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VIKESH KUMARVIKESH KUMARFollow18 Sept 2024, 05:01 am
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अनंत सिंह की नीरज कुमार के सामने मंदिर के सामने बहस की बड़ी चुनौती

Patna, Bihar:लोकेशन: पटना नीरज कुमार को अनंत सिंह की चुनौती, बोले- मंदिर के सामने आमने-सामने होंगे नीरज कुमार के साथ राजनीतिक विवाद के बीच पूर्व विधायक अनंत सिंह ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने नीरज कुमार को बजरंगबली मंदिर के सामने आमने-सामने बहस की चुनौती दी और कहा कि इससे सारी बातें स्पष्ट हो जाएंगी. अनंत सिंह ने आरोप लगाया कि नीरज कुमार पिछले 15-18 वर्षों से उनके खिलाफ बयान देते रहे हैं. उन्होंने एके-47 मामले का जिक्र करते हुए नीरज पर गंभीर आरोप भी लगाए और मामले की जांच के लिए नार्को टेस्ट की मांग की. अनंत सिंह ने दावा किया कि उन्होंने कई बार नीरज कुमार की जीत में मदद की है. साथ ही उन्होंने अनुज को अपना उम्मीदवार बताते हुए उनके समर्थन का ऐलान किया. टिकट को लेकर उन्होंने कहा कि पार्टी टिकट दे तो ठीक, नहीं तो वे निर्दलीय चुनाव लड़ सकते हैं. बाइट — अनंत सिंह, विधायक जेडीयू
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फिरोजाबाद अस्पताल में सांप घुसा, मरीजों में मचा हड़कंप

Firozabad, Uttar Pradesh:जिला अस्पताल में सांप ANC -यूपी के फिरोजाबाद में सरकारी अस्पताल से एक हैरान करने वाली खबर सामने आई है जहां अस्पताल परिसर के अंदर अचानक सांप निकलने से मरीज और उनके तीमारदारों में हड़कंप मच गया, दरअसल एक सपेरा खुद को सांप के काटने के बाद इलाज कराने अस्पताल पहुंचा था वह उस सांप को भी एक डिब्बे में बंद करके अपने साथ ले गया लेकिन जैसे ही इलाज के दौरान डिब्बा खुला और सांप कूद कर सीधे वार्ड की ओर भाग गया वार्ड में अचानक सांप को देखते ही वहां भर्ती गंभीर मरीजों में अफरा-तफरी मच गई अपनी जान बचाने के लिए मरीज अपने-अपने बेड छोड़कर बाहर की तरफ भागने लगे अस्पताल परिसर में कुछ देर के लिए चिपक-चपकार और दहशत का माहौल बना रहा बता दें कि फिरोजाबाद जिला अस्पताल में पिछले दो महीनों में यह पहला मौका नहीं है आए दिन इस तरह की घटना देखने को मिल रही है जिसके बावजूद जिला अस्पताल प्रशासन इस मामले को लेकर गंभीरता नहीं दिख रहा है और कैमरे पर कुछ कहने को तैयार भी नहीं है
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जमशेदपुर-सरायकेला पुलिस ने अंतरजिला रणनीति से अपराध नियंत्रण मजबूत किया

Jamshedpur, Jharkhand:जमशेदपुर में अपराध नियंत्रण को लेकर जमशेदपुर और सरायकेला पुलिस ने संयुक्त रणनीति तैयार की है। जमशेदपुर एसएसपी कार्यालय सभागार में अंतरजिला पुलिस मीटिंग का आयोजन किया गया, जिसमें दोनों जिलों के पुलिस अधिकारियों ने अपराधियों की गिरफ्तारी और बेहतर पुलिसिंग को लेकर चर्चा की। खास तौर पर तड़ीपार अपराधियों पर नजर रखने और दोनों जिलों के बीच बेहतर समन्वय बनाने पर जोर दिया गया। बैठक में जमशेदपुर एसएसपी एहतेशाम वकारीब, सरायकेला एसपी मनोज स्वर्गीय, जमशेदपुर सिटी एसपी ललित मीणा समेत डीएसपी स्तर के अधिकारी मौजूद रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य दोनों जिलों में