BPSC में सफलता हासिल कर राजस्व पदाधिकारी (RO) का पद प्राप्त किया है। 67वीं BPSC में इंटरव्यू और 68वीं-69वीं BPSC में मेंस तक पहुंचने के बावजूद सफलता नहीं मिलने पर भी उन्होंने हार नहीं मानी और अंततः सफलता अर्जित की। मधेपुरा शहर के वार्ड संख्या-4 निवासी शुभम सुमन ने भी 70वीं BPSC में सफलता प्राप्त कर राजस्व पदाधिकारी (RO) का पद हासिल किया है। व्यवसायी संतोष कुमार सुमन एवं लेडी सुपरवाइजर माता के पुत्र शुभम ने विद्या बिहार पूर्णिया, मिथिला पब्लिक स्कूल फारबिसगंज, इंडियन मैरीटाइम यूनिवर्सिटी कोलकाता और जेएनयू नई दिल्ली से शिक्षा प्राप्त की। जहाज पर लगभग दो वर्षों तक नौकरी करने के बाद उन्होंने प्रशासनिक सेवा में आने का सपना पूरा किया। मुरलीगंज प्रखंड निवासी मो. आदिल, जो मो. चांद के पुत्र हैं, ने भी शानदार सफलता प्राप्त करते हुए ग्रामीण विकास पदाधिकारी (RDO) का पद हासिल किया है। उनकी सफलता से मुरलीगंज क्षेत्र में खुशी की लहर है। जिले के भदौल निवासी सुशील कुमार, जो दिनेश पंडित के पुत्र हैं, का चयन ब्लॉक एससी-एसटी वेलफेयर ऑफिसर पद पर हुआ है। उनकी उपलब्धि से गांव एवं क्षेत्र के लोगों में गर्व का माहौल है। आलमनगर निवासी स्वर्गीय देवनारायण साह के पुत्र अविनाश कुमार ने 70वीं BPSC में सफलता प्राप्त कर पुलिस उपाधीक्षक (DSP) का प्रतिष्ठित पद हासिल किया है। वहीं मधेपुरा शहर के आजाद नगर निवासी अशफाक आलम की पुत्री जन्नत निशा ने भी सफलता हासिल कर चुके DSP पद प्राप्त किया है। जिले की बेटियों के लिए उनकी सफलता प्रेरणादायक मानी जा रही है। सदर प्रखंड के बालमगढ़िया निवासी लिल्टन कुमार, जो जय शंकर कुमार के पुत्र हैं, का चयन ग्रामीण विकास पदाधिकारी (RDO) पद पर हुआ है। वहीं चौसा प्रखंड निवासी मनोज साह की पुत्री रिमझिम ने सफलता प्राप्त की है और SDM का पद हासिल किया है। इन सभी सफल अभ्यर्थियों की उपलब्धियों ने यह साबित कर दिया है कि मधेपुरा प्रतिभाओं की धरती है। किसानों, कर्मचारियों, व्यवसायियों और सामान्य परिवारों से निकलकर युवाओं ने अपनी मेहनत और संघर्ष के दम पर प्रशासनिक सेवा में जगह बनाई है। परिणामस्वरूप पूरे जिले में उत्सव जैसा माहौल है। विभिन्न सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों और बुद्धिजीवियों ने सभी सफल अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। BPSC 70वीं परीक्षा का यह परिणाम मधेपुरा जिले के लिए गौरव का क्षण है। इन युवाओं की सफलता आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हजारों छात्रों को आगे बढ़ने का हौसला देगी.
