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भदराड़े की गुलदांडा में बर्फबारी, पर्यटन उद्योग को मिली नई उछाल
RRRAJA REHBER JAMAL
Jan 07, 2026 06:00:21
Forest Block,
Another spell of fresh snowfall has transformed the picturesque Guldanda meadow in Jammu and Kashmir’s Bhaderwah into a breathtaking winter paradise, attracting a large number of tourists and giving a major boost to local winter tourism. The high-altitude destination, known for its scenic beauty, witnessed live snowfall, drawing visitors from across the country and creating a vibrant and festive atmosphere. Tourists from places including Jammu, Mumbai, Delhi and Ludhiana were seen enjoying the pristine, snow-covered landscapes and the unique experience of live snowfall. Speaking on the occasion, hotelier Manish Kotwal said that snowfall plays a crucial role in winter tourism. He added that the long wait has finally ended as 2nd spell of snowfall is not less than a omen for us and expressed hope for more snowfall in the coming days, which would attract additional visitors and provide a significant boost to the local economy. Meanwhile, a group of tourists from Jammu, while playing in the fresh snow, expressed excitement over witnessing live snowfall. They said their dream of experiencing snowfall had finally come true, describing their visit as a “paisa wasool trip” and calling Bhaderwah a truly memorable destination.
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BSBIRENDRA SINHA
Mar 13, 2026 04:48:59
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MMMRITYUNJAI MISHRA
Mar 13, 2026 04:48:47
Bokaro Steel City, Jharkhand:बोकारो के सीसीएल कथारा कोलियरी के नये कोयला स्टॉक में लगी भीषण आग। धू धू कर जल रहा है सारा कोयला। करोड़ों के राजस्व के नुकसान का अनुमान। प्रबंधन कुछ भी बोलने से बच रहे है। बताते चले कि बोकारो के बेरमो के सीसीएल कथारा कोलियरी के नये कोयला स्टॉक में भीषण आग लग गई है जहां धुआं का गुबार दूर दूर तक दिखाई दे रहा है। एक तरफ जहां इस धुआं से प्रदूषण हो रहा है वही सरकार के राजस्व में भी छती हो रहा है जहां करोड़ों का कोयला जलकर पूरी तरह से खाक हो रहा है। हर साल गर्मी आते ही इस तरह का नजारा देखने को मिलता है लेकिन प्रबंधन के तरफ से कोई ठोस पहल नहीं किया जाता है। ऐसे में एक बार फिर इस तरह का आग देखने को मिला जहां सीसीएल कथारा प्रबंधन की और से अबतक आग को बुझाने का कोई प्रयास नहीं किया गया। ऐसे में करोड़ों का कोयला जलकर पूरी तरह से खाक हो रहा है। वही सीसीएल कथारा के अधिकारी इस मामले में कुछ भी कहने से बचते रहे।
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GSGajendra Sinha
Mar 13, 2026 04:48:21
