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चंदौली में काली माता मंदिर ध्वस्तीकरण पर कांग्रेस का प्रदर्शन, मुआवजे और नौकरी मांग

Chandauli, Uttar Pradesh:चंदौली - काली माता मंदिर ध्वस्तीकरण और बलदेव यादव की मौत को लेकर कांग्रेस का प्रदर्शन - कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पीडब्ल्यूडी कार्यालय पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन - मृतक बलदेव यादव के परिजनों को ₹1 करोड़ मुआवजा और एक सदस्य को सरकारी नौकरी की मांग - हादसे के लिए जिम्मेदार अधिकारियों, कर्मचारियों और निर्माण कंपनी पर एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की मांग - कांग्रेस का आरोप- करीब 200 वर्ष पुराने काली माता मंदिर के ध्वस्तीकरण में बरती गई लापरवाही - सड़क चौड़ीकरण से व्यापारियों और स्थानीय लोगों को हो रही परेशानियों का भी उठाया मुद्दा - कांग्रेस नेताओं का दावा- सड़क चौड़ीकरण से सैकड़ों दुकानें प्रभावित, हजारों लोगों के रोजगार पर संकट - सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर चूक का आरोप, पीडब्ल्यूडी अधिकारियों की भूमिका पर उठाए सवाल - डीडीयू जंक्शन गेट नंबर-1 से गेट नंबर-2 तक दुकानों की मरम्मत की अनुमति और क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत की भी मांग - कोंग्रेसियो ने दी चेतावनी- मांगें पूरी नहीं हुईं तो कांग्रेस करेगी बड़ा जनआंदोलन और धरना-प्रदर्शन बाइट : बृजेश गुप्ता, शहर अध्यक्ष, कांग्रेस, चंदौली बाइट : देवेंद्र सिंह, महासचिव, उत्तर प्रदेश कांग्रेस.
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झज्जर के सिंचाई विभाग के क्वार्टरों में छत टपकती, बड़े हादसे का खतरा

Jhajjar, Haryana:झज्जर में सिंचाई विभाग के सरकारी क्वार्टरों की बदहाल स्थिति अब वहां रहने वाले कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए चिंता का विषय बन चुकी है। वर्षों पुराने इन क्वार्टरों की छतें जगह-जगह से टपक रही हैं, दीवारों में दरारें आ चुकी हैं और बरसात के दिनों में घरों के अंदर तक पानी भर जाता है। ऐसे में कर्मचारी हर समय किसी बड़े हादसे की आशंका के साए में जीवन गुजारने को मजबूर हैं। कर्मचारियों का कहना है कि ये सरकारी क्वार्टर लंबे समय से मरम्मत का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन विभाग की ओर से अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। बरसात के मौसम में हालात और भी गंभीर हो जाते हैं। छत से लगातार पानी टपकने के कारण कमरों में रहना मुश्किल हो जाता है और दीवारों के कमजोर होने से हादसे का डर बना रहता है। कर्मचारियों के परिवारों ने बताया कि कई बार संबंधित अधिकारियों को समस्या से अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अब तक न तो क्वार्टरों की मरम्मत कराई गई और न ही वैकल्पिक आवास उपलब्ध कराया गया। उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो किसी भी दिन बड़ा हादसा हो सकता है। कर्मचारियों और उनके परिजनों ने सरकार और सिंचाई विभाग से मांग की है कि जर्जर क्वार्टरों की जल्द मरम्मत कराई जाए। यदि मरम्मत संभव नहीं है तो उन्हें सुरक्षित स्थान पर दूसरे सरकारी क्वार्टर उपलब्ध कराए जाएं, ताकि वे और उनके परिवार सुरक्षित वातावरण में रह सकें। कर्मचारी व परिवार रात के समय भय के साए में सोने पर मजबूर है। अब देखने वाली बात यह है कि शासन और प्रशासन क्या कोई ठोस कदम उठाता है या इन्हें ऐसे ही बिल्डिंग में रहना पड़ेगा। झज्जर कंडम बिल्डिंग इरीगेशन डिपार्टमेंट ग्राउंड रिपोर्ट झज्जर सुमित कुमार जी मीडिया
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बांदिपोरा में पेय जल संकट: छात्रों ने जलशक्ति विभाग के खिलाफ रोष प्रदर्शन