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जगदलपुर NEET केंद्र पर NSUI और पुलिस के बीच तीखी नोंकझोंक, सुरक्षा व्यवस्था तनावपूर्ण

Jagdalpur, Chhattisgarh:जगदलपुर में पीजी कॉलेज नीट परीक्षा केंद्र के बाहर NSUI कार्यकर्ताओं और पुलिस कर्मियों के बीच तीखी नोंकझोक देखने को मिली, neet परीक्षा गड़बड़ियों के विरोध में NSUI के कार्यकर्ता हस्ताक्षर अभियान चला रहे थे, NSUI कार्यकर्ता अभिभावकों से NTA को भंग करने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग के समर्थन में हस्ताक्षर करा रहे थे, इसी दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर NSUI कार्यकर्ताओं और सुरक्षा कर्मियों के बीच विवाद हो गया, देखते ही देखते बहस तेज हो गई और मौके पर कुछ देर के लिए तनावपूर्ण स्थिति बन गई, वीडियो में दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक साफ दिखाई दे रही है, हालांकि बाद में स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया और परीक्षा प्रक्रिया पूर्व निर्धारित व्यवस्था के अनुसार जारी रही।
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पप्पू यादव ने नालंदा में दलित परिवारों को सहायता देकर सत्ता पर निशाना साधा

Pariaunna, Bihar:एंकर:पूर्णिया सांसद पप्पू यादव रविवार को अपने समर्थकों के साथ नालंदा जिले के दीपनगर थाना क्षेत्र स्थित गंजपर गांव पहुंचे, जहां उन्होंने राजगीर मॉब लिंचिंग मामले में मारे गए दोनों दलित युवकों के परिजनों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने पीड़ित परिवारों को 25-25 हजार रुपये की आर्थिक सहायता भी प्रदान की। गौरतलब है कि 15 जून को राजगीर थाना क्षेत्र के झुनकिया बाबा मंदिर के समीप चोरी के आरोप में भीड़ ने दो दलित युवकों की बेरहमी से पिटाई कर हत्या कर दी थी। पीड़ित परिवार से मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए सांसद पप्पू यादव ने बिहार सरकार और पुलिस प्रशासन पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बिहार में दलित, महादलित, यादव और अन्य कमजोर वर्गों पर लगातार अत्याचार हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि मॉब लिंचिंग की इस घटना में करीब 15 लोग शामिल थे, लेकिन पुलिस ने अब तक केवल चार लोगों की गिरफ्तारी कर मामले में खानापूर्ति की है। पप्पू यादव ने state में बढ़ते अपराध को लेकर सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रदेश में "गुंडाराज" कायम हो गया है। उन्होंने कहा कि बिहार की व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त (कोलैप्स) हो गई है और प्रदेश में अपराधियों का मनोबल बढ़ने से गुंडाराज कायम हो गया है। उन्होंने मंदिरों में हो रही चोरी की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि इतिहास में गजनी सोमनाथ मंदिर की संपदा लूटकर ले गया था, लेकिन आज का "गजनी" अयोध्या सहित देश के मंदिरों की संपत्ति और प्रसाद तक नहीं छोड़ रहा है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर मंदिरों में चोरी करने वाले ऐसे अपराधियों पर सख्त कार्रवाई कब होगी और उन्हें कड़ी सजा कब मिलेगी।सांसद ने कहा कि वह इस मामले को सड़क से लेकर सदन तक उठाएंगे और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए हर संभव लड़ाई लड़ेंगे। उन्होंने जरूरत पड़ने पर मामले को उच्च न्यायालय तक ले जाने की भी बात कही。
