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Bandipora में शिया समुदाय का पाकिस्तान के खिलाफ जबरदस्त प्रदर्शन, Islamabad के आतंकी हमले पर आक्रोश
SHShahzad Hussain Bhat
Feb 07, 2026 04:15:11
Bandipora: Protests condemn suicide attack on Shia mosque in Islamabad, Pakistan. Scores of Shia residents on Friday evening staged a protest in Inderkoot, Sumbal Sonawari area of north Kashmir’s Bandipora district, condemning the killing of Shia Muslims in a bomb blast during Friday prayers in Islamabad, Pakistan. The protesters assembled on the main road and raised slogans against Pakistan, demanding an end to targeted attacks on the Shia community. The demonstrators accused the Pakistani authorities of failing to protect minorities and ensure safety at places of worship. The suicide bombing attack took place during congregational prayers, killing around 31 people and injuring around 160. They said the incident highlights the vulnerability of Shia Muslims in Pakistan. Local religious leaders and civil society members addressed the gathering, expressing solidarity with the victims’ families and urging the international community to take notice of continued sectarian violence across the border.
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GYGAUKARAN YADU
Mar 11, 2026 19:00:36
Bemetara, Chhattisgarh:बेमेतरा जिले में जल जीवन मिशन के तहत ग्रामीण इलाकों में घर-घर नल से स्वच्छ पेयजल पहुंचाने का जारी है, जिले के चार ब्लॉकों में बेमेतरा, बेरला ,साजा, नवागढ़ के हर घर में नल कनेक्शन के माध्यम से पानी पहुंचाया जा रहा है। बेमेतरा में 187, बेरला में 131, साजा में 185 और नवागढ़ में 185 गांवों में जल जीवन मिशन के तहत घरों की डेहरी तक पानी पहुंचाने हेतु योजनाएं बनाई गई हैं जिनमें लगभग 75 प्रतिशत से अधिक उपलब्धि हासिल कर लिया गया है। योजनाओं के पूर्ण होने से ग्रामीणों की जिंदगियां खुशहाल होगी इसमें कार्य प्रगति में है लेकिन शतप्रतिशत लक्ष्य हासिल करना अभी शेष है । बाइट 1 स्थानीय हितग्राही बाइट 2 स्थानीय हितग्राही बाइट 3 स्थानीय हितग्राही bाइट 4 स्थानीय हितग्राही bाइट 5 स्थानीय हितग्राही bाइट 6 प्रतिष्ठा ममगाई कलेक्टर बेमेतरा।
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KKKamal Kumar
Mar 11, 2026 19:00:23
Pakhanjur, Chhattisgarh:देश भर में सरकारें “हर घर जल” का दावा कर रही हैं लेकिन छत्तीसगढ़ के पखांजूर जिले से जो तस्वीर सामने आई है, वो इन दावों की परतें उधेड़ देती है। केंद्र और राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी जल आपूर्ति योजना जल जीवन मिशन कोयलीबेड़ा ब्लॉक में दम तोड़ती नजर आ रही है। दावे बड़े हैं लेकिन हकीकत बेहद चौंकाने वाली। देखिए ये खास रिपोर्ट… कांकेर जिले के कोयलीबेड़ा ब्लॉक में जल आपूर्ति योजना की हकीकत सवालों के घेरे में है। बड़गाँव ग्राम पंचायत में बनी पानी टंकी से पंद्रह साल पुरानी पानी टंकी आज भी बेकार खड़ी है। जी हाँ...