अपराध नियंत्रण, अपराधियों की गिरफ्तारी और पुलिसिंग को और बेहतर बनाना रहा। अधिकारियों ने आपसी समन्वय के साथ अपराधियों की गतिविधियों पर नजर रखने और कार्रवाई को लेकर रणनीति पर चर्चा की। खास तौर पर तड़ीपार अपराधियों को लेकर पुलिस सतर्क रहेगी। दोनों जिलों की सीमा एक-दूसरे से सटी होने के कारण अपराधियों के एक जिले से दूसरे जिले में जाकर छिपने या अपराध को अंजाम देने की आशंका बनी रहती है। ऐसे अपराधियों की गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखने पर जोर दिया गया। बैठक में यह भी तय किया गया कि आने वाले दिनों में थाना प्रभारी और डीएसपी स्तर पर समय-समय पर अंतरजिला बैठकें आयोजित की जाएंगी। इन बैठकों के जरिए सूचनाओं का आदान-प्रदान और दोनों जिलों की पुलिस के बीच बेहतर समन्वय कायम किया जाएगा, ताकि अपराध नियंत्रण को और प्रभावी बनाया जा सके।
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रामनगर मंथन 2.0 में शिक्षा अधिकार और स्वयंपोषित स्कूलों पर विचार

Noida, Uttar Pradesh:Story.-कश्मीर से कन्याकुमारी तक के शिक्षाविद रामनगर में जुटे, ‘मंथन 2.0’ में शिक्षा के भविष्य पर महामंथन, NISA चेयरमैन कुलभूषण शर्मा बोले—‘निजी स्कूल’ नहीं, स्वयंपोषित और मान्यता प्राप्त स्कूल कहें RTE से आगे 100% शिक्षा अधिकार और एजुकेशन में DBT पर भी जोर! Report.- vijay kashyap Location.-ramnagar, nainital एंकर.-कन्याकुमारी से कश्मीर और लद्दाख तक... देशभर के शिक्षाविद उत्तराखंड के रामनगर में जुटे हैं,मौका है NISA यानी नेशनल इंडिपेंडेंट स्कूल्स अलायंस के मंथन 2.0 का, जहां KG से PG तक शिक्षा व्यवस्था के बीच मौजूद गैप, बच्चों के सर्वांगीण विकास, रोजगारपरक शिक्षा, सरकारी और स्वयंपोषित विद्यालयों के बीच समानता और स्कूलों की बुनियादी सुविधाओं जैसे मुद्दों पर चर्चा हो रही है,इसी मंच से NISA के राष्ट्रीय अध्यक्ष कुलभूषण शर्मा ने शिक्षा व्यवस्था और स्वयंपोषित विद्यालयों को लेकर कई अहम सुझाव रखे. रामनगर में आयोजित मंथन 2.0 में देश के अलग-अलग राज्यों से शिक्षाविद, स्कूल संचालक और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधि शामिल हुए हैं,आयोजकों के मुताबिक चार सौ से अधिक प्रतिनिधियों के इस मंथन का उद्देश्य सिर्फ समस्याओं पर चर्चा करना नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए ऐसे सुझाव सामने लाना है, जिन्हें नीति और जमीनी स्तर पर लागू किया जा सके. मंथन में KG से PG तक बच्चे की पूरी शैक्षणिक यात्रा को एक निरंतर प्रक्रिया के तौर पर देखने पर जोर दिया गया. वक्ताओं का कहना है कि प्राथमिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा, उच्च शिक्षा और रोजगार के बीच यदि गैप रहेगा तो बच्चों के सर्वांगीण विकास पर असर पड़ेगा. इसलिए गुणवत्तापूर्ण, रोजगारपरक और व्यावहारिक शिक्षा को एक साथ आगे बढ़ाने की जरूरत है. इसी दौरान NISA के राष्ट्रीय अध्यक्ष कुलभूषण शर्मा ने private स्कूल, शब्दावली को लेकर अपनी बात रखी,उनका कहना है कि ट्रस्ट और सोसाइटी के माध्यम से संचालित तथा सरकार से मान्यता प्राप्त विद्यालयों को केवल निजी स्कूल कहना उचित नहीं है. उन्होंने कहाँ हमें निजी स्कूल न कहें,ये स्कूल ट्रस्ट और सोसाइटी के माध्यम से चलते