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Vishal BajpaiVishal BajpaiFollow14 Jun 2024, 02:27 pm
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कालाढूंगी सट्टा खाईबाड़ी से 17 वर्षीय किशोर की मौत; वीडियो वायरल के बाद हड़कंप

Noida, Uttar Pradesh:कालाढूंगी में सट्टे की खाईबाड़ी बनी काल: 17 वर्षीय किशोर ने जहर खाकर दी जान, वीडियो वायरल के बाद मचा हड़कंप रामनगर एंकर.- नैनीताल जिले के कालाढूंगी विधानसभा क्षेत्र से एक बेहद दर्दनाक मामला सामने आया है, जहां सट्टे की खाईबाड़ी ने एक 17 वर्षीय किशोर की जिंदगी लील ली। पैसों के लेनदेन के दबाव में आकर किशोर ने जहरीला पदार्थ खा लिया, जिससे उसकी मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है और परिजन न्याय की गुहार लगा रहे हैं। मामला कालाढूंगी क्षेत्र के कोटाबाग का है, जहां निवासी 17 वर्षीय जगदीश की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। बताया जा रहा है कि किशोर सट्टे के कारोबार में फंस गया था और खाईबाड़ी के चलते उस पर पैसों का दबाव बढ़ता जा रहा था। इसी तनाव के चलते उसने जहरीला पदार्थ गटक लिया。 घटना से पहले किशोर का एक वीडियो भी सामने आया है, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में किशोर मानसिक तनाव में नजर आ रहा है, जिससे पूरे मामले ने और भी गंभीर रूप ले लिया है。 मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार ने आरोप लगाया है कि क्षेत्र में लंबे समय से जुए और सट्टे का अवैध कारोबार चल रहा है, जिसकी वजह से युवाओं का भविष्य बर्बाद हो रहा है। परिजनों ने प्रशासन और पुलिस से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है。 स्थानीय लोगों का भी कहना है कि कोटाबाग और आसपास के क्षेत्रों में सट्टे का कारोबार लगातार बढ़ रहा है, लेकिन इस पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हो पा रही है। वहीं मामले में कालाढुंगी के कोतवाल अरुण कुमार सैनी ने बताया कि मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी गयी है, उनका कहना है कि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और जांच के बाद ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।
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उज्जैन तराना में सरपंच पर कब्जा और मारपीट का आरोप, 20-25 साथियों खिलाफ मामला

Ujjain, Madhya Pradesh:उज्जैन जिले के तराना क्षेत्र में खेत के रास्ते को लेकर चल रहा पुराना विवाद अचानक हिंसक झड़प में बदल गया। गुराड़ियाडांगर गांव के किसान सुरेश ने गांव के सरपंच भगवान सिंह और उनके साथ आए 20 से 25 लोगों पर जबरन कब्जा करने, मारपीट करने और जान से मारने की धमकी देने के गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित सुरेश ने पुलिस अधीक्षक उज्जैन को दिए आवेदन में बताया कि खेत तक जाने वाले रास्ते (सेड़ा) को लेकर काफी समय से विवाद चल रहा है। उनका आरोप है कि सरपंच अपने पद का गलत इस्तेमाल کرتے हुए खेत से जबरन रास्ता निकालने की कोशिश कर रहे थे। बताया गया है कि 5 मई 2026 की सुबह करीब 10 बजे सरपंच भगवान सिंह अपने साथियों के साथ सुरेश के घर पहुंचे। आरोप है कि सभी लोग तलवार, डंडे, लोहे की रॉड समेत अन्य हथियारों से लैस थे और आते ही हमला कर दिया। इस दौरान परिवार की महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार किया गया और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल भी किया गया। हमले में सुरेश के भाई को गंभीर चोटें आईं, वहीं उनकी मां, भाभी और अन्य परिजन भी घायल हुए हैं। पीड़ित के अनुसार, एक आरोपी ने ट्रैक्टर से कुचलने की कोशिश भी की। घटना के बाद सभी घायलों को 108 एंबुलेंस की मदद से उज्जैन के जिला अस्पताल चरक भवन में भर्ती कराया गया है। फिलहाल मामले में पुलिस जांच कर रही है。
