icon-pinewzicon-zee
PINEWZ
become creator
न्यूज़ क्रिएटर बनें

आपकी स्थानीय कहानियाँ, आपकी आवाज़

Follow us on
Download App fromplay-storeapp-store
Advertisement
Back
Pinewz
201304
VSVISHAL SINGH1 Sept 2025, 10:05 am

सीएम योगी ने गंभीर रूप से बीमार कैदियों की रिहाई के लिए सरल नियमों की मांग की

Noida, Uttar Pradesh:CM Yogi calls for simplified, humane rules on premature release of seriously ill prisoners CM orders survey to identify seriously ill and elderly prisoners for priority release CM Yogi stresses transparent prison policy in line with SC guidelines Sensitive approach needed for incurable and elderly prisoners: CM Yogi No premature release in murder, terror, treason or heinous crimes: CM CM Yogi orders automatic prisoner review thrice a year UP may adopt NALSA model to extend judicial rights to prisoners Lucknow, September 1: Chief Minister Yogi Adityanath, on Monday, directed officials to simplify and clearly define the rules for the premature release of prisoners suffering from serious illnesses, old age, or disability. He said the policy must be transparent, humane, and aligned with Supreme Court guidelines, ensuring that eligible prisoners are considered automatically without needing to apply separately. In a review meeting of prison administration and reform services, the Chief Minister instructed officials to conduct a statewide survey to identify inmates suffering from fatal diseases, the elderly, and helpless prisoners, with priority given to their release. He also stressed the need to include women and aged convicts in the priority list. CM Yogi emphasized that the jail manual must clearly specify which illnesses qualify as incurable. He also underscored that premature release should not apply to convicts of heinous crimes such as murder, terrorism, treason, and crimes against women and children, noting that public safety remains paramount. Highlighting reforms, the Chief Minister proposed an automatic review of eligible cases thrice a year—in January, May, and September—with reasons for rejection to be recorded, and the right given to prisoners to challenge such decisions. He further suggested involving inmates in constructive activities like agriculture and cow service during their jail term. Officials informed him that the model suggested by the National Legal Services Authority (NALSA) is also under consideration for adoption in Uttar Pradesh. The Chief Minister directed that the new policy draft be prepared soon, ensuring the process remains fair, swift, and rooted in human sensibilities.
0
0
Report

हमें फेसबुक पर लाइक करें, ट्विटर पर फॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब्ड करें ताकि आप ताजा खबरें और लाइव अपडेट्स प्राप्त कर सकें| और यदि आप विस्तार से पढ़ना चाहते हैं तो https://pinewz.com/hindi से जुड़े और पाए अपने इलाके की हर छोटी सी छोटी खबर|

शाजापुर में मालगाड़ी की चपेट में अज्ञात युवक की मौत, पहचान शुरू

Shajapur, Madhya Pradesh:शाजापुर जिले के मक्सी रेलवे स्टेशन के समीप छोटी फाटक अंडर ब्रिज के ऊपर सोमवार शाम एक अज्ञात ব্যক্তি की मालगाड़ी की चपेट में आने से मौत हो गई। घटना की सूचना स्टेशन मास्टर द्वारा मेमो के माध्यम से जीआरपी चौकी को दी गई, जिसके बाद जी.आर.पी. पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पंचनामा कार्रवाई की। मृतक की उम्र लगभग 30 से 35 वर्ष के बीच प्रतीत हो रही है। फिलहाल उसकी पहचान नहीं हो सकी है। शव को पोस्टमार्टम के लिए शाजापुर जिला अस्पताल लाया गया। मंगलवार सुबह पोस्टमार्टम होगा तथा पहचान के लिए शव को नियमानुसार 72 घंटे तक सुरक्षित रखा जाएगा। प्राथमिक जांच में युवक के मालगाड़ी से टकराने की बात सामने आई है। जीआरपी ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने आसपास के लोगों से अज्ञात युवक की पहचान कराने की अपील की है।
0
0
Report

