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MSP योजना से किसान संतुष्ट, जल्द भुगतान और पंजीकरण से लाभ बढ़े

Kaithal, Haryana:सरकार की MSP योजना से किसान खुश, जताया आभार सरकार द्वारा न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर फसलों की खरीद को लेकर किसानों में संतोष देखने को मिल रहा है। किसानों का कहना है कि सरकार द्वारा सभी प्रमुख फसलों की खरीद MSP पर की जा रही है, जिससे उन्हें अपनी उपज का उचित मूल्य मिल रहा है। किसानों ने बताया कि उन्होंने गेहूं और धान की फसल MSP पर बेची है और इस प्रक्रिया में उन्हें किसी प्रकार की कोई परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा। समय पर पूरा भुगतान मिलने से किसानों में विश्वास और मजबूत हुआ है। किसानों ने यह भी बताया कि उन्होंने अपनी फसल का पंजीकरण ‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ पोर्टल पर करवा रखा है, जिसके चलते उन्हें सरकार की विविध योजनाओं का लाभ आसानी से मिल रहा है। इसके अलावा, किसानों ने धान की सीधी बिजाई (Direct Seeding) योजना का भी लाभ उठाया है। उन्होंने बताया कि पिछली बार उन्हें इस योजना के तहत ₹8000 प्रति एकड़ का मुआवजा मिला था और इस बार भी इसी योजना के तहत लाभ मिलने की उम्मीद है। किसानों ने सरकार और प्रशासन का धन्यवाद करते हुए कहा कि वर्तमान सरकार किसानों के हित में सराहनीय कार्य कर रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी इसी तरह किसानों के कल्याण के लिए जनहितकारी योजनाएं जारी रहेंगी।
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उत्तराखंड की बेटी मुन्नी ने बैंकॉक में गोल्ड मेडल जीतकर नाम रोशन किया

Karnaprayag, Uttarakhand:उत्तराखंड के पहाड़ों की पगडंडियों से निकलकर एक बेटी ने सात समंदर पार बैंकॉक में वो कमाल कर दिखाया है, जिस पर पूरे देश को गर्व है। चमोली जिले के किमोठा गांव की रहने वाली मुन्नी ने बैंकॉक के थाईलैंड में आयोजित अंतरराष्ट्रीय पावर लिफ्टिंग चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतकर अंतरराष्ट्रीय फलक पर तिरंगा लहराया है। महिला टीम की ओर से खेलते हुए मुन्नी ने कुल 325 किलोग्राम का भारी-भरकम वजन उठाकर दुनिया को हैरान कर दिया। आपको बता दें कि इस प्रतियोगिता में दुनिया भर के 22 देशों के दिग्गज खिलाड़ी हिस्सा लेने आए थे, जिन्हें पछाड़कर चमोली की इस बेटी ने सोने पर कब्जा किया। कर्णप्रयाग पहुंचने पर स्थानीय लोगों ने मुन्नी का जोरदार स्वागत किया और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित भी किया। कहते हैं अगर इरादे मजबूत हों, तो पहाड़ों का सीना चीरकर भी रास्ता बनाया जा सकता है। उत्तराखंड के चमोली की बेटी मुन्नी ने इस बात को सच साबित कर दिखाया है। बेहद विषम और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में कड़ी मेहनत करते हुए मुन्नी ने बैंकॉक में पावर लिफ्टिंग के मंच पर देश का नाम रोशन किया है। मुन्नी का यह सफर रातों-रात तय नहीं हुआ। इसके पीछे सालों की तपस्या है जो उन्होंने नेशनल और स्टेट लेवल पर की है। महिला पावर लिफ्टर मुन्नी अब तक चार बार नेशनल चैंपियनशिप खेल चुकी हैं, 10 बार स्टेट लेवल पर अपनी ताकत का लोहा मनवा चुकी हैं। इससे पहले भी मुन्नी दिल्ली में आयोजित एशियन चैंपियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और उत्तराखंड के खेल गलियारों में मुन्नी के इस प्रदर्शन की गूंज साफ सुनी जा सकती है। संजय लखेड़ा ने कहा कि हमारे पहाड़ की बेटी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का नाम रोशन किया है, यह हमारे लिए गर्व की बात है. लेकिन दुख इस बात का है कि पावर लिफ्टिंग में गोल्ड हासिल करने वाली मुन्नी को सरकार की ओर से कोई सहयोग नहीं मिला. न तो उन्हें जाने के लिए आर्थिक मदद दी गई और न ही जीतने के बाद प्रोत्साहित किया गया. अगर सरकार ऐसे प्रतिभावान खिलाड़ियों को सही समय पर सपोर्ट करे, तो हमारे पहाड़ों से ऐसी न जाने कितनी प्रतिभाएं निकलकर दुनिया में देश का नाम चमका सकती हैं. संजय लखेड़ा की यह बात खेल सिस्टम पर एक बड़ा सवालिया निशान खड़ी करती है। उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा और दिल्ली जैसे राज्यों से हर साल सैकड़ों खिलाड़ी अपनी प्रतिभा के दम पर आगे आते हैं। 13, 14 और 15 जून को बैंकॉक में जब 22 देशों के खिलाड़ी एक-दूसरे को चुनौती दे रहे थे, तब मुन्नी बिना किसी सरकारी बैकिंग के सिर्फ अपनी मेहनत और जज्बे के दम पर वहां डटी हुई थीं। सवाल यह है कि आखिर कब तक देश की बेटियां बिना सरकारी मदद के खुद के खर्चे पर खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय मंचों पर देश के लिए मेडल लाती रहेंगी। मुन्नी ने 325 किलो का वजन उठाकर मेडल तो जीत लिया, लेकिन अब देखना यह होगा कि क्या सरकार की नींद टूटती है? क्या उत्तराखंड सरकार और खेल मंत्रालय इस प्रतिभावान खिलाड़ी को वो सम्मान और आर्थिक प्रोत्साहन देगा जिसकी वो हकदार हैं? क्योंकि प्रतिभाएं सुविधाओं की मोहताज नहीं होतीं, लेकिन उन्हें संवारना सरकार की जिम्मेदारी जरूर है। Zee Media की शुभकामनाएं।
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जालौन में IAS रिंकू सिंह राही की पुनः तैनाती की मांग पर युवाओं का मार्च

