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हनुमानगढ़: लाठीचार्ज के बाद राजपूत समाज ने उच्चस्तरीय जांच और मुआवजे की मांग की

Hanumangarh, Rajasthan:हनुमानगढ़ (राजस्थान) में क्षत्रिय राजपूत समाज मंच एवं सर्वण समाज के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन अतिरिक्त जिला कलेक्टर के माध्यम से सौंपा। 3 अगस्त को जयपुर में UGC रोल बैंक की मांग को लेकर हुए आंदोलन के दौरान पुलिस लाठीचार्ज की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की गई। ज्ञापन में कहा गया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन के बावजूद पुलिस ने महिलाओं, बुजुर्जों और बच्चों पर बल प्रयोग किया जिससे कई लोग घायल हुए। घायल देवराज सिंह की उपचार के दौरान मृत्यु की भी चर्चा है। ज्ञापन में संबंधित पुलिस अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज करने, न्यायिक जांच, घायलों को मुआवजा व निशुल्क उपचार, आंदोलनकारियों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने और UGC रोल बैंक की मांग पर सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की गई। समाज ने चेतावनी दी कि समय पर कार्रवाई नहीं होने पर प्रदेशव्यापी आंदोलन किया जाएगा।
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रींगस-खाटू मार्ग पर जलभराव से भक्तों की पदयात्रा मुश्किल, प्रशासन पर सवाल

Sikar, Rajasthan:रींगस-खाटू मार्ग पर जलभराव से श्याम भक्त परेशान, गंदे पानी और कीचड़ से होकर गुजर रही पदयात्रा सीकर जिले के रींगस से खाटू श्यामजी जाने वाले मुख्य मार्ग पर जगह-जगह जलभराव और कीचड़ ने श्याम भक्तों की परेशानी बढ़ा दी है। मार्ग पर जमा गंदे पानी के बीच से श्रद्धालुओं को पदयात्रा करनी पड़ रही है। ऐसे में स्थानीय प्रशासन और जिला प्रशासन की व्यवस्थाओं एवं दावों की पोल खुलती नजर आ रही है। महाराष्ट्र से करीब 800 महिलाएं रींगस से खाटू श्यामजी की पदयात्रा कर रही हैं। पदयात्रा के दौरान उन्हें मार्ग में जगह-जगह भरे गंदे पानी और कीचड़ से होकर गुजरना पड़ा। श्रद्धालुओं का कहना है कि बाबा श्याम के दर्शन के लिए वे लंबी दूरी तय करके पहुंचे हैं, लेकिन रास्ते में प्रशासन की ओर से पर्याप्त व्यवस्थाएं नहीं होने के कारण काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मार्ग की बदहाल स्थिति के बावजूद भी बारां निवासी वीरेंद्र प्रजापति जलभराव वाले रास्ते के बीच से पेट पलायन करता नजर आया। जलभराव के साथ मार्ग पर जगह-जगह गड्ढे हो गए हैं। इससे पैदल यात्रियों के साथ वाहन चालकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पानी भरा होने के कारण गड्ढों का अंदाजा नहीं लग पाता, जिससे हादसे की आशंका बनी रहती है। श्रद्धालुओं ने कहा कि खाटू श्यामजी में बड़ी संख्या में देशभर से भक्त पहुंचते हैं। ऐसे में रींगस-खाटू मार्ग पर जल निकासी और साफ-सफाई की पर्याप्त व्यवस्था होना जरूरी है। जलभराव, कीचड़ और गंदगी ने प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। श्रद्धालुओं ने प्रशासन से मार्ग से पानी की निकासी करवाने, कीचड़ हटाने और सड़क की मरम्मत करवाने की मांग की है.
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मोहन भागवत शेगाव-खामगांव दौरे पर दर्शन और सत्कार से भरा स्वागत

