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Vishal BajpaiVishal BajpaiFollow14 Jun 2024, 02:27 pm
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गोरखपुर में खुले नाले में मजदूर की मौत; JE निलंबित

Gorakhpur, Uttar Pradesh:गोरखपुर में निर्माणाधीन फोरलेन सड़क पर बड़ी लापरवाही सामने आई है। पादरी बाजार इलाके में खुले नाले में गिरने से एक डेयरी कर्मी की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे में मजदूर के पेट में लोहे की सरिया आरपार घुस गई। इस घटना की रोंगटे खड़ी करने वाली CCTV फुटेज भी अब सामने आई है। जिसके बाद प्रशासन हरकत में आया और पीडब्ल्यूडी के जेई को निलंबित कर दिया गया है। वहीं कार्यदायी संस्था सीएसआईएल के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। डीएम ने पूरे मामले की जांच के आदेश दिए हैं। शाहपुर थाना क्षेत्र के पादरी बाजार पुलिस चौकी से करीब 200 मीटर आगे लोक निर्माण विभाग की ओर से असुरन-पिपराइच फोरलेन चौड़ीकरण और नाला निर्माण का कार्य कराया जा रहा है। बीती शाम देवरिया जिले के रामपुर कारखाना थाना क्षेत्र के गौरा गांव निवासी 68 वर्षीय हंसराज यादव निर्माणाधीन नाला पार कर रहे थे। इसी दौरान उनका संतुलन बिगड़ गया और वह सीधे खुले नाले में जा गिरे। नाले में निकली लोहे की सरिया उनके पेट में आरपार धंस गई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें जिला अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। घटनास्थल के पास लगे सीसीटीवी कैमरे में पूरा हादसा कैद हो गया। फुटेज में साफ दिखाई दे रहा है कि हंसराज यादव नाला पार करते समय फिसलकर सीधे सरिया पर गिर पड़े। स्थानीय लोगों का आरोप है कि करीब दस दिन पहले नाला खोदकर छोड़ दिया गया था और वहां सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं किए गए थे। न तो बैरिकेडिंग की गई थी और न ही चेतावनी बोर्ड लगाए गए थे। मृतक हंसराज यादव संगम चौराहा स्थित लक्ष्मीपुर में एक डेयरी पर पिछले पांच वर्षों से काम करते थे। वह गायों की देखभाल, चारा खिलाने और दूध निकालने का काम करते थे। परिवार में पत्नी और तीन बच्चे हैं। हादसे के बाद परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी दीपक मीणा ने अपर जिलाधिकारी नगर और अधीक्षण अभियंता पीडब्ल्यूडी की संयुक्त जांच समिति गठित की है। प्रथम दृष्टया लापरवाही मिलने पर कार्यदायी संस्था सीएसआईएल के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। मुख्य अभियंता लोक निर्माण विभाग ने अवर अभियंता डीके सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। वहीं सहायक अभियंता रंजन सिंह के खिलाफ विभागीय कार्रवाई का प्रस्ताव भेजा गया है, जबकि प्रभारी अधिशासी अभियंता ध्रुव अग्रवाल से स्पष्टीकरण मांगा गया है। मामले को लेकर जिलाधिकारी ने बताया कि प्रथम दृष्टया लापरवाही सामने आई है। कार्यदायी संस्था सीएसआईएल के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। जेई को निलंबित किया गया है और अन्य अधिकारियों के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई की जा रही है। एक ओर सरकार सुरक्षित निर्माण कार्यों के दावे कर रही है, वहीं गोरखपुर में खुले नाले और बिना सुरक्षा इंतजाम के चल रहे निर्माण कार्य ने एक मजदूर की जान ले ली। अब देखना होगा कि प्रशासनिक कार्रवाई सिर्फ कागजों तक सीमित रहती है या जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई भी होती है।
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धर्मपुरा में मस्जिद अवैध निर्माण रुकवाकर प्रशासन ने दूसरी मंजिल गिरवाई: उथल-पुथल

