icon-pinewzicon-zee
PINEWZ
become creator
न्यूज़ क्रिएटर बनें

आपकी स्थानीय कहानियाँ, आपकी आवाज़

Follow us on
Download App fromplay-storeapp-store
Advertisement
Back

हमें फेसबुक पर लाइक करें, ट्विटर पर फॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब्ड करें ताकि आप ताजा खबरें और लाइव अपडेट्स प्राप्त कर सकें| और यदि आप विस्तार से पढ़ना चाहते हैं तो https://pinewz.com/hindi से जुड़े और पाए अपने इलाके की हर छोटी सी छोटी खबर|

पाकुड़ में श्रद्धाभाव से अनंत चतुर्दशी की पूजा-आरती, प्रसाद वितरण

Pakur, Jharkhand:एकर इंट्रो--पाकुड़ जिला मुख्यालय में अनंत चतुर्दशी का त्योहार श्रद्धाभाव से मनाया गया...शहर के कालीभषाण मंदिर, ठाकुरबाड़ी मंदिर, दूधनाथ मंदिर, भगतपाड़ा शिव मंदिर, बिजली आफिस मंदिर सहित अन्य मंदिरों में अनंत भगवान की पूजा पारंपरिक तरीके से की गई...इसके बाद महाआरती कर भक्तों के बीच प्रसाद का वितरण किया गया...अनंत पूजा को लेकर महिलाओं व बच्चों में अधिक उत्साह था...मंदिरों में पूरोहित द्वारा श्रद्धालुओं ने अनंत चतुर्दशी की कथा सुनाई गयी...वहीं भगवान को मीठे पकवान के साथ पुड़ी और मिठाई भी चढ़ाया गया...अनंत व्रत का सनातन धर्म में अलग और विशेष महत्व है...पंडित विजेंद्र त्रिवेदी के द्वारा वैदिक मंत्रोउच्चारण के साथ पूजन सम्पन्न कराया गया...श्रद्धालुओं ने भगवान विष्णु की आराधना कर जीवन में सुख-शांति व अपने उज्ज्वल भविष्य की कामना की...अनंत चतुर्दशी व्रत का हिंदू धर्म में बहुत बड़ा महत्व है...इसे अनंत चौदस के नाम से भी जाना جاتا है...इस व्रत में भगवान विष्णु के अनंत रूप की पूजा होती है...भाद्रपद मास में शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी को अनंत चतुर्दशी कहा जाता है...इस दिन अनंत भगवान (भगवान विष्णु) की पूजा के पश्चात बाजू पर अनंत सूत्र बांधा जाता है...
0
0
Report

बांदा में युवती ने नाबालिग किशोर के हाथ बांधकर पुलिस के हवाले किया

Banda, Uttar Pradesh:बांदा में किसी बात को लेकर एक युवती और किशोर के बीच झगड़ा हो गया युवती पुलिस को सूचना देकर किशोर का हाथ अपने दुपट्टे से बांध दिए और उसे पुलिस के हवाले कर दिया। बताया जा रहा है कि शहर कोतवाली क्षेत्र की है। जहां पर संकट मोचन मंदिर के पास एक युवती और किशोर के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया इसके बाद युवती ने किशोर के हाथ अपने दुपट्टे से बांध लिए और पुलिस को सूचना दे दी। सूचना के बाद मौके पर पुलिस पहुंची पुलिस ने दोनों पक्षों को कोतवाली ले जाकर समझा बुझा कर दोनों पक्षों को घर भेज दिया है पुलिस की माने तो दोनों पर किसी बात को लेकर के विवाद हुआ था उसके बाद युवती ने उस किशोर के हाथ दुपट्टे से बांधकर पुलिस को सूचना दी थी पुलिस के पहुंचने पर किशोर और उसे युवती दोनों को थाने ले जाया गया जहां पर युवती को समझा बूझकर बताया गया कि क्योंकि किशोर नाबालिक है इसलिए उसे जेल नहीं भेजा जा सकता है।
0
0
Report
Advertisement
Advertisement
Advertisement