Buldhana, Maharashtra:बुलढाणा फ्लॅश राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघाचे सरसंघचालक मोहन भागवत आज शेगाव खामगाव दौऱ्यावर .. शेगाव येथील श्री संत गजानन महाराज मंदिरात जाऊन घेतले श्रींचे दर्शन .. मंदिर प्रशासनाकडून मोहन भागवत यांचा टाळ मृदुंगाच्या गजरात सत्कार .. अँकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत आज शेगाव, खामगाव दौऱ्यावर असून मोहन भागवत यांनी शेगावच्या श्री संत गजानन महाराज मंदिरात जाऊन श्रीच्या समाधीचे दर्शन घेतले तसेच श्रींच्या चरणी नतमस्तक झाले .. यावेळी शेगाव मंदिर प्रशासनाकडून ही मोहन भागवत यांचा सत्कार करण्यात आला . तसेच वारकऱ्यांच्या उपस्थितीत टाळ मृदुंगाच्या गजरात भक्तिपूर्ण वातावरणात स्वागत ही करण्यात आले.. दरम्यान मोहन भागवत यांनी मंदिर प्रशासनाकडून संपूर्ण माहिती जाणून घेतली ..
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पंचगणी–महाबळेश्वर道 पर गड्ढे, पर्यटक-नागरिक परेशान; प्रशासन से मरम्मत की मांग

Satara, Maharashtra:महाबळेश्वर - राज्यातील प्रमुख पर्यटनस्थळांना जोडणारा पाचगणी–महाबळेश्वर रस्त्यावर मोठ्या प्रमाणात खड्डे पडले आहेत. त्यामुळे पर्यटकांना मोठ्या त्रासाला सामोरे जावं लागत आहे. ठिकठिकाणी पडलेल्या मोठ्या खड्ड्यांमुळे दररोज हजारो पर्यटक, स्थानिक नागरिक आणि व्यावसायिक वाहनचालकांना जीव धोक्यात घालून प्रवास करावा लागत आहे. सध्या पावसाळी पर्यटनासाठी मोठ्या संख्येने पर्यटक पाचगणी महाबळेश्वर मध्ये येत आहेत मात्र खड्डे चुकवताना वाहने वारंवार घसरत असून, त्यामुळे अपघातांचे प्रमाण देखील वाढले आहे. त्यामुळे एखादा मोठा अपघात होण्यापूर्वीच प्रशासनाने तातडीने या रस्त्याची दुरुस्ती करावी, अशी मागणी होत आहे.
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आगरा की नई सड़क धँसी, लोगों ने कहा पाताल लोक का रास्ता; जांच की मांग

Agra, Uttar Pradesh:आगरा में क्या सचमुच 'पाताल लोक' का रास्ता निकल आया? तस्वीरें कमला नगर के पॉश कर्मयोगी रोड की हैं, जहां सुबह-सुबह सड़क अचानक धंस गई और बीच सड़क करीब 5 फुट चौड़ा व 10 फुट गहरा गड्ढ़ा बन गया. गड्ढ़ा इतना गहरा है कि लोग इसे 'पाताल लोक का रास्ता' कहकर सोशल मीडिया पर शेयर कर रहे हैं. सबसे बड़ा सवाल यह है कि करोड़ों रुपये की लागत से बनी सड़क आखिर चार महीने में ही क्यों जवाब दे गई. सुबह करीब 6 बजे लोगों ने देखा कि कर्मयोगी रोड के बीचों-बीच सड़क धंस चुकी है. देखते ही देखते मौके पर लोगों की भीड़ लग गई. गहरे गड्ढे की वजह से राहगीरों और वाहन चालकों के लिए बड़ा हादसा होने का खतरा पैदा हो गया. एहतियात के तौर पर इलाके को घेरकर लोगों को दूर रहने की सलाह दी गई. स्थानीय लोगों का कहना है कि यह सड़क महज चार महीने पहले ही बनाई गई थी, लेकिन अब एक महीने के भीतर दूसरी बार बड़ा गड्ढा बन गया है. इसे लेकर निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं. लोगों का आरोप है कि निर्माण में भारी लापरवाही बरती गई, जिसका खामियाजा अब आम जनता भुगत रही है. मामला राजनीतिक रंग भी ले गया. समाजवादी पार्टी के प्रदेश महासचिव नितिन कोहली सांकेतिक विरोध के तौर पर सीढ़ी लगाकर गड्ढे के अंदर उतर गए. उन्होंने नगर निगम, जलकल विभाग और संबंधित निजी कंपनी पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की. उधर जलकल विभाग का कहना है कि मामले की जांच कराई जा रही है. विभाग के महाप्रबंधक कुमार गौरव के अनुसार तकनीकी टीम मौके पर पहुंचकर सड़क धंसने के कारणों का पता लगा रही है और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल सवाल सिर्फ एक गड्ढे का नहीं है, बल्कि उस व्यवस्था का है जिसमें करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद नई सड़कें कुछ महीनों में ही धंसने लगती हैं. जिम्मेदारी किसकी है—नगर निगम की, जलकल विभाग की, ठेकेदार की या किसी निजी कंपनी की—इसका फैसला जांच करेगी. लेकिन तब तक आगरा के लोग यही कह रहे हैं कि अगर सड़कें यूं ही धंसती रहीं, तो विकास की राह नहीं, 'पाताल लोक' का रास्ता ही दिखाई देगा.
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गुरेज़–बंदिपोरा सड़क के roadside कारोबार पर बारिश ने भारी असर डाला, पर्यटक संख्या घटी