पंद्रह साल से। न टंकी से पानी आया…n न नलों से जल बहा…इसके बावजूद घर-घर पाइपलाइन बिछाई गई, नल लगाए गए,सीमेंटेड स्ट्रक्चर बनाए गए…लेकिन पानी की एक बूंद तक नहीं पहुँची। यानी पैसा बह गया, पानी नहीं। हैरानी की बात ये है कि बिना ज़मीनी निरीक्षण किए ही करीब 45 लाख रुपये पाइपलाइन विस्तार में खर्च कर दिए गए। सरकारी कागजों में योजना पूरी… लेकिन धरातल पर स्थिति शून्य। सरकारी दावे सूखे पड़े हैं और ग्रामीणों के गले भी। हालात इतने बदतर हो गए कि ग्रामीणों को खुद अपनी जेब ढीली करनी पड़ी। ग्रामीणों का आरोप है कि यदि योजना सही तरीके से लागू होती तो उन्हें निजी संसाधनों से पानी की व्यवस्था नहीं करनी पड़ती। सरकार का नारा हर घर जल लेकिन कांकेर जिले के पखांजूर में ज़मीनी सच्चाई हर घर छल बनती जा रही है। कोयलीबेड़ा ब्लॉक के कई गांवों में सरकारी जल योजनाएं दम तोड़ती नजर आ रही हैं। बड़गाँव हो… पाकुँलकाल हो… या हीदम, हर जगह तस्वीर लगभग एक जैसी है। पानी टंकियां बनीं, पाइपलाइन बिछाई…घर-घर नल लगाए गए…लेकिन नलों से पानी की एक बूंद तक नहीं सरकारी योजना के बोर्ड जरूर लगे हैं पर नलों में पानी नहीं। कोयलीबेड़ा ब्लॉक में जल जीवन मिशन के तहत क्रेड़ा विभाग से 526 सोलर सिस्टम टंकी बनी और phe से 128 टंकी का निर्माण हुआ। अधिकांश गांवों में पानी टंकियां बनाई गईं। घर-घर पाइपलाइन बिछाई गई। नल कनेक्शन भी लगाए गए। लेकिन नलों से पानी नहीं पहुँच रहा। इसका सीधा मतलब — “हर घर नल” की योजना पूरी तरह विफल साबित हो रही है। घर के नल बेकार पड़े हैं। मजबूरन लोग पानी टंकी के पास जाकर बर्तन और बाल्टियों में पानी भरकर ला रहे हैं। यानि सरकार ने सुविधा घर तक देने का दावा किया, लेकिन ग्रामीणों को फिर उसी पुराने तरीके से ढो-ढोकर पानी लाना पड़ रहा है। कई ग्रामीणों का कहना है कि नल तो शोपीस बन गए हैं, पानी आज भी दूर है। एंकर आउट्रो—ग्रामीणों की मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। अब देखना होगा कि प्रशासन ईन सवालों का जवाब कब देता है.
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DKDebojyoti Kahali
Mar 11, 2026 18:49:39
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PSPIYUSH SHUKLA
Mar 11, 2026 18:49:26
Panna, Madhya Pradesh:केन-बेतवा लिंक परियोजना से प्रभावित किसानों का बड़ा प्रदर्शन। रात 11 बजे तक कलेक्ट्रेट में 1500 किसान से अधिक धरने पर बैठे। पुरुष, महिलाएं और बच्चे भी रात में कलेक्ट्रेट परिसर में डटे। पन्ना जिले में केन-बेतवा लिंक परियोजना, मझगांय डैम और रुंझ डैम से प्रभावित किसानों का विरोध प्रदर्शन जारी है। बुधवार दोपहर करीब 2 बजे बड़ी संख्या में किसान पन्ना कलेक्ट्रेट पहुँचना शुरू हुआ और धरने पर बैठ गए। अभी रात तक लगभग 1500 किसान परिवार कलेक्ट्रेट परिसर में डटे हुए हैं। प्रदर्शन में पुरुषों के साथ महिलाएं, बुजुर्ग और छोटे-छोटे बच्चे भी शामिल हैं। किसानों का आरोप है कि उनकी खेती और मकान की जमीन अधिग्रहित कर ली गई है, लेकिन उन्हें उचित मुआवजा और प्रति वोटर के हिसाब से पैकेज नहीं मिला। किसान पन्ना कलेक्टर से मुलाकात और आश्वासन की मांग पर अड़े हुए हैं।
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RKRupesh Kumar