Jalaun, Uttar Pradesh:जालौन तहसील में पूर्व उपजिलाधिकारी रहे आईएएस अधिकारी रिंकू सिंह राही की दोबारा तैनाती की मांग को लेकर शनिवार को सैकड़ों की संख्या में युवा और ग्रामीण सड़कों पर उतर आए। जालौन नगर सहित आसपास के कई गांवों से पहुंचे लोगों ने मेला ग्राउंड से तहसील परिसर तक पैदल मार्च निकाला। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने रिंकू सिंह राही के समर्थन में नारेबाजी करते हुए उनकी पुनः जालौन में तैनाती की मांग उठाई। बता दें कि इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छात्र, युवा और ग्रामीण शामिल हुए। सभी ने हाथों में ज्ञापन लेकर शांतिपूर्ण तरीके से तहसील तक मार्च किया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि रिंकू सिंह राही के कार्यकाल में आम लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान होता था और प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता देखने को मिली थी। इसी कारण क्षेत्र की जनता उन्हें फिर से जालौन में तैनात किए जाने की मांग कर रही है। इस प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जालौन, कुठौंद, सिरसाकलार, माधौगढ़ और रेंढ़र थाना क्षेत्रों से पुलिस बल तैनात किया गया। कई पुलिस अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे और पूरे कार्यक्रम पर नजर बनाए रखी, जिससे प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। मार्च के दौरान प्रदर्शनकारी पहले जिलाधिकारी को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़ गए। कुछ समय तक इसको लेकर स्थिति बनी रही, लेकिन जालौन 코तवाली प्रभारी हरिश्चंद्र ने प्रदर्शनकारियों से वार्ता कर उन्हें समझाया। इसके बाद सभी प्रदर्शनकारी शांत हो गए और अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी राकेश सोनी को सौंप दिया। ज्ञापन में प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि आईएएस अधिकारी रिंकू सिंह राही की पुनः जालौन में तैनाती की जाए ताकि जिले में विकास कार्यों और जनसमस्याओं के समाधान की गति पहले की तरह बनी रहे। उपजिलाधिकारी राकेश सोनी ने प्रदर्शनकारियों का ज्ञापन प्राप्त करते हुए आश्वासन दिया कि उनकी मांग को शासन स्तर तक भेजा जाएगा。
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लोनी में अवैध अतिक्रमण हटाने के दौरान 15 साल पुरानी मजार ध्वस्त