काशी नगर एडवाइजरी कंपनी केस: पुलिस detained 8 youths

Shajapur, Madhya Pradesh:शाजापुर के लालघाटी थाना क्षेत्र के काशी नगर में एक एडवाइजरी कंपनी पर पुलिस ने कार्रवाई की है। इस दौरान 8 युवकों को हिरासत में लिया गया। पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है और उनके मोबाइल फोन की जांच भी की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, मामले की जांच जारी है और इसके आधार पर आगे वैधानिक कार्रवाई की जाएगी。 एसडीओपी अजय मिश्रा ने बताया कि लालघाटी थाना पुलिस को काशी नगर क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधियों वाली एडवाइजरी कंपनी संचालित होने की सूचना मिली थी। इस सूचना के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और कुछ युवकों को थाने लेकर आई। उनके मोबाइल फोन जब्त कर जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कंपनी किस तरह की सलाह दे रही थी और लोगों को कैसे प्रभावित कर रही थी। विभिन्न साइबर पोर्टलों से भी जानकारी की पुष्टि की जा रही है। लालघाटी पुलिस ने सोमवार दोपहर को इन युवकों को हिरासत में लिया था। मामले की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचने पर एसपी प्रियंका शुक्ला के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक घनश्याम मालवीय और एसडीओपी अजय मिश्रा ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। इसके बाद साइबर पुलिस की टीम को भी जांच में शामिल किया गया है। जांच के पश्चात युवकों पर पुलिस कार्रवाई करेंगी。 हिरासत में लिए गए युवकों में धर्मेंद्र, गोविंद, राज, विकास, जपसिंह, कुलदीप, संदीप और आकाश शामिल हैं। सूत्रों के अनुसार, इस मामले में एक अन्य युवक प्रवीण की भूमिका भी सामने आई है, जिसकी पुलिस तलाश कर रही है。 उल्लेखनीय है कि 11 दिसंबर 2025 को उज्जैन की state साइबर पुलिस ने भी लालघाटी थाना क्षेत्र के दरगाह रोड गिरवर स्थित एक मकान पर इसी तरह की गतिविधियों के मामलों में कार्रवाई की थी। उस समय 19 युवक-युवतियों को गिरफ्तार किया गया था।
0
0
Report

रामगढ़वा के 27 संदिग्ध अस्पतालों को नोटिस, अंश हॉस्पिटल की सीलिंग

Motihari, Bihar:मोतिहारी में Zee मीडिया के खबर का एक बार फिर बड़ा असर हुआ है। भ्रूण हत्या के स्टिंग ऑपरेशन के खबर के बाद रामगढ़वा के अंश अस्पताल को सील करते हुए 27 सन्दिग्ध अस्पतालों को नोटिस भेजा गया है। रक्सौल अनुमण्डल के रामगढ़वा में भ्रूण हत्या करने वाली डॉक्टर की स्टिंग ऑपरेशन की खबर Zee मीडिया पर दिखाने के बाद मोतिहारी के डीएम सौरभ सुमन यादव के सख्त निर्देश पर सिविल सर्जन ने बड़ी करवाई किया है। ज़ी मीडिया पर खबर चलने के बाद मोतिहारी डीएम सौरभ सुमन यादव ने त्वरित संज्ञान लिया एवं मोतिहारी के सिविल सर्जन को अबिलम्ब जाँच कर करवाई करने का निर्देश दिया। इसके बाद रामगढ़वा पीएचसी प्रभारी के नेतृत्व में बनी टीम ने अंश हॉस्पिटल में छापेमारी किया है। लेकिन छापेमारी से पहले कथित दम्पति डॉक्टर को इसकी भनक लग गई थी । और कथित दोनों दम्पति डॉक्टर पुनिता कुमारी , एसके मौर्या एवं अंश हॉस्पिटल के सभी कर्मी ने छापेमारी टीम के आने से पहले हॉस्पिटल छोड़कर मौके से फरार हो गए। छापेमारी टीम को अंश हॉस्पिटल में कोई कर्मी या डॉक्टर नही मिला। लेकिन हॉस्पिटल में पेशेंट टेबल , सीजर, डॉक्टर की कुर्सी सहित कई समान मिला। इसके बाद स्वस्थ्य विभाग की टीम ने अंश अस्पताल को सील कर दिया है। जिला प्रशासन को रिपोर्ट भेजेते हुए अग्रतर करवाई में जुट गए है। साथ ही रामगढ़वा में चल रहे अवैध हॉस्पिटल को चिन्हित करने के लिए 27 संदिग्ध अस्पतालों को नोटिस जारी किया गया है। इनके अस्पतालों के सभी पेपर एवं सबंधित डॉक्टरों के डिग्री की जांच की जा रही है। गलत पाए जाने पर करवाई की जाएगी। बता दे Zee मीडिया ने रामगढ़वा में सरकारी अस्पताल के बगल में भ्रूण हत्या करने वाले अस्पताल का स्टिंग ऑपरेशन किया था। खबर के माध्यम से भ्रूण हत्या करने वाली कथित महिला डॉक्टर पुनिता कुमारी की पूरी क्राइम कुंडली बताया था। इसके बाद प्रशासन ने त्वरित करवाई करते हुए अस्पताल को सील कर दिया है।
0
0
Report
Advertisement

