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दिल्ली में EV नीति 2.0 लागू, 75 EV गाड़ियाँ पार्किंग में धूल फांक

New Delhi, Delhi:दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए दिल्ली सरकार ने नई ईवी पॉलिसी 2.0 लागू कर दी है, सरकार लोगो से अपील कर की इलेक्ट्रिक वाहन ख़रीदे, लोगों को इलेक्ट्रिक वाहन (EV) अपनाने के लिए सब्सिडी और टैक्स छूट दे रही है, लेकिन इसके विपरीत एक तस्वीर वो भी है जहाँ 75 से 80 इलेक्ट्रिक गाड़िया धूल फांक रही है दिल्ली में आज से नई EV पॉलिसी लागू हुई है। लेकिन EV को लेकर सरकारी महकमा कितना गंभीर है इसका एक उदाहरण दिल्ली नगर निगम में देखने को मिला है। दिल्ली नगर निगम मुख्यालय की पार्किंग में तकरीबन 75 से EV कार पिछले दो साल से धूल फांक रही है। 2017- 18 में MCD ने एक प्राइवेट कंपनी के साथ EV गाड़ियों का कॉन्ट्रैक्ट किया। इसके तहत 2018 से 2024 तक तकरीबन 80 EV कार MCD को मिली। कॉन्ट्रैक्ट के मुताबिक अगर पूरा पेमेंट हो जाता तो 2024 के बाद ये गाड़ियाँ MCD को मिल जाती है। लेकिन MCD और प्राइवेट कंपनी के बीच पैसे को लेकर कुछ विवाद हुआ। जिसकी वजह से 2024 में कॉन्ट्रैक्ट तो खत्म हो गया लेकिन MCD को गाड़ियों का हैंड ओवर नहीं मिला। तभी से ये गाड़ियाँ MCD मुख्यालय की पार्किंग में धूल फांक रही है। दिल्ली नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग के आरोप लगाया है कि EV पॉलिसी के नामपर बीजेपी सिर्फ दिखाबा कर रही गई। अगर ऐसा नहीं होता तो जनता के पैसों से खरीदी गई ये करोड़ों की गाड़ियाँ पार्किंग में सड़ती नहीं। दरअसल ये गाड़िया MCD के अधिकारी और कर्मचारियों के लिए खरीदी गई थी। दिल्ली में शुरुआती दोनों में जब EV आयी थी तभी ये गाड़िया MCD ने खरीदी थी। यही वजह है कि अधिकांश गाड़ियों का नम्बर प्लेट भी आपको वाइट एंड ब्लैक में नज़र आएगा। जबकि बाद में EV गाड़ियों का नम्बर प्लेट ग्रीन और वाइट कर दिया गया था। इन गाड़ियों में बैटरी बैकअप भी सिर्फ 100 किलोंमिटर का ही है। ये भी एक बड़ी वजह है कि करोड़ों की गाड़िया रखे रखे सड़ रही है। इस बारे में जब हमने दिल्ली के मेयर प्रवेश वाही से बात की तो उन्होंने बटिया की पार्किंग में जो इलेक्ट्रिक गाड़िया खड़ी है वह पूरी EV नहीं है लेकिन जिस कंपनी से जो कॉन्ट्रैक्ट था उसमें कुछ भी खामिया नजर आई, क्योंकि बाद में उन्होंने गाड़ी का किराया बढ़ा दिया जो चल भी नहीं पा रही थी जिससे विवाद हो गया था। अब दुरुस्त किया जा रहा है इसपर संज्ञान लेंगे। AAP की भी सरकार रही है उन्होंने क्या किया।
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Bareilly Cantt: पहली कार्बन निगेटिव छावनी, TERI के अनुसार सालाना 60,000 टन CO2 सोखती

Bareilly, Uttar Pradesh:वृक्षों को संजोने और कूड़ा प्रबंधन में उत्कृष्ट प्रयास कर बरेली छावनी परिषद ने पर्यावरण संरक्षण में अहम सफलता अर्जित की है। छावनी परिषद बरेली देश का पहला कार्बन निगेटिव छावनी बन गया है। TERI (ट्री- एनर्जी एंड रिसोर्सेज इंस्टीट्यूट) के वैज्ञानिकों ने छावनी क्षेत्र में हर वर्ष 60,000 टन कार्बन डाइऑक्साइड के बराबर कार्बन सोखने की क्षमता (कार्बन सिंक) का दावा किया है। इसके पीछे क्षेत्र में घने जंगल, विशाल हरित पट्टियां (ग्रीन बेल्ट), वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट से हर दिन 35 से 40 टन कचरे से प्रतिदिन ग्रीन एनर्जी (बिजली और बायो-सीएनजी) का उत्पादन कर इसे कार्बन-न्यूट्रल से आगे ले जाकर निगेटिव श्रेणी में लाते हैं। जल संरक्षण और एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) लगाकर सीवर और नालों के पानी को शोधित किया जा रहा है। TERI की रिपोर्ट के अनुसार छावनी के पूरे इकोसिस्टम का वैज्ञानिक मूल्यांकन किया गया है। TERI की टीम ने जमीन के ऊपर और नीचे मौजूद बायोमास और मिट्टी के नमूनों की जांच में पाया कि, मिट्टी और घने वृक्षों की उच्च कार्बन सोखने की क्षमता के कारण यह क्षेत्र सालाना 60,000 टन कार्बन डाइऑक्साइड वातावरण से कम करता है।
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बक्सर बारिश के बीच परीक्षा प्रश्नपत्र पानी में बहे: विभाग पर उठे सवाल