Mar 11, 2026 18:48:47
Betul, Madhya Pradesh:मध्यप्रदेश के बैतूल जिले से आदिवासी अधिकारों को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। संविधान की पांचवीं अनुसूची के तहत मिलने वाले अधिकारों के पालन की मांग को लेकर आदिवासी समाज अब खुलकर सामने आ गया है। समाज के लोगों ने आरोप लगाया है कि पिछले 76 वर्षों में राज्यपाल कार्यालय की ओर से आदिवासियों के हित में अपेक्षित कदम नहीं उठाए गए। इसी को लेकर आज बैतूल में आदिवासी संगठनों ने कलेक्टर को राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा। दरअसल आदिवासी संगठनों का कहना है कि प्रदेश के कई वनग्रामों को जनवरी 2008 के बाद भी राजस्व ग्राम का दर्जा नहीं दिया गया है। जबकि वर्ष 1980-81 में तैयार किए गए पटवारी मानचित्र, खसरा पंजी, निस्तार पत्रक और अतिक्रमण पंजी के आधार पर ग्रामीणों को अधिकार मिलना चाहिए था, लेकिन आज तक उन्हें इन अधिकारों से वंचित रखा गया है। आदिवासी समाज का आरोप है कि वनग्रामों में सीमांकन और सत्यापन करने के बजाय गांव के रकबे को कम करके कार्रवाई की जा रही है। वहीं पटवारी मानचित्र और अधिकार अभिलेखों में दर्ज जंगल, पहाड़, चट्टान और घास मद की जमीनों का नियंत्रण भी अब तक ग्रामसभा और ग्राम पंचायत को नहीं सौंपा गया है। आदिवासी संगठनों का कहना है कि आरक्षित वन क्षेत्रों में आदिवासियों के देवस्थल, धार्मिक परंपराओं और आजीविका से जुड़े कई महत्वपूर्ण स्थान मौजूद हैं, लेकिन इन पर सामुदायिक वन अधिकार अब तक ग्रामवासियों को नहीं दिए गए हैं। आदिवासी संगठनों की मांग है कि वनग्रामों को जल्द से जल्द राजस्व ग्राम का दर्जा दिया जाए और ग्राम सभाओं को सामुदायिक वन अधिकार सौंपे जाएं। अब देखना होगा कि प्रशासन और राज्यपाल कार्यालय इस मांग पर क्या कदम उठाते हैं।
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DKDeepesh Kumar
Mar 11, 2026 18:47:55
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RKRupesh Kumar
Mar 11, 2026 18:46:03
Betul, Madhya Pradesh:एंकर -मध्यप्रदेश के बैतूल और हरदा जिले से तमिलनाडु के इरोड जिले में बंधुआ बनाकर रखे गए श्रमिकों को प्रशासन ने सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया है। त्वरित और समन्वित कार्रवाई के चलते बैतूल जिले के 20 मजदूरों सहित कुल 24 श्रमिकों को मुक्त कराकर वापस लाया गया। बैतूल रेलवे स्टेशन पहुंचने पर कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक ने सभी श्रमिकों से मुलाकात कर उनकी समस्या सुनी और उन्हें हर संभव मदद का आश्वासन दिया। जिला प्रशासन ने रेलवे स्टेशन से सभी श्रमिकों को उनके गृह ग्राम तक पहुंचाने के लिए बसों की व्यवस्था की, साथ ही भोजन की भी व्यवस्था कराई। सुरक्षित घर वापसी के बाद श्रमिकों ने जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया। जिला श्रम पदाधिकारी धम्मदीप भगत के अनुसार, ये श्रमिक काम के सिलसिले में तमिलनाडु के इरोड जिले गए थे। होली के मौके पर जब उन्होंने छुट्टी मांगी तो उन्हें अवकाश नहीं दिया गया और उनसे जबरन काम कराया जा रहा था। मामले की जानकारी राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के माध्यम से मिलने के