Bandipora: Scores of students and residents from Boniyar village in north Kashmir's Bandipora district protested against the Jal Shakti Department on Tuesday, accusing authorities of failing to provide drinking water despite repeated assurances and government schemes. The protesters blocked the Bandipora–Aloosa road at Onagam for nearly half an hour, disrupting traffic and demanding immediate intervention from the district administration. They said the government's Har Ghar Nal scheme exists only on paper in their village, where families continue to struggle for access to safe drinking water. "If the government cannot even provide us drinking water, then deport us to China or Bangladesh where at least we might get basic facilities," one student said. Another resident said the village has faced acute water shortage for a long time despite repeated appeals. "We have visited government offices dozens of times. Every time we are promised that the issue will be resolved, but nothing changes. We are exhausted by empty assurances." A local protester Hamida warned of growing public anger: "Today we blocked the road for half an hour. If the administration continues to ignore us, we will intensify our protests. We are only asking for our basic right to drinking water." The protesters urged the district administration and the Jal Shakti Department to restore a regular water supply and address the crisis before it worsens. They warned of launching a larger agitation in the coming days.
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भरतपुर में बीजेपी ने राजस्थान में सरकार रिपीट का मंत्र दिया

Bharatpur, Rajasthan:भरतपुर, राजस्थान में बीजेपी की संगठनात्मक बैठक में संगठन महामंत्री अजेय कुमार ने मंत्र दिया: पार्टी के कार्यकर्ताओं को एक लाइन का एजेंडा, यूपी, गुजरात, MP, उतराखण्ड सहित अन्य प्रदेशों में जैसी सरकार रिपीट होती है, उसी तरह राजस्थान में भी सरकार रिपीट हो इसे लेकर काम करना है. संगठन में सक्रिय कार्यकर्ताओं को प्रोत्साहन और निष्क्रिय कार्यकर्ताओं को बदलने की कवायद की जाएगी. बैठक समाप्ति के बाद डॉक्टर शैलेश दिगम्बर सिंह ने कहा. संगठन महामंत्री के आश्रय से कार्यकर्ताओं में जोश बढ़ा, राजस्थान में हमारी सरकार, सरकार रिपीट हो इसके लिए कार्यकर्ताओं को मूल मंत्र दिया गया; यही बैठक का एजेंडा रहा. अन्य प्रदेशों की तरह राजस्थान में भी सरकार रिपीट हो.
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बihar विधानसभा का मानसून सत्र 20 जुलाई से, पांच दिन में सरकार पर नज़र

Patna, Bihar:पटना बिहार विधानसभा का पांच दिवसीय मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होने वाला है विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार ने कहा कि... बिहार विधानसभा का मानसून सत्र 20 जुलाई से 24 जुलाई तक होगा... पांच दिनों का सत्र चलेगा... इसमें विधायक हिस्सा लेंगे और उसमें क्वेश्चन आवर ज़ीरो आवर.. ध्यानाकर्षण , औ प्रथम अनुपूरक बजट पेश किया जाएगा.. विधायकों के द्वारा गैर-सरकारी संकल्प और सरकार के द्वारा विधेयक और राजकीय कार्य भी लाए जाएंगे। कुल मिलाकर पांच दिन चलने वाला काफी महत्वपूर्ण है...इसमें राज्य के सभी माननीय विधायक हिस्सा लेंगे और अपने विधायी कार्यों के माध्यम से राज्य के विकास के लिए और क्षेत्र की बातों को असेंबली के माध्यम से सरकार का ध्यान आकृष्ट करायेंगे..
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बंगाल की खाड़ी में फिर डूबा ट्रॉलर, 13 मछुआरे बचाए गए, ट्रॉलर की खोज जारी

Jalabaria, West Bengal:আবারও বঙ্গোপসাগরের ট্রলার ডুبي উদ্ধার ১৩ জন মৎস্যজীবী নকিব উদ্দিন গাজী বঙ্গোপসাগর থেকে মাছ ধরে ফিরে আসার সময় কাকদ্বীপের একটি ট্রলার ডুবে যায়। গত কয়েক দিন আগে এফ বি সিদ্ধিবিনায়ক নামে একটি ট্রলার ১৩ জন মৎস্যজীবী নিয়ে সমুদ্রে রওনা দিয়েছিল। গতকাল রাতে ফিরে আসার সময় বকখালি থেকে প্রায় ৩০ কিলোমিটার দূরে সমুদ্রের প্রবল ঢেউয়ে ট্রলারটির তলা ফেটে গিয়ে ডুবে যায়। কাছাকাছি থাকা অন্য মৎস্যজীবী ট্রলার ডুবে যাওয়ার ট্রলারটি থেকে সমস্ত মৎস্যজীবীকে উদ্ধার করে। তবে এখনো পর্যন্ত দুর্ঘটনাগ্রস্ত ট্রলারটিকে উদ্ধার করা সম্ভব হয়নি। অন্যদিকে এই মুহূর্তে সমুদ্র উত্তাল প্রবল ঢেউয়ের কারণ most মৎস্যজীবী ট্রলার উপকূলে ফিরে আসতে শুরু করেছে।
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राजस्थान में 24x7 बाजार योजना पर विरोधाभास, छोटे व्यापारी मदद की मांग