बिलासपुर नगर निगम में जनप्रतिनिधि-इंजीनियरों के बीच विवाद गरमाया; माफी की मांग

Bilaspur, Chhattisgarh:बिलासपुर नगर निगम में जनप्रतिनिधि और इंजीनियरों के बीच विवाद अब गहराता नजर आ रहा है। मेयर-इन-काउंसिल की हालिया बैठक में एक पार्षद द्वारा निगम के इंजीनियर को कथित तौर पर मक्कार कहे जाने के विरोध में निगम के सभी इंजीनियर एकजुट हुए। इंजीनियरों ने इसे पूरे तकनीकी अमले का अपमान बताते हुए बैठक की और आगे की रणनीति तय की। इसके बाद उन्होंने नगर निगम आयुक्त और जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर संबंधित जनप्रतिनिधि से सार्वजनिक माफी और उचित कार्रवाई की मांग की है। मेयर-इन-काउंसिल की बैठक में निगम के एक इंजीनियर के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी किए जाने का मामला अब तूल पकड़ने लगा है। नगर निगम के सभी इंजीनियरों ने एक बैठक आयोजित कर पूरे घटनाक्रम पर चर्चा की और इसे अधिकारियों एवं तकनीकी कर्मचारियों के सम्मान से जुड़ा मुद्दा बताया। बैठक में इंजीनियरों ने कहा कि जनप्रतिनिधियों द्वारा अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग करना और सार्वजनिक रूप से अपमानित करना किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। उनका कहना था कि निगम के अधिकारी और इंजीनियर शासन की नीतियों के अनुरूप अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हैं, ऐसे में उनके सम्मान की रक्षा होना भी जरूरी है। बैठक के बाद इंजीनियरों के प्रतिनिधिमंडल ने नगर निगम आयुक्त को ज्ञापन सौंपते हुए संबंधित जनप्रतिनिधि से सार्वजनिक रूप से माफी मंगवाने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि उचित कार्रवाई नहीं की गई तो आने वाले दिनों में इंजीनियर उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। नगर निगम आयुक्त ने इंजीनियरों को आश्वस्त करते हुए कहा कि पूरे मामले की जानकारी नगर प्रशासन एवं विकास विभाग को भेजी जाएगी। विभाग से प्राप्त निर्देशों के अनुरूप आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। इसके बाद इंजीनियरों का प्रतिनिधिमंडल जिला कलेक्ट्रेट पहुंचा और कलेक्टर को भी ज्ञापन सौंपकर मामले में निष्पक्ष जांच तथा संबंधित जनप्रतिनिधि के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की मांग की。
0
0
Report
Advertisement

तेजस्वी यादव AK-47 गोलीकांड पर ज्यूडिशियल इन्क्वायरी की मांग

Patna, Bihar:तेजस्वी यादव ने AK 47 से गोली चलाए जाने के मामले में ज्यूडिशियल इंक्वायरी की मांग की. तेजस्वी यादव ने कहा - पहली बार किसी आंदोलन में AK 47 से गोली चलाई गई. गोली हवा में नहीं चलाई गई, निर्दोष युवाओं की छाती को छलनी किया गया. रिहाई का आदेश तो दिया लेकिन दोषी अधिकारी पर क्या हुआ? किसके आदेश पर गोली चलाई गई। सिपाही की इतनी हैसियत नहीं है कि एके 47 से गोली चलाए। उसे बलि का बकरा न बनाया जाए. सम्राट चौधरी सरकार के सौ दिन पूरा होने पर सम्राट चौधरी के सौ दिन हो गए। उन्होंने क्या काम किया? मुख्यमंत्री की पत्नी बिना किसी प्रोटोकॉल के निरिक्षण कर रही हैं. इतना बड़ा काफिला तो किसी राज्य की मुख्यमंत्री का नहीं होता जैसा सम्राट चौधरी की पत्नी का था. तेजप्रताप यादव की रिहाई पर चाहे तेजप्रताप जी हों, चाहे हजारों मेरे भाई हों। हम सबकी बात कर रहे हैं। जिन्हें पर लाठी चली, गोली चली वे सब मेरे भाई हैं. मौजूदा सरकार बिहार को पुलिसिया गुंडाराज बनाना चाहती है. जब समझौता हो गया तो बिहार में सैकड़ों छात्रों को गिरफ्तार किया गया है. एडमिट कार्ड लेकर परीक्षा देने जा रहे छात्रों को गिरफ्तार किया गया. कई संगीन धाराएं लगाई गईं। अपराधियों को संरक्षण और छात्रों को गोली, यह हम बर्दाश्त नहीं करेंगे. हमने कहा था कि अगर मुकदमा वापस नहीं लेंगे तो हम आंदोलन करेंगे. जब बीजेपी किसानों को ठग सकती है तो छात्रों को क्यों नहीं ठग सकती. बिहार में महिलाओं को भी ठगा। कहा था कि लाख रुपए देंगे, नहीं दिया।
0
0
Report