बाद बैतूल जिला प्रशासन ने श्रम, पुलिस और राजस्व विभाग के साथ मिलकर इरोड जिला प्रशासन से संपर्क किया और सभी श्रमिकों को मुक्त कराया। प्रशासन ने रेस्क्यू किए गए प्रत्येक श्रमिक को शासन की ओर से 30-30 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की बात कही है, ताकि वे दोबारा अपने जीवन को व्यवस्थित कर सकें। साथ ही उनके पुनर्वास और आवश्यक सहयोग का भी आश्वासन दिया गया है। मुक्त कराए गए कुल 24 श्रमिकों में से 20 बैतूल जिले के भीमपुर ब्लॉक के काबरा, बोरकुंड, बीरपुरा और बासिंदा गांव के निवासी हैं,जबकि 4 श्रमिक हरदा जिले के हैं। हरदा के श्रमिकों को भी सुरक्षित उनके गृह जिले भेजने की व्यवस्था की गई है。
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ANAbhishek Nirla
Mar 11, 2026 18:45:36
Jamui, Bihar:जमुई में गरसंडा पुल के पास डकैती की योजना बनाते 8 युवक गिरफ्तार। गिरफ्तार युवकों के पास से एक देशी कट्टा, दो जिंदा कारतूस और एक अंग्रेजी शराब की बोतल बरामद की गई है। पुलिस की इस कार्रवाई को बड़ी सफलता माना जा रहा है। यह कार्रवाई एसपी विश्वजीत दयाल के निर्देश पर एसडीपीओ सतीश सुमन के नेतृत्व में गठित विशेष टीम द्वारा की गई। बुधवार की देर शाम करीब 7 बजे एसडीपीओ ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर मामले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि टाउन थाना क्षेत्र में कुछ अपराधियों द्वारा किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के लिए एकजुट होकर योजना बनाने की गुप्त सूचना पुलिस को मिली थी। सूचना के आधार पर एसपी के निर्देश पर एसडीपीओ के नेतृत्व में जिला आसूचना इकाई, एसटीएफ और टाउन थाना पुलिस की संयुक्त टीम गठित की गई और चिन्हित स्थानों पर छापेमारी शुरू की गई। छापेमारी के दौरान मंगलवार की रात गरसंडा पुल के पास पुलिस ने डकैती की योजना बना रहे आठ युवकों को रंगे हाथ पकड़ लिया। तलाशी लेने पर उनके पास से एक देशी कट्टा, दो जिंदा कारतूस और एक अंग्रेजी शराब की बोतल बरामद की गई। गिरफ्तारीयों की पहचान भछियार निवासी मोनू कुमार, दिवाकर कुमार, उज्जवल कुमार, अभिषेक कुमार और रामसागर कुमार, निमारंग निवासी मन्नी कुमार, सूरज कुमार सिंह तथा बोधवन तालाब निवासी अमरजीत कुमार के रूप में हुई है। छापेमारी टीम में टाउन थाना के अपर थानाध्यक्ष अखिलेश कुमार, पुलिस अवर निरीक्षक विशाल कुमार सिंह, उदय कुमार, निकेश कुमार, राम नारायण यादव, जिला आसूचना इकाई की टीम, एसटीएफ की टीम तथा टाउन थाना के सशस्त्र बल शामिल थे। पुलिस सभी आरोपितों से पूछताछ कर आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है।
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Mar 11, 2026 18:43:15
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Mar 11, 2026 18:39:01