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दंतेवाड़ा में बोधघाट परियोजना के विरोध में हजारों ग्रामीण, विस्थापन का डर

Dantewada, Chhattisgarh:दंतेवाड़ा जिले के बारसूर थाना क्षेत्र के हिताल कुड़ुम में बोधघाट बहुउद्देशीय परियोजना के विरोध में रविवार को एक हजार से अधिक ग्रामीण एकत्र हुए। उन्होंने साफ कहा कि वे अपनी जल, जंगल और जमीन नहीं छोड़ेंगे। उनका कहना था कि जान दे देंगे, लेकिन जमीन नहीं देंगे। अगर सरकार परियोजना हर हाल में लागू करना चाहती है तो पहले डुबान क्षेत्र के सभी ग्रामीणों को एक साथ गोली मार दे। ग्रामीण अपने पारंपरिक देवी-देवताओं के साथ कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे और परियोजना के विरोध में एकजुटता दिखाई। इस दौरान कांग्रेस विधायक विक्रम मांडवी सहित चार पूर्व कांग्रेस विधायक दंतेवाड़ा देवती कर्मा, जगदलपुर रेखचंद जैन, नारायणपुर चन्दन कश्यप, चित्रकोट राजमन बेंजाम सभी पूर्व विधायक शामिल हुए, और कई वरिष्ठ कांग्रेस नेता भी ग्रामीणों के समर्थन में पहुंचे। ग्रामीणों का कहना है कि प्रस्तावित बोधघाट बहुउद्देशीय परियोजना से 18 पंचायतों के 56 गांव डुबान क्षेत्र में आएंगे और लगभग 16 हजार हेक्टेयर जंगल प्रभावित होगा। उनका आरोप है कि इस परियोजना से हजारों लोगों का विस्थापन होगा और उनकी संस्कृति, आस्था तथा आजीविका पर गहरा असर पड़ेगा। गौरतलब है कि इंद्रावती नदी पर प्रस्तावित बोधघाट जल विद्युत परियोजना वर्ष 1979 से लंबित है। पिछले चार दशकों से राज्य और केंद्र सरकार समय-समय पर इस परियोजना को आगे बढ़ाने के प्रयास करती रही हैं, लेकिन स्थानीय ग्रामीणों के लगातार विरोध के चलते यह परियोजना अब तक अमल में नहीं आ सकी。
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मुजफ्फरपुर के बरियारपुर में रात के अंधेरे में पुलिस ने आरोपी के घर इश्तहार और कुर्की की चेतावनी

Muzaffarpur, Bihar:बरियारपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत मुजफ्फरपुर में हत्या के आरोपी के घर रात के अंधेरे में बैंड बाजा के साथ पुलिस पहुंची और माइकिंग कर इश्तہار लगाया गया। पुलिस ने कहा कि आरोपी कोर्ट या थाने में आत्मसमर्पण करें नहीं तो घर की कुर्की जप्ती की کارروई की जाएगी। अभिनेता ढोंग नहीं, बल्कि वास्तविक कार्रवाई के रूप में भारी पुलिस बल और ब्लू-लाल लाइटों की रोशनी में गांव में इश्तहार किया गया। बरियारपुर थाना अध्यक्ष शिवचंद्र कुमार कुमार और दरोगा सनोबर प्रवीण दलबल के साथ आरोपी के घर छपरा बहोर गांव में इश्तिहार का तामिला किया गया। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के आदेश के तहत अपराधियों के विरुद्ध पुलिस की कड़क कार्रवाई जारी है। मुजफ्फरपुर के एसएसपी कांतेश कुमार मिश्र ने कहा कि अपराधियों को किसी भी हालत में बक्सा नहीं जाएगा और न्यायालय या थाने में आत्मसमर्पण करें। अब तक कुर्की-इसतेहार का निपटारा काफी हो चुका है और आगे भी कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