Rampur, Uttar Pradesh:धर्मपुरा में मस्जिद का अवैध निर्माण रुका; प्रशासन पहुँचते ही अफरा-तफरी मची. मस्जिद कमेटी ने रातभर में खुद तोड़ा निर्माण. ग्रामीणों की शिकायत पर प्रशासन की कार्रवाई, बिना अनुमति बन रही थी मस्जिद की दूसरी मंजिल. रातभर चला अवैध निर्माण गिराने का काम. मिलक में अवैध निर्माण पर चला प्रशासन का डंडा, भारी पुलिस बल के साथ पहुंचे अधिकारी; मदरसों के संचालन की भी शुरू हुई जांच. रामपुर के मिलक तहसील क्षेत्र के धर्मपुरा गांव में मस्जिद की दूसरी मंजिल के कथित अवैध निर्माण पर प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद रुकवा दिया गया; ग्रामीणों की शिकायत पर तहसील प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंची, जहां बिना अनुमति निर्माण होने की बात सामने आई. कार्रवाई के डर से मस्जिद कमेटी ने रातभर में हथौड़ों से पिलर और दीवारों को तोड़ कर निर्माण ध्वस्त कर दिया; गांव में देर रात तक निर्माण गिराने का काम चला. एक और बड़ा खुलासा: गांव की दोनों मस्जिदों में कथित अवैध तरीके से मदरसों के संचालन की भी जांच शुरू हो चुकी है; रिपोर्ट शासन को भेजी जा रही है.
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अमरोहा देहात पुलिस ने दो शातिर बदमाश दबोचे, आर्म्स एक्ट में केस दर्ज

JAYDEV SINGHJAYDEV SINGHFollowJust now
Amroha, Uttar Pradesh:एंकर: अमरोहा देहात पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस ने आर्म्स एक्ट और चोरी के माल से जुड़े मामले में बिजनौर के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दोनों को कोर्ट में पेश किया जा रहा है। थाना प्रभारी शोकेन्द्र सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। पकड़े गए आरोपियों के नाम जुल्फकार पुत्र इकरार निवासी हयातनगर थाना स्योहारा, बिजनौर उम्र 35 वर्ष और मोहम्मद अजीम पुत्र शहाबुद्दीन निवासी फैजुल्लापुर थाना स्योहारा, बिजनौर उम्र 30 वर्ष हैं। दोनों आरोपी मु0अ0सं0 157/2026 धारा 3/25 आर्म्स एक्ट और 317(5) बीएनएस में वांछित थे। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया है।
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घर बनने से पहले ही तूफान ने उजाड़े सपने, गरीब परिवार का मकान ढहा

Lalit KumarLalit KumarFollow6m ago
Bareilly, Uttar Pradesh:आंवला क्षेत्र के देवचरा में बुधवार सुबह आए तेज आंधी-तूफान ने एक गरीब परिवार के सपनों को तहस-नहस कर दिया। मोटरसाइकिल मैकेनिक तनवीर कर्ज लेकर अपना मकान बनवा रहे थे, लेकिन करीब 11:30 बजे आए तेज तूफान में निर्माणाधीन मकान पूरी तरह धराशायी हो गया। तनवीर ने बताया कि उन्होंने अपनी पत्नी के गहने बेचकर जमीन खरीदी थी और मेहनत-मजदूरी व कर्ज के सहारे घर बनवा रहे थे। अचानक आए तूफान ने सब कुछ बर्बाद कर दिया। मकान गिरने के बाद परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। तनवीर ने नम आंखों से कहा कि अब उनके पास दोबारा मकान बनवाने के लिए कोई सहारा नहीं बचा है। उन्होंने सरकार और प्रशासन से आर्थिक मदद की गुहार लगाई है।
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रायसेन के गेहूं खरीदी केंद्र में ट्रैक्टर-ट्रॉली में आग, बड़ा हादसा टला

Raisen, Madhya Pradesh:रायसेन जिले देवरी समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी के दौरान आस्तिक वेयरहाउस में अचानक आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। गेहूं से भरे एक आयशर ट्रैक्टर-ट्रॉली में अचानक आग भड़क उठी, जिससे खरीदी केंद्र पर मौजूद किसानों और कर्मचारियों में भगदड़ की स्थिति बन गई। जानकारी के अनुसार बिंजा निवासी संजू साहू का ट्रैक्टर-ट्रॉली अन्य वाहनों के साथ खरीदी केंद्र पर लाइन में खड़ा था। इसी दौरान ट्रैक्टर से अचानक चिंगारी निकली और देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि आग की लपटें करीब 10 फीट ऊंचाई तक उठ रही थीं। आग फैलने की आशंका को देखते हुए चालक तुरंत ट्रैक्टर-ट्रॉली को वेयरहाउस परिसर से बाहर लेकर गया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। सूचना मिलते ही नगर परिषद की फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।
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कोलकाता पुलिस ने श्रद्धा बिस्वास गिरफ्तारी के साथ मधाई पात्रा के आत्मसमर्पण की सूचना दी