वक्फ बोर्ड के खसरा नंबर खेल से जोधपुर की अहम संपत्तियों पर दावे सामने

Noida, Uttar Pradesh:वक्फ बोर्ड में खसरा नंबर का खेल आम जन की बन रही रेल। जोधपुर के प्रसिद्ध गीता भवन मंदिर, राजस्थान सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस के मकान और शिक्षण संस्थानों सहित सैकड़ो लोगों के मकान की जमीन को वक्त बोर्ड के नाम दर्ज करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। मीडिया रिपोर्ट में इस खबर का खुलासा होने के बाद राजस्थान हाई कोर्ट ने इस मामले में 100 प्रेरणा से प्रसंज्ञान लेते हुए केंद्र सरकार राज्य सरकार मिनिस्ट्री आफ वर्ल्ड कप बोर्ड जिला कलेक्टर सहित कई विभाग के अधिकारियों को नोटिस जारी कर दो सप्ताह में जवाब पेश करने की आदेश दिए हैं। विश्व प्रसिद्ध तुरजी का झालरा पर भी दावा। विश्व प्रसिद्ध तोर जी का झालरा जिसे दुनिया भर में स्टेप वॉल के नाम से जाना जाता है उसे पर भी वक्त बोर्ड ने अपना दावा ठोक दिया है सबसे बड़ी बात इस झलकेरे का निर्माण 1740 में किया गया तब ना तो भारत की सरकार थी और ना ही वक्फ बोर्ड का अस्तित्व था। यह है तुरजी झालरे का इतिहास। जोधपुर मेहरानगढ़ दुर्ग के इतिहास का डॉक्टर महेंद्र सिंह ने बताया कि तुलसी का झालर का निर्माण अभय सिंह महाराज की पत्नी जसकंवर तंवर ने तत्कालीन समय मे 42,000 रूपर खर्च कर इस झालरे का निर्माण किया था। इस झालरे पर कुछ सालों पूर्व एक छोटी सी मजार रातो-रात बना दी थीं, इसको लेकर कई बार क्षेत्रावासियो ने विरोध भी किया लेकिन वह मजार सेकड़ो साल पुरानी होने का दावा अब किया जा रहा है। इस बीच तुरजी के झालरे को वक्फ बोर्ड के नाम से दर्ज करने की बात अब सामने आ रही है। खसरा नम्बर का खेल। दरअसल वक्फ बोर्ड के नाम संपत्ति दर्ज करवाने को लेकर साल 1965 के गजट नोटिफिकेशन के हवाले से संपत्तियों को दर्ज किया जा रहा है हालांकि नए कानून के अनुसार 1965 के बजट नोटिफिकेशन का कोई मतलब रह जाता नहीं ऐसे में सबसे बड़ा खेल इस बात को लेकर खेला गया कि किसी वक्त जमीन का नाप उजागर नहीं किया जाता बल्कि सीधा खसरा नंबर से गलत नोटिफिकेशन जारी किया गया था पैसे में हाल में जो नोटिफिकेशन के आधार पर नाम दर्ज किया गया उस खसरे में न केवल गीता भवन प्रसिद्ध कृष्ण मंदिर हाई कोर्ट सुप्रीम कोर्ट के जज के मकान और शिक्षण संस्थान के अलावा 1860 में बने महिला अस्पताल जो की प्रसव के मामले में संभाग का सबसे बड़ा अस्पताल हैं वह भी वक्फ बोर्ड के दावे के दायरे में आ जाता है। वक्फ बोर्ड के इस खसरा नम्बर खेल में देश भर में लाखों लोग अपनी लीगल जमीन के दस्तावेज लेकर वक्फ बोर्ड के चक्कर लगा रहे थे। ने कानून संशोधन के बाद लगा था कि लोगो को राहत मिलेगी लेकिन वक्फ बोर्ड के कारिंदे फिर वही 1965 के नोटिफिकेशन का हवाला देकर खसरा नम्बर के आधार पर सम्पत्तियां दर्ज कर रहे है और लोगो के लिए मुसीबत खड़ी करने की कारगुजारी को अंजाम दे रहे है।
0
0
Report
Advertisement