हैं, निर्धारित मानक पूरे करते हैं और सरकार के निरीक्षण के बाद मान्यता प्राप्त करते हैं। इसलिए इन्हें स्वयंपोषित और मान्यता प्राप्त स्कूल कहना ज्यादा उचित होगा. कुलभूषण शर्मा ने कहा कि ऐसे विद्यालयों को सरकार द्वारा निर्धारित मानकों और नियमों का पालन करना पड़ता है,उनका तर्क है कि इन स्कूलों की भूमिका को केवल निजी व्यवसाय के रूप में देखने के बजाय शिक्षा व्यवस्था के एक हिस्से के तौर पर समझने की ज़रूरत है. उन्होंने सरकारी और स्वयंपोषित विद्यालयों के बीच कथित असमान व्यवहार का मुद्दा भी उठाया और स्टेट स्कूल स्टैंडर्ड अथॉरिटी जैसी व्यवस्था के माध्यम से समान मानकों और नीतियों पर विचार करने की बात कही. शर्मा ने शिक्षक और विद्यार्थी के बीच सम्मान को भी शिक्षा व्यवस्था की बुनियाद बताया. उनका कहना है कि जब तक शिक्षक और बच्चों के बीच परस्पर सम्मान और सकारात्मक वातावरण नहीं बनेगा, तब तक बेहतर राष्ट्र निर्माण की दिशा में अपेक्षित परिणाम हासिल करना मुश्किल होगा. मंथन 2.0 में RTE यानी शिक्षा के अधिकार और शिक्षा में DBT का प्रस्ताव भी चर्चा में रहा, कुलभूषण शर्मा ने कहा कि शिक्षा का अधिकार केवल 25 प्रतिशत बच्चों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक सभी बच्चों की पहुंच सुनिश्चित करने पर विचार होना चाहिए. सरकारी स्कूलों में प्रति विद्यार्थी होने वाले खर्च और स्वयंपोषित विद्यालयों की फीस के अंतर का उल्लेख करते हुए उन्होंने एजुकेशन में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर की संभावित व्यवस्था पर विचार करने की मांग रखी. उनका सुझाव है कि यदि कोई परिवार अपनी पसंद से मान्यता प्राप्त स्वयंपोषित विद्यालय चुनता है, तो सरकार की ओर से निर्धारित सहायता राशि का कोई मॉडल सीधे बच्चे या अभिभावक तक पहुंचाने की व्यवस्था पर विचार किया जा सकता है. हालांकि, यह प्रस्ताव फिलहाल NISA की ओर से रखा गया सुझाव है,इसे लागू करने के लिए सरकार को वित्तीय, प्रशासनिक और नियामकीय पहलुओं पर विचार करना होगा. मंथन में स्कूलों की बुनियादी सुविधाओं का मुद्दा भी उठा,आयोजकों के मुताबिक देश के कई दूरदराज क्षेत्रों में संचालित विद्यालय अभी भी पर्याप्त पेयजल जैसी सुविधाओं से जूझ रहे हैं, कई जगह सरकारी पाइपलाइन नहीं पहुंचने के कारण स्कूलों को ट्यूबवेल या अन्य स्थानीय जल स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ता है. आयोजकों ने मांग की कि जिस तरह घरों तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने की योजनाओं पर काम किया जा रहा है, उसी तरह विद्यालयों को भी प्राथमिकता के आधार पर सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराया जाए. तराई इंडिपेंडेंस स्कूल के अध्यक्ष अनुराग के सिंह ने शिक्षाविदों से मंथन 2.0 का हिस्सा बनकर नए विचार सामने रखने की अपील की। वहीं रामनगर के प्रसून श्रीवास्तव ने कहा कि सरकार की नीतियों को केवल कागजों तक सीमित रखने के बजाय उनके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए शिक्षा जगत को भी आगे आना होगा. मंथन में राष्ट्रीय शिक्षा नीति यानी NEP के क्रियान्वयन और विकसित भारत के लक्ष्य में शिक्षा की भूमिका पर भी चर्चा हुई, वक्ताओं का कहना है कि शिक्षा व्यवस्था के विभिन्न हिस्सों के बीच बेहतर समन्वय और समान अवसर उपलब्ध कराकर ही देश के समग्र विकास की दिशा में आगे बढ़ा जा सकता है. रामनगर का यह मंथन इसलिए भी अहम है क्योंकि यहां शिक्षा से जुड़े सवालों पर अलग-अलग राज्यों के अनुभव एक मंच पर आए हैं. अब देखने वाली बात यह होगी कि मंथन 2.0 से निकलने वाले सुझावों में से कितने सुझाव नीति-निर्माण और स्कूलों की जमीनी व्यवस्था तक पहुंचते हैं. Byte.—कुलभूषण शर्मा, राष्ट्रीय अध्यक्ष, NISA