Buxar, Bihar:बक्सर में मानसून की पहली मूसलाधार बारिश ने शिक्षा विभाग की तैयारियों की पोल खोलकर रख दी। बारिश के दौरान विभाग द्वारा रखे गए परीक्षा प्रश्नपत्रों के बंडल पानी में बहते नजर आए। इसका वीडियो किसी स्थानीय व्यक्ति ने बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। जिसके बाद शिक्षा विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे। वायरल वीडियो में प्रश्नपत्रों के बंडल पानी में भीगते और बहते दिखाई दे रहे हैं। जिससे प्रश्नपत्रों के सुरक्षित रखरखाव को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा हो गई हैं। बताया जा रहा है कि 9वी,10वी और 12वी क्लास के परीक्षा के प्रश्नपत्र शिक्षा विभाग द्वारा बक्सर शिक्षा विभाग को भेजा गया था। मामले के सामने आने के बाद बक्सर प्रशासन हरकत में आ गया। बक्सर एसडीएम अविनाश कुमार ने घटना का संज्ञान लेते हुए जांच की जिम्मेदारी जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) को सौंप दी है। एसडीएम ने कहा कि जांच में यदि प्रश्नपत्रों के रखरखाव में किसी अधिकारी या कर्मी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जांच रिपोर्ट मिलने के बाद दोषियों पर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। घटना के बाद शिक्षा विभाग की व्यवस्थाओं और संवेदनशील दस्तावेजों की सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं।
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स्यालू खुर्द में कुएं में गिरने से 42 वर्षीय मानसिंह जाट की मौत

Jhunjhunu, Rajasthan:झुंझुनूं जिले के सूरजगढ़ थाना इलाके के स्यालू खुर्द गांव में युवक की कुएं में गिरने से मौत हो गई। सूचना मिलने पर पुलिस और जीवन ज्योति रक्षा समिति की टीम मौके पर पहुंची तथा ग्रामीणों की मदद से शव को कुएं से बाहर निकाला गया। जानकारी के अनुसार स्यालू खुर्द निवासी 42 वर्षीय मानसिंह पुत्र विजय सिंह जाट खेत में बोरिंग की मोटर का खराब तार ठीक कर रहा था। इसी दौरान पुराने कुएं के पास काम करते समय अचानक उसका पैर फिसल गया और वह कुएं में गिर गया। हादसे में उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और जीवन ज्योति रक्षा समिति के सदस्य मौके पर पहुंचे। कुएं में लोरिंग मशीन से एक व्यक्ति को कुएं में उतारा गया और काफी मशक्कत के बाद शव को बाहर निकाला गया। शव को जीवन ज्योति रक्षा समिति की एंबुलेंस से सरकारी अस्पताल की मोर्चरी में पहुंचाया गया। बाद में मेडिकल प्रक्रिया पूरी कर शव का पोस्टमार्टम करवाया गया और शव परिजनों को सौंप दिया गया। मृतक के भाई ने थाने में मर्ग दर्ज करवाई है। रिपोर्ट में बताया गया कि मानसिंह खेत में बोरिंग की मोटर का तार ठीक कर रहा था, तभी पैर फिसलने से वह कुएं में गिर गया, जिससे उसकी मौत हो गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है。
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सूरजगढ़ में नाला सफाई में लापरवाही पर दुकानदारों ने नगरपालिका पर दबाव डाला