Koderma, Jharkhand:कोडरमा के तिलैया थाना क्षेत्र के तिलैया बस्ती टीनवाटांड़ में एक 19 वर्षीय युवती ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतका की पहचान प्रकाश चन्द्रवंशी की बेटी शिबू कुमारी के रूप में हुई है। घटना के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है। मृतका के पिता प्रकाश चंद्रवंशी ने बताया कि हर दिन की तरह बीती रात शिबू ने खाना खाने के बाद घर का काम खत्म किया और अपने कमरे में सोने चली गई। सुबह जब वे उसे जगाने पहुंचे तो कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था। कई बार आवाज देने के बावजूद दरवाजा नहीं खुला तो उन्हें अनहोनी की आशंका हुई। इसके बाद घर के पिछले हिस्से में जाकर खिड़की से झांककर देखा तो उनकी बेटी कमरे के अंदर छत से दुपट्टे के सहारे फंदे से लटकी हुई थी। कमरे के वेंटिलेटर को तोड़कर छोटे बेटे को अंदर भेजा और दरवाजा खुलवाया। आनन-फानन में युवती को फंदे से नीचे उतारा गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी。 घटना के बाद घर में चीख-पुकार मच गई और आसपास के लोग भी वहां जुट गए। जानकारी के अनुसार शिबू कुमारी की शादी इसी वर्ष हजारीबाग में तय हुई थी और आने वाले सोमवार को उसकी सगाई होनी थी। सूचना मिलने पर तिलैया थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया।
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JPJAY PRAKASH KUMAR
Mar 13, 2026 04:47:55
Gaya, Bihar:ईरान इजरायल के बीच गरजती मिसाइलें और आसमान में गूंजते धमाके... यह शोर सिर्फ मध्य-पूर्व तक सीमित नहीं है। इसकी गूंज बिहार के गया जिले की उन गलियों में सुनाई दे रही है, जहां एक दर्जन से अधिक परिवारों की रातों की नींद उड़ चुकी है। रोटी की तलाश में परदेस गए उनके परिवार आज मौत के साये में जीने को मजबूर हैं। ईरान और इजरायल के बीच जारी जंग के कारण झारखंड - बिहार के सीमा पर स्थित गया जिले के बहेरा गांव के लोग भी काफी चिंतित है। गया जिले के डोभी प्रखंड के बहेरा मुस्लिम टोला के करीब 12 से अधिक लोग काम के सिलसिले में वहां गए थे। किसी को क्या पता था कि जिस धरती पर वे बेहतर भविष्य के सपने बुनने गए हैं, वही रणभूमि बन जाएगी। आज वहां की सड़कों पर सन्नाटा है, और यहां गया के इन घरों में सिसकियां है व खामोशी साया हुआ है। गांव के लोगों को हर दिन उनकी चिंता सताती है. अगर एक दिन भी फोन से बात नहीं होती है तो लोग भयभीत हो जाते हैं. साथ ही परिवार के लोगों की घबराहट बढ़ जाती है. घबराहट भी लाजमी है. क्योंकि इस गांव के कई लोग ऐसे हैं. जो युद्ध देश के बीच घिरे हुए हैं. कतर में फंसे लोग घर से बाहर भी नहीं निकल सकते हैं। इन दिनों रमजान का महीना चल रहा है. ऐसे में परिवार के कई लोग अपनों के घर आने का इंतजार है. लोग अपनों की सही सलामत घर लौटने के लिए दुआ भी कर रहे हैं, लेकिन कुछ जगह से अभी से ही विमान सेवा भी शुरू नहीं हुई है, जिस कारण इनकी चिंता लगातार बढ़ रही है. इस गांव के ताहिर हुसैन, सजमा खातुन, शाहिद अंसारी, अशरफ सऊदी अरब में तो कमर इकबाल, एकलाख, नौशाद और दानिश दुबई में हैं. शालुक