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YogiYogiFollow31 Dec 2024, 12:19 pm
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नवरात्रि में कोसगाई मंदिर में आस्था का सैलाब, सफेद ध्वज का अनोखा रिवाज

Korba, Chhattisgarh:एंकर - शारदीय नवरात्रि की शुरुआत के साथ ही देवी मंदिरों में आस्था का सैलाब उमड़ रहा है। जिले के प्रसिद्ध कोसगाई पहाड़ पर स्थित मां कोसगाई के दरबार में दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। हरी-भरी वादियों और नैसर्गिक सौंदर्य के बीच स्थित यह पावन धाम धार्मिक आस्था के साथ-साथ अपने समृद्ध ऐतिहासिक महत्व के लिए भी पूरे प्रदेश में विख्यात है। खड़ी चढ़ाई पर भी अटूट आस्था पहाड़ की चढ़ाई बेहद खड़ी और दुर्गम है, लेकिन मां के दर्शन की ललक भक्तों की हर थकान मिटा देती है। श्रद्धालु सैकड़ों सीढ़ियां चढ़कर माता के दरबार में शीश नवाते हैं और परिवार की सुख-शांति व समृद्धि की कामना करते हैं। छुरीगढ़ रियासत से जुड़ा है इतिहास 16वीं शताब्दी से पूजित मां कोसगाई मंदिर का इतिहास छत्तीसगढ़ के 36 गढ़ों में शुमार छुरीगढ़ रियासत से जुड़ा हुआ है। रियासत काल से चली आ रही परंपरा का निर्वहन करते हुए आज भी पूर्व राजघराने के सदस्य यहां विशेष पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं। सफेद ध्वज और खुले आसमान की अनूठी पहचान आमतौर पर सभी शक्तिपीठों और देवी मंदिरों में लाल रंग का ध्वज चढ़ाने की परंपरा होती है, लेकिन कोसगाई धाम की परंपरा सर्वथा भिन्न है। यहां मां खुले आसमान के नीचे विराजमान हैं और मंदिर प्रांगण में केवल सफेद ध्वज ही अर्पित किया जाता है। जनश्रुति के अनुसार, मां भगवती यहां कुंवारी स्वरूप में विद्यमान हैं, जिसके चलते शांति और पवित्रता के प्रतीक स्वरूप सफेद ध्वज चढ़ाया जाता है। नामकरण के पीछे 'खजाने' का रहस्य 'कोसगाई' नाम के उद्भव को लेकर एक ऐतिहासिक मान्यता प्रचलित है। ‘कोष’ का अर्थ धन तथा ‘गाई’ का अर्थ सुरक्षित स्थान माना जाता है। इतिहासविदों और स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, 16वीं शताब्दी में हैहयवंशी राजा अपने शाही खजाने के साथ इस सुरक्षित पहाड़ी पर पहुंचे थे और यहां खजाना सुरक्षित रखा गया था। इसी कोष के संरक्षण के आधार पर इस स्थल का नाम 'कोसगाई' पड़ा।
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बालसमुद में विद्युत कटौती के विरोध में ग्रामीणों ने चक्का जाम

Khargone, Madhya Pradesh:खरगोन जिले के बालसमुद में विद्युत कटौती के विरोध में सैकड़ों ग्रामीणों सड़कों पर उतर आये। खरगौन मार्ग पर किया चक्कााजाम किया गया। दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारे लग गईं। ग्रामीणों ने चक्काजाम के दौरान सड़क पर लेटकर विद्युत मंडल के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। ग्रामीणों का गुस्सा नवरात्रि में भी शाम छह बजे से कटौती के कारण विद्युत मंडल के अधिकारियों से दो बार चर्चा के बाद भी यही स्थिति है। आखिर सड़क पर उतरे ग्रामीण। सोमवार रात्रि जैसा नजारा अब प्रतिदिन जिले के गांवों में बन जाता है। बालसमुद में स्थिति को बढ़ते देख एसडीओपी श्वेता शुक्ला और टीआई इंद्रेश त्रिपाठी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे, ग्रामीणों को समझाइश भी दी, मगर ग्रामीण आपा खोते जा रहे थे। कुछ समय बाद आई हुई बिजली भी बंद करवाकर आक्रोश जताता। ग्रामीणों का कहना है कि बिजली कटौती की समस्या बढ़ती जा रही है। त्योहारों पर कटौती को लेकर दो मर्तबा विद्युत मंडल अधिकारियों से चर्चा के बाद नवरात्रा में कटौती नहीं करने का आश्वासन देने के बाद भी कटौती का क्रम जारी होने से ग्रामीण अधिक आक्रोशित हैं। यही मुद्दा अब ऊपर तक गहरा रहा है। वही क्षेत्र के कार्यपालन यंत्री ने भी स्वीकारा कि कटौती ऊपर से प्रदेशभर में हो रही है, हम क्या करें।
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प्रॉपर्टी के झगड़े में गोलीबारी, 28 वर्षीय अर्जुन राठोड अस्पताल में भर्ती