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भादरिया माता मंदिर में सप्तमी मेले में भारी श्रद्धालु दौर, सुरक्षा बल तैनात

Jaisalmer, Rajasthan:जिला-जैसलमेर विधानसभा - पोकरण लोकेशन- लाठी भादरिया माता मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब सुबह चार बजे से दर्शन के लिए लगी कतारें, दिनभर मंदिर में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़; सुरक्षा के लिए पुलिस बल तैनात लाठी क्षेत्र के प्रसिद्ध शक्तिपीठ भादरिया राय माता मंदिर में भाद्रपद शुक्ल पक्ष सप्तमी मेले को देखते हुए श्रद्धालुओं की भीड़ ने मंदिर परिसर को भक्तिमय बनाया। सप्तमी से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की आवाजाही शुरू हो गई थी। जोधपुर, बीकानेर, बाड़मेर, फलोदी, जैसलमेर, पोकरण सहित लाठी, धौलिया, चांधन, सोढ़ाकौर और मूलाना आदि आस-पास के गांवों से श्रद्धालु पैदल तथा वाहनों और मोटरसाइकिलों से देर रात तक माता के दरबार पहुंचते रहे। मंगला आरती में उमड़ी भीड़ शनिवार सुबह चार बजे मंदिर का मुख्य द्वार श्रद्धालुओं के लिए खुल गया। इसके बाद दर्शन के लिए लंबी कतारें लग गईं। मंगला आरती के समय मंदिर के सामने सैकड़ों श्रद्धालु मौजूद रहे। सप्तमी के अवसर पर दिनभर दर्शनार्थियों की भीड़ बनी रही। भीड़ के चलते मंदिर परिसर में कई बार पैर रखने तक की जगह नहीं थी। श्रद्धालुओं को दर्शन के लिए कतार में काफी समय तक इंतजार करना पड़ा। ट्रस्ट सदस्य अशोक सोडानी ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर समिति की ओर से अलग-अलग व्यवस्था की गई। शुभ मुहूर्त में पुजारी नंदकिशोर शर्मा, दिनेश शर्मा, विनोद शर्मा और अनिल शर्मा ने विधि-विधान से माता की पूजा-अर्चना करवाई। मंगला आरती के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने माता के दरबार में धोक लगाई। ग्रामीणों ने व्यवस्थाओं में किया सहयोग मेले को सफल बनाने में ग्रामीणों और समिति सदस्यों ने सहयोग किया। किशनसिंह, घनश्याम पालीवाल, पपूसिंह, कंवरराजसिंह, हाथीसिंह, मूलसिंह भाटी, प्रहलादसिंह, नरपतसिंह, कोजराजसिंह, खेताराम चौहान, अशोक आदिMany ग्रामीणों ने व्यवस्थाएं संभालने में सहयोग किया। सुरक्षा के लिए पुलिस बल रहा तैनात भाद्रपद शुक्ल पक्ष सप्तमी मेले को देखते हुए पुलिस की ओर से भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए। भादरिया माता मंदिर जाने वाले मार्गों पर पुलिस गश्त बढ़ाई गई। लाठी थानाधिकारी बगडूराम विश्नोई के निर्देशन में सहायक उपनिरीक्षक किशनसिंह भाटी के नेतृत्व में पुलिस बल मंदिर परिसर में तैनात रहा। पुलिसकर्मियों ने दर्शनार्थियों और पदयात्रियों की सुरक्षा के साथ भीड़ व्यवस्था पर निगरानी रखी।
