Become a News Creator

Your local stories, Your voice

Follow us on
Download App fromplay-storeapp-store
Advertisement
Back
Ghaziabad201001

गाजियाबाद में शिवरात्रि पर मंदिरों में शिवभक्तों की लंबी कतारें, प्रशासन अलर्ट

Aug 02, 2024 11:57:23
Ghaziabad, Uttar Pradesh

गाजियाबाद में शिवरात्रि के मौके पर मंदिरों में सुबह से ही शिवभक्तों की लंबी कतारें लग गई हैं। ऐतिहासिक दूधेश्वर नाथ महादेव मठ मंदिर में भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा है और कई किलोमीटर लंबी लाइन लग गई है। हरिद्वार से लाखों कावड़िये जल लेकर आए हैं और शिवालय "बोल बम" के उद्घोषों से गूंज रहे हैं। इस पावन पर्व को मनाने के लिए गाजियाबाद प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट है। मंदिर प्रांगण में सुरक्षा के लिए कई सौ कैमरे लगाए गए हैं, जिनसे दिन-रात पुलिस निगरानी कर रही है।

0
comment0
Report

हमें फेसबुक पर लाइक करें, ट्विटर पर फॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब्ड करें ताकि आप ताजा खबरें और लाइव अपडेट्स प्राप्त कर सकें| और यदि आप विस्तार से पढ़ना चाहते हैं तो https://pinewz.com/hindi से जुड़े और पाए अपने इलाके की हर छोटी सी छोटी खबर|

Advertisement
HHHarvinder Harvinder
Feb 02, 2026 11:30:22
0
comment0
Report
OBOrin Basu
Feb 02, 2026 11:24:46
Noida, Uttar Pradesh:भगवानपुर में हिंदू संगठन RSS के साधु सम्मेलन पर हमले का आरोप, ‘जय श्री राम’ नारे को लेकर तीव्र राजनीतिक तनाव भगवानपुर एक नंबर ब्लॉक के गुरुग्राम गांव में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित साधु-संत सम्मेलन और दीप प्रज्वलन कार्यक्रम को लेकर भारी तनाव की स्थिति बन गई है। आरोप है कि कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सूर्यनंद महाराज के प्रवचन के समय ‘जय श्री राम’ का नारा लगाने को लेकर कुछ तृणमूल कांग्रेस के असामाजिक तत्वों ने साधुओं पर हमला कर दिया और उनके साथ मारपीट की। यहां तक कि जान से मारने की धमकी भी दी गई, ऐसा आरोप लगाया गया है। साथ ही यह भी कहा गया कि ‘जय श्री राम’ कहने से रोका गया। घायल साधुओं को बचाकर स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र में प्राथमिक उपचार के लिए भर्ती कराया गया। प्राथमिक इलाज के बाद दो साधुओं को छोड़ दिया गया, लेकिन सूर्यनंद महाराज की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें भर्ती रखा गया। घटना के विरोध में शनिवार रात संगठन के कार्यकर्ताओं और भाजपा ने सड़क पर टायर जलाकर रास्ता जाम कर प्रदर्शन किया। हालात काबू में करने में पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। इसके बाद अस्थायी रूप से प्रदर्शन समाप्त किया गया। इसके बाद संगठन की ओर से बताया गया कि इस मामले में थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई गई है, लेकिन 48 घंटे बीत जाने के बावजूद केवल एक तृणमूल नेता को गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि बाकी दो आरोपियों को पुलिस जानबूझकर बचा रही है और गिरफ्तार नहीं कर रही। इसी के विरोध में रविवार शाम हिंदू संगठन, आरएसएस और भाजपा ने विरोध प्रदर्शन, रैली और थाना घेराव कार्यक्रम किया। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि तुरंत कार्रवाई नहीं हुई तो वे बड़े आंदोलन में उतरेंगे। इस बीच, शनिवार रात राज्य के नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी की पहल पर घायल साधु सूर्यनंद महाराज को चंडीपुर के एक निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। जिन लोगों के नाम आरोप में सामने आए हैं, वे हैं— 1)जगन्नाथ माइती, इस व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया गया है। 2)प्रद्युत माइती, 3)माधव माइती, तीनों गुरुग्राम इलाके के निवासी बताए जा रहे हैं। वहीं तृणमूल कांग्रेस ने इन सभी आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है। पार्टी का कहना है कि भाजपा जानबूझकर राजनीतिक माहौल गर्म करने के लिए इस तरह की घटनाएं कर रही है। आरोप लगाया गया कि हिंदू सम्मेलन के नाम पर मंच से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ अपशब्द कहे गए, जिसके कारण स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया। हालांकि, इस मामले में पुलिस अपनी कार्रवाई कर रही है, ऐसा शासक दल का दावा है। इस घटना को लेकर पूरे इलाके में तीव्र राजनीतिक खींचतान शुरू हो गई है। बाइट 1)असीम मिश्रा, स्थानीय भाजपा नेता – 6:59 सेकंड, 2)उत्तम बारिक, पूर्व मेदिनीपुर जिला परिषद के सभाधिपति एवं तृणमूल नेता – 1:19 सेकंड, 3)शुभेंदु अधिकारी, पश्चिम बंगाल के नेता प्रतिपक्ष (बंगाली बाइट), 4)तुषार दास, हिंदू संगठन के सदस्य – 1:39 सेकंड, 5)सुरजीत नायक, स्थानीय तृणमूल नेता – 2:04 सेकंड, WT. घटनास्थल से रिपोर्ट – किरण मन्ना
0
comment0
Report
STSATISH TAMBOLI
Feb 02, 2026 11:24:24
0
comment0
Report
STSATISH TAMBOLI
Feb 02, 2026 11:24:14
Kawardha, Chhattisgarh:गन्ने की कीमत बढ़ाने और धान खरीदी की तारीख बढ़ाने की मांग को लेकर भारतीय किसान संघ का चक्काजाम गन्ने की कीमत में वृद्धि और धान खरीदी की तारीख आगे बढ़ाने की मांग को लेकर भारतीय किसान संघ ने कवर्धा–पंडरिया मुख्य मार्ग को जाम कर दिया। चक्काजाम के चलते सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं, जिससे आमजन को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। भारतीय किसान संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि शक्कर कारखाने में गन्ने की कीमत पिछले पांच वर्षों से स्थिर बनी हुई है, जबकि बाहरी बाजार और अन्य अच्छी फैक्ट्रियों में गन्ने का दाम ₹500 प्रति क्विंटल तक पहुंच चुका है। ऐसे में स्थानीय किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि शुगर मिल में गन्ना बेचने वाले किसानों को अब तक पूरा भुगतान नहीं मिल पाया है, जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति लगातार कमजोर हो रही है। वहीं दूसरी ओर जिले में अभी भी हजारों किसान ऐसे हैं, जो अपना धान नहीं बेच पाए हैं। किसान संघ ने मांग की कि शेष बचे सभी धान किसानों की धान खरीदी की जाए और इसके लिए खरीदी की तारीख बढ़ाई जाए। साथ ही शुगर मिल में गन्ने की कीमत में तत्काल वृद्धि करते हुए पूर्व लंबित भुगतान शीघ्र किया जाए। kisan संघ ने स्पष्ट किया कि यह प्रदर्शन फिलहाल सांकेतिक है, लेकिन यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो आने वाले दिनों में आंदोलन को उग्र रूप दिया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान किसान अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी करते नजर आए।