Jagdalpur, Chhattisgarh:पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में स्थानीय पुलिस को एक साथ दोहरी सफलता हाथ लगी है, कोलकाता पुलिस की एसटीएफ ने माओवादियों की क्षेत्रीय समिति सदस्य श्रद्धा बिस्वास उर्फ बेला उर्फ आशा उर्फ दीपा उर्फ पंचमी उर्फ संध्या (55) को गिरफ्तार करने में कामयाब हुई है, माओवादी श्रद्धा बिस्वास के ऊपर झारखंड सरकार द्वारा 15 लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था, झारखंड में श्रद्धा के ऊपर 23 मामले भी दर्ज है, वहीं दूसरा मामले में क्षेत्रीय समिति सदस्य मधाई पात्रा उर्फ समर दा उर्फ सुभाष उर्फ सुजॉय (53) ने माओवादी संगठन से किनारा करते हुए कोलकाता में आत्म समर्पण कर दिया, मधाई पात्रा तीस साल से माओवादी संगठन से जुड़ा हुआ था, हिंसा का रास्ता छोड़ते हुए उसने कोलकाता के पुलिस आयुक्त अजय नंद के समक्ष आत्मसमर्पण किया, मधाई पात्रा ने अपने साथी माओवादियों से भी हिंसा का छोड़ने और मुख्यधारा में लौटने की अपील की है, मधाई पात्रा बिहार, ओडिशा, झारखंड और बंगाल में सक्रिय था, वह पोलित ब्यूरो सदस्य मिसिर बेसरा की टीम में भी शामिल था, बताया जा रहा है कि मिसिर बेसरा के कहने पर ही उसने आत्म समर्पण किया है जिसके बाद अब यह उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही माओवादी संगठन के एकमात्र टॉप कमांडर मिसिर बेसरा भी आत्म समर्पण कर सकता है, फिलहाल झारखंड के सारंडा में फोर्स मिसिर बेसरा को घेरने के लिए बड़ा ऑपरेशन चला रही है।
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सरोजिनी मार्केट दो दिन के लिए बंद, NDMC निर्णय के विरोध में शॉपकीपर्स

Delhi, Delhi:सरोजिनी मार्केट पूरी तरह शांतिपूर्ण बंद रहेगी दो दिनों के लिए। सरोजिनी मार्केट शॉपकीपर्स एसोसिएशन ने एलान किया कि NDMC प्रशासन के फैसले के विरुद्ध सरोजिनी नगर मार्केट 14 मई से 15 मई के लिए बंद रहेगा। बाजार के परिसरों में पहले से ही अवैध वेंडर्स, माफिया राज और असंयमितता की चर्चा है, और बाजार की क्षमता से अधिक वेंडर्स जमा होने के कारण व्यवसायिक संकट पैदा हो रहा है। एसोसिएशन के अनुसार 514 COVS जारी करने, फर्जी सर्वे, फर्जी चालान और बाहरी अवैध लोगों को लाभ पहुंचाने जैसी शिकायतों के विरोध में एकजुट होकर आवाज उठानी चाहिए। कहा गया कि एक तरफा निर्णय और नेचर ऑफ जस्टिस का उल्लंघन प्रतीत होता है, जिससे बाजार के भविष्य पर खतरा है। अगर आज हम नहीं उठे, तो कल हमारे वैध व्यवसाय, दुकानों और रोजगार पर गंभीर असर पड़ेगा। सभी दुकानें दो दिन के लिए बंद रहेंगी।
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जमालपुर जंक्शन पर पार्सल कर्मी मालगाड़ियों के नीचे से गुजरकर सामान पहुंचाते, हादसा जोखिम