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तेज़ रफ्तार ट्रेलर ने खड़ी बस के परिचालक को कुचला, मौके पर मौत; चालक घायल

Alwar, Rajasthan:तेज रफ्तार ट्रेलर ने बस परिचालक को कुचला, मौके पर मौत; दूसरी बस का चालक घायल अलवर। रैणी थाना क्षेत्र में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर देर रात तेज रफ्तार ट्रेलर ने खड़ी स्लीपर बस के परिचालक को टक्कर मार दी। हादसे में परिचालक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि ट्रेलर की चपेट में आने से दूसरी बस का चालक घायल हो गया। हादसा एक्सप्रेसवे के चैनल नंबर 137 के समीप हुआ। जानकारी के अनुसार तीन स्लीपर बसें दिल्ली से उदयपुर स्थित श्रीनाथ जा रही थीं। इसी दौरान एक बस की लाइट का फ्यूज खराब हो गया, जिसके चलते बस को एक्सप्रेसवे पर रोक दिया गया। यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए दूसरी बस भी पीछे रुक गई। दूसरी बस का परिचालक बस की लाइट का फ्यूज ठीक कर रहा था, तभी तेज रफ्तार ट्रेलर ने उसे टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि गाजियाबाद के सरस्वती विहार निवासी 18 वर्षीय भारत पुत्र सुरेश कुमार की मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद ट्रेलर ने दूसरी बस को भी टक्कर मार दी, जिससे उसका चालक गाजियाबाद के सरस्वती विहार निवासी फरमान पुत्र शाहिद घायल हो गया। घायल चालक को उपचार के लिए पिनान चिकित्सालय पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे अलवर रेफर कर दिया गया। हादसे की सूचना मिलने पर रैणी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मृतक के शव को कब्जे में लेकर रैणी चिकित्सालय की मोर्चरी में रखवाया। वहीं, तीसरी बस के जरिए दोनों बसों में सवार यात्रियों को सुरक्षित पिनान पहुंचाया गया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
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केरोसिन डालते ही आग: भजिट गांव की महिला 90% झुलसी, हालत गंभीर

Alwar, Rajasthan:मिट्टी के चूल्हे में केरोसिन डालते ही भड़की आग, महिला 90 फीसदी झुलसी; हालत गंभीर भजिट गांव में महिला आग की चपेट में अलवर। उद्योग नगर थाना क्षेत्र के भजिट गांव में शुक्रवार शाम मिट्टी के चूल्हे पर खाना बनाते समय एक महिला आग की चपेट में आ गई। हादसे में महिला करीब 90 प्रतिशत तक झुलस गई। गंभीर हालत में उसे अलवर के सामान्य चिकित्सालय के बर्न वार्ड में भर्ती कराया गया है, जहां उसका उपचार जारी है। जानकारी के अनुसार भजिट गांव निवासी कृष्ण कुमार की पत्नी तीजा शुक्रवार शाम घर में मिट्टी के चूल्हे पर खाना बना रही थी। इसी दौरान चूल्हे में केरोसिन डालते समय अचानक पंखे की हवा से आग भभक उठी। देखते ही देखते आग ने तीजा के कपड़ों को अपनी चपेट में ले लिया। आग लगने से महिला बुरी तरह झुलस गई और घर में चीख-पुकार मच गई। परिजनों ने मशक्कत कर आग पर काबू पाया और महिला को तत्काल उपचार के लिए अलवर के सामान्य चिकित्सालय लेकर पहुंचे। चिकित्सकों ने जांच के बाद महिला के करीब 90 प्रतिशत झुलसने की बात बताई और उसे बर्न वार्ड में भर्ती कर उपचार शुरू किया। महिला की हालत गंभीर बताई जा रही है।
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आगरा के केंद्रीय हिंदी संस्थान में विदेशी छात्र हिंदी से करियर बना रहे