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महंगाई, गर्मी और चुनावी घटनाक्रम पर जमाअत-ए-इस्लामी हिंद की कड़ी प्रतिक्रिया

Delhi, Delhi:चुनाव नतीजों, महंगाई और भीषण गर्मी पर जमाअत-ए-इस्लामी हिंद की कड़ी प्रतिक्रिया देश के हालिया विधानसभा चुनाव परिणामों के बीच जमाअत-ए-इस्लामी हिंद ने कई अहम मुद्दों को लेकर गंभीर चिंता जताई है। संगठन के उपाध्यक्ष प्रोफेसर सलीम इंजीनियर और उपाध्यक्ष मालिक मोहतासिम खान ने कहा कि देश इस समय कई बड़ी चुनौतियों से गुजर रहा है, जिनमें महंगाई, बेरोज़गारी, पर्यावरण संकट और लोकतांत्रिक व्यवस्था से जुड़े सवाल शामिल हैं। सबसे पहले चुनाव नतीजों पर बात करते हुए जमाअत ने कहा कि पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और केरल में नई सरकार बनने की संभावना है, जबकि असम और पुडुचेरी में मौजूदा सरकारों को दोबारा जनादेश मिला है। लेकिन इन चुनावों के दौरान कई ऐसी घटनाएं सामने आई हैं, जिन्होंने चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पश्चिम बंगाल में मतदान प्रक्रिया को लेकर विशेष रूप से चिंता जताई गई है। आरोप हैं कि मतदाता सूची और वोटिंग के दौरान गड़बड़ियां हुईं और बड़ी संख्या में लोगों, खासकर मुस्लिम समुदाय और कमजोर वर्गों को मतदान से वंचित किया गया। इसके अलावा चुनाव प्रचार के दौरान ध्रुवीकरण और भड़काऊ भाषणों ने माहौल को और खराब किया। जमाअत का कहना है कि ऐसे हालात लोकतंत्र के लिए खतरनाक हैं और इससे जनता का भरोसा कमजोर होता है। असम और अन्य राज्यों में भी चुनाव के दौरान धनबल, दुष्प्रचार और समाज को बांटने वाली राजनीति के इस्तेमाल पर चिंता जताई गई। संगठन ने कहा कि चुनाव आयोग और अन्य जिम्मेदार संस्थाओं को पूरी निष्पक्षता और जवाबदेही के साथ काम करना चाहिए, ताकि चुनाव प्रक्रिया पर लोगों का भरोसा बना रहे। जमाअत ने विपक्षी दलों को भी नसीहत दी है। कहा गया है कि विपक्ष आपसी मतभेदों और बिखराव की वजह से कमजोर पड़ रहा है, जिसका फायदा विभाजनकारी ताकतों को मिल रहा है। एक मजबूत लोकतंत्र के लिए मजबूत और संगठित विपक्ष जरूरी है, जो सरकार से सवाल भी करे और जनता के सामने बेहतर विकल्प भी रखे। महंगाई के मुद्दे पर जमाअत ने कड़ी चिंता जताई है। बयान में कहा गया है कि लगातार बढ़ती कीमतों ने आम लोगों की जिंदगी मुश्किल कर दी है। खासकर LPG सिलेंडर, पेट्रोल-डीजल और बिजली की कीमतों में बढ़ोतरी से घर का बजट बिगड़ गया है। छोटे कारोबार, रेस्टोरेंट और मध्यम वर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। ट्रांसपोर्ट महंगा होने से खाने-पीने और रोजमर्रा की चीजों के दाम भी लगातार बढ़ रहे हैं। जमाअत ने सरकार से मांग की है कि महंगाई पर काबू पाने के लिए तुरंत ठोस कदम उठाए जाएं। पेट्रोल, डीजल और गैस पर टैक्स कम किया जाए, गरीब और मध्यम वर्ग को सीधी राहत दी जाए और बाजार में जमाखोरी