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SRSANDEEP RATHORE6 Aug 2025, 09:48 am

रक्षा बंधन पर पालीवाल ब्राह्मणों का बलिदान दिवस: जानें क्यों नहीं मनाते पर्व!

Pali, Rajasthan:पाली रक्षा बंधन पर्व जहां हर समाज, जाति, क्षेत्र में मनाया जाता है वहीं पालीवाल ब्राह्मण इस पर्व को नहीं मनाते हैं। इसके पीछे पालीवाल ब्राह्मणों के इतिहास की दर्दनाक घटना है। पालीवाल ब्राह्मण समाज के लोग बताते हैं कि हमारे समाज के लोग यह पर्व विक्रम संवत 1348 से नहीं मना रहे हैं। यह आज भी कायम है। इस दिन इस समाज के लोग श्रावणी रक्षाबंधन की बजाय इस दिन को बलिदान दिवस के रूप मे मनाते हुए तर्पण करते है। बताया जाता है कि एक समय पाली नगर में लगभग सवा लाख पालीवाल ब्राह्मण परिवार रहते थे। वे सभी बहुत समृद्ध और सुखी थे। उनकी संपन्नता के कारण, उन पर अक्सर पहाड़ी लुटेरों द्वारा हमले होते थे। इन हमलों से परेशान होकर, पालीवाल ब्राह्मणों के मुखिया, जसोधर, ने राव सीहा से मदद मांगी। उन्होंने राव सीहा को एक लाख रुपये का नजराना भेंट कर अपनी रक्षा की प्रार्थना की। राव सीहा ने उनकी प्रार्थना स्वीकार कर ली और समय-समय पर लुटेरों से लड़कर उनकी रक्षा की। कुछ समय बाद, मुगलों ने पाली पर हमला कर दिया। राव सीहा ने आक्रमणकारियों का बहादुरी से सामना किया और युद्ध में वीरगति को प्राप्त हुए। उनके बाद, उनके बड़े बेटे आस्थान ने गद्दी संभाली और पालीवाल ब्राह्मणों की रक्षा का भार उठाया। विक्रम संवत 1347 में, जलालुद्दीन खिलजी, जो फिरोजशाह द्वितीय के नाम से दिल्ली का शासक बना, ने अगले साल पाली पर हमला कर दिया। युद्ध लंबे समय तक चला, लेकिन जीत नहीं मिलने पर उसने एक क्रूर चाल चली। उसने गायें काटकर पाली के एकमात्र पानी के स्रोत, लाखोटिया तालाब, में डलवा दीं। इससे तालाब का पानी दूषित हो गया और पानी की भारी समस्या उत्पन्न हो गई। इसी युद्ध में आस्थान भी वीरगति को प्राप्त हुए। इसके बाद, विक्रम संवत 1348, श्रावण पूर्णिमा के दिन, जो रक्षा बंधन का पर्व था, पालीवाल ब्राह्मणों ने अपने धर्म और स्वाभिमान की रक्षा के लिए युद्ध में भाग लिया। उन्होंने केसरिया धारण किया और मैदान में उतर गए। इस युद्ध में हजारों पालीवाल ब्राह्मण मारे गए। ऐसा कहा जाता है कि शहीदों के शरीरों से 9 मन जनेऊ उतारी गई और जो महिलाएं सती हुईं, उनके चूड़ियों का वजन 84 मन था। इस भीषण घटना के बाद, बचे हुए पालीवाल ब्राह्मणों ने पाली का त्याग करते हुए जैसलमेर रियासत में शरण ली। हजारों ब्राह्मणों के बलिदान और माताओं के वैधव्य से दुखी होकर, उन्होंने एकता और धर्म रक्षा का परिचय देते हुए पाली नगर को हमेशा के लिए छोड़ दिया। इसी दुखद घटना की याद में, पालीवाल ब्राह्मण आज भी रक्षा बंधन का पर्व नहीं मनाते हैं। यह त्योहार उनके लिए बलिदान और स्वाभिमान के एक दर्दनाक अध्याय का प्रतीक बन गया है और इस दिन अपने पूर्वजों के बलिदान को बलिदान दिवस के रूप मे मनाते हुए तालाब मे तर्पण करते है।
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डूंगरपुर में हर घर तिरंगा यात्रा देशभक्ति के गीतों के बीच निकली