विजय शर्मा ने 2026 ग्लासगो के लिए पदक का लक्ष्य जताया

Noida, Uttar Pradesh:GLASGOW (SCOTLAND): VIJAY SHARMA (HEAD COACH, WEIGHTLIFTING) ON WEIGHTLIFTING PREPARATIONS/ TEAM PERFORMANCE स्कॉटलैंड - 2026 ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स - भारतीय वेटलिफ्टिंग टीम के मुख्य राष्ट्रीय कोच विजय शर्मा कहते हैं, "हमें अपनी वेटलिफ्टिंग में सुधार करने की बहुत ज़रूरत है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खुद को साबित करने के लिए हमें और कड़ी मेहनत करनी होगी। युवा एथलीटों का प्रदर्शन हमें कुछ हद तक संतुष्टि देता है। ज्ञानेश्वरी यादव ने आज अपने कुल स्कोर में छह किलोग्राम का सुधार किया... हमें उम्मीद है कि हम एशियाई खेलों में पच्चीस साल से चले आ रहे मेडल के सूखे को खत्म करेंगे और इस बार निश्चित रूप से मेडल जीतकर लाएंगे...."
0
0
Report
Advertisement
0
0
Report

जोधपुर वक्फ रिकॉर्ड में सरकारी बंगले और मंदिरों मामला हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया

Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर। जोधपुर में दो न्यायाधीशों के सरकारी बंगले, गीता भवन, स्कूल-कॉलेज, चार मंदिरों और अन्य सरकारी भूमि को वक्फ बोर्ड के रिकॉर्ड में दर्ज किए जाने के मामले में राजस्थान हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेते हुए जनहित याचिका दर्ज की है। जस्टिस डॉ. पुष्पेंद्र सिंह भाटी व जस्टिस प्रवीर भटनागर की खंडपीठ ने मामले को सार्वजनिक महत्व का बताते हुए केंद्र सरकार, राज्य सरकार, वक्फ मंत्रालय, राजस्व विभाग, जिला कलेक्टर, नगर निगम तथा अन्य संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि यदि सार्वजनिक उपयोग की भूमि, सरकारी आवास, धार्मिक स्थल अथवा शैक्षणिक संस्थानों की भूमि के रिकॉर्ड में किसी प्रकार का परिवर्तन हुआ है तो उसकी पूरी वैधानिक प्रक्रिया और तथ्य न्यायालय के समक्ष रखे जाने आवश्यक हैं। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यह मामला केवल रिकॉर्ड तक सीमित नहीं है, बल्कि सार्वजनिक संपत्तियों और उनके संरक्षण से भी जुड़ा हुआ है। मामले में राज्य सरकार और जिला प्रशासन की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता राजेश पवार उपस्थित हुए। न्यायालय ने सभी संबंधित विभागों को विस्तृत जवाब के साथ मूल रिकॉर्ड पेश करने के निर्देश दिए हैं। मामले की निष्पक्ष सुनवाई और कानूनी पहलुओं पर कोर्ट की सहायता के लिए अधिवक्ता मोती सिंह राजपुरोहित को न्याय मित्र नियुक्त किया गया है। मामले में सामने आए तथ्यों के अनुसार शहर की कई महत्वपूर्ण संपत्तियां, जिनमें दो न्यायाधीशों के सरकारी बंगले, गीता भवन, स्कूल-कॉलेज, चार मंदिर तथा अन्य सरकारी भूमि शामिल हैं, वक्फ बोर्ड के रिकॉर्ड में दर्ज होने का मामला सामने आया है। साथ ही राजस्व रिकॉर्ड और नगर निगम के रिकॉर्ड में भी अंतर होने की बात सामने आई है, जिससे इन प्रविष्टियों की वैधता पर सवाल खड़े हुए हैं। हाईकोर्ट ने माना कि यदि सरकारी रिकॉर्ड में किसी प्रकार की अनियमितता हुई है या सार्वजनिक संपत्तियों का गलत तरीके से दर्जीकरण किया गया है, तो इसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है। कोर्ट यह भी जानना चाहती है कि संबंधित प्रविष्टियां किस आधार पर दर्ज की गईं, क्या निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन किया गया और यदि किसी स्तर पर त्रुटि हुई है तो उसके लिए कौन जिम्मेदार है। खंडपीठ ने सभी पक्षों को दो सप्ताह के भीतर अपना जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद मामले की अगली सुनवाई होगी, जिसमें सरकार, प्रशासन, वक्फ बोर्ड तथा अन्य संबंधित पक्षों के जवाब और रिकॉर्ड के आधार पर आगे की सुनवाई की जाएगी。
0
0
Report
Advertisement
Advertisement
Back to top