Jhunjhunu, Rajasthan:झुंझुनूं सूरजगढ़ में नाला सफाई में लापरवाही पर दुकानदारों का विरोध ठेका कर्मियों पर सफाई के नाम पर लीपापोती करने के आरोप नाले के कवर हटाकर खुला छोड़ने से दुकानदारों में नाराजगी ठेकेदार पर नगरपालिका के संसाधनों के इस्तेमाल के आरोप ईओ बोले- ठेकेदार को बुलाकर की जाएगी कार्रवाई दुकानदारों ने नाले की दोबारा सफाई और ढंकने की उठाई मांग झुंझुनूं सूरजगढ़ कस्बे के चिड़ावा रोड पर नाला सफाई कार्य में लापरवाही को लेकर दुकानदारों ने नाराजगी जताई। दुकानदारों का आरोप है कि नगरपालिका द्वारा मानसून से पहले नालों की सफाई के लिए 10 लाख रुपए का टेंडर जारी किया गया है, लेकिन ठेका कर्मी सफाई के नाम पर केवल औपचारिकता निभा रहे हैं। दुकानदारों के अनुसार ठेका कर्मियों ने नाले के फेरो कवर हटाकर इधर-उधर डाल दिए और दुकानों के आगे लगी पट्टियों को भी तोड़ दिया। सफाई कार्य अधूरा छोड़कर नाला खुला छोड़ दिया गया, जिससे आसपास के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। सुबह दुकानदार मौके पर पहुंचे तो हालात देखकर आक्रोश जताया और नगरपालिका प्रशासन के खिलाफ नाराजगी व्यक्त की। दुकानदारों ने आरोप लगाया कि ठेकेदार सफाई कार्य में नगरपालिका के संसाधनों का उपयोग कर रहा है। उनका कहना है कि टेंडर मिलने के बावजूद ठेकेदार नगरपालिका के ट्रैक्टर, ट्रॉली और कर्मचारियों से काम करवा रहा है, जो नियमों के खिलाफ है। मामले की जानकारी मिलने के बाद नगरपालिका ईओ मुकेश कुमार ने कार्रवाई करते हुए एसआई शिवनंदन शर्मा को हटाकर दूसरे कर्मचारी को जिम्मेदारी सौंपी है। दुकानदारों ने नाले की दोबारा सही तरीके से सफाई करवाकर उसे ढंकने की मांग की है。
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उदयपुरवाटी कोर्ट में अधिवक्ताओं का धरना, गुढ़ागौड़जी तहसील की सुनवाई उदयपुरवाटी में करने की मांग

Jhunjhunu, Rajasthan:झुंझुनूं उदयपुरवाटी कोर्ट परिसर में वकीलों का धरना जारी गुढ़ागौड़जी तहसील के राजस्व मामले उदयपुरवाटी में सुनवाई की मांग धरने पर बैठें अधिवक्ताओं ने प्रशासन के खिलाफ की नारेबाजी वकील बोले - झुंझुनूं जाने से वादियों को हो रही परेशानी गुढ़ागौड़जी तहसील को उदयपुरवाटी उपखंड से जोड़ने की मांग मांग पूरी नहीं होने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी झुंझुनूं झुंझुनूं जिले के उदयपुरवाटी कोर्ट परिसर में अधिवक्ताओं का धरना लगातार जारी है। वकील गुढ़ागौड़जी तहसील से जुड़े राजस्व प्रकरणों की सुनवाई झुंझुनूं के बजाय उदयपुरवाटी एसडीएम कोर्ट में करवाने की मांग कर रहे हैं। धरने पर बैठे वकीलों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जल्द समाधान की मांग उठाई। बार संघ अध्यक्ष श्रवण सैनी ने बताया कि वर्तमान में गुढ़ागौड़जी तहसील के राजस्व मामले झुंझुनूं में संचालित हो रहे हैं, जिससे वादियों और अधिवक्ताओं को लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। इससे लोगों को समय और आर्थिक दोनों तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि गुढ़ागौड़जी तहसील पहले उदयपुरवाटी उपखंड का हिस्सा थी। जिला पुनर्गठन के दौरान उदयपुरवाटी को नीमकाथाना जिले में शामिल किया गया, जबकि गुढ़ागौड़जी तहसील झुंझुनूं जिले में ही रही। बाद में नीमकाथाना जिला समाप्त होने के बाद पूर्व स्थिति बहाल करने की बात कही गई थी, लेकिन अब तक गुढ़ागौड़जी तहसील को उदयपुरवाटी उपखंड से नहीं जोड़ा गया।बार संघ ने मांग की है कि गुढ़ागौड़जी तहसील को जल्द उदयपुरवाटी उपखंड से जोड़ा जाए और सभी राजस्व मामलों की सुनवाई उदयपुरवाटी एसडीएम कोर्ट में शुरू की जाए।
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रतलाम में बारिश की उम्मीद पर बोवनी की चिंता: किसान आसमान देखे