Dungarpur, Rajasthan:हर घर तिरंगा अभियान, डूंगरपुर में देशभक्ति गीतों के बीच निकली भव्य तिरंगा यात्रा, भारत माता के जयकारों से गूंजा शहर डूंगरपुर जिले में 'हर घर तिरंगा' अभियान के तहत जिला प्रशासन की ओर से शहर में भव्य तिरंगा यात्रा का आयोजन किया गया। देशभक्ति गीतों की धुन और 'भारत माता की जय' के गगनभेदी उद्घोष के साथ निकाली गई इस यात्रा से पूरा डूंगरपुर शहर देशभक्ति के रंग में रंग गया। शहर के लक्ष्मण मैदान में जिला कलेक्टर देशल दान, भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष अशोक पटेल तथा किसान मोर्चा के प्रदेश मंत्री बंसीलाल कटारा ने संयुक्त रूप से तिरंगा फहराकर और हरी झंडी दिखाकर यात्रा को रवाना किया। लक्ष्मण मैदान से शुरू हुई यह तिरंगा यात्रा शहर के प्रमुख मार्गों— तहसील चौराहा, पुराना बस स्टैंड, शास्त्री कॉलोनी और नया बस स्टैंड से होती हुई शहीद स्मारक पार्क पहुंची। यात्रा के दौरान रास्ते में जगह-जगह स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों ने यात्रा का स्वागत किया और देशभक्ति के गीतों पर शहरवासी झूमते नजर आए। तिरंगा यात्रा में प्रशासनिक अधिकारियों, कर्मचारियों, विभिन्न राजनीतिक व सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों, स्काउट-गाइड और बड़ी संख्या में स्कूली छात्र-छात्राओं ने हाथों में तिरंगा लेकर हिस्सा लिया। विद्यार्थियों और युवाओं के उत्साह से पूरा मार्ग भारत माता के जयकारों से गुंजायमान रहा। यात्रा का समापन शहीद स्मारक पार्क में हुआ। यहाँ आयोजित संक्षिप्त कार्यक्रम में उपस्थित सभी अतिथियों, अधिकारियों और नागरिकों ने देश की रक्षा और आजादी के लिए अपने प्राणों की आहुर्ति देने वाले अमर शहीदों को श्रद्धांजलि देते हुए याद किया।
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वैभव खेडेकर ने राज ठाकरे के कोकण दौरे पर दी तीखी टिप्पणी

Ratnagiri, Maharashtra:राज ठाकरेंच्या दौऱ्यावर वैभव खेडेकरांचा टोला; भास्कर जाधवांच्या बैठकीवरून ‘राजकीय क्रांती’चे संकेत! राज ठाकरेंच्या कोकण दौरा: राज ठाकरेंच्या हाताला काही लागणार नाही राज ठाकरेंचा दौरा कार्यकर्त्यांसाठी संजीवनी ठरेल; वैभव खेडेकर यांची खोचक टिप्पणी राज ठाकरेंच्या महामार्ग पाहणी दौऱ्यावरून खेडेकर यांचा टोला गडकरी साहेबांनी रस्ता जवळपास पूर्ण केला आहे, राज ठाकरेंच्या दौऱ्यात हाती काही लागणार नसल्याचा दावा भास्कर जाधव कार्यकर्ता मेळावा: महाबळेश्वर-पाचगणीच्या बैठकीनंतर क्रांती घडते! भास्कर जाधवांच्या बैठकीवर वैभव खेडेकरांची सूचक प्रतिक्रिया महाबळेश्वरची भूमी राजकीय क्रांती करणारी भास्करशेठ क्रांतीची मशाल घेऊन येतात की नाही माहीत नाही; वैभव खेडेकरांचा सूचक इशारा कोकणात पुन्हा राजकीय भूकंपाचे संकेत?; वैभव खेडेकरांच्या वक्तव्याने चर्चांना उधाण
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सिंधुदुर्ग के नापणे झरने पर ग्लास पुल, पर्यटकों के लिए मंत्रमुग्ध अनुभव