Munger, Bihar:मुंगेर:जमालपुर जंक्शन पर हो सकता बड़ा हादसा , मालगाड़ी के नीचे से पार्सल ढोने को मजबूर कर्मचारी, वीडियो आया सामने मुंगेर: पूर्व रेलवे मालदा रेल मंडल अंतर्गत जमालपुर जंक्शन पर पार्सल विभाग के कर्मचारियों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्टेशन से सामने आई तस्वीरों ने रेलवे प्रशासन की कार्यशैली और सुरक्षा मानकों की पोल खोल दी है। यहां पार्सल कर्मी अपनी जान जोखिम में डालकर खड़ी मालगाड़ियों के नीचे से होकर सामान एक प्लेटफॉर्म से दूसरे प्लेटफॉर्म तक पहुंचाने को मजबूर हैं। मामला प्लेटफॉर्म संख्या दो और तीन का बताया जा रहा है। यहां उतरने वाली पार्सल सामग्री को प्लेटफॉर्म संख्या एक स्थित पार्सल कार्यालय तक पहुंचाना कर्मचारियों के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है। प्लेटफॉर्म एक और दो के बीच अतिरिक्त रेल लाइनें हैं, जिन पर अक्सर मालगाड़ियां खड़ी रहती हैं। ऐसे में रास्ता बंद हो जाने के कारण कर्मचारी मालगाड़ी के नीचे बैठकर पार्सल सामग्री निकालते हैं और उसे दूसरी ओर पहुंचाते हैं। कर्मचारियों का मानना है कि यदि इसी दौरान अचानक मालगाड़ी चल पड़े, तो बड़ा हादसा हो सकता है। बावजूद इसके रोजाना यही प्रक्रिया अपनाई जा रही है। कर्मचारियों ने इस स्थिति के लिए रूट रिले इंटरलॉकिंग (RRI) कार्यालय को जिम्मेदार ठहराया है। उनका आरोप है कि प्लेटफॉर्मों के बीच हैंड ट्रॉली ले जाने के लिए निर्धारित रास्ता मौजूद है, लेकिन मालगाड़ियों को इस तरह खड़ा कर दिया जाता है कि पूरा मार्ग अवरुद्ध हो जाता है। पार्सल कर्मियों ने कहा कि मार्ग बंद होने की स्थिति में उनके पास कोई दूसरा विकल्प नहीं बचता। मजबूरी में उन्हें अपनी जान जोखिम में डालकर मालगाड़ी के नीचे से गुजरना पड़ता है। कर्मचारियों ने रेलवे प्रशासन से मांग की है कि मालगाड़ियों की parkिंग व्यवस्था सही तरीके से की जाए, ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे की आशंका को टाला जा सकता है।
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महाप्रबंधक उत्तर मध्य रेलवे का झाँसी मंडल दौरा झाँसी परिक्षेत्र एवं वीरांगना लक्ष्मीबाई झाँसी स्टेशन

Adil AhmadAdil AhmadFollow19m ago
Jhansi, Uttar Pradesh:आज महाप्रबंधक, उत्तर मध्य रेलवे श्री नरेश पाल सिंह ने मंडल रेल प्रबंधक श्री अनिरुद्ध कुमार की उपस्थिति में वीरांगना लक्ष्मीबाई झाँसी स्टेशन, झाँसी यार्ड एवं मंडल के विभिन्न महत्वपूर्ण रेल परिसरों का व्यापक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने यात्री सुविधाओं, स्वच्छता, परिचालन व्यवस्थाओं एवं भविष्य की विकास योजनाओं का गहन अवलोकन करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए।महाप्रबंधक ने सर्वप्रथम झाँसी यार्ड का निरीक्षण किया तथा सीपरी पुल के समीप प्रस्तावित नई वाशिंग पिट साइट का अवलोकन कर भविष्य की विकास योजनाओं एवं आधारभूत संरचना विस्तार कार्यों पर चर्चा की। इस दौरान परिचालन दक्षता बढ़ाने तथा रखरखाव सुविधाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने पर विशेष बल दिया गया।इसके उपरांत उन्होंने वीरांगना लक्ष्मीबाई झाँसी स्टेशन का औचक निरीक्षण करते हुए प्लेटफॉर्म, फुट ओवर ब्रिज, पेयजल व्यवस्था, प्रतीक्षालय एवं शौचालयों की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने स्टेशन परिसर में स्वच्छता बनाए रखने पर विशेष जोर देते हुए गंदगी फैलाने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही यात्रियों को सुरक्षित, सुगम एवं बेहतर यात्रा अनुभव उपलब्ध कराने हेतु सभी व्यवस्थाओं को उच्च स्तर पर बनाए रखने पर बल दिया।तदोपरांत महाप्रबंधक ने मंडलीय रेलवे चिकित्सालय का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने वार्ड, आईसीयू, औषधि भंडार एवं अन्य स्वास्थ्य सुविधाओं का अवलोकन करते हुए मरीजों को बेहतर चिकित्सा सेवाएँ उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी एवं सुव्यवस्थित बनाने पर बल देते हुए शल्य चिकित्सा कक्ष को अंतरराष्ट्रीय स्तर की आधुनिक मशीनों से सुसज्जित किए जाने के निर्देश प्रदान किए।
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गन्ना भुगतान को लेकर भड़का किसान आंदोलन, तीसरे दिन भी केसर शुगर मिल पर डटे रहे भाकियू टिकैत कार्यकर्