Noida, Uttar Pradesh:आगरा के केंद्रीय हिंदी संस्थान में इन दिनों 27 देशों के 78 विदेशी छात्र हिंदी सीख रहे हैं। नाइजीरिया से लेकर रूस और ट्यूनीशिया तक... किसी को हिंदी शिक्षक बनना है, किसी का सपना फिल्मों से जुड़ा है, तो कोई हिंदी के जरिए फॉरेन अफेयर्स में करियर बनाना चाहता है। भारत सरकार इन विदेशी छात्रों की पढ़ाई के साथ उनके रहने और खाने का खर्च भी उठा रही है। आगरा के केंद्रीय हिंदी संस्थान में विदेशी छात्रों को हिंदी की पढ़ाई बेसिक स्तर से शुरू कराई जाती है, 100, 200, 300 और 400 कैटेगरी के जरिए उन्हें आगे बढ़ाया जाता है। यहां हिंदी बोलने और लिखने के साथ उन्हें हिंदी साहित्य और भारतीय संस्कृति की जानकारी भी दी जाती है। संस्थान के शिक्षकों के मुताबिक विदेशी छात्रों में हिंदी सीखने को लेकर लगातार उत्साह देखने को मिल रहा है। कोशिश ये है कि छात्र हिंदी बोलने तक सीमित न रहें, बल्कि हिंदी साहित्य को पढ़ें, भारतीय संस्कृति को समझें और अपने-अपने देशों में हिंदी को आगे बढ़ाने का काम करें। आगरा का यह संस्थान विदेशी छात्रों के लिए सिर्फ पढ़ाई की जगह नहीं, बल्कि भारत को समझने की एक खिड़की बन रहा है।
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उत्तराखंड 2027: भाजपा विधायक अपनी सीटों पर ही तैयारी करें, मिशन 60+ पर जोर

Dehradun, Uttarakhand:भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन का दो दिवसीय उत्तराखंड दौरा भले ही पूरा हो चुका है, लेकिन 2027 विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी की चुनावी तैयारी का रोडमैप काफी हद तक सामने आ गया है। हल्द्वानी में हुई ताबड़तोड़ बैठकों और प्रदेश कार्यसमिति के मंथन से साफ है कि भाजपा अगला चुनाव सिर्फ सरकार की उपलब्धियों पर ही नहीं लड़ेगी बल्कि 47 सीटों पर जीत कैसे बरकरार रखी जाए और मिशन 60+ के लक्ष्य को कैसे हासिल किया जाए इसपर भी पार्टी का विशेष फोकस है और इसलिए राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने भी सभी विधायकों की भी यह संदेश दे दिया है कि 2027 विधानसभा चुनाव के लिए विधायक अपनी ही सीट पर रहकर तैयारी करेंगे। देखिए रिपोर्ट उत्तराखंड में 2027 विधानसभा चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी किस रणनीति के साथ चुनावी मैदान में जाएगी यह लगभग क्लियर हो चुका है। हल्द्वानी में राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की अध्यक्षता में हुई ताबड़तोड़ बैठकों में जहां एक ओर कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई तो एक मुद्दा सिटिंग विधायकों के चुनाव लड़ने का भी सामने आया। मिली जानकारी के मुताबिक इसको लेकर राष्ट्रीय अध्यक्ष की ओर से सभी विधायकों को दो टूक संदेश देकर यह कहा दिया गया है कि सभी विधायक अपनी ही सीट पर रहकर चुनाव की तैयारी करेंगे यानी के इससे यह स्पष्ट हो जाता है कि जो विधायक काफी समय से इसको लेकर टकटकी लगाए बैठे थे कि वह दूसरी सीट से चुनाव लड़ सकेंगे तो उनकी उम्मीदों पर अब पानी फिर चुका है। हालांकि इसको लेकर प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट का साफ़ कहना है कि अभी तक किसी भी विधायक का दूसरी सीट से चुनाव लड़ने का सुझाव