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अमेठी के जायस गांव में हाई टेंशन लाईन की चपेट में आने से युवक की गई जान
Amethi, Uttar Pradesh:अमेठी के जायस गांव में एक 18 वर्षीय लड़के की जान चली गई। यह घटना उस समय हुई जब वह अपने गांव के पास भैंस चरा रहा था। अचानक वह 11 हजार वोल्ट के बिजली के तार में लटक रही एक टहनी को छू गया जिससे उसे जोरदार करंट लगा और उसकी जान चली गई। परिवार के लोग उसे तुरंत सीएससी फुरसतगंज ले गए लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना स्थल पर सीओ अजय कुमार ने पहुंच कर जांच की।
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रेलवे ट्रैक के पास कई मकानों में आई दरार, कमरे की छत गिरी बाल बाल बचे परिवार के लोग।
Saharanpur, Dara Kottala, Uttar Pradesh:सहारनपुर के कोर्ट रोड पुल के पास गिल कॉलोनी के कई मकानों की दीवारों में दरार आ गई है मकान मालिकों का कहना है कि जब से हाई स्पीड ट्रेन चलने लगी हैं मकान में कंम्पन होती है और जिससे नये व पुराने मकान की दीवारों में दरार आ गई हैं आज तो एक कमरे की छत ही गिर गई जिसमें बड़ी घटना होने से बाल बाल बच गई क्योंकि उसे समय वहां पर परिवार का एक व्यक्ति कमरे में बैठा अपना कार्य कर रहा था जैसे ही वह बाहर निकले छत का आधा हिस्सा टूटकर नीचे गिर गया जिससे बड़ी घटना होने से बच गई कॉलोनी वासियों का कहना है कि ट्रेन से उन्हें कोई दिक्कत नहीं है लेकिन शहर के अंदर ट्रेन प्रवेश करने के बाद उसकी स्पीड काम कर दी जाए यह उनकी मांग है क्षेत्रीय पार्षद ने भी बताया है कि कई मकान में दरारें आ गई हैं जिससे हर समय डर का माहौल रहता है कि कब मकान गिर जाए कई बार स्पीड तेज होने से यहां पर दुर्घटनाएं भी हो चुकी हैं उन्होंने भी मांग की है कि शहर के अंदर ट्रेन की स्पीड कम की जाए जिससे जनहानि ना हो सके और मकान के गिरने का भी खतरा कम हो जाएगा0
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तारंगाहिल-अंबाजी-आबू रोड रेलवे लाइन से राजस्थान-गुजरात तीर्थयात्रा आसान होगी
Jaipur, Rajasthan:राजस्थान के श्रद्धालुओं के लिए सुगम होंगे अम्बाजी दर्शन! - राजस्थान और गुजरात के बीच कनेक्टिंग लाइन, तारंगाहिल-अम्बाजी-आबूरोड नई रेल लाइन पर कार्य तेज - करीब 2800 करोड़ की लागत से हो रहा निर्माण, 116 किमी रेल लाइन पर बनेंगे 15 रेलवे स्टेशन जयपुर। गुजरात स्थित 51 शक्तिपीठों में शामिल अम्बाजी मंदिर जाने वाले राजस्थान के श्रद्धालुओं की यात्रा जल्द ही सुगम होगी। 116 किमी लम्बे रेल रूट पर नई लाइन डालने का कार्य तीव्र गति से किया जा रहा है। उत्तर-पश्चिम रेलवे द्वारा कार्य में तेजी लाई गई है। इससे अम्बाजी जाने वाले श्रद्धालुओं के साथ ही तारंगाहिल जाने वाले पर्यटकों के लिए भी सुविधा मिलेगी। रेलवे प्रशासन द्वारा 4 वर्ष पूर्व स्वीकृत तारंगाहिल-अंबाजी-आबू रोड नई रेल लाइन का कार्य अब तेज गति से पूरा किया जा रहा है। वर्ष 2022-23 में करीब 2798.16 करोड़ रुपए के साथ इस प्रोजेक्ट को स्वीकृत किया गया था। तारंगाहिल-अंबाजी-आबू रोड नई रेल लाइन का कार्य तीव्र गति से किया जा रहा है। पहले 30 किलोमीटर में अर्थ वर्क का कार्य लगभग पूरा हो गया है। ब्लेकटिंग का कार्य भी 75 प्रतिशत से अधिक हो चुका है। इसके