Jalgaon, Maharashtra:जळगाव शहरातील विवेकानंद नगर परिसरात प्रॉपर्टीच्या जुन्या वादातून २८ वर्षीय तरुणावर गोळीबार झाल्याची खळबळजनक घटना घडली. अर्जुन रोहिदास राठोड जखमी तरुणाचे नाव असून, त्याच्या उजव्या कानाखाली गोळी लागली आहे. त्याच्यावर शासकीय वैद्यकीय महाविद्यालय व रुग्णालयात उपचार सुरू आहेत. जखमी अर्जुनच्या माहितीनुसार, प्रॉपर्टीच्या वादासंदर्भात न्यायालयात दावा दाखल आहे. याच वादातून जिल्हा पेठ पोलीस ठाण्याच्या हद्दीतील एका रुग्णालयाजवळ रात्री त्याची हल्लेखोरांसोबत बाचाबाची झाली. त्यानंतर दुचाकीवरून आलेल्या हल्लेखोरांनी त्याच्यावर गोळीबार केल्याचे सांगण्यात आले. आपल्यावर हल्ल्यासाठी दोन जणांनी हल्लेखोरांना पैसे दिल्याचा आरोपही अर्जुनने केला आहे. घटनेची माहिती मिळताच पोलिसांनी रुग्णालयात धाव घेत जखमीची विचारपूस केली. अज्ञात हल्लेखोरांचा शोध सुरू असून, या प्रकरणी गुन्हा दाखल करण्याची प्रक्रिया सुरू आहे.
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चंद्रपुर में भाजपा उम्मीदवार सुधाकर कोहळे के प्रचारार्थ स्नातक मेळावों का आयोजन; अनिल सोले की नाराजगी दूर

Chandrapur, Chhattisgarh:चंद्रपुर में भाजपा के पक्ष से सुधाकर कोहळे के प्रचारार्थ पदवीधर मेळावों का आयोजन किया गया है। नागपुर पदवीधर निर्वाचन क्षेत्र से सुधाकर कोहळे भाजपा उम्मीदवार हैं। इस निर्वाचन क्षेत्र को भाजपा का मजबूत गढ़ माना जाता है। पिछले कार्यकाल में कांग्रेस के एड. अभिजीत वंजारी ने यह क्षेत्र भाजपा से छीना था। इस बार बगावत कर रहे भाजपा उम्मीदवार और पूर्व विधायक अनिल सोले मैदान में थे, पर मुख्यमंत्री फडणवीस के मिलने से सोले की नाराजगी दूर हो गई और उन्होंने मैदान से हटने का निर्णय किया। कोहळे ने कहा कि सोले उनके गुरु हैं और मुख्यमंत्री के प्रयासों से संतुष्ट हैं।
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विलवडे स्टेशन पर एक्सप्रेस थामबंदी के लिए यात्री संघ ने पवार-लंके से मुलाकात

Ratnagiri, Maharashtra:कोकण रेल्वे मार्गावरील विलवडे स्थानकात पायाभूत सुविधांच्या कामांना प्रशासनाकडून मंजुरी मिळाली असली, तरी महत्त्वाच्या एक्सप्रेस गाड्यांच्या थांब्याबाबत अद्याप कोणताही ठोस निर्णय झालेला नाही. त्यामुळे विलवडे रेल्वे प्रवासी संघटनेने पुन्हा एकदा आक्रमक पवित्रा घेत जनशताब्दी, नेत्रावती, मत्स्यगंधा, मांडवी व कोचुवेली या गाड्यांच्या थांब्यासाठी ज्येष्ठ खासदार शरद पवार आणि खासदार निलेश लंके यांची भेट घेऊन निवेदन दिले आहे. मागण्या पूर्ण होईपर्यंत सातत्याने लढा सुरूच ठेवण्याचा निर्धार संघटनेने व्यक्त केला आहे..
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सिंहवाड़ा में भगवती गहबर की पीड़ी तोड़फोड़ से आक्रोश; पुलिस जांच शुरू