और शाहरुख कतर में फंसे हुए हैं. वहीं, एनाम, शेरु, अदनान और जिशान रुस में फंसे हुए हैं। गांव के लोगों की मानें तो रमजान के अंतिम दिन आ गये हैं, लेकिन अभी तक ईद की तैयारी शुरू नहीं हुई है. जब तक परिवार के लोग सही सलामत घर न आ जाएं, ईद कैसे मनाएं? कुछ जगह से स्थिति धीरे-धीरे ठीक हो रही है, लेकिन भय बना हुआ है. एक दिन भी माता-पिता से बात किए बिना नींद नहीं आती है. अगर किसी कारण फोन नहीं लगता या मोबाइल स्वीच ऑफ बताता है तो चिंता बढ़ जाती है. हालांकि इन्हें पूरी उम्मीद है कि कुछ दिनों में हालात बेहतर हो जाएंगे और इनके माता पिता घर आ जाएंगे।
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AGAbhishek Gour
Mar 13, 2026 04:46:58
Narmadapuram, Madhya Pradesh:इज़राइल और ईरान के बीच बढ़ते युद्ध तनाव के बीच मध्यप्रदेश के नर्मदापुरम जिले से शांति का एक अनोखा संदेश सामने आया है। ग्राम सुपरली के किसान योगेंद्र पाल सिंह सोलंकी ने अनाज से डॉलफिन मछली की अनोखी कलाकृति बनाकर दुनिया में चल रहे युद्ध को रोकने की मार्मिक अपील की है। उनकी यह अनूठी कलाकृति इन दिनों लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। किसान सोलंकी ने धान, बाजरा, रागी, चावल, तिल, राजगीरा और खसखस जैसे अनाजों से डॉलफिन की आकृति तैयार की है। इस प्रतीकात्मक कला के जरिए उन्होंने संदेश दिया है कि बारूदी युद्धों का असर सिर्फ इंसानों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि समुद्र और नदियों में रहने वाले जलीय जीव भी इसकी चपेट में आते हैं। डॉलफिन के माध्यम से उन्होंने भावुक संदेश देते हुए कहा— “हम जल के जीव कहाँ जाएँ? हे दयालु मनुष्य, युद्ध रोको।” उनका कहना है कि युद्ध की आग में सिर्फ मानव ही नहीं, बल्कि जल, थल और नभ के सभी जीव-जंतु पीड़ा झेलते हैं।
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ADAnup Das
Mar 13, 2026 04:46:35
Krishnanagar, West Bengal:নদীয়া অনুপ কুমার দাস "ইফতারের নামে ভিভিআইপি প্রহসন: সাম্যের ধর্মে এ কেমন বৈষম্য?" প্রশ্ন উঠে। আজ আমরা এমন এক ঘটনার কথা বলব যা শুনে আপনি শিউরে উঠবেন, আপনার বিবেক প্রশ্ন তুলবে—আমরা কোন সমাজে বাস করছি? ইসলাম ধর্ম সাম্য এবং ভ্রাতৃত্বের শিক্ষা দেয়। যেখানে রাজা এবং ফকির একই কাতারে দাঁড়িয়ে প্রার্থনা করেন। কিন্তু নদিয়ার চাপড়া বিধানসভায় তৃণমূল কংগ্রেসের সংখ্যালঘু সেলের আয়োজিত ইফতার মজলিসে যা দেখা গেল, তাকে কি সত্যিই 'ইফতার' বলা চলে? প্রশ্ন উঠে ।নাকি তা ছিল একদল প্রভাবশালীর 'ভুরিভোজ' আর আমজনতার 'অপমান'? । সারাদিন নির্জলা উপবাস থেকে, ভোরের সেহেরি খেয়ে যে ধর্মপ্রাণ মানুষগুলো সন্ধ্যায় একটু তৃপ্তির আশায় এসেছিলেন, তাদের কপালে জুটল মাটিতে পাতা প্লাস্টিকের ত্রিপল। আর যারা সারাদিন রোজা রাখলেন না, সেই তথাকথিত 'প্রভাবশালী' নেতা-মন্ত্রী আর তাঁদের ঘনিষ্ঠদের জন্য বরাদ্দ হলো 'স্পেশাল চেয়ার'। ইসলামের প্রবর্তক হযরত মুহাম্মদ (সা.) শিখিয়েছিলেন, ভোজের আসরে সবচেয়ে অভাবী মানুষটি যেন আগে মর্যাদা পায়। অথচ এখানে দেখা গেল উল্টো ছবি। সাধারণ মানুষের পাতে এক টুকরো নামমাত্র ডালপুরি আর দু-এক কুচি সাধারণ ফল।