साथ ही बड़े और छोटे पुलों का निर्माण कार्य भी 80 प्रतिशत से अधिक किया जा चुका है। इस प्रोजेक्ट से रेल कनेक्टिविटी बढ़ाने में मदद मिलेगी। साथ ही रूट पर ट्रेनों की स्पीड भी तेज हो सकेगी। इससे गुजरात और राजस्थान राज्यों के पर्यटन और धार्मिक स्थलों का ट्रेनों के जरिए सम्पर्क हो सकेगा। जिसमें प्रमुख पर्यटन स्थल माउंट आबू और आध्यात्मिक केन्द्र प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय, दिलवाड़ा के जैन मंदिर, अम्बाजी स्थित देवी शक्ति पीठ और तारंगाहिल में जैन धर्म के तीर्थ स्थल प्रमुख हैं। तारंगाहिल-अंबाजी-आबू रोड प्राेजेक्ट की बड़ी बातें - इस रेल लाइन पर कुल 15 स्टेशन बनाया जाना है प्रस्तावित - इनमें 8 क्रॉसिंग और 7 हल्ट स्टेशन होंगे - 13 टनल, 54 बड़े पुल, 188 छोटे पुल, 14 रोड ओवर ब्रिज बनेंगे - 79 रोड अण्डर ब्रिज/सीमित ऊंचाई के पुल बनाए जाएंगे - यह विद्युतीकृत ट्रैक्शन पर संचालित मार्ग होगा - इस रेल लाइन के निर्माण के लिए सभी कार्यों के लिए टेंडर अवार्ड किए - इस लाइन पर बनाए जाने वाले स्टेशनों की बिल्डिंग के कार्य तेजी से हो रहे - अम्बाजी स्टेशन के लिए अर्थवर्क पूरा हुआ, इनकटिंग का कार्य भी लगभग पूर्ण हुआ श्रद्धालुओं का आवागमन होगा आसान उत्तर-पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अमित सुदर्शन ने बताया कि अम्बाजी देश का प्रसिद्ध एवं महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल है और यह भारत के 51 शक्तिपीठों में से एक है। अम्बाजी धार्मिक स्थल में हर साल गुजरात और देश के विभिन्न क्षेत्रों के साथ-साथ विदेशों से लाखों भक्त दर्शन के लिए आते हैं। तारंगाहिल-अंबाजी-आबू रोड नई लाइन के निर्माण से यहां आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को यात्रा में आसानी होगी। इसके अलावा, तारंगाहिल में स्थित अजीतनाथ जैन मंदिर के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को भी सुविधा मिलेगी। यह रेल लाइन कृषि और स्थानीय उत्पादों के परिवहन में तीव्र आवागमन की सुविधा प्रदान करेगी। गुजरात और राजस्थान राज्यों की देश के अन्य हिस्सों के साथ बेहतर कनेक्टिविटी हो सकेगी। साथ ही मौजूदा अहमदाबाद-आबू रोड रेलवे लाइन के लिए वैकल्पिक मार्ग भी प्रदान करेगी। कुलमिलाकर नई रेल लाइन के निर्माण से क्षेत्र में समग्र सामाजिक-आर्थिक विकास हो सकेगा। प्राजेक्ट निर्माण से ये होंगे लाभ - सिरोही और गुजरात के साबरकांठा, बनासकांठा और मेहसाणा से निकलेगी लाइन - अहमदाबाद और आबू रोड के मध्य वैकल्पिक रेल मार्ग उपलब्ध होगा - निर्माण के दौरान लगभग 40 लाख मानव दिवस का प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा - रेल लाइन स्थानीय क्षेत्र में डेयरी और मार्बल उद्योग के विकास में उपयोगी होगी - नई रेल लाइन के निर्माण से क्षेत्र में उद्योग धन्धे विकसित होंगे, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे0
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तारंगाहिल-अंबाजी-आबू रोड रेल लाइन से राजस्थान-गुजरात तीर्थयात्रा सहज होगी
Jaipur, Rajasthan:लोकेशन- जयपुर नोट- खबर की बाइट और कुछ विजुअल ओएफसी से भेजे हैं। कुछ विजुअल 2सी किए हैं। हैडर- - श्रद्धालुओं के लिए सुगम होंगे अम्बाजी दर्शन! - राजस्थान और गुजरात के बीच कनेक्टिंग लाइन - तारंगाहिल-अम्बाजी-आबूरोड नई रेल लाइन बनेगी - रेलवे प्रशासन द्वारा कार्य तीव्र गति से जारी - करीब 2800 करोड़ की लागत से हो रहा निर्माण - 116 किमी रेल लाइन पर बनेंगे 15 रेलवे स्टेशन एंकर गुजरात स्थित 51 शक्तिपीठों में शामिल अम्बाजी मंदिर जाने वाले राजस्थान के श्रद्धालुओं की यात्रा जल्द ही सुगम होगी। 116 किमी लम्बे रेल रूट पर नई लाइन डालने का कार्य तीव्र गति से किया जा रहा है। उत्तर-पश्चिम रेलवे द्वारा कार्य में तेजी लाई गई है। इससे अम्बाजी जाने वाले श्रद्धालुओं के साथ ही तारंगाहिल जाने वाले पर्यटकों के लिए भी सुविधा मिलेगी। यह रिपोर्ट देखिए- वीओ- 1 गुजरात और राजस्थान के पर्यटन और धार्मिक स्थलों का एक रेल लाइन के जरिए सुगम सम्पर्क होने जा रहा है। रेलवे प्रशासन द्वारा 4 वर्ष पूर्व स्वीकृत तारंगाहिल-अंबाजी-आबू रोड नई रेल लाइन का कार्य अब तेज गति से पूरा किया जा रहा है। वर्ष 2022-23 में करीब 2798.16 करोड़ रुपए के साथ इस प्रोजेक्ट को स्वीकृत किया गया था। तारंगाहिल-अंबाजी-आबू रोड नई रेल लाइन का कार्य तीव्र गति से किया जा रहा है। पहले 30 किलोमीटर में अर्थ वर्क का कार्य लगभग पूरा हो गया है। ब्लेकटिंग का कार्य भी 75 प्रतिशत से अधिक हो चुका है। इसके साथ ही बडे और छोटे पुलों का निर्माण कार्य भी 80 प्रतिशत से अधिक किया जा चुका है। इस प्रोजेक्ट से रेल कनेक्टिविटी बढ़ाने में मदद मिलेगी। साथ ही रूट पर ट्रेनों की स्पीड भी तेज हाे सकेगी। इससे गुजरात और राजस्थान राज्यों के पर्यटन और धार्मिक स्थलों का ट्रेनों के जरिए सम्पर्क हो सकेगा। जिसमें प्रमुख पर्यटन स्थल माउंट आबू और आध्यात्मिक केन्द्र प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय, दिलवाड़ा के जैन मंदिर, अम्बाजी स्थित देवी शक्ति पीठ और तारंगाहिल में जैन धर्म के तीर्थ स्थल प्रमुख हैं। Gfx In तारंगाहिल-अंबाजी-आबू रोड प्राेजेक्ट की बड़ी बातें - इस रेल लाइन पर कुल 15 स्टेशन बनाया जाना है प्रस्तावित - इनमें 8 क्रॉसिंग और 7 हाल्ट स्टेशन होंगे - 13 टनल, 54 बडे़ पुल, 188 छोटे पुल, 14 रोड ओवर ब्रिज बनेंगे - 79 रोड अण्डर ब्रिज/सीमित ऊंचाई के पुल बनाए जाएंगे - यह विद्युतीकृत ट्रेक्शन पर संचालित मार्ग होगा - इस रेल लाइन के निर्माण के लिए सभी कार्यों के लिए टेंडर अवार्ड किए - इस लाइन पर बनाए जाने वाले स्टेशनों की बिल्डिंग के कार्य तेजी से हो रहे - अम्बाजी स्टेशन के लिए अर्थवर्क पूरा हुआ, इनकटिंग का कार्य भी लगभग पूर्ण हुआ Gfx Out बाइट- अमित सुदर्शन, मुख्य जनसंपर्क अधिकारी, उत्तर-पश्चिम रेलवे वीओ- 2 अम्बाजी देश का प्रसिद्ध एवं महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल है और यह भारत के 51 शक्तिपीठों में से एक है। अम्बाजी धार्मिक स्थल में हर साल गुजरात और देश के विभिन्न क्षेत्रों के साथ-साथ विदेशों से लाखों भक्त दर्शन के लिए आते हैं। तारंगाहिल-अम्बाजी-आबू रोड नई लाइन के निर्माण से यहां आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को यात्रा में आसानी होगी। इसके अलावा, तारंगाहिल में स्थित अजीतनाथ जैन मंदिर के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को भी सुविधा मिलेगी। Gfx In प्राेजेक्ट निर्माण से ये होंगे लाभ - सिरोही और गुजरात के साबरकांठा, बनासकांठा और मेहसाणा से निकलेगी लाइन - अहमदाबाद और आबू रोड के मध्य वैकल्पिक रेल मार्ग उपलब्ध होगा - निर्माण के दौरान लगभग 40 लाख मानव दिवस का प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा - रेल लाइन स्थानीय क्षेत्र में डेयरी और मार्बल उद्योग के विकास में उपयोगी होगी - नई रेल लाइन के निर्माण से क्षेत्र में उद्योग धन्धे विकसित होंगे, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे Gfx Out बाइट- अमित सुदर्शन, मुख्य जनसंपर्क अधिकारी, उत्तर-पश्चिम रेलवे वीओ- 3 यह रेल लाइन कृषि और स्थानीय उत्पादों के परिवहन में तीव्र आवागमन की सुविधा प्रदान करेगी। गुजरात और राजस्थान राज्यों की देश के अन्य हिस्सों के साथ बेहतर कनेक्टिविटी हो सकेगी। साथ ही मौजूदा अहमदाबाद-आबू रोड रेलवे लाइन के लिए वैकल्पिक मार्ग भी प्रदान करेगी। कुलमिलाकर नई रेल लाइन के निर्माण से क्षेत्र में समग्र सामाजिक-आर्थिक विकास हो सकेगा。 - काशीराम चौधरी जी मीडिया, जयपुर0
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बारुईपुर घटना के बाद सृष्टि के परिवार ने मुख्यमंत्री से कड़ी सजा की मांग की
Malda, West Bengal:বারুইপুর কাণ্ডে মুখ্যমন্ত্রী কে ধন্যবাদ। নাবালিকা মেয়ের খুনের ন্যায় বিচার দাবিতে মুখ্যমন্ত্রীকে হাতজোড় করে আবেদন মালদার সৃষ্টি কেশরীর পরিবারের আড়াই বছর ধরে মেয়ের ন্যায় বিচারের জন্য আদালতে ঘুরে বেড়াচ্ছি। এখনও বিচার পাইনি। শুধু তারিখের পর তারিখ পড়ছে। মুখ্যমন্ত্রীর উদ্দেশ্যে হাতজোড় করে অনুরোধ মালদহে নিহত ১১ বছরের কিশোরী সৃষ্টি কেশরীর বাবার। মালদা শহরের বালুচর এলাকার বাসিন্দা বছর ১১ সৃষ্টি কেশরী। ২০২৪ সালে ২৯ জানুয়ারি নৃশংস ভাবে খুন হয়। পাড়া থেকে তুলে নিয়ে গিয়ে মুন্ডুচ্ছেদ করে খুন করা হয় সৃষ্টিকে। খুনের ঘটনায় প্রতিবেশী যুবককে গ্রেপ্তার করে পুলিশ। মালদহে নিয়ন্ত্রিত বাজার চত্বর থেকে প্রথমে উদ্ধার হয় মুন্ডুহীন দেহ। পরে কিছুটা দূরে অব্যাহত দোকান করে ছাদ থেকে উদ্ধার হয় কাটা মুন্ডু। ওই খুনের ঘটনার তোলপাড় হয় রাজ্য। জাতীয় মানবাধিকার কমিশন মালদহে এসে কড়া পদক্ষেপের নির্দেশ দেয়। কিন্তু, এখনও সাজা ঘোষণা বা ন্যায়বিচার হয়নি। ঘটনার পর থেকে কার্যত শয্যাশায়ী সৃষ্টির মা। এই পরিস্থিতিতে বারুইপুরের ঘটনার পর মেয়ের খুনির সর্বোচ্চ শাস্তির জন্য আজ মুখ্যমন্ত্রীর উদ্দেশ্যে হাতজোড় করে অনুরোধ জানিয়েছে সৃষ্টির পরিবার। বাইট:-১) মনোজ কেশরী, নিহত সৃষ্টির বাবা।0
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बारुईपुर घटना: Tamanna के हत्या में इनकाउंटर, माँ तेज़ न्याय की मांग, 24 गिरफ्तार
Krishnanagar, West Bengal:নদীয়া অনুপ কুমার দাস বারুইপুর এর ঘটনা,মূল অভিযুক্ত ইনকাউন্টার নিয়ে তামান্নার মা বললেন, সরকার দ্রুত বিচার পাইয়ে দিয়েছে ছোট্ট মেয়েটির মা বাবা কে। বাকি তিনজন কেও কড়া শাস্তি হোক এই ধরনের শাস্তি হোক। তামান্নার খুনের ঘটনায় তৃণমূল সরকার না থাকলে হয়তো দ্রুত বিচার আমিও পেতাম। এক বছর পার,24 জন ধরা পড়েছে তামান্না খুনে অভিযুক্তরা.তাদের ও কড়া শাস্তি হোক.0
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रांची विश्वविद्यालय में जेपीएससी परिणाम रुकने से शिक्षकों-छात्रों पर प्रभाव; आयोग ने ग्रिवांस सेल माँगी