Ghaziabad, Uttar Pradesh:गाजियाबाद के लोनी में अवैध अतिक्रमण को हटाते हुए प्रशासन ने 15 साल पुरानी मजार को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया है। लोनी क्षेत्र को जाम मुक्त करने के लिए शनिवार को प्रशासन ने अवैध अतिक्रमण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए बुलडोजर चलाया। लोनी-भोपुरा मार्ग पर लोनी ब्लॉक के सामने सड़क पर स्थित करीब 15 साल पुरानी मजार को प्रशासन ने ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा। प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में बुलडोजर से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शांतिपूर्ण ढंग से पूरी की गई। सड़क पर किए गए अवैध अतिक्रमण को हटाने के लिए यह अभियान चलाया गया, ताकि यातायात व्यवस्था सुचारु रहे और सार्वजनिक भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया जा सके। कार्रवाई के दौरान क्षेत्र में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए और पूरे इलाके की निगरानी पुलिस द्वारा की गई। वहीं सार्वजनिक भूमि पर किए गए अवैध अतिक्रमण के खिलाफ आगे भी अभियान जारी रहेगा。
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बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिरों में चढ़ावे चोरी: उच्चस्तरीय जांच व संसदीय निगरानी की मांग

Noida, Uttar Pradesh:मंदिरों की तर्ज पर उत्तराखंड के बद्री केदार मंदिरों में भी चढ़ावे की चोरी केदारनाथ मंदिर में सोने की चोरी का रहस्य अभी भी नहीं खुला। अब बद्रीनाथ धाम में चढ़ावा चोरी का आरोप गंभीर है। मंदिरों में चढ़ावा चोरी पर जेपीसी की देखरेख में हो उच्च स्तरीय जांच। कौन सी बात का जश्न मनाया जा रहा है, भाजपा जवाब दे। देव-देश के सनातनियों के आस्था केंद्र बद्रीनाथ धाम व केदारनाथ धाम के मंदिरों में अयोध्या के राम मंदिर की तर्ज पर चढ़ावा चोरी के आरोप बहुत गंभीर हैं और इस मामले में स्थानीय पुलिस या केंद्रीय जांच एजेंसी की उच्च स्तरीय जांच संयुक्त संसदीय समिति की देखरेख में होनी चाहिए। यह बात आज एआईसीसी सदस्य और उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कही। श्री धस्माना ने कहा कि देश और दुनिया भर के सनातनी पहले से अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे के अरबों रुपए की चोरी से आहत हैं और अब बद्री केदार मंदिरों में चढ़ावे की चोरी की खबरें सनातनी जनमानस की भावनाओं को बुरी तरह घायल कर रही हैं। श्री धस्माना ने कहा कि भाजपा की डबल इंजिन की सरकारें चाहे यूपी की हों या उत्तराखंड की, इन चोरियों के लिए पूरी तरह से जिम्मेदार हैं क्योंकि राम मंदिर ट्रस्ट व बद्री केदार में बीकेटीसी ये दोनों ही भाजपा की सरकारों द्वारा गठित संस्थाएं हैं जो मंदिर के क्रियाकलापों निर्माण प्रबंधन सभी विषय देखते हैं। श्री धस्माना ने कहा कि पहले केदारनाथ मंदिर में 223 किलोग्राम सोना चोरी हुआ और इस मामले को भाजपा सरकार व बीकेटीसी ने रफा-दफा कर दिया और अब वहां चढ़ावे की हेराफेरी और बद्रीनाथ मंदिर में चढ़ावे की चोरी के आरोप लग रहे हैं जो चिंताजनक व गंभीर हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश व देश की जनता को भाजपा सरकार की जांच एजेंसियों पर भरोसा नहीं है इसलिए राम मंदिर व बद्रीनाथ-केदार मंदिरों में सोना व चढ़ावे की चोरी की जांच संयुक्त संसदीय समिति की देखरेख में होनी चाहिए और राम मंदिर व बद्रीनाथ-केदार मंदिरों में चढ़ावा चोरी करने वालों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई होनी चाहिए जो भविष्य के लिए नजीर बने। प्रदेश सरकार व भाजपा किस बात का जश्न मना रहे? देहरादून: सदस्य एआईसीसी व उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने भाजपा व प्रदेश सरकार पर हमला बोलते हुए पूछा कि आज जब प्रदेश महिला अपराधों के मामले में हिमालयी राज्यों में पहले पायदान पर खड़ा है, तो भाजपा व उनकी सरकार किस बात का जश्न मना रही है। उन्होंने कहा कि राज्य गठन से लेकर आज तक प्रदेश में बेरोजगारी दर चरम पर है और बेरोजगारों को नौकरी के नाम पर लूट रहे हैं। नौकरियों के लिए परीक्षाओं के प्रश्न पत्र लीक हो जाते हैं और बेरोजगार खुद को ठगा हुआ महसूस करते हैं। प्रदेश में भ्रष्टाचार का बोलबाला है और कैग की रिपोर्ट में स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में बड़ा घोटाला उजागर हुआ है। पिछले बरसात में नुकसान का पुनर्निर्माण व पुनर्वास अब तक नहीं हुआ और बरसात से नुकसान की खबरें आ रही हैं। अवैध खनन के बारे में विपक्ष के साथ-साथ सत्ता धारी दल के संसद व विधायक भी आरोप लगा रहे हैं और इसके बावजूद सरकार जश्न के मूड में है, तो अब लोगों को फैसला करना है। भाजपा की जन विरोधी नीतियों के खिलाफ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल व अन्य वरिष्ठ नेताओं के नेतृत्व में परिवर्तन संकल्प यात्रा चल रही है जिसे जनता का भारी समर्थन मिल रहा है। पार्षद वार्ता में प्रदेश कांग्रेस श्रम प्रकोष्ठ के अध्यक्ष दिनेश कौशल, टिहरी जिले के वरिष्ठ नेता सुशील डोभाल व आनंद सिंह पुंडीर उपस्थित थे।
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करंट हादसे में चाचा-चाची की मौत, बच्चा बचा, अस्पताल में हंगामा