टांटिया विश्वविद्यालय ने पीएम श्री बालिका विद्यालय के विद्यार्थियों के लिए इनोवेशन टूर कराया

Sri Ganganagar, Rajasthan:कौशल विकास के साथ खेती व आयुर्वेद का ज्ञान मिला डीआईसीई के तहत मिर्जेवाला पीएम श्री स्कूल की छात्राओं ने किया टांटिया विश्वविद्यालय का भ्रमण श्रीगंगानगर। टांटिया विश्वविद्यालय के ‘इनोवेशन एंड इनक्यूबेशन सेंटर’ की ओर से शिक्षा मंत्रालय-इनोवेशन सेल की ‘इनोवेशन कल्चर एंड एंटरप्रेन्योरशिप (डीआईसीई)’ इनिशिएटिव के अंतर्गत मिर्जेवाला स्थित पीएम श्री राजकीय बालिका वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के विद्यार्थियों को गुरुवार को टांटिया विश्वविद्यालय का भ्रमण कराया गया। इस दौरान विद्यार्थियों को अनेक सृजनात्मक गतिविधियों से अवगत कराया गया। विश्वविद्यालय के उपकुलसचिव (अंतर्राष्ट्रीय मामले) प्रसन्ना सेठी ने बताया कि विद्यालय से पचास छात्राएँ वरिष्ठ अध्यापिका अंजू कटारिया एवं अश्विनी कुमार के नेतृत्व में पहुँचीं। उन्हें सबसे पहले कृषि संकाय में सॉइल लैब का भ्रमण कराया गया। यहाँ जल एवं मिट्टी के नमूने लेने की प्रक्रिया के बारे में बताया गया। साथ ही खेती-बाड़ी से जुड़े अन्य कार्यों की जानकारी दी गई। इसके बाद फार्मेसी संकाय में आयुर्वेदिक दवाओं के निर्माण एवं इससे जुड़ी जानकारियाँ दी गईं। फिर आयुर्वेद संकाय में पंचकर्म यूनिट का अवलोकन कराया गया, जहाँ पंचकर्म से उपचार की विधि की जानकारी दी गई। विश्वविद्यालय में संचालित प्रधानमंत्री दिव्यांगजन वयोश्री केंद्र (एलिम्को) का भी भ्रमण कराया गया। यहाँ विद्यार्थियों को बताया गया कि दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण किस प्रकार निःशुल्क उपलब्ध कराए जाते हैं। अंत में शिक्षा संकाय में सेमिनार का आयोजन किया गया। उपप्राचार्य डॉ. रेखा सोनी ने छात्राओं को कौशल विकास की जानकारी देते हुए बताया कि वे पढ़ाई के साथ समय का सदुपयोग करते हुए कमाई भी कर सकती हैं। कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय के उपकुलसचिव (अंतर्राष्ट्रीय मामले) प्रसन्ना सेठी, सहायक आचार्य डॉ. राजेश शर्मा व डॉ. संतलाल शर्मा, वरिष्ठ संबंध अधिकारी राजकुमार जैन, को-ऑर्डिनेटर (आईईसी) डॉ. कृष्ण कुमार आशु, असिस्टेंट को-ऑर्डिनेटर मोहनपाल सचदेवा, निशांत गर्ग, प्रतीक नागपाल एवं अजय चुघ सहित अनेक लोग मौजूद रहे।
0
0
Report