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दमोह में नाबालिग मां की बेटी पर पेचीदा मुकाम: कानून बनाम ममता

Damoh, Madhya Pradesh:नाबालिग रेप पीड़िता ने दिया था बच्ची को जन्म अब अपनी बेटी को पाने दर दर भटक रही लड़की, बाल कल्याण समिति अध्यक्ष पर लगाए आरोप, अध्यक्ष की सफाई सब नियमों के तहत , एक संगठित गिरोह कर रहा साजिश.. एंकर/ एमपी के दमोह में एक बड़ा अलहदा मामला सामने आया है जिसमें नियम कानून है लेकिन इन नियमों के चलते एक रेप पीड़िता नाबालिग मां अपने जिगर के टुकड़े से दूर है और उसे पाने के लिए दफ्तरों के चक्कर काट रही है और कह रही है कि उसे उसकी बेटी दिला दो। अपने तरह के एक दम अलग इस मामले में मां की ममता है और दूसरी तरफ कानून का कायदा है। दरअसल आठ महीने पहले एक रेप पीड़ित नाबालिग लड़की ने एक बच्ची को जन्म दिया था इस घटना ने सबको झकझोर दिया, अच्छी बात ये थी नाबालिग मां और उसकी बेटी दोनों स्वस्थ और सुरक्षित थी। मामला शांत हो गया लेकिन आठ महीने बाद अचानक वही नाबालिग मां सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटती नजर आई और गुहार लगाती रही कि उसे उसकी बेटी दिला दीजिए वरना वो मर जाएगी, समाज कुछ भी कहे लेकिन बिना बेटी के वो रह नहीं पाएगी। जो भी इस लड़की की दास्तां सुनता उसकी आंख भर आती और अफसर भी कोशिश करते लेकिन जब बात कानून और नियम कायदों की आती किसी के बस में कुछ नहीं रहता। मामले की तफ्तीश की गई तो मालूम चला कि इस नाबालिग मां से उसकी बेटी को अलग करने वाला कोई और नहीं बल्कि जिले की बाल कल्याण समिति है जिसने बच्ची को सुरक्षित सरकारी शिशु गृह में पहुंचाया है। और जिस नाबालिग मां ने बेटी को जन्म दिया वो ये साबित नहीं कर पा रही है कि वो ही उसकी जैविक मां है और इस नाबालिग को खुद को जैविक मां साबित करने के लिए दस्तावेजों की जरूरत है जो उसके पास नहीं है। मामला एक दम अलग है जब पीड़िता बार बार कह रही है कि वो उसकी मां है और उसे उसकी बेटी मिलना चाहिए लेकिन كागज के टुकड़ों के अभाव में एक मां से उसकी बेटी को अलग किया गया है, इस मामले में पीड़िता जिले की बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष दीपक तिवारी पर आरोप लगा रही है कि तिवारी के कारण उसकी बेटी उसे नहीं मिल रही है। पीड़िता के आरोप गंभीर है और सोचने को मजबूर भी करते है लेकिन कानूनी दाव पेंच सब की उलझा कर रखे है। पीड़िता ने कलेक्टर एसपी से भी इस बात की शिकायत की लेकिन हल नहीं निकला। आरोपों के घेरे में आ रही बाल कल्याण समिति और उसके अध्यक्ष से जब उनका पक्ष जाना तो कहानी एक अलग मोड़ पर चली गई। दरअसल समिति ने बच्ची को अपने कब्जे में तब किया और उसे शिशु गृह भेजा जब दो किन्नरों की एंट्री इस मामले में हुई, समिति अध्यक्ष दीपक तिवारी के मुताबिक हट की एक किन्नर ने समिति में आकर शिकायत की थी कि एक दूसरा किंनर एक बच्ची को अपने कब्जे में किए है धर्मांतरण करने के साथ बच्ची को बेचने की फ़िराक में है। समिति ने मामले को गंभीरता से लिया और संबंधित आरोपी किन्नर को तलब किया गया तो बाकायदा वो किन्नर बाल कल्याण समिति के सामने पेश हुआ और उसने अपना पक्ष रखते हुए बताया कि आठ महीने पहले उसने इस नवजात को सहारा दिया और गोद नामे के तहत वो बच्ची को अपने पास रखकर उसका पालन पोषण कर