पार्टी को नहीं मिला है और सभी विधायक इस समय अपनी ही विधानसभा में सक्रिय रहकर चुनाव की तैयारी कर रहे हैं। वह बीजेपी विधायक आशा नौटियाल की माने तो हल्द्वानी में हुई ताबड़तोड बैठकों के दौरान जहां आगामी चुनाव को लेकर रणनीति बनाई गई वहीं सभी को विधायक को स्पष्ट संदेश भी दे दिया गया है कि 2027 विधानसभा चुनाव में अपनी सीट पर रहकर तैयारी करने को कहा गया है, ताकि 2022 विधानसभा चुनाव में जीती 47 सीटों पर जीत बरकरार रखी जा सके और 2027 चुनाव में अधिक सीटों के साथ भारतीय जनता पार्टी फिर से सत्ता में वापसी कर सके। उत्तराखंड में 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव में भाजपा विधायकों का सफर इतना आसान नहीं रहने वाला क्योंकि हाईकमान की ओर सभी सिटिंग विधायकों को यह सख्त निर्देश दे दिए गए हैं कि चुनाव में वह अपनी विधानसभा में सक्रिय रहकर तैयारी करेंगे और पार्टी को मजबूत बनाने का काम करेंगे। ऐसे में अब सवाल यह खड़ा हो जाता है कि जो विधायक लंबे समय से यह सोच कर बैठे थे कि आगामी चुनाव में वह अपने लिए दूसरी सीट तलाश लेंगे, तो क्या अब वह उसी सीट से तैयारी करेंगे, या फिर जिन विधायकों का टिकट कटेगा मैं दूसरी पार्टी में शामिल होकर भाजपा के खिलाफ हुंकार भरेंगे यह निर्दलीय चुनावी मैदान में जाएंगे, ऐसे कई सवाल है जिनका जवाब आने वाले वक्त पर ही मिलेगा।
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नो-एंट्री के दावों के बीच डंपर दौड़, काशीपुर में निगरानी पर सवाल

Jaspur, Uttarakhand:काशीपुर शहर में भारी वाहनों और डंपरों की बेलगाम आवाजाही को लेकर एक बार फिर पुलिस-प्रशासन की व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। एसपी काशीपुर स्वप्न किशोर सिंह ने नो-एंट्री और भारी वाहनों के संचालन को लेकर सख्ती की बात कही थी, लेकिन प्रतिबंधित समय में डंपरों की आवाजाही देखने को मिलने से आदेशों के पालन पर सवाल उठने लगे हैं।काशीपुर में भारी वाहनों की आवाजाही लंबे समय से चिंता का विषय बनी हुई है। लगातार सामने आ रहे सड़क हादसों को देखते हुए पूर्व में भी पुलिस और प्रशासन की ओर से भारी वाहनों के लिए समय और रूट निर्धारित किए गए थे। आपको बताते चलें कि फरवरी में अधिकारियों ने सुबह 6 बजे से रात 9 बजे तक भारी वाहनों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगाने और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए थे।इसके बावजूद शहर और आसपास के मार्गों पर प्रतिबंधित समय में डंपरों की आवाजाही सामने आने से निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। सवाल यह है कि जब अधिकारी लगातार सख्ती के निर्देश दे रहे हैं तो इन आदेशों का पालन सड़क पर सुनिश्चित कौन करेगा? हाल ही में कुंडेश्वरी रोड पर डंपर की चपेट में आने से एक युवक की मौत के मामले में भी अज्ञात डंपर चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। ऐसे में लगातार हो रहे हादसों के बीच भारी वाहनों की आवाजाही पर प्रभावी नियंत्रण की मांग और तेज हो रही है।अब देखने वाली बात यह होगी कि पुलिस-प्रशासन के निर्देश केवल बैठकों और मीडिया वार्ता तक सीमित रहते हैं या सड़क पर भी उनका असर दिखाई देता है।
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