0
comment0
Report
Feb 02, 2026 11:24:08
Pilibhit, Uttar Pradesh:पीलीभीत में सरकारी विभागों में नौकरी दिलवाने के नाम पर ठगी करने वाले चार अभियुक्तों को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपियो के पास से फर्जी ज्वाइनिंग लेटर सहित आईडी एवं दो लाख रुपए की नकदी मोबाइल बरामद हुए है। वीओ 01 /- पुलिस की गिरफ्त में नजर आ रहे शख्श का नाम मोहसिन है, जो बीते दिनों पूर्व डूडा ऑफिस में बतौर जिला समंवयक पद पर तैयार था, आरोपी अपने साथी dpo ऑफिस के कर्मचारी कमलेश एवं शोएब व रामा यादव के साथ मिलकर लोगों को सरकारी विभाग में नौकरी दिलवाने के नाम पर ठगी का शिकार बना कर उन्हें फर्जी ज्वाइनिंग लेटर देकर नियुक्ति करवाने के बहाने शिकार बनाते थे। आरोपियो के खिलाफ बांदा जिले सहित गोरखपुर थाने में कई ठगी के मामले दर्ज है।
1
comment0
Report
SSSHAILENDAR SINGH THAKUR
Feb 02, 2026 11:23:41
Masanganj, Chhattisgarh:बिलासपुर। यूजीसी से जुड़े मामले को लेकर देशभर में लगातार विरोध प्रदर्शन तेज होते जा रहे हैं। भले ही इस मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा इसे निरस्त कर दिया गया हो, लेकिन इसके बावजूद समाज के विभिन्न वर्गों में नाराज़गी थमने का नाम नहीं ले रही है। इसी कड़ी में आज छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में भी जोरदार विरोध देखने को मिला। आज बिलासपुर में सर्व सवर्ण समाज संगठन के सैकड़ों लोग एकजुट हुए और रैली निकालकर यूजीसी विनियमन 2025–26 और समता के संवर्धन अधिनियम 2026 के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने इन नियमों को संविधान की मूल भावना के विरुद्ध बताते हुए इसे तत्काल वापस लेने की मांग की। रैली के बाद संगठन के प्रतिनिधियों ने प्रशासन के माध्यम से एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया है कि 13 जनवरी 2026 से लागू यूजीसी के नए नियम देश की उच्च शिक्षा व्यवस्था में भेदभाव, असमानता और अविश्वास का माहौल बना रहे हैं, जो छात्रों के भविष्य के लिए गंभीर खतरा है। सर्व सवर्ण समाज संगठन का आरोप है कि नए विनियमों में समानता की परिभाषा को सीमित कर दिया गया है, जिससे सामान्य वर्ग के छात्रों को इस कानून के तहत कोई संरक्षण नहीं मिल पा रहा है। संगठन का कहना है कि यह कानून संवैधानिक समानता के सिद्धांतों का उल्लंघन करता है। संगठन ने यह भी आरोप लगाया कि जांच और इक्विटी समितियों का गठन एकतरफा किया गया है, जिसमें सभी वर्गों को समान प्रतिनिधित्व नहीं मिला। इससे छात्रों को अपनी बात रखने और न्याय पाने का अवसर नहीं मिल पा रहा है प्रदर्शनकारियों ने आशंका जताई कि यह कानून शैक्षणिक संस्थानों में जातिगत तनाव को बढ़ावा दे सकता है और वर्षों से चले आ रहे सौहार्दपूर्ण शैक्षणिक माहौल को नुकसान पहुँचा सकता है। संगठन का कहना है कि अधिनियम के कई प्रावधान अस्पष्ट हैं, जिनका दुरुपयोग होने की पूरी संभावना है। इससे शिक्षकों पर अनावश्यक दबाव बढ़ेगा, शैक्षणिक गुणवत्ता प्रभावित होगी और संस्थानों की स्वायत्तता भी कमजोर होगी। इसके साथ ही संगठन ने चेतावनी दी कि यह अधिनियम नवाचार, अनुसंधान, शिक्षकों की नियुक्ति, छात्रों के मूल्यांकन और संस्थानों की स्वतंत्रता पर नकारात्मक असर डाल सकता है। साथ ही, इससे उच्च शिक्षा संस्थानों पर आर्थिक और प्रशासनिक बोझ भी बढ़ेगा। पहली, यूजीसी अधिनियम 2026 को तत्काल समाप्त किया जाए। दूसरी, इसके संवैधानिक और व्यावहारिक प्रभावों की उच्चस्तरीय समीक्षा कराई जाए और तीसरी, यूजीसी अधिनियम 2012 को पूर्ववत लागू रखा जाए। अब देखना होगा कि केंद्र सरकार और राष्ट्रपति सचिवालय इस ज्ञापन पर क्या निर्णय लेते हैं। लेकिन इतना साफ है कि यूजीसी के नए नियमों को लेकर विरोध अब खुलकर सामने आ चुका है और आने वाले दिनों में यह मुद्दा और भी बड़ा रूप ले सकता है।
0
comment0
Report
RMRam Mehta
Feb 02, 2026 11:23:08
Baran, Rajasthan:बारां जिला अस्पताल के लैब कर्मियों का फूटा गुस्सा, बहाली की मांग को लेकर पानी की टंकी पर चढ़े युवक ​बारां। जिला अस्पताल में लंबे समय से अपनी सेवाएं दे रहे लैब कार्मिकों को हटाए जाने के विरोध में सोमवार को शहर में भारी हंगामा खड़ा हो गया। नई प्राइवेट फर्म को लैब संचालन का जिम्मा मिलने के बाद छंटनी से नाराज कर्मचारी आक्रोशित हैं। अपनी मांगों की सुनवाई न होने से क्षुब्ध होकर कुछ युवक पुरानी सिविल लाइन स्थित पानी की टंकी पर चढ़ गए, जिससे प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए। ​जिला अस्पताल की लैब में कार्यरत कई कार्मिक पिछले लंबे समय से अपनी सेवाएं दे रहे थे। हाल ही में लैब के संचालन का जिम्मा एक नई प्राइवेट फर्म को सौंपा गया है। आरोप है कि नई फर्म ने कार्यभार संभालते ही पुराने अनुभवी कार्मिकों को हटा दिया है। कर्मचारियों का कहना है कि वे वर्षों से अल्प वेतन पर अपनी सेवाएं दे रहे थे, लेकिन अब उन्हें अचानक बेरोजगार कर दिया गया है।
0
comment0
Report
Advertisement
Back to top