Weeks of Rain Hit Roadside Economy on Gurez Bandipora road as Tourist Arrivals Decline Anchor:-Weeks of continuous rainfall have led to a sharp decline in tourist arrivals to Gurez Valley in north Kashmir Bandipora district, severely impacting the region's tourism-dependent roadside economy. The worst-hit are the dozens of roadside dhaba owners, tea stall operators, and small vendors along the Gurez–Bandipora road, many of whom say their businesses have nearly collapsed due to the sharp fall in tourist footfall. Several claim they are now struggling to earn even ₹100–200 a day, compared with around ₹2,000 they would typically make during the peak tourist season. One dhaba owner, while speaking to Salam Tv, said that earlier he used to earn nearly ₹2,000 a day during the tourist season, but his daily earnings have now fallen to barely ₹200, making it increasingly difficult to support his family. The slowdown comes after an encouraging start to the tourism season. In the first three months alone, Gurez Valley recorded nearly 1.5 lakh tourist visits, generating significant economic activity and creating livelihood opportunities for local residents. Dozens of local youths earn their livelihood through roadside dhabas, tea stalls, eateries, and other small businesses that cater to tourists travelling along the Gurez–Bandipora road. With visitor numbers falling sharply, many say they are struggling to meet their daily expenses. The situation underscores how climate change and prolonged extreme weather events are not only claiming lives, damaging homes, and disrupting infrastructure, but are also quietly eroding the fragile roadside economy that sustains thousands of dhaba owners, tea stall operators, hoteliers, transporters, and other small businesses in offbeat Himalayan tourist destinations. Byte By Local dhaba owners Gh.Mohudeen Khan
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BJP अनंतनाग रैली के नारों से दूरी, मोदी की महिला सशक्तिकरण योजना पर जोर

Badgam, BJP chief spokesperson Altaf Thakur apologizes for "Azi hund Fazi Hund" remarks, says we believe in women empowerment and dignity. J&K BJP disowns defamatory slogans at Anantnag Housing Colony Rally, reaffirms PM Modi's commitment to women's dignity. The BJP spokesperson said objectionable slogans raised by some individuals do not reflect BJP's ideology or the purpose of the rally. BJP stands by Prime Minister Narendra Modi's vision of women empowerment and 33 percent reservation for women. The Bharatiya Janata Party (BJP) has distanced itself from the defamatory slogans raised by some individuals during a rally at Anantnag Housing Colony, asserting that such remarks neither represent the party's ideology nor the official stand of its leadership. BJP J&K chief spokesperson Altaf Thakur said the party firmly believes in respecting the dignity of women and remains committed to Prime Minister Narendra Modi's vision of women empowerment. "Our party has always upheld the dignity and honour of women. The BJP has been at the forefront of empowering women, and the historic decision to provide 33 per cent reservation for women reflects that commitment," Thakur said. He said the objectionable slogans allegedly raised by some elements during the rally should not be attributed to the BJP as an organisation. "Some individuals may have raised slogans based on their personal thinking or emotions, but those slogans do not represent the BJP's official stand or the views of the leaders who led the rally. The party does not endorse any defamatory or derogatory remarks against anyone," he said. Thakur reiterated that the BJP believes in maintaining political decorum and issue-based politics, adding that the party's policies and public conduct are guided by the principles of respect, democracy and constitutional values. He said the BJP remains committed to strengthening the participation of women in public life and will continue to support initiatives aimed at ensuring their social, political and economic empowerment. If the statement specifically names a political leader or target of the slogans, that can also be incorporated for greater context
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रामनगर के दिव्यांग विद्यालय से दो बच्चों की लापता, पुलिस ने CCTV से जांच शुरू