व कालाबाज़ारी पर सख्त कार्रवाई हो। साथ ही सार्वजनिक वितरण प्रणाली को मजबूत कर जरूरी सामान सस्ती दरों पर उपलब्ध कराया जाए। इसके अलावा देश में पड़ रही भीषण गर्मी और बढ़ते तापमान को लेकर भी संगठन ने चेतावनी दी है। बयान में कहा गया है कि हीटवेव का असर सबसे ज्यादा मजदूरों, किसानों और गरीब तबके पर पड़ रहा है। गर्मी की वजह से बीमारियां बढ़ रही हैं और लोगों की आजीविका प्रभावित हो रही है। जमाअत ने कहा कि बढ़ती गर्मी के पीछे जंगलों की कटाई, अनियोजित शहरीकरण और पर्यावरण की अनदेखी बड़ी वजह है। सरकार को तुरंत हीट एक्शन प्लान लागू करना चाहिए, लोगों के लिए पानी, छाया और कूलिंग सेंटर की व्यवस्था करनी चाहिए और मजदूरों के काम के घंटे में बदलाव करना चाहिए। साथ ही बड़े पैमाने पर पेड़ लगाने, प्रदूषण पर नियंत्रण और पर्यावरण संरक्षण के ठोस कदम उठाने की जरूरत है। अंत में जमाअत-ए-इस्लामी हिंद ने सरकार, विपक्ष, संस्थाओं और आम जनता से अपील की है कि वे मिलकर देश की चुनौतियों का सामना करें। लोकतंत्र को मजबूत बनाने, महंगाई पर नियंत्रण पाने और पर्यावरण को बचाने के लिए जिम्मेदारी के साथ काम करना जरूरी है। संगठन ने साफ कहा कि सिर्फ घोषणाओं से नहीं, बल्कि जमीन पर बदलाव से ही लोगों का भरोसा जीता जा सकता है।
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सुल्तानपुर में ऑन स्पॉट एफआईआर से फरियादियों को राहत, चारू निगम की पहल

Sultanpur, Uttar Pradesh:सुल्तानपुर में अब फरियादियों को थाने के चक्कर नहीं लगने पड़ रहे हैं ऐसा इसलिए नहीं की सुल्तानपुर में अब पुलिस से संबंधित कोई मामला ही नहीं हो रहा बल्कि यह विगत तीन माह पहले जिले के कमान संभालने वाली चर्चित आईपीएस चारू निगम ने संभव कर दिया है अब फरियादियों और पुलिस कप्तान के बीच है 'नो इन्वेस्टिगेशन नो एफआईआर फैसला ऑन द स्पॉट' वाला फार्मूला चल रहा है अभी तक सुनवाई के दौरान जहां उच्चाधिकारियों द्वारा प्रार्थना पत्र पर ही जांच कर आख्या देने का आदेश लिखकर डाक द्वारा थानेदारों को निर्देश दिया जाता था वहीं अब वर्चुअल माध्यम से पुलिस अधीक्षक लोगों की सुनवाई कर उनकी समस्याओं का तुरंत निस्तारण कर रही हैं जिससे न सिर्फ उनके कार्यालय में फरियादियों की भीड़ कम हो रही है बल्कि थानेदार भी अब तुरंत जवाब देही के लिए तैयार नजर आ रहे हैं सुबह 10 बजे से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी थानेदार और सीओ को ऑनलाइन जोड़ दिया जाता है और जिस थाने की शिकायत पुलिस अधीक्षक को मिल रही है उसे थानेदार से सीधे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संवाद कर मामले को निस्तारित कर रही हैं क्योंकि इस कार्य प्रणाली से जहां फरियादियों में संतुष्टि है वहीं उनका समय भी बच रहा है साथ ही तुरंत मामला हल होने की वजह से वाद विवाद भी बच रहा है
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राजस्थान के स्वयंसिद्धा आश्रम: 483 बुजुर्गों की जिंदगी बदली, सम्मान और सहारा