Bada Malhera, Madhya Pradesh:लोकेशन -बड़ामलहरा स्लग -संकल्प से समाधान शिविर में आए 140 आवेदन एंकर -बड़ामलहरा नगर परिषद कार्यालय परिसर में संकल्प से समाधान शिविर का आयोजन मुख्य नगर पालिका अधिकारी अक्षय गर्ग की अध्यक्षता में किया गया जिसमें विभिन्न विभागों की समस्याओ के 140 आवेदन शिकायत कर्ताओ द्वारा दिए गए आपको बता दें संकल्प समाधान शिविर गत 12 जनवरी से आगामी 31 मार्च तक विकसित मध्य प्रदेश के उदद्देश्य को लेकर राज्य शासन द्वारा समूचे प्रदेश में चलाया जा रहा है जिसमें सभी विभागों की प्राप्त जन शिकायतों का त्वरित निदान किए जाने का प्रावधान रखा गया है जिसके तहत उक्त शिविर का आयोजन किया गया जिसमें 140 लोगों ने समस्या सबंधी आवेदन दिए बाइट -अक्षय गर्ग मुख्य नगर पालिका अधिकारी बड़ामलहरा
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MTMadesh Tiwari
Mar 11, 2026 18:30:36
Bihar:गोपालगंज के एक दिव्यांग छात्रा का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जो चलने में असमर्थ है लेकिन 2 किलोमीटर पैदल चलकर स्कूल जा रही है सोशल मीडिया पर वीडियो आने के बाद भाजपा विधायक मैथिली ठाकुर सहित कई लोगो ने मदद को लेकर पहल की है सूबे के शिक्षा मंत्री सुनील कुमार के विधानसभा भोरे के रामनगर निवासी 15 साल की सोनी कुमारी शिक्षा पाने के लिए हर दिन संघर्ष कर रही है टूटी-फूटी झोपड़ी में रहने वाली सोनी रोज करीब दो किलोमीटर दूर स्कूल जाती है.उसके जज्बे की कहानी अब लोगों को प्रेरित कर रही है .शिक्षा पाने का उनका हौसला बेहद बुलंद है टूटी-फूटी फूस की झोपड़ी से निकलकर सोनी हर दिन करीब दो किलोमीटर दूर अपने स्कूल पहुंचती है..बचपन से ही दोनों पैरों से दिव्यांग होने के बावजूद उसने हार नहीं मानी. परिवार की आर्थिक स्थिति खराब होने व पिता के मौत के कारण शुरुआत में स्कूल नहीं भेजा गया,आज वह पहली कक्षा में पढ़ रही है और उसका सपना है कि पढ़-लिखकर डॉक्टर बने सोनी की मां लाईची देवी ने बताया कि सोनी के जन्म के कुछ समय बाद ही उसके पिता नंदकिशोर राम की मौत हो गई थी. घर की आर्थिक हालत इतनी कमजोर है कि परिवार खेतों में मजदूरी करके किसी तरह गुजारा करता है.इसी वजह से पहले सोनी को स्कूल नहीं भेजा जा सका.लेकिन जब उसने गांव की दूसरी बच्चियों को स्कूल जाते देखा तो उसने भी पढ़ने की ठान ली और खुद ही स्कूल जाने लगी.
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AGAdarsh Gautam
Mar 11, 2026 18:18:07
Sidhi, Madhya Pradesh:जिले में इन दिनों पेट्रोल और डीजल की किल्लत देखने को मिल रही है। कई पेट्रोल पंपों पर ईंधन की कमी के कारण वाहन चालकों को लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ रहा है, वहीं कई जगहों पर पेट्रोल और डीजल खत्म होने की स्थिति भी बन गई है।ईंधन की कमी के चलते आम लोगों, किसानों और व्यापारियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वाहन चालकों को एक पंप से दूसरे पंप तक भटकना पड़ रहा है। खासकर रोजाना आवागमन करने वाले लोग और मालवाहक वाहन चालक अधिक प्रभावित हो रहे हैं।स्थानीय लोगों का कहना है कि समय पर पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति नहीं होने के कारण यह समस्या खड़ी हुई है। वहीं पेट्रोल पंप संचालकों के अनुसार सप्लाई में देरी के चलते यह स्थिति बनी हुई है।लोगों ने प्रशासन से जल्द से जल्द पेट्रोल और डीजल की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित कराने की मांग की है,ताकि आम जनता को हो रही परेशानी से राहत मिल सके.
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