Oras Bk., Maharashtra:सिंधुदुर्ग पर्यटकांच्या पसंतीस उतरलेला नापणे धबधबा आणि त्यावरील काचेचा पूल निसर्गाचा धबधब्यांचा इथला अविष्कार डोळ्यांसह मनाला ही आल्हाददायक केल्याशिवाय राहत नाही. सिंधुदुर्ग जिल्ह्यात धबधब्यांची साखळीच अवतरली आहे वैभववाडी तालुक्यातील नापणे धबधब्यावरील काचेचा पूल हे एक पर्यटकांचे आवडते ठिकाण है. धबधब्यावरील काचेच्या पुलावरून न्याहाळणे हा एक अजोड असा अनुभव आहे. डोळ्यांचे पारणे फिटल्याशिवाय राहत नाही. त्यामुळे राज्यभरातून पर्यटक इथे येत असतात. विकेंडला तर पाय ठेवायला ही जागा नसते. स्थानिक पर्यटकांचे हे आवडते ठिकाण बनले आहे. पाहुया डोळ्यांचे पारणे फेडणाऱ्या या काचेच्या पुलावरून आढावा घेतलाय आमचे प्रतिनिधी उमेश परब यांनी
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पांचू पुलिस ने नशे के खिलाफ कार्रवाई, गुजरात कार से 15 कार्टून शराब बरामद

Bikaner, Rajasthan:नोखा, बीकानेर पांचू पुलिस की नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, नाकाबंदी के दौरान लग्जरी कार से पकड़ी अवैध शराब, gaur Gujarat नंबर की कार से 15 कार्टून अंग्रेजी शराब बरामद, हरियाणा निर्मित महंगी अंग्रेजी शराब जब्त, गुजरात निवासी दो आरोपी गिरफ्तार, भारत माला रोड पर ए श्रेणी की नाकाबंदी में कार्रवाई, आईजी बीकानेर के निर्देश पर रेंज में की गई नाकाबंदी, सीओ नोखा जरनेल सिंह के सुपरविजन में कार्रवाई, panchu पुलिस की एक दिन में नशे के खिलाफ दूसरी बड़ी कार्रवाई, ईश्वर प्रसाद, रामनिवास, दिनेश, राणाराम व खुशराज की टीम ने की कार्रवाई,
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12 यात्रियों की नाव पलटने से अफरा-तफरी, सभी सुरक्षित बाहर निकले

Kurustikur, Chhattisgarh:एंकर-कोटरी नदी के बेचाघाट में शुक्रवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब करीब 12 लोगों और दो मोटरसाइकिलों को लेकर जा रही नाव अचानक पटलट गई। हालांकि नाविक और स्थानीय लोगों की तत्परता से सभी सवारों को सुरक्षित नदी के किनारे निकाल लिया गया। हादसे में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। बताया जा रहा है कि नदी का जलस्तर फिलहाल कम है। इसी दौरान पानी के अंदर नाव रेत के टीले से टकरा गई, जिससे नाव अचानक एक तरफ झुक गई। नाव में सवार लोग घबरा गए और जल्दबाजी में उतरने लगे। इसी दौरान नाव में पानी भर गया और नाव सहित कुछ सामान पानी में डूब गया। हादसे में सवार लोगों के मोबाइल फोन, किराना सामान, राशन समेत अन्य सामान पानी में डूब गए। घटना के बाद नाविक और स्थानीय लोगों ने तत्काल रेस्क्यू शुरू किया और सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। राहत की बात यह रही कि हादसे में किसी तरह की जनहानि नहीं हुई।
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