Baheri, Uttar Pradesh:बहेड़ी। गन्ना किसानों के बकाया भुगतान को लेकर भारतीय किसान यूनियन टिकैत का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। बहेड़ी स्थित केसर शुगर मिल के प्रशासनिक भवन पर चल रहा अनिश्चितकालीन धरना बुधवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। किसानों ने साफ चेतावनी दी है कि जब तक बकाया गन्ना मूल्य भुगतान की समयसीमा घोषित नहीं की जाती और प्रशासन जिम्मेदारी नहीं लेता, तब तक आंदोलन समाप्त नहीं होगा। किसानों के अनुसार मिल पर पिछले और वर्तमान पेराई सत्र का करीब 160 से 186 करोड़ रुपये तक का गन्ना भुगतान बकाया है। भुगतान में लगातार हो रही देरी से किसानों में भारी नाराजगी है। धरना स्थल पर बड़ी संख्या में किसान और भाकियू कार्यकर्ता जुटे रहे तथा मिल प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। धरने को संबोधित करते हुए प्रदेश महासचिव चौधरी शिशुपाल सिंह ने कहा कि केसर चीनी मिल किसानों के हितों को लेकर बिल्कुल गंभीर नहीं है। किसान नेता रवि ढाका ने कहा कि एक समय एशिया में पहचान रखने वाली यह मिल आज बिकने की कगार पर पहुंच चुकी है, जिससे किसानों का भरोसा पूरी तरह टूट गया है। प्रदेश उपाध्यक्ष चौधरी जगत सिंह ने कहा कि गन्ना भुगतान न मिलने से किसान आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं और उनकी खेती-किसानी प्रभावित हो रही है। तहसील अध्यक्ष राजेश गुप्ता उर्फ खन्ना ने आरोप लगाया कि मिल प्रबंधन अपनी संपत्तियां और चीनी बेच चुका है, लेकिन किसानों के भुगतान के समय आर्थिक तंगी का बहाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अब किसान आर-पार की लड़ाई के लिए तैयार हैं और बिना भुगतान आंदोलन खत्म नहीं होगा। दोपहर बाद केसर शुगर मिल के सीईओ शरत मिश्रा धरना स्थल पर पहुंचे और किसानों से वार्ता की। उन्होंने बताया कि मिल के पास फिलहाल न चीनी बची है, न शीरा और न ही भुगतान के लिए पर्याप्त धनराशि उपलब्ध है। सीईओ ने कहा कि मिल बिकने की प्रक्रिया चल रही है और बड़े कारोबारी घरानों से बातचीत जारी है। किसानों का भुगतान मिल बिकने के बाद ही संभव हो पाएगा। सीईओ के इस बयान के बाद किसानों का गुस्सा और बढ़ गया। भाकियू कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए धरने को और तेज करने का ऐलान कर दिया। किसानों ने घोषणा की कि 15 मई तक आंदोलन लगातार जारी रहेगा और जरूरत पड़ने पर इसे और व्यापक बनाया जाएगा। धरने के दौरान जिला गन्ना अधिकारी, तहसीलदार बहेड़ी और थाना प्रभारी बहेड़ी भी मौके पर पहुंचे और किसानों से बातचीत की। वहीं किसानों ने मांग उठाई कि एसडीएम स्वयं धरना स्थल पर पहुंचकर किसानों से वार्ता करें और भुगतान को लेकर स्पष्ट समयसीमा घोषित करें। आंदोलन को देखते हुए प्रशासन भी सतर्क हो गया है। पूरे घटनाक्रम की जानकारी जिला प्रशासन को भेज दी गई है तथा एलआईयू और अन्य खुफिया एजेंसियां भी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
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