नीमकाथाना में दुर्गा पूजा महोत्सव का भूमि पूजन शुरू, उत्साह से भरा माहौल

Sikar, Rajasthan:जिला: सीकर विधानसभा: नीमकाथाना लोकेशन: नीमकाथाना, सीकर दुर्गा महोत्सव को लेकर भूमि पूजन हुआ सम्पन्न। वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर महोत्सव के लिए भूमि पूजन हुआ संपन्न।कार्यक्रम में मुख्य यजमान राजेश मोदी एवं पार्षद अजय मोदी के द्वारा भूमि पूजन की रस्म की गई पूरी। मारुती मित्र मंडल द्वारा आयोजित होगा दुर्गा महोत्सव। सीकर जिले के नीमकाथाना में मारूति मित्र मंडल सेवा समिति की ओर से आयोजित होने वाले श्री दुर्गा पूजा महोत्सव 2026 के शुभारंभ को लेकर शुक्रवार को विधिवत भूमि पूजन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर महोत्सव के लिए भूमि पूजन संपन्न हुआ।कार्यक्रम में मुख्य यजमान राजेश मोदी एवं पार्षद आसीमा मोदी के द्वारा भूमि पूजन की रस्म पूरी की गई। इस दौरान उपस्थित श्रद्धालुओं ने माँ जगदंबा की पूजा-अर्चना कर क्षेत्र में सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की।भूमि पूजन के अवसर पर महेश अग्रवाल, दलाराम चौधरी, टोडरमल अग्रवाल, सत्यनारायण जोशी, नरेंद्र शर्मा, दीनबंधु खरा, विक्रम जांगिड़, संजय शर्मा, अशोक कुमावत, नरेंद्र टेलर सहित अनेक पदाधिकारी कार्यकर्ता मौजूद रहे।समिति पदाधिकारियों ने बताया कि 11 अक्टूबर 2026 को श्री दुर्गा पूजा महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। भूमि पूजन के साथ ही महोत्सव की तैयारियों का विधिवत शुभारंभ हो गया है। आयोजन को लेकर समिति सदस्यों एवं श्रद्धालुओं में उत्साह का माहौल है।
0
0
Report
Advertisement

सेवा संकल्प अभियान: रंगोलियों से स्वच्छता, राष्ट्रप्रेम और विकास का संदेश

Kawardha, Chhattisgarh:सेवा संकल्प अभियान में रंगोलियों से स्वच्छता का संदेश कवर्धा। सेवा संकल्प अभियान के तहत आत्मानंद स्कूल में विद्यार्थियों ने रंगोली, पोस्टर और नारों के जरिए स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, कचरा प्रबंधन और जल संरक्षण का संदेश दिया। कार्यक्रम में शिक्षकों, अभिभावकों और स्थानीय लोगों ने भी सहभागिता निभाई। वहीं, शासकीय नवीन महाविद्यालय कुंडा में “सेवा के रंग, राष्ट्र के संग” रंगोली प्रतियोगिता आयोजित की गई। विद्यार्थियों ने प्राकृतिक रंगों से शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं, राष्ट्रीय प्रतीकों और विकसित भारत की संकल्पना पर आकर्षक रंगोलियाँ बनाकर सेवा, राष्ट्रप्रेम और विकास का संदेश दिया।
0
0
Report