Ranchi, Jharkhand:रांची विश्वविद्यालय में आज राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ने औचक निरीक्षण कर विश्वविद्यालय प्रशासन के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में जनजातीय शिक्षकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। बैठक के बाद आयोग की सदस्य आशा लकड़ा ने राज्य सरकार और विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली पर कई सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जनजातीय समुदाय से जुड़े कई महत्वपूर्ण मामले वर्षों से लंबित हैं, जिनका जल्द समाधान होना चाहिए। उन्होंने बताया कि जनजातीय विभाग के लिए जेपीएससी परीक्षा तो आयोजित की गई, लेकिन आज तक उसका परिणाम घोषित नहीं हुआ। इससे विभागों में शिक्षकों की नियुक्ति प्रभावित हो रही है। वहीं, क्षेत्रीय भाषाओं के कई विद्यार्थी जेआरएफ उत्तीर्ण करने के बावजूद पीएचडी के लिए गाइड नहीं मिलने के कारण आगे की पढ़ाई नहीं कर पा रहे हैं। आशा लकड़ा ने क्लस्टर सिस्टम पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि इससे जनजातीय विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। उन्होंने सुझाव दिया कि इस विषय पर जनजातीय विभाग, शिक्षकों और सभी हितधारकों के साथ अलग से बैठक होनी चाहिए, ताकि विद्यार्थियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। उन्होंने यह भी कहा कि विश्वविद्यालय में वर्षों से कई शिक्षकों और कर्मचारियों की प्रोन्नति तथा पे-फिक्सेशन के मामले राज्य सरकार के स्तर पर लंबित हैं। इसके अलावा अनुकंपा के आधार पर नियुक्त कर्मचारियों को भी उनकी योग्यता के अनुरूप पदोन्नति नहीं मिल रही है। आयोग ने विश्वविद्यालय को निर्देश दिया है कि जनजातीय विद्यार्थियों की शिकायतों के निस्तारण के लिए एक प्रभावी ग्रिवांस सेल का गठन किया जाए, नियमित बैठकें हों और जनजातीय मामलों की निगरानी के लिए लाइज़न ऑफिसर को प्रशिक्षित किया जाए। साथ ही, यूजी और पीजी स्तर पर जनजातीय विभागों के मेधावी विद्यार्थियों को भी छात्रवृत्ति का लाभ देने की सिफारिश की गई है। आयोग ने विश्वविद्यालय प्रशासन से सात दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। रिपोर्ट मिलने के बाद आयोग अपनी अनुशंसाएं राज्य सरकार, यूजीसी और संबंधित विभागों को भेजेगा, ताकि जनजातीय विद्यार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों से जुड़े लंबित मामलों का शीघ्र समाधान हो सके।0
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नोएडा में Sector 62 Labour Chowk पर भारी बारिश से जलभराव
Noida, Uttar Pradesh:Noida (Uttar Pradesh): Heavy Rainfall Caused Waterlogging At Sector 62 Labour Chowk0
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खूँटी में 300 मीटर तक घसीटा गया युवक, तेज रफ्तार वाहन ने मौत दे दी