Jaipur, Rajasthan:राजस्थान सरकार द्वारा समाज के कमजोर और उपेक्षित वर्गों के लिए एक संवेदनशील पहल के रूप में स्वयंसिद्धा आश्रम योजना की शुरुआत की गई है। यह योजना उन बुजुर्गों और असहाय नागरिकों के लिए आशा का केंद्र बनकर उभरी है, जो जीवन के अंतिम पड़ाव में सहारे और सम्मानजनक जीवन की तलाश में हैं। संवेदनशील और दूरदर्शी निर्णय- मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में इस योजना को विशेष प्राथमिकता दी गई है। बजट वर्ष 2024-25 में संभाग स्तर पर 50-50 क्षमता के आश्रम स्थापित करने की घोषणा की गई थी, जिसे आगे बढ़ाते हुए बजट 2025-26 में 10 नए जिलों में विस्तार दिया गया। यह राज्य सरकार की संवेदनशील और समावेशी सोच को दर्शाता है। राज्य भर में विस्तार और संचालन- वर्तमान में राजस्थान के 17 जिलों अजमेर, बालोतरा, ब्यावर, भरतपुर, बीकानेर, चुरू, डीग, डीडवाना-कुचामन, जयपुर, जोधपुर, खैरथल-तिजारा, कोटपूतली-बहरोड़, कोटा, फलोदी, सलूम्बर, सीकर सहित उदयपुर में स्वयंसेवी संस्थाओं के माध्यम से स्वयंसिद्धा आश्रमों का सफल संचालन किया जा रहा है। यहां बुजुर्गों को परिवार जैसा वातावरण प्रदान किया जाता है। जीवन को मिलती गरिमा और समग्र जीवन- इस योजना का उद्देश्य केवल आश्रय देना नहीं, बल्कि बुजुर्गों को सम्मानजनक, सुरक्षित और सक्रिय जीवन प्रदान करना है। आश्रमों में आवास, पौष्टिक भोजन, वस्त्र, चिकित्सा, स्वास्थ्य सेवाएं, मनोरंजन और सामाजिक गतिविधियों की समुचित व्यवस्था की गई है। पात्रता के सरल मापदंड- स्वयंसिद्धा आश्रम में प्रवेश के लिए किसी भी राज्य के वरिष्ठ नागरिक, असहाय,निराश्रित व्यक्ति पात्र हैं। वृद्धजन/वरिष्ठ नागरिक से तात्पर्य वरिष्ठ नागरिक पुरुष 58 वर्ष या इससे अधिक आयु का एवं महिला 55 वर्ष या इससे अधिक आयु की हो, जबकि "असहाय/निराश्रित व्यक्तियों से तात्पर्य ऐसे पुरुष / महिला से है जो किसी प्रकार के आश्रय, सहारा या सहायता से वंचित हो / संतानहीन है / स्वयं के परिवार से प्रताड़ित है को माना गया है। प्रवेश प्रक्रिया है आसान और मददगार- स्वयंसिद्धा आश्रम में प्रवेश के लिए आमजन सीधे जिला स्तरीय अधिकारी को आवेदन कर सकते हैं, लेकिन अंतिम प्रवेश प्रक्रिया प्रशासनिक अनुमोदन के बाद ही पूरी होती है। आवेदन जिला स्तर पर प्रस्तुत किया जाता है, जिसके बाद जिला कलेक्टर / अतिरिक्त जिला कलेक्टर / उपखंड अधिकारी / जिला अधिकारी द्वारा जांच और अनुशंसा की जाती है। उनकी सहमति के पश्चात ही आश्रम में प्रवेश दिया जाता है। महत्वपूर्ण बात यह है कि प्रवेश देते समय जाति, धर्म या किसी भी सामाजिक आधार पर कोई भेदभाव नहीं किया जाता, जिससे योजना की पारदर्शिता और समानता सुनिश्चित होती है। वित्तीय प्रावधान के साथ सुदृढ़ व्यवस्था- योजना के अंतर्गत प्रति आवासी 3250 रुपये प्रतिमाह मैस भत्ता प्रदान किया जाता है। इसके अतिरिक्त प्रत्येक पांच वर्षों में 10,000 रुपये का अनावर्तक व्यय भी दिया जाता है। आश्रम संचालन के लिए भवन किराया और कार्मिकों के भुगतान की व्यवस्था भी निर्धारित दिशानिर्देशों के अनुसार की गई है। बदलती ज़िंदगियों की संवेदनशील कहानी- वर्तमान में इस योजना के माध्यम से 483 से अधिक बुजुर्ग,असहाय नागरिक लाभान्वित हो रहे हैं। यह केवल एक आंकड़ा नहीं, बल्कि उन जीवनों में आए सकारात्मक बदलाव का प्रतीक है, जहां अब सुरक्षा, सम्मान और अपनापन है। संवेदनशील समाज की दिशा में मजबूत कदम- स्वयंसिद्धा आश्रम योजना वास्तव में एक ऐसे समाज की परिकल्पना को साकार करती है, जहां हर व्यक्ति को सम्मान पूर्वक जीवन जीने का अधिकार मिले। यह योजना सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने के साथ-साथ मानवीय मूल्यों को भी नई ऊंचाई प्रदान कर रही है।