रही है लेकिन आज के दौर में ऐसा गोद नामा कानूनन सही नहीं है लिहाजा बाल कल्याण समिति ने एसपी को पत्र लिखा और हटा पुलिस थाने से आठ महीने की बच्ची को रेस्क्यू करने को कहा गया। पुलिस जांच कर ही रही थी कि एक लड़की इस मासूम बच्ची की लेकर बाल कल्याण समिति के दफ्तर पहुंच गई और उसने दावा किया कि वो उसकी मां है और उसे उसकी बेटी को पालने का अधिकार है। लेकिन यहां नियम आड़े आया , समिति ने पीड़िता से उसकी मां होने के सबूत मांगे लेकिन दस्तावेजों के अभाव में रेप पीड़ित नाबालिग मां ये साबित नहीं कर पाई कि वो ही असल में उसकी मां है और बाल कल्याण समिति ने आठ महीने की मासूम बेटी को अभिरक्षा में लिया और उसे शिशु गृह भेज दिया। और उसके बाद जो हालात बने उसमें एक नाबालिग मां भटकने को मजबूर है। इस अजीब तरह के मामले में जिले के एडिशनल एसपी का कहना है कि रेप पीड़िता नाबालिग मां के मामले में कोर्ट और बाल कल्याण समिति को ही निर्णय लेना है इसका सरोकार पुलिस से नहीं है लेकिन पीड़िता ने पुलिस को आवेदन दिया है।लिहाजा हटा पुलिस को जांच के निर्देश दिए है और जांच जारी है। बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष दीपक तिवारी के मुताबिक जो प्रक्रिया अपनाई गई वो कानून के तहत ही हो रही है, जिस नाबालिग ने क्लेम किया है उसे ये साबित करना होगा कि वो ही उसकी जैविक मां है। उनके ऊपर जो आरोप लग रहे है उस पर उनका और बड़ा आरोप है।की एक संगठित गिरोह के द्वारा ये सब कराया जा रहा है जो ह्यूमन ट्रैफिंग के साथ धर्मांतरण जैसे कामों में जुटा है। अब सवाल ये भी कि मामला पास्को एक्ट के तहत आता है लिहाजा नाबालिग मां की पहचान सार्वजनिक नहीं हो सकती और जो दस्तावेज मांगे जा रहे है उसने उसकी पहचान उजागर हो सकती है ऐसा कहा भी जा रहा है और ये बात बहस का कारण भी बना हुआ है। बाल कल्याण समिति अध्यक्ष तो यहां तक कह रहे है कि नाबालिग मां की पहचान उजागर कराने का काम वो लोग कर रहे है जो उसे अलग अलग दफ्तर लेकर जा रहे है। इस पूरे मामले ने सिस्टम को जरूर कटघरे में खड़ा किया है, कुछ सवाल भी है जिनका जवाब सिस्टम और सरकार को देना होगा और वो ये की ऐसे संवेदनशील मामले में जब एक दुधमुंही बच्ची अपनी मां जो खुद आगे आकर अपने आप को मां बता रही है से दूर सरकारी शिशु गृह में है तो क्या कुछ घंटों में ही प्रशासन को ये तय नहीं करना चाहिए कि लड़की वाकई मां है या नहीं? जिस जगह या अस्पताल में इस रेप पीड़ित नाबालिग मां ने बच्ची को जन्म दिया क्या वहां से दस्तावेजी प्रमाण नहीं जुटाए जा सकते? और क्या नाबालिग मां और उसकी बेटी का डी एन ए टेस्ट नहीं कराया जा सकता जो एक बड़ा साक्ष्य सामने ला दे? बहरहाल कानून के अपने दायरे है और कोई इस दायरे को लांघ नहीं सकता और इस मामले में एक बड़ा कारण ये दायरा भी है लेकिन मानवीय दृष्टि कोण से देखा जाए तो एक मां से उसकी बेटी को अलग करना सही नहीं है! अब देखना होगा कि आखिर प्रशासन सरकार और खास तौर पर बाल कल्याण समिति कब तक एक मासूम को उसकी मां से मिलवा पाती है कब उसे मां का प्यार नसीब होगा और ऐसे मामलों में सिस्टम कितना संवेदशील होगा कि ऐसे कोई मां अपने जिगर के टुकड़े के लिए दर दर न भटके?
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