Jaipur, Rajasthan:एंकर-राज्य सरकार ने 24 घंटे बाजार खोलने की महत्वाकांक्षी योजना पर अब बड़ा पेंच फंस गया है। श्रम विभाग के दो अलग-अलग आदेशों ने छोटे व्यापारियों की मुश्किल बढ़ा दी है। एक आदेश में 10 कर्मचारियों तक वाले प्रतिष्ठानों को पंजीकरण से छूट दी गई है, जबकि नए नियम के तहत 24 घंटे संचालन की सुविधा केवल पंजीकृत संस्थानों को मिलेगी। ऐसे में 4 से 5 कर्मचारियों वाले हजारों छोटे रेस्टोरेंट और दुकानदार इस योजना का लाभ कैसे उठाएंगे, इस पर सवाल खड़े हो गए हैं। व्यापारिक संगठनों ने इसे लेकर सरकार से नियम स्पष्ट करने और अलग व्यवस्था बनाने की मांग की है। प्रदेश में जयपुर सहित 123 शहरों में 24 घंटे और सातों दिन बाजार खोलने की राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना अब श्रम विभाग के दो अलग-अलग आदेशों के कारण उलझती नजर आ रही है। एक ओर 19 जून की अधिसूचना के तहत केवल राजस्थान दुकान एवं वाणिज्यिक प्रतिष्ठान अधिनियम, 1958 के तहत पंजीकृत दुकानों और संस्थानों को 24 घंटे संचालन की छूट दी गई है, वहीं दूसरी ओर 20 अगस्त 2025 के आदेश में 10 तक कर्मचारियों वाले दुकानों और वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों को पंजीयन से छूट दी गई थी। ऐसे में जिन छोटे प्रतिष्ठानों में केवल 4 से 5 कर्मचारी कार्यरत हैं, वे न तो पंजीयन के दायरे में आते हैं और न ही 24 घंटे संचालन की सुविधा का लाभ उठा पा रहे हैं। व्यापारिक संगठनों का कहना है कि सरकार के दोनों आदेशों के बीच विरोधाभास के कारण छोटे व्यापारियों के सामने असमंजस की स्थिति बन गई है। यदि 24 घंटे संचालन का लाभ केवल पंजीकृत प्रतिष्ठानों को मिलेगा, तो जिन प्रतिष्ठानों को पहले पंजीयन से ही छूट दे दी गई थी, वे इस व्यवस्था से बाहर हो जाएंगे। व्यापारिक संगठनों ने श्रम विभाग को ज्ञापन देकर मांग की है कि छोटे दुकानदारों और रेस्टोरेंट संचालकों के लिए अलग व्यवस्था बनाई जाए। उनका कहना है कि प्रदेश में बड़ी संख्या में ऐसे प्रतिष्ठान हैं जहां 4 से 8 कर्मचारी ही कार्यरत हैं। यदि पंजीयन अनिवार्य नहीं है तो वे 24 घंटे बाजार योजना का लाभ कैसे लेंगे। इसलिए या तो ऐसे प्रतिष्ठानों का स्वैच्छिक पंजीकरण कराया जाए या फिर उन्हें भी अधिसूचना के दायरे में शामिल किया जाए। प्रदेश में जयपुर सहित 123 शहरों में 24 घंटे और सातों दिन बाजार खोलने की राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना अब श्रम विभाग के दो अलग-अलग आदेशों के कारण उलझती नजर आ रही है। एक ओर 19 जून की अधिसूचना के तहत केवल राजस्थान दुकान एवं वाणिज्यिक प्रतिष्ठान अधिनियम, 1958 के तहत पंजीकृत दुकानों और संस्थानों को 24 घंटे संचालन की छूट दी गई है, वहीं दूसरी ओर 20 अगस्त 2025 के आदेश में 10 तक कर्मचारियों वाले दुकानों और वाण्यज… (अंकित अंशों को समाहित रखते हुए) वेगवती नोटिस के अनुसार 24 घंटे संचालन की योजना के लाभ को ध्यान में रखते हुए, व्यापारी समूहों ने सरकार से समन्वय स्थापित कर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की है ताकि बजट घोषणा का लाभ छोटे व्यापारियों तक भी पहुंच सके। बाइट-व्यापारी कर्मचारियों के हितों के लिए लागू होंगी सख्त शर्तें: प्रत्येक कर्मचारी को सप्ताह में एक दिन रोटेशन के आधार पर सवेतन अवकाश देना होगा। किसी कर्मचारी से एक दिन में अधिकतम 10 घंटे और सप्ताह में अधिकतम 48 घंटे ही कार्य लिया जा सकेगा। ओवरटाइम कराए जाने पर इसका रिकॉर्ड रखना होगा। अतिरिक्त कार्य का नियमानुसार भुगतान करना अनिवार्य होगा। सभी कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र देना होगा। नियुक्ति पत्र की प्रति संबंधित श्रम निरीक्षक को भेजकर उसकी पावती सुरक्षित रखनी होगी। बहरहाल, प्रदेश में 24 घंटे बाजार खोलने की सरकार की महत्वाकांक्षी योजना व्यापार और पर्यटन के लिए बड़ा कदम मानी जा रही है, लेकिन श्रम विभाग के दो अलग-अलग आदेशों ने छोटे व्यापारियों के सामने नई दुविधा खड़ी कर दी है। अब निगाहें सरकार पर हैं कि वह इस विरोधाभास को दूर कर छोटे प्रतिष्ठानों के लिए अलग व्यवस्था करती है या नहीं। जब तक स्पष्ट निर्देश जारी नहीं होते, तब तक हजारों छोटे दुकानदार और रेस्टोरेंट संचालक इस योजना के लाभ से वंचित रह सकते हैं।
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नंबर प्लेट छिपाने पर अब सीधी सीज, ITMS कैमरे लगेंगे कड़ी नजर