Khunti, Jharkhand:यूपी: खूँटी में तेज रफ्तार वाहन की चपेट में आने से motorcyclist 26 वर्षीय जेवियर गुड़िया गोपला कुसुम टोली निवासी की मौत हो गई। घटना रनिया थाना क्षेत्र के रायकेरा गांव के पास घटी है। खूँटी कोलेबिरा मुख्य पथ पर सरदार ढाबा के नजदीक कल रात किसी अज्ञात वाहन ने मोटरसाइकिल सवार युवक को चपेट में ले लिया, जिससे मौत हो गई। प्रत्यक्ष दर्शियों के मुताबिक मोटरसाइकिल सवार युवक जेवियर को लगभग 300 मीटर दूर तक घसीटते हुए वाहन आगे बढ़ गया। जेवियर हेलमेट पहना हुआ था, इसके बावजूद तेज रफ्तार वाहन की टक्कर से उसके कंधे और सिर पर चोटें आईं और घटनास्थल पर ही वह तड़प-तड़प कर दम तोड़ गया। घटना की जानकारी मिलने पर स्थानीय लोग और राहगीर मौके पर जुटे और पुलिस को सूचना दी गई। रनिया थाना पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त मोटरसाइकिल को कब्जे में ले लिया है। शव को खूँटी के सदर अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया और परिजनों को सौंप दिया गया है। घटना के बाद मृतक के परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है।0
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अयोध्या में राम जन्मभूमि तीर्थ ट्रस्ट के पूर्व आमंत्रित सदस्य गोपाल राव स्वामी गोविंद देव गिरी महाराज से मिले
Noida, Uttar Pradesh:AYODHYA: GOPAL RAO (FORMER INVITE MEMBER OF RAM JANMABHOOMI TEERTH TRUST) ON MEETING SWAMI GOVIND DEV GIRI MAHARA0
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दहेज प्रताड़ना से नवविवाहिता की मौत, परिजन SP कार्यालय पहुंचे
Chhatarpur, Madhya Pradesh:छतरपुर में दहेज प्रताड़ना का एक गंभीर मामला सामने आया है. बड़ा मलहरा के पास मौली गांव में नवविवाहिता को जहर और डिटर्जेंट पिलाने का आरोप लगा है. पीड़िता किरण कुशवाहा के भाई मनोज कुशवाहा ने SP कार्यालय पहुंचकर शिकायत की. उनका आरोप है कि शादी के बाद से ही ससुराल वाले दहेज के लिए किरण को प्रताड़ित कर रहे थे. एक जून को पति हरि नारायण, सास तुलसा, ससुर परम लाल, ननद सुनीता और नंदोई उमेश ने मिलकर किरण को जबरन जहर और डिटर्जेंट का घोल पिला दिया, जिसकी भोपाल मे इलाज के दौरान मौत हो गई. परिवार का कहना है कि शिकायत पहले बीस जून को बड़ा मलहरा थाने में की थी, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई. इसी से नाराज होकर ग्रामीणों के साथ पीड़ित परिवार SP ऑफिस पहुंचा और निष्पक्ष जांच व कड़ाई कार्रवाई की मांग की. फिलहाल पुलिस ने शिकायत लेकर जांच शुरू कर दी है.0
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बैतूल में जलसंकट: आज शाम फिर से पानी सप्लाई शुरू होने का दावा
Betul, Madhya Pradesh:एंकर - बैतूल जिले में बारिश पिछले दस दिनों से बारिश का दौर जारी है इसके बावजूद बैतूल नगर पालिका क्षेत्र में इन दिनों पेयजल संकट ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कई वार्डों में पिछले 6 दिनों से नलों में पानी नहीं पहुंचा है,जिससे आम जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। पानी की लगातार कमी से परेशान नागरिकों का गुस्सा अब खुलकर सामने आ रहा है। आज कई वार्डों के पार्षदों और स्थानीय रहवासियों ने नगर पालिका पहुंचकर सीएमओ से शिकायत की और जल्द समाधान की मांग की। नागरिकों का कहना है कि नियमित जलापूर्ति नहीं होने से घरों के दैनिक कामकाज पर बुरा असर पड़ रहा है। एक हफ्ते से पानी नहीं मिलने के कारण लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है और नाराजगी लगातार बढ़ती जा रही है। वहीं लोगों ने नगर पालिका से मांग की है