कारगिल के शहीद सूबेदार हरफूल सिंह कुलहरी को मरणोपरांत सेना मेडल

Jhunjhunu, Rajasthan:है नमन उनको... के लिए • नाम: सूबेदार हरफूल सिंह कुलहरी • सर्विस नंबर: JC-183456 • यूनिट: 17 जाट रेजिमेंट (17 Jat Battalion) • जन्म: 2 जून 1952 • माता-पिता: श्रीमती झूमा देवी एवं श्री भागीरथ मल कुलहरी • पता: ग्राम–तिलोका का बास (त्रिलोकी का बास), पोस्ट–बिरमी, तहसील–मलसीसर, जिला–झुंझुनूं (राजस्थान) • सेना में भर्ती: 4 अगस्त 1971 (लगभग 28 वर्ष की सैन्य सेवा; 1971 के भारत-पाक युद्ध में भी भागीदारी) • शहादत दिनांक: 30 मई 1999 (ऑपरेशन विजय, कारगिल) • सम्मान: सेना मेडल (मरणोपरांत) एवं मेंशन-इन-डिस्पैचेज (Mention-in-Despatches) • परिवार: वीरांगना श्रीमती सुकनी देवी, दो पुत्र (प्रवीण एवं प्रदीप) और एक पुत्री (प्रेम) ऑपरेशन विजय (1999) और शौर्य गाथा: 1. मश्कोह घाटी में महत्वपूर्ण मिशन: मई 1999 में कारगिल युद्ध के दौरान 17 जाट बटालियन (कमांडिंग ऑफिसर कर्नल उमेश सिंह बावा के नेतृत्व में) को मश्कोह घाटी (Mashkoh Valley) और द्रास सेक्टर में दुश्मन को खदेड़ने का जिम्मा सौंपा गया था। रणनीतिक रूप से अहम 'पॉइंट 4875' पर नियंत्रण से पहले उसकी अग्रिम चौकी (पॉइंट 4540) पर कब्जा करना जरूरी था。 2. अकेले उड़ाए दुश्मन के बंकर: 29-30 मई 1999 की रात सूबेदार हरफूल सिंह 38 जवानों की टुकड़ी का नेतृत्व करते हुए अत्यधिक दुर्गम, बर्फीले और पथरीले रास्ते से आगे बढ़े। सुबह के समय जब टुकड़ी दुश्मन के बंकर से महज 100 मीटर दूर थी, तब पाकिस्तानी घुसपैठियों ने भारी गोलीबारी शुरू कर दी । 3. घायल होने के बावजूद मोर्चा संभाला: शुरुआती गोलीबारी में हाथ पर गोली लगने के बावजूद वे पीछे नहीं हटे। उन्होंने अदम्य साहस दिखाते हुए आगे बढ़कर ग्रेनेड से हमला किया और दुश्मन के दो बंकर ध्वस्त कर दिए। इस भीषण मुठभेड़ में उनकी टुकड़ी ने कई दुश्मन सैनिकों को ढेर किया। 4. सर्वोच्च बलिदान: दुश्मन की भारी घेराबंदी के बीच सूबेदार हरफूल सिंह लगातार गोलियां बरसाते रहे। भीषण गोलाबारी में उनके सिर में 2 और सीने में 3 गोलियां लगीं, जिसके बाद 30 मई 1999 को उन्होंने मातृभूमि की रक्षा करते हुए वीरगति प्राप्त की। उनके साथ सिपाही रणवीर सिंह, सिपाही विनोद कुमार नागा, सिपाही धर्मबीर सिंह सहित अन्य जवान भी वीरगति को प्राप्त हुए। 5. 46 दिन बाद मिला पार्थिव देह: शत्रु क्षेत्र और अत्यधिक विकट मौसम की वजह से उनका पार्थिव देह शहादत के 46 दिन बाद (14 जुलाई 1999) बर्फ से बरामद किया जा सका। 15 जुलाई 1999 को उनके पैतृक गांव में पूरे राजकीय व सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया । स्मृति एवं सम्मान: • मरणोपरांत उन्हें उनकी असाधारण बहादुरी के लिए सेना मेडल (Sena Medal) और मेंशन-इन-डिस्पैचेज से सम्मानित किया गया। • उनके इस साहसिक हमले ने आगे चलकर भारतीय सेना द्वारा रणनीतिक चोटी 'पॉइंट 4875' को पुनः फतह करने की मजबूत नींव तैयार की थी。 • उनके पैतृक गांव तिलोका का बास में शहीद सूबेदार हरफूल सिंह का स्मारक/मूर्ति स्थापित है, जहाँ हर वर्ष ग्रामीण व क्षेत्रवासी उनकी शहादत को नमन करते हैं।
0
0
Report
Advertisement
Advertisement
Back to top