icon-pinewzicon-zee
PINEWZ
become creator
न्यूज़ क्रिएटर बनें

आपकी स्थानीय कहानियाँ, आपकी आवाज़

Follow us on
Download App fromplay-storeapp-store
Advertisement
Back
Pinewz
460001
RKRupesh Kumar8 Oct 2025, 09:10 am

बैतूल में चार मामलों की पुष्टि, दो बच्चों की मौत; सीएमएचओ पर सवाल

Betul, Madhya Pradesh:कल रात तक बैतूल में चार मामले संज्ञान में आ चुके जिनमे से दो बच्चो की मौत एक गम्भीर और एक संदिग्ध मामला。 सीएमएचओ मामले पर बोलने से बच रहे थे。 मीडिया कर्मियों के सामने से निकलने का प्रयास कर रहे थे सीएमएचओ。 कफ सीरप मामले में मीडिया से बचते दिखे सीएमएचओ डॉ मनोज हुरमाडे。 कहासुनी हुई तो फिर सीएमएचओ बात करने राजी हुए。 सीएमएचओ ने बताया कि भोपाल में बैतूल के जिन दो बच्चों की मौत हुई उनकी केस हिस्ट्री जिला प्रशासन को सौंप दी गई है。 पीड़ित परिवारों को सहायता राशि के लिए सरकार को भेजी जाएगी रिपोर्ट。 जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ जगदीश घोरे ने बताया。 डेढ़ साल की किंजल को सामान्य जांच के लिए भोपाल भेजा गया है。 हमीदिया अस्पताल में किया गया है रेफर。 आमला ब्लॉक के जमदेहिकला गाँव की है किंजल。 बाइट - डॉ मनोज हूरमाड़े
0
0
Report

हमें फेसबुक पर लाइक करें, ट्विटर पर फॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब्ड करें ताकि आप ताजा खबरें और लाइव अपडेट्स प्राप्त कर सकें| और यदि आप विस्तार से पढ़ना चाहते हैं तो https://pinewz.com/hindi से जुड़े और पाए अपने इलाके की हर छोटी सी छोटी खबर|

पखांजूर माइंस में रोक से रोजगार संकट, मजदूरों ने संचालन शुरू कराने की मांग

Pakhanjur, Chhattisgarh:पखांजूर, महाराष्ट्र की सूरजगढ़ माइंस से जुड़े भारी वाहनों के आवागमन पर रोक के बाद अब रोजगार का मुद्दा सामने आ गया है। माइंस में काम करने वाले हजारों कर्मचारियों ने सोमवार को पखांजूर नया बाजार से एसडीएम कार्यालय तक रैली निकालकर वाहनों का संचालन जल्द शुरू कराने की मांग की। रैली के बाद कर्मचारियों ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। कर्मचारियों का कहना है कि माइंस के भारी वाहनों के संचालन पर रोक लगने से प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से माइंस से जुड़े लोगों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो गया है। कर्मचारियों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसी व्यवस्था बनाई जाए, जिससे सड़कों को नुकसान से बचाते हुए माइंस के वाहनों का संचालन शुरू किया जा सके और बेरोजगार युवाओं एवं महिलाओं को रोजगार मिलता रहे। गौरतलब है कि माइंस के भारी वाहनों से सड़क खराब होने का आरोप लगाते हुए पूर्व में विभिन्न संगठनों द्वारा विरोध प्रदर्शन किया गया था। परलकोट सुरक्षा समिति ने भी सड़क की स्थिति और भारी वाहनों के आवागमन को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल की थी। इसके बाद प्रशासन द्वारा माइंस के भारी वाहनों के आवागमन पर रोक लगाए जाने की बात सामने आई है। वाहनों के संचालन पर रोक के बाद माइंस में कार्यरत कर्मचारियों ने रोजगार प्रभावित होने की बात कहते हुए सोमवार को रैली निकाली। कर्मचारियों ने प्रशासन से जल्द समाधान निकालने और माइंस की गाड़ियों का संचालन शुरू कराने की मांग की है। रैली के दौरान बड़ी संख्या में महिला कर्मचारी भी मौजूद रहीं। कर्मचारियों ने कहा कि रोजगार बंद होने की स्थिति में उनके परिवारों के सामने आर्थिक परेशानी खड़ी हो सकती है।
0
0
Report
Advertisement

गुरुग्राम में थार चालक ने कैब में टक्कर मारी, गिरफ्तार

Gurugram, Haryana:गुरुग्राