जिले के तरबगंज तहसील अंतर्गत सुख नई नदी के तट पर स्थित मां बाराही मंदिर जो सैकड़ो वर्ष पुराना है जहां अब तक लड्डू, पेड़ा,बर्फी व अन्य मिठाइयां प्रसाद के रूप में चढ़ाई जाती थी,जिससे सैकड़ो दुकानदारों के हजारों परिवारों का जीविका उपार्जन हो रहा था. लेकिन आज से मंदिर में इन मिठाई रूपी प्रसाद का चढ़ावा बंद कर दिया गया है मंदिर की पुजारी का स्वयं कहना है की मंदिर में अब नारियल, चुनरी, मेवा और मिश्री ही चढ़ाया जाएगा, प्रसाद का चढ़वा आज से बंद कर दिया गया है।

Gonda - दुकानदारों के हजारों परिवार पर छाया जीविका उपार्जन पर संकट
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टीआई चेकिंग के दौरान बस कंडेक्टर व टीआई में बहस हो गई. इस दौरान बस कंडेक्टर व टीआई ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए है. जहाँ टीआई का कहना था कि बस पर लदी साइकिल को बुक नहीं किया गया था. वहीं बस कंडेक्टर का कहना था कि टीआई द्वारा पैसे मांगे जा रहे थे. फिलहाल मामला पुलिस के हस्तक्षेप के बाद शांत हुआ. घटना लखनऊ-वाराणसी नेशनल हाइवे पर शहीद स्मारक कादूनाला पुलिस चौकी के पास की है।
5 वर्ष की उम्र मे बच्चा पढ़ लेता है पूरा कुरान पिता हाफिज ने कुरान के साथ एम बी बी एस डॉक्टर बनाने की भी इच्छा जताई है. अमेठी जिले के जगदीशपुर ब्लॉक के रस्तामऊ पूरे थानी गाँव मे दानिस के 5 वर्षीय पुत्र ने कुरान पढ़कर मुकम्मल किया. गाँव वालो ने बच्चे की हौसला अफजाई की और बताया की बच्चे की पढ़ाई के पीछे माँ व हाफिज का पूरा सहयोग है।
उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल की मासिक बैठक संपन्न पांच ग्रामीण बाजारों में नई टीम गठन सभी को सौंपा गया मनोनयन पत्र अमेठी में उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल की मासिक बैठक जिला कार्यालय गौरीगंज रोड पर आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष महेश सोनी ने की जिसमें संगठन की मजबूती को लेकर कई अहम निर्णय लिए गए। बैठक के दौरान जिले के पांच प्रमुख बाजारों में नई टीम का गठन किया गया। सभी नव नियुक्त पदाधिकारियों मनोनयन पत्र सौंपा गया।
श्रीमद् भागवत कथा में व्यास पीठ से पवन देव महाराज जी ने संसारी लोगों को बड़ा संदेश दिया श्रीमद् भागवत कथा के चतुर्थ दिवस में पूज्य पवन देव महाराज ने नाम महिमा का वर्णन करते हुए अजामिल चरित्र की कथा सुनाई जो नाम जप का सहारा मात्र लेता है. वह प्राणी भव सागर से तर जाता है और महाराज जी ने नारायण कवच प्रहलाद चरित्र समुद्र मंथन सहित अन्य कथाओं का भक्तों को श्रवण करते हुए भगवान कृष्ण के प्राकट उत्सव का वर्णन करते हुए सनातन की रक्षा भारत हिंदू राष्ट्र की मांग का संदेश दिया।