Katihar, Bihar:मनिहारी के पूर्व टोला में बच्चा को करंट लगने से चाचा-चाची की मौत, बच्चे की हालत खतरे से बाहर घटना के बाद परिजनों एवं ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया असामाजिक तत्वों द्वारा अस्पताल में तोड़फोड़ एवं अव्यवस्था फैलाने की भी सूचना पर मनिहारी पुलिस ने हंगामा कर रहे दो युवकों को गिरफ्तार कर लिया कटिहार जिला के मनिहारी नगर क्षेत्र के पूर्व टोला में एक दर्दनाक हादसे में करंट लगने से चाचा और चachi की मौत हो गई, जबकि जिस बच्चे को बचाने के दौरान यह हादसा हुआ, वह अब खतरे से बाहर बताया जा रहा है। पूर्व टोला में एक बच्चा अचानक करंट की चपेट में आ गया। बच्चे को बचाने के लिए उसके चाचा नाजिर मौके पर पहुंचे, लेकिन वह भी करंट की चपेट में आ गए। इसी दौरान बच्चे की चACHI भी बचाव के प्रयास में करंट लगने से गंभीर रूप से झुलस गईं। दोनों को आनन-फानन में अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। वहीं घायल बच्चे का इलाज जारी है और उसकी स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है। घटना के बाद परिजनों एवं ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया। इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए लोगों ने अस्पताल परिसर में हंगामा किया। इस दौरान बाहर से आए कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा अस्पताल में तोड़फोड़ एवं अव्यवस्था फैलाने की भी सूचना पर मनिहारी थानाध्यक्ष ने हंगामा कर रहे दो युवकों को गिरफ्तार कर लिया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी विनोद कुमार स्वयं मौके पर पहुंचे और आक्रोशित लोगों को समझाकर स्थिति को नियंत्रित किया। इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है। घटना को लेकर क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं भी जारी हैं।
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अमेठी के पूर्व विधायक दादा तेजभान का निधन, क्षेत्र में शोक की लहर

Amethi, Uttar Pradesh:अमेठी पूर्व विधायक दादा तेजभान 83 साल की उम्र में आकस्मिक निधन, युवावस्था में ही वह राष्ट्रीय स्वयं संघ सेवक से जुड़े और बाद में जनसंघ तथा भाजपा से राजनीति में हुए सक्रिय, सन 1977 में जनता पार्टी की उम्मीदवार के रूप में गौरीगंज सीट से चुनाव जीतकर पहली बार बने विधायक, उसके बाद 1991 1993 और 1996 में गौरीगंज विधानसभा से चुने गए भाजपा के विधायक, उनके मिलनसार स्वभाव और पारिवारिक संबंधों के कारण क्षेत्र की जनता में दादा का कर पुकारती थी, पार्टी के पुराने नेताओं में राजनाथ सिंह कल राज मिश्र कल्याण सिंह से उनके रहे हैं अच्छे संबंध, दल बदल के राजनीति से दूर रहे दादा तेजभान, 2017 में विधानसभा चुनाव में टिकट न मिलने के बाद भी पार्टी के खिलाफ नहीं की बगावत, एक सामान्य कृषक परिवार में जन्मे लंबे समय से अमेठी की राजनीति में प्रभावशाली नेताओं में गिने जाने वाले पूर्व विधायक दादा तेजभान के निधन से क्षेत्र में फैली शोक की लहर,
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