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श्रीगांगेार के सिंचाई विभाग कार्यालय में बिजली कटने के विरोध में धरना जारी

Sri Ganganagar, Rajasthan:श्रीगंगानगर के सिंचाई विभाग कार्यालय में बिजली कटने के विरोध में धरना जारी रहा। कर्मचारियों ने कहा कि कॉलोनी के लगभग 40 लाख रुपये बकाया होने के कारण डेढ़ माह से बिजली कटी हुई है, जिससे कार्यालय का कामकाज प्रभावित हो रहा है। उनका आरोप है कि विभागीय कॉलोनी का बकाया कार्यालय पर जोड़कर बिजली काटी गई है। वहीं विद्युत विभाग का कहना है कि एक्सईएन के नाम से बकाया होने कारण कनेक्शन विच्छेद किया गया। बिजली बहाली तक कार्य बहिष्कार जारी रखने का ऐलान किया गया है। धरने को रीमा संगठन, किसान सभा और अन्य कर्मचारी संगठनों का समर्थन मिला। इससे किसान और आमजन परेशान हो रहे हैं。
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बांसिया गांव में धामण सांपों की क्षेत्रीय वर्चस्व की लड़ाई कैमरे में कैद

Dungarpur, Rajasthan:डूंगरपुर जिले और गांव में आज प्रकृति का एक दुर्लभ नजारा देखने को मिला। यहाँ एक खेत में दो धामण सांप एक-दूसरे के साथ क्षेत्रीय वर्चस्व को लेकर लड़ाई करते हुए नजर आए, जिसे देख ग्रामीण अचंभित रह गए। स्थानीय भाषा में धामण कहे जाने वाले इन सांपों की इस लड़ाई को 'कॉम्बैट डांस' भी कहा गया। वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार मानसून से ठीक पहले नर धामण सांपों के बीच अक्सर इस तरह की लड़ाई देखने को मिलती है। यह लड़ाई किसी मादा के लिए नहीं, बल्कि अपने इलाके पर कब्जा जमाने के लिए होती है। जो सांप इस लड़ाई में जीतता है, वह उस क्षेत्र पर अपना प्रभुत्व जमाता है और वहां की मादाओं के साथ प्रजनन का अधिकार प्राप्त करता है। अक्सर लोग सांपों को देखकर डर जाते हैं, लेकिन धामण सांप इंसानों के लिए नुकसानदेह नहीं होते, बल्कि कई मामलों में फसलों के लिए फायदेमंद भी हो सकते हैं। धामण मुख्य रूप से चूहों और अन्य कृंतकों को अपना आहार बनाते हैं। खेतों में चूहों से फसलों, बीजों और अनाज को नुकसान होता है, जिसे रोकने में यह सांप किसान का मित्र भी माने जाते हैं। धामण जहरीले नहीं होते, फिर भी किसी भी सांप को उकसाना नहीं चाहिए। बांसिया गांव में दोनों सांप काफी समय तक इसी अवस्था में रहे और स्थानीय लोगों के लिए यह कौतूहल का विषय बना रहा।
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ऑपरेशन प्रहार: 3 वाहन सीज, शराब पीकर चलाने वालों को गिरफ्तार

Dehradun, Uttarakhand:स्लग :--- 3 वाहन सीज, शराब पीकर वाहन चलाने वाले 2 गिरफ्तार...! इस दौरान पुलिस ने यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले 12 वाहनों के खिलाफ मोटर अधिनियम में चालानी कार्यवाही को अंजाम दिया... इस दौरान पुलिस ने 3 वाहनों को सीज करते हुए शराब पीकर वाहन चलाने वाले 2 लोगो को गिरफ्तारी... इस दौरान पुलिस ने सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीने वाले 5 लोगों पर धारा 81 पुलिस अधिनियम के तहत चालानी कार्यवाही भी की... दरअसल आम लोगों की सुरक्षा को लेकर सरकार द्वारा संचालित ऑपरेशन प्रहार के तहत पुलिस सभी धार्मिक स्थान, भीड़भाड़ वाले स्थान और संवेदनशील जगहों पर आपराधिक घटनाओं की रोकथाम के लिए लगातार सघन चेकिंग अभियान चला रही है... पुलिस का चेकिंग अभियान अभी लगातार जारी रहने वाला है...