আর ঠিক তার পাশেই মন্ত্রীবর্গ এবং ব্লক নেতাদের টেবিলে উপচে পড়ছে খাস্তা ডালপুরি, নামিদামি ফলের পাহাড় আর বোতলবন্দি জল। এ কি ইফতার? নাকি ক্ষমতার দম্ভ প্রদর্শনের মঞ্চ? ।সবচেয়ে ন্যাক্কারজনক বিষয় হলো, এই পবিত্র অনুষ্ঠানেও চলল নির্লজ্জ তোষামোদি আর চাটুকারিতার প্রতিযোগিতা। দেখা গেল, যারা পদলেহন করতে পারদর্শী এবং চাটুকারিতায় সেরা, শুধুমাত্র তাদের জন্যই ছিল স্পেশাল চেয়ার আর বিশেষ রাজকীয় খাবারের বন্দোবস্ত। অন্যদিকে, যারা তোষামোদি ছেড়ে ধর্মের পাশে থাকেন বা যারা স্রেফ সাধারণ নাগরিক, তাঁদের কপালে জুটল কেবল অবজ্ঞা আর বৈষম্য। সাম্যের উৎসবে এই 'তৈলমর্দনকারী' চাটুকারদের প্রবেশ ঘটিয়ে আয়োজকরা প্রমাণ করে দিলেন, তাঁদের কাছে ধর্মের চেয়ে দালালি আর চাটুকারিতার দাম অনেক বেশি।আয়োজকরা কাছে প্রশ্ন—যাদের ভোট ও সমর্থনে আপনাদের এই জৌলুস, সেই সাধারণ মানুষকে বঞ্চিত করে খাস্তা ডালপুরি খেয়ে দাঁতে কাঠি দিয়ে যখন হাসিমুখে গল্প করছিলেন, তখন কি একবারও বিবেকে বাঁধেনি? যেখানে আপনাদের চাটুকাররা রোজা না রেখেও ভুরিভোজ সারলেন, অথচ রোজা রাখা মুসলিম ভাইরা অতৃপ্ত মুখে বাড়ির পথে পা বাড়ালেন, এই বিভাজন কি ইসলাম সমর্থন করে? হযরত মুহাম্মদ (সা.)-এর আদর্শে কি কোথাও লেখা আছে যে নেতার চেয়ার উঁচু হবে আর উপোসী আমজনতার স্থান হবে ধুলোবালিতে।নদীয়ার চাপড়ার এই ঘটনা আজ চারিদিকে নিন্দার ঝড় তুলেছে। ধর্মের নাম দিয়ে রাজনৈতিক আধিপত্য কায়েমের এই কুৎসিত রূপ আগে কখনো দেখেনি চাপড়াবাসী। সাধারণ মানুষের এই চোখের জল আর দীর্ঘশ্বাস কি বিফলে যাবে? আয়োজকরা হয়তো ভাবছেন তাঁরা সফল, কিন্তু মনে রাখবেন—মানুষ সব দেখছে। সাম্যের উৎসবে বৈষম্যের বিষ যারা মেশিয়ে দিলেন, ইতিহাস তাঁদের ক্ষমা করবে না। মনে করেন চাপড়া বাসীর অনেকে। বাইট ইমাম,আর চাপড়া বাসী। ছবি বাইট একত্রে 2সি তে
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KSKartar Singh Rajput
Mar 13, 2026 04:46:20
Morena, Madhya Pradesh:मुरैना - कोर्ट से निकलते ही मां-बेटे पर हमला, ससुराल पक्ष पर हॉकी-डंडों से मारपीट का आरोप मुरैना जिला न्यायालय परिसर के बाहर कोर्ट रोड पर मां-बेटे पर हमला किए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि ससुराल पक्ष के लोगों ने हॉकी और बेसबॉल के डंडों से दोनों की जमकर मारपीट कर दी और उन्हें गंभीर हालत में छोड़कर मौके से फरार हो गए। राहगीरों की सूचना पर डायल-112 की मदद से घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। जानकारी के अनुसार अंबाह के भुआपुरा निवासी सचिन राठौर और उनकी मां गीता देवी वर्तमान में देहरादून (उत्तराखंड) में रहते हैं। गुरुवार को दोनों मुरैना फैमिली कोर्ट में चल रहे एक मामले की तारीख पर आए थे। जब मां-बेटा न्यायालय परिसर से बाहर निकले, तभी सचिन के ससुराल पक्ष के आधा दर्जन लोगों ने उन पर हमला कर दिया। आरोप है कि हमलावरों ने हॉकी और बेसबॉल के डंडों से दोनों की बेरहमी से पिटाई की और फिर मौके से फरार हो गए। बताया