Ratlam, Madhya Pradesh:रतलाम जिले में खेत पूरी तरह तैयार हैं, किसानों के हाथों में बीज हैं, ट्रैक्टर और सीड ड्रिल भी तैयार खड़े हैं, लेकिन निगाहें सिर्फ आसमान पर टिकी हैं। बोवनी का समय निकल रहा है, फिर भी मानसून की अच्छी बारिश का इंतजार खत्म नहीं हो रहा कुछ किसानों ने शुरुआती हल्की बारिश के भरोसे बोवनी कर दी थी, लेकिन पिछले पांच दिनों से बारिश नहीं होने के कारण अब उनकी चिंता बढ़ गई है। उन्हें डर है कि यदि जल्द बारिश नहीं हुई तो फसल का अंकुरण प्रभावित होगा और दोबारा बोवनी करनी पड़ सकती है। वहीं जिन किसानों ने बीज खरीदकर घर में रखे हैं, उन्हें भी बीज खराब होने की चिंता सता रही है। ऐसे में पूरे जिले का किसान आसमान की ओर उम्मीद भरी नजरों से देख रहा है। हर किसी की यही प्रार्थना है कि इंद्र देव जल्द मेहरबान हों, अच्छी बारिश हो और समय पर बोवनी शुरू होकर बेहतर फसल की उम्मीद फिर से जिंदा हो सके。
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कौशांबी में ड्यूटी के दौरान PRD जवान की दर्दनाक मौत, चालक फरार

Gohara Marufpur, Uttar Pradesh:कौशांबी ज़िले में ड्यूटी के दौरान एक पीआरडी जवान की सड़क हादसे में दर्दनाक मौत हो गई। सैनी चौराहे पर यातायात व्यवस्था सुचारु कराने के दौरान तेज रफ्तार लोडर ने जवान को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे के बाद चालक वाहन समेत मौके से फरार हो गया। गंभीर रूप से घायल जवान को अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजते हुए फरार चालक की तलाश शुरू कर दी है। घटना सैनी कोतवाली क्षेत्र के सैनी चौराहे की है। पीआरडी जवान महताब अली, निवासी सेलराहा पश्चिम, ड्यूटी के दौरान सड़क पर खड़े वाहनों को हटवाकर यातायात सामान्य कराने में लगे थे। तभी तेज रफ्तार लोडर ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि वह गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़े। मौके पर मौजूद लोगों ने तत्काल एम्बुलेंस की मदद से उन्हें अस्पताल भेजने का प्रयास किया, लेकिन रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया। हादसे के बाद लोडर चालक वाहन लेकर फरार हो गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की मदद से फरार वाहन व चालक की तलाश शुरू कर दी। फिलहाल पुलिस फरार चालक की तलाश में जुटी है। यह हादसा एक बार फिर तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने के गंभीर परिणामों की ओर इशारा करता है।
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मोहनपुर में नल-जल योजना फ्लॉप, पानी के लिए ग्रामीण आक्रोशित

Raebareli, Uttar Pradesh:जिला मुख्यालय से महज 40 किलोमीटर दूर स्थित मोहनपुर पंचायत में 'नल-जल योजना' सरकारी दावों की पोल खोलते हुए पूरी तरह से ठप पड़ी है। योजना के तहत लाखों की लागत से लगाई गई प्लास्टिक की टंकियां पिछले एक साल से सिर्फ शोपीस बनकर रह गई हैं... पानी की बूंद-बूंद को तरसते 16 वार्डों के ग्रामीण अब इस भीषण समस्या को लेकर आक्रोशित हैं। इस बड़ी पंचायत के ग्रामीण आज भी शुद्ध पेयजल के लिए तरस रहे हैं... जब पानी की टंकिया बनाई जा रही थी और नलों के कनेक्शन घरो में दिए जा रहे थे तब ग्रामीण बेहद खुश थे कि अब उन्हें दो वक्त शुद्ध पीने का पानी मिलेगा लेकिन यह खुशी सिर्फ चंद दिन की ही थी क्योंकि नलों से पानी महज 15 दिन ही आया उसके बाद से पानी नहीं आ रहा है... पानी की किल्लत का सबसे भयावह रूप एक विशेष वार्ड में देखने को मिला है, जहां ग्रामीण उसी तालाब के पानी से नहाने और कपड़े धोने को मजबूर हैं, जिसमें मवेशी भी नहाते हैं... दूषित और गंदे पानी के उपयोग के कारण इस वार्ड के कई ग्रामीण चर्म रोग से पीड़ित हो रहे हैं... ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत में लगभग आधा दर्जन पानी की टंकी एक साल पहले ही बनकर तैयार हो चुकी थीं, लेकिन प्रशासनिक लापरवाही और ठेकेदार की उदासीनता के चलते इनमें आज तक पानी की सप्लाई शुरू नहीं हो सकी है... इतना ही नहीं घरों तक किया गया नल कनेक्शन की पाइप लाइन भी कई जगह से क्षतिग्रस्त हो चुकी है और घरों में लगे नल भी टूट चुके हैं और अब नल-जल योजना के शोपीस बन जाने के कारण ग्रामीणों के पास अब कुएं और पुराने हैंडपम्प ही एकमात्र सहारा बचे हैं... ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द से जल्द योजना को चालू करने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है...
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