Noida, Uttar Pradesh:रामनगर के यू एस आर इंदु समिति के दिव्यांग विद्यालय से दो दिव्यांग बच्चों के लापता होने का मामला सामने आया है. विद्यालय की शिक्षिका अनुप्रिया शर्मा ने रामनगर कोतवाली पहुंचकर पुलिस को लिखित तहरीर दी है और दोनों बच्चों की जल्द से जल्द तलाश किए जाने की मांग की है. तहरीर के अनुसार, संस्था से 6 अगस्त 2026 की रात लगभग 9 बजे दो बालक कहीं चले गए, जिनका अभी तक पता नहीं चला है. एक बालक का नाम देवा है, जिसकी उम्र लगभग 14 वर्ष है; वह सामान्य बच्चों की तरह व्यवहार करता है और सुन सकता है. दूसरा बालक श्याम है, जिसकी उम्र लगभग 14 वर्ष बताई गई है; वह सुन सकता है लेकिन बोल नहीं पाता और मानसिक रूप से कमजोर बताया गया है. शिक्षिका ने पुलिस से अनुरोध किया है कि मामले में तत्काल कार्रवाई कर बच्चों की सुरक्षित बरामदगी कराई जाए. बच्चों विशेष आवश्यकता वाले हैं, इसलिए उनकी सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए. रामनगर कोतवाल ने बताया कि पुलिस ने तहरीर के आधार पर जांच शुरू कर दी है. आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, साथ ही विद्यालय के कर्मचारियों, आसपास के लोगों व गवाहों से पूछताछ की जाएगी ताकि बच्चों के जाने की दिशा और परिस्थितियों का पता लग सके. पुलिस यह भी पता लगा रही है कि बच्चे किन परिस्थितियों में विद्यालय से बाहर गए, इसके पीछे क्या कारण रहा और कहीं किसी प्रकार की लापरवाही तो नहीं है. पूर्व में भी इस दिव्यांग विद्यालय से जुड़े कई मामले सामने आ चुके हैं, इसलिए इस घटना को भी गंभीरता से लिया जा रहा है. पुलिस का कहना है कि दोनों बच्चों की सुरक्षित बरामदगी के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं और आगे की जांच जारी है.
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गांव नवादा में तीन दिन से ठप बिजली आपूर्ति बहाल, जेई के निर्देश पर देर शाम तक पूरा हुआ कार्य

Baheri, Uttar Pradesh:बहेड़ी। तहसील बहेड़ी के ग्राम नवादा में पिछले तीन दिनों से बिजली आपूर्ति बाधित रहने के कारण ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। लगातार शिकायतों के बाद बिजली विभाग ने शुक्रवार को मौके पर टीम भेजी और देर शाम तक अस्थायी व्यवस्था कर आपूर्ति बहाल कर दी। ग्रामीणों के अनुसार गांव में पहले लगाए गए बिजली के खंभे खेतों की ओर स्थित हैं, जो बरसात के दौरान अक्सर प्रभावित हो जाते हैं। तीन दिन पूर्व एक खंभा गिर जाने से नवादा सहित आसपास के क्षेत्रों की विद्युत आपूर्ति ठप हो गई थी। ग्रामीणों ने बताया कि नवादा व चूरेला समेत कई गांवों को नगर पंचायत फरीदपुर स्थित विद्युत उपकेंद्र से बिजली आपूर्ति की जाती है। ग्रामीणों का कहना है कि लगभग एक वर्ष पहले गांव के विद्युतीकरण के लिए नए खंभे लगाए जाने थे, लेकिन विभागीय स्तर पर कार्य पूरा नहीं हो सका। उनका आरोप है कि यदि समय रहते सड़क की ओर नए खंभे स्थापित कर दिए गए होते तो बारिश के दौरान यह समस्या उत्पन्न नहीं होती। ग्रामीणों ने मांग की कि स्थायी समाधान के लिए जल्द से जल्द नए खंभे लगाकर बिजली व्यवस्था मजबूत की जाए। शिकायत की जानकारी मिलने पर अवर अभियंता (जेई) कृष्णकांत ने तत्काल विभागीय टीम को मौके पर भेजा। भारी बारिश के बीच कर्मचारियों ने क्षतिग्रस्त लाइन की मरम्मत कर अस्थायी रूप से तारों की व्यवस्था की और देर शाम तक बिजली आपूर्ति सुचारु कर दी। जेई कृष्णकांत ने बताया कि खेतों में जलभराव होने के कारण फिलहाल नया खंभा लगाना संभव नहीं है। जैसे ही परिस्थितियां अनुकूल होंगी, स्थायी समाधान के लिए आवश्यक कार्य कराया जाएगा। फिलहाल ग्रामीणों की सुविधा को देखते हुए सुरक्षित एवं अस्थायी व्यवस्था के माध्यम से बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई है।
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