जा रहा है कि सचिन राठौर की शादी करीब छह साल पहले मुरैना के सरायछोला थाना क्षेत्र के नायकपुरा निवासी चांदनी राठौर से हुई थी और दोनों का एक बेटा भी है। पिछले करीब 16 महीनों से चांदनी अपने मायके में रह रही है और उसने सरायछोला थाने में सचिन राठौर और उनकी मां के खिलाफ दहेज प्रताड़ना का मामला दर्ज कराया था। इसी प्रकरण में मां-बेटा कोर्ट में पेशी पर आए थे। घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों ने डायल-112 को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रहीय घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उनका इलाज जारी है। आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है。
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AKAshok Kumar1
Mar 13, 2026 04:46:04
Noida, Uttar Pradesh:पूर्वी जिले की एंटी-नारकोटिक्स स्क्वाड की एक विशेष टीम बनाई गई थी। टीम ने स्थानीय मुखबिरों को सक्रिय किया और मानवीय खुफिया स्रोतों के माध्यम से जानकारी इकट्ठा करना शुरू कर दिया। 11-12 मार्च, 2026 की दरमियानी रात को, एंटी-नारकोटिक्स स्क्वाड को एक गुप्त सूचना मिली कि दो व्यक्ति, अकबर और फिरोज खान, NH-24, खिचड़ीपुर बस स्टैंड के पास से अक्षरधाम की ओर एक स्कूटी पर आ रहे हैं, और उनके पास नशीला पदार्थ गांजा है जिसे आगे सप्लाई किया जाना है। इस जानकारी पर कार्रवाई करते हुए, टीम ने NH-24, खिचड़ीपुर बस स्टैंड के पास जाल बिछाया और दोनों आरोपियों को पकड़ लिया। उनकी पहचान अकबर और फिरोज खान के रूप में हुई। दोनों आरोपी दो सफेद बैगों के साथ एक स्कूटी पर बैठे थे। प्रक्रिया के अनुसार की गई तलाशी के दौरान, दोनों बैगों से कुल 21 किलो 730 ग्राम गांजा/मारिजुआना बरामद किया गया। इसके अलावा, फिरोज खान के कब्जे से लगभग 46 ग्राम स्मैक भी बरामद की गई। इसके बाद, दिल्ली के कल्याणपुरी पुलिस स्टेशन में NDPS एक्ट की धारा 20/29/21/61/85 के तहत FIR दर्ज की गई और जांच शुरू की गई। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और नेटवर्क में उनके आगे और पीछे के संपर्कों का पता लगाने के प्रयास किए जा रहे हैं। पूछताछ के दौरान, आरोपी फिरोज खान (रज्जाक खान का बेटा) ने खुलासा किया कि उसे पहले भी गांजा सप्लाई से जुड़े मामलों में चार बार गिरफ्तार किया जा चुका है और नोएडा, उत्तर प्रदेश में उसके खिलाफ UP गैंगस्टर एक्ट के तहत भी मामला दर्ज किया गया था। उसने आगे बताया कि वह अपने साथी अकबर के साथ मिलकर दिल्ली-NCR में नशीले पदार्थों की सप्लाई करता था। उनका मुख्य मकसद आर्थिक लाभ था, क्योंकि वे ड्रग पेडलिंग को अवैध होने के बावजूद जल्दी पैसा कमाने का एक आसान तरीका मानते थे। दोनों आरोपी एक संगठित अंतर-राज्यीय ड्रग सिंडिकेट का हिस्सा हैं, जो अवैध नशीले पदार्थों के व्यापार के माध्यम से पैसा कमाने के उद्देश्य से काम करता है। उन्होंने शहरी इलाकों में नशे की लत से जूझ रहे लोगों की कमज़ोरी का फ़ायदा उठाकर अवैध मुनाफ़ा कमाया।
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