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बीजापुर में आत्महत्या केस: परिजनों ने नामजद आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की

Vijayapura, Karnataka:बीजापुर। बीते 22 अप्रैल को पाल नार में पदस्थ शिक्षक राजू पुजारी द्वारा आत्महत्या मामले में नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर परिजनों के साथ बड़ी संख्या में तेलंगा, तेलगा समाज के लोगों ने रैली निकाली। रैली उपरांत समाज की तरफ से मुख्यमंत्री के नाम जिला प्रशासन को ज्ञापन भी सौंपा गया। जिसमें शिक्षक राजू पुजारी की आत्महत्या मामले में निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की गई है। परिजनों के साथ समाज का आरोप है कि मृतक को लगातार मानसिक प्रताड़ना दी जा रही थी, जिसके चलते उसने यह कदम उठाया। समाज समिति ने ज्ञापन के माध्यम से मांग की है कि मामले में नामजद आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार किया जाए तथा एसपी स्तर पर घटना की निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही मृतक शिक्षक के बच्चों की गुणवत्तायुक्त शिक्षा की व्यवस्था, पीड़ित परिवार को एक करोड़ रुपये मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग भी रखी गई है। कार्रवाई ना होने की स्थिति में समाज द्वारा उग्र आंदोलन की चेतावनी दी गई है। बाइट- कमलेश पैंकरा- जिला सचिव आदिवासी समाज
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दुद्धी में तेज रफ्तार सड़क हादसे में शिक्षक की मौत, परिजन शोक में डूबे

Obra, Uttar Pradesh:सोनभद्र के दुद्धी क्षेत्र में तेज रफ्तार का कहर एक शिक्षक की जान ले गया। बैंक के काम से दुद्धी आए सहायक अध्यापक मोहम्मद मोमिन अहमद को अमवार रोड के पास एक अज्ञात बाइक सवार ने जोरदार टक्कर मार दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद उन्हें तत्काल एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी हालत को देखते हुए जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया। लेकिन जिला अस्पताल से लौटते समय हाथीनाला के समीप उन्होंने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की कार्रवाई शुरू कर दी है। वहीं शिक्षक की मौत की खबर मिलते ही शिक्षा विभाग में शोक की लहर दौड़ गई और बड़ी संख्या में शिक्षक अस्पताल पहुंच गए। दुद्धी कस्बे के अमवार रोड के पास एक दर्दनाक सड़क हादसे में सहायक अध्यापक मोहम्मद मोमिन अहमद की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि वह बैंक के काम से दुद्धी आए थे, तभी एक अज्ञात बाइक सवार ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि वह गंभीर रूप से घायल हो गए। घायल अवस्था में उन्हें पास के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उनकी हालत नाजुक देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया। लेकिन जिला अस्पताल से वापस लौटते समय हाथीनाला के पास उनकी तबीयत और बिगड़ गई और रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया। परिजन उन्हें तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा की कार्रवाई पूरी करते हुए पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृतक शिक्षक दुद्धी शिक्षा क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय पगढेवा, खोखा में तैनात थे। घटना की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में शिक्षक अस्पताल पहुंच गए और शोक जताया।
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