कि सभी प्रभावित वार्डों में नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित की जाए और पाइपलाइन की समय-समय पर जांच की जाए,ताकि ऐसी समस्या दोबारा न हो। इस पूरे मामले में नगर पालिका के सीएमओ नवनीत पांडे ने बताया कि कॉलेज चौक क्षेत्र में मुख्य पाइपलाइन में लीकेज होने के कारण यह समस्या उत्पन्न हुई थी। पाइपलाइन की मरम्मत में करीब 48 घंटे का समय लगा,जिससे कई वार्डों की जलापूर्ति बाधित हो गई। सीएमओ के अनुसार अब तकनीकी खराबी को दूर कर दिया गया है और जलापूर्ति को सामान्य करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि आज शाम से प्रभावित क्षेत्रों में पानी की सप्लाई फिर से शुरू हो जाएगी। नगर पालिका ने नागरिकों से सहयोग की अपील करते हुए भरोसा दिलाया है कि जल्द ही सभी वार्डों में नियमित पानी की व्यवस्था बहाल कर दी जाएगी।0
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सिलारी और बेरखेड़ी में सड़क न होने से महिलाओं ने हाईवे पर चक्का जाम
Raisen, Madhya Pradesh:रायसेन सागर मार्ग पर ग्राम सिलारी और बेरखेड़ी में सड़क न होने से हाईवे की सड़क पर महिलाओं ने हाथ में लाठी डंडे लेकर चक्काजाम जाम कर दिया सागर भोपाल मुख्य मार्ग पर वाहनों की कतार लग गईं.. मौके पर पहुंचे पुलिस प्रशासन के अधिकारियों ने समझाइश दी नागरिक पहले भी सड़क को लेकर चक्काजाम प्रदर्शन कर चुके हैं0
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श्योपुर जनसुनवाई में अधिकारी की झपकी वायरल: जनता के सवालों पर क्या होगा समाधान?
Sheopur, Madhya Pradesh:श्योपुर वीडियो वायरल, जनसुनवाई में झपकी लेते एक कर्मचारी का वीडियो वायरल, कलेक्टर की जनसुनवाई में सोते नजर आए महाशय, जहां जनता अपनी समस्याओं के समाधान की उम्मीद लेकर पहुंचती है वहां लापरवाह कर्मी सोते दिख रहे है, श्योपुर जनसुनवाई में अधिकारी झपकी लेते नजर आए। अब सवाल यह क्या ऐसे होगा जनता की समस्याओं का समाधान0
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दिल्ली-पंजाब गिरफ्तारी: ISI हैंडलर के निर्देश पर पेट्रोल बम हमला साजिश
New Delhi, Delhi:दिल्ली और पंजाब से गिरफ्तार 6 संदिग्ध से पूछताछ में बड़ा खुलासा. सिविल लाइन्स में न्यू पुलिस लाइन, आनंद विहार बस अड्डा और रेलवे स्टेशन, आतंकियों के निशाने पर थे. दिल्ली में पेट्रोल बम से हमला करने की साजिश. पाकिस्तान में बैठे ISI हैंडलर शहजाद भट्टी के निर्देश का कर रहे थे. संदिग्धों के फोन से रेकी के वीडियो बरामद. सिविल लाइंस में न्यू पुलिस लाइन, आनंद विहार बस अड्डा और रेलवे स्टेशन, भीड़-भाड़ वाले बाजार के वीडियो संदिग्धों के फोन से मिले. प्रतिबंधित ऐप के ज़रिये भेजे गए थे शहजाद भट्टी को वीडियो. स्पेशल सेल में शहजाद भट्टी और आरोपियों की सोशल मीडिया चैट रिकवरी की. जून के आखिरी हफ्ते में शहजाद भट्टी और दानिश में बीच हुई चैट आई सामने. शहजाद भट्टी- आज शाम सामान मिलेगा उसे ले लेना. शहजाद भट्टी- सामान मिला?. दानिश- हां आज शाम सब इकट्ठा कर लिया. शहजाद भट्टी- सामान अच्छे से तैयार करो, संभाल कर रखा. मेसेज का इंतजार करो. दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने राजघाट के पीछे विजय घाट से पेट्रोल बम बरामद किए थे. शहजाद भट्टी के अलावा 10 और लोगों के संपर्क में थे ये आरोपी. ये सभी 10 लोग भी पाकिस्तान में बैठे हैं और शहजाद भट्टी के लिए काम करते हैं. गिरफ्तार आरोपियों के रोल.0
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धर्मांतरण के आधार पर मुस्लिम आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट करेगा फैसला
Noida, Uttar Pradesh:*क्या धर्मांतरण के बाद इस्लाम अपनाने वालों को मिलेगा 'पिछड़े मुस्लिम' आरक्षण? सुप्रीम कोर्ट करेगा फैसला, तमिलनाडु सरकार ने दायर की याचिका* धर्मांतरण के ज़रिए इस्लाम अपनाने वाले लोगों को 'पिछड़ा वर्ग मुस्लिम' के आरक्षण का फायदा देने से इंकार करने वाले मद्रास हाई कोर्ट के फैसले को तमिलनाडु सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। मद्रास हाई कोर्ट ने पिछले दिनों अपने फैसले में कहा था कि जो व्यक्ति किसी दूसरे धर्म से इस्लाम अपनाता है, वह केवल धर्म परिवर्तन के आधार पर "पिछड़ा वर्ग मुस्लिम" का दर्जा नहीं मांग सकता। मद्रास हाई कोर्ट ने तमिलनाडु सरकार के 2024 के उस सरकारी आदेश (GO) को भी असंवैधानिक करार दिया था जिसमें ऐसे धर्मांतरित लोगों को पिछड़े वर्ग का लाभ देने की बात कही गई थी *क्या था तमिलनाडु सरकार का 2024 का आदेश* 2024 के तमिलनाडु सरकार के आदेश के तहत पिछड़ा वर्ग, अत्यंत पिछड़ा वर्ग, विमुक्त समुदाय (DNC )और अनुसूचित जाति से इस्लाम अपनाने वालों को पिछड़ा वर्ग (मुस्लिम) का प्रमाणपत्र दिया जा सकता था। इस आदेश में प्रावधान था कि इन जातियों से इस्लाम अपनाने वाले लोगों को सात मान्यता प्राप्त मुस्लिम समुदायों में से किसी एक का सर्टिफिकेट दिया जा सकेगा, ताकि वह आरक्षण का लाभ ले सके। तमिलनाडु के 1993 के आरक्षण कानून के तहत जिन सात मुस्लिम समुदायों को पिछड़ा वर्ग माना गया है,उनमे अंसार,द tekkani मुस्लिम दुबेकुला,लब्बाई (जिसमें राउथर और मरक्कायर शामिल हैं),मापिल्ला,शेख और सैयद शामिल है। *हाई कोर्ट के सामने मामला क्या था* हाई कोर्ट ने यह आदेश समीर अहमद नाम के शख्स की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया था। समीर ने 2015 में हिंदू धर्म छोड़कर इस्लाम अपनाया था। 2016 में इसका सरकारी गजट नोटिफिकेशन भी जारी हुआ। उसने इस्लामी रीति-रिवाज से शादी की और उसके दो बच्चे हैं।बाद में उसने अपने लिए :मुस्लिम लेब्बाई' समुदाय का प्रमाणपत्र मांगा। तहसीलदार ने उसका आवेदन खारिज कर दिया, जिसके बाद उसने हाई कोर्ट में याचिका दायर की। *तमिलनाडु सरकार का पक्ष* हाई कोर्ट ने जब समीर की याचिका पर सुनवाई के दौरान 2024 के के सरकारी आदेश की वैधता की जांच की तो इस मामले के तमिलनाडु सरकार को भी पक्षकार बनाया। राज्य सरकार ने इसका बचाव करते हुए कहा कि यह आदेश व्यापक विमर्श के बाद जारी किया गया है। तमिलनाडु पिछड़ा वर्ग आयोग ने फरवरी 2024 में सरकार को सिफारिश भेजी थी कि समाज पिछड़े तबके से इस्लाम अपनाने वाले लोगों को सात मान्यता प्राप्त मुस्लिम समुदायों में से किसी एक का कम्युनिटी सर्टिफिकेट दिया जा सकता है। राज्य सरकार ने दलील दी कि उसका मकसद सिर्फ यह सुनिश्चित करना है कि जो लोग पहले से आरक्षण का लाभ ले रहे थे, वे केवल धर्म परिवर्तन करने के कारण उस लाभ से वंचित न हो जाएं।0
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