Darbhanga, Bihar:सिंहवाड़ा में भगवती गहबर की पीड़ी में तोड़फोड़, पैगंबरपुर गांव में आक्रोश; पुलिस ने संभाला मामला दरभंगा के सिंहवाड़ा थाना क्षेत्र से एक धार्मिक स्थल पर तोड़फोड़ का मामला सामने आया है। कटासा पंचायत के पैगंबरपुर गांव स्थित ब्रह्मस्थान के भगवती गहबर में कथित तौर पर तोड़फोड़ किए जाने के बाद ग्रामीणों में नाराजगी फैल गई। आरोप है कि गांव की ही एक महिला ने दुर्गा पूजा को लेकर कलश स्थापना के लिए बनाई गई भगवती की पीड़ी को उखाड़कर फेंक दिया और उसे क्षतिग्रस्त कर दिया। घटना की जानकारी मिलते ही ब्रह्मस्थान परिसर में ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। लोगों ने इसे धार्मिक आस्था से जुड़ा मामला बताते हुए संबंधित महिला के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। सूचना मिलने पर सिंहवाड़ा थानाध्यक्ष वसंत कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और आक्रोशित ग्रामीणों को समझा-बुझाकर शांत कराया。 पुलिस ने घटनास्थल का जायजा लेने के साथ मामले की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल, पीड़ी को क्षतिग्रस्त करने के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद ही घटना की वास्तविक परिस्थितियों का पता चल सकेगा। वहीं, ग्रामीणों की नजर अब पुलिस की कार्रवाई पर टिकी है।
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पटना के सिद्धेश्वरी काली मंदिर में नवरात्र के तीसरे दिन चंद्रघंटा पूजा का उल्लास

Patna, Bihar:शारदीय नवरात्र का आज तीसरा दिन है आज के दिन मां दुर्गा के तीसरे स्वरूप मां चंद्रघंटा की पूजा-अर्चना की जाती है। मां चंद्रघंटा को साहस, शक्ति, शांति और निर्भयता का प्रतीक माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां के मस्तक पर घंटे के आकार का अर्धचंद्र सुशोभित है इसी वजह से उनका नाम चंद्रघंटा पड़ा। नवरात्र के तीसरे दिन श्रद्धालु विधि-विधान से मां की पूजा कर सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना करते हैं। मां को लाल फूल, विशेष रूप से चमेली और उड़हुल के फूल अर्पित करने की परंपरा है वहीं, खीर, दूध से बनी मिठाइयों और फलों का भोग लगाया जाता है। राजधानी पटना के बांस घाट स्थित सिद्धेश्वरी काली मंदिर में भी सुबह से ही भक्तों की भीड़ देखने को मिल रही है। श्रद्धालु पूजा की थाल लेकर मंदिर पहुंच रहे हैं और मां काली की पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना कर रहे हैं। सिद्धेश्वरी काली मंदिर को लेकर श्रद्धालुओं के बीच गहरी आस्था है। मान्यता है कि यहां सच्चे मन से मांगी गई मुराद मां काली पूरी करती हैं। इसी आस्था के साथ लोग अपने परिवार के साथ मंदिर पहुंचकर माता रानी के दर्शन कर रहे हैं और उनका आशीर्वाद ले रहे हैं। मंदिर परिसर में कई श्रद्धालु भजन-कीर्तन और मंत्रों का जाप करते नजर आ रहे हैं, जिससे माहौल भक्तिमय बना हुआ है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां चंद्रघंटा की आराधना से साहस, आत्मविश्वास और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है। नवरात्र के मौके पर पटना समेत बिहार के अलग-अलग जिलों में भक्तिमय माहौल है। मंदिरों में पूजा-पाठ और आरती के साथ श्रद्धालु मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की आराधना कर रहे हैं।
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बिहार में ठंड बढ़ने की संभावना, 16-17 अक्टूबर के बाद तापमान गिर सकता है

Patna, Bihar:बिहार में फिलहाल मौसम का मिजाज मिला-जुला बना रहेगा। प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में बादलों की आवाजाही के बीच मौसम शुष्क रहने का पूर्वानुमान है। दिन में धूप निकलने से गर्मी बनी रहेगी, जबकि सुबह और देर रात हल्की ठंड का एहसास होगा। बीते 24 घंटे के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में अधिकतम तापमान में 1 से 3 डिग्री सेल्सियस तक वृद्धि दर्ज की गई। पटना का अधिकतम तापमान 31.7 डिग्री, जबकि भभुआ का 35.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे अधिक रहा। मौसम विज्ञान केंद्र पटना के अनुसार बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बनने के प्रभाव से 16-17 अक्टूबर के बाद प्रदेश के तापमान में गिरावट आने और ठंड में धीरे-धीरे बढ़ोतरी होने की संभावना है। इस दौरान राज्य के अलग-अलग हिस्सों में छिटपुट बारिश भी हो सकती है, फिलहाल दिन के तापमान में बहुत अधिक गिरावट के संकेत नहीं हैं लेकिन आने वाले दिनों में सुबह और रात के समय ठंड का असर बढ़ने की संभावना है।
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