Mathura, Uttar Pradesh:सावधान! नंबर प्लेट छिपाई तो सीधे होगी गाड़ी सीज, हाई-टेक कैमरों से पुलिस की पैनी नजर मथुरा।अगर आप ट्रैफिक नियमों से बचने के लिए अपनी गाड़ी की नंबर प्लेट छिपाते हैं, उस पर टेप लगाते हैं, रंग पोतते हैं या किसी भी तरह की छेड़छाड़ करते हैं, तो अब सावधान हो जाइए। पुलिस ने ऐसे वाहन चालकों के खिलाफ सख्त अभियान शुरू कर दिया है। अब सिर्फ चालान ही नहीं, बल्कि वाहन को मौके पर ही सीज भी किया जा सकता है। सड़कों पर तेज रफ्तार से वाहन चलाने और ट्रैफिक नियमों की अनदेखी करने वाले कई चालक कैमरों से बचने के लिए नंबर प्लेट को जानबूझकर ढक देते हैं या उसके साथ छेड़छाड़ करते हैं। लेकिन अब ऐसी चालाकी ज्यादा दिन नहीं चलेगी। पुलिस प्रशासन ने ऐसे वाहनों पर सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। शहर के प्रमुख चौराहों और मार्गों पर लगे इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम यानी ITMS के हाई-टेक कैमरे हर वाहन पर लगातार नजर रख रहे हैं। जिन वाहनों की नंबर प्लेट संदिग्ध दिखाई देती है या जिनमें किसी तरह की छेड़छाड़ की गई है, उन्हें तुरंत चिन्हित किया जा रहा है। इतना ही नहीं, ट्रैफिक पुलिस और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीमें सड़कों पर लगातार अभियान चलाकर वाहनों की लाइव चेकिंग भी कर रही हैं। जांच के दौरान यदि किसी वाहन की नंबर प्लेट छिपी हुई, मिटाई गई या नियमों के विपरीत पाई जाती है, तो संबंधित वाहन चालक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का साफ संदेश है कि ट्रैफिक नियमों से बचने के लिए नंबर प्लेट के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ करना कानून का उल्लंघन है। ऐसे मामलों में केवल चालान ही नहीं, बल्कि आवश्यकता पड़ने पर वाहन को सीज भी किया जा सकता है। इसलिए यदि आप सड़क पर वाहन चला रहे हैं, तो ट्रैफिक नियमों का पालन करें और अपनी नंबर प्लेट को निर्धारित मानकों के अनुसार साफ और स्पष्ट रखें। थोड़ी-सी लापरवाही या चालाकी आपको भारी पड़ सकती है।
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आजाद समाज पार्टी का मेरठ प्रदर्शन: लाठीचार्ज और सीबीआई जांच की मांग

Chanwal, Himachal Pradesh:हमीरपुर:-मेरठ की घटना को लेकर आजाद समाज पार्टी का प्रदर्शन, नारेबाजी करते हुए राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन एडीएम को सौपा, मेरठ में कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज करने पर विरोध जताया, ललिता गौतम हत्याकांड की सीबीआई जांच की मांग, मेरठ के एसएसपी की बर्खास्तगी की भी की मांग, प्रदर्शन के दौरान पुलिस बल प्रयोग की निष्पक्ष जांच कराने की मांग रखी, दोषियों पर सख्त कार्रवाई और पीड़ित परिवार को सुरक्षा देने की मांग की गई, मांगें पूरी न होने पर आंदोलन की चेतावनी, जिला मुख्यालय के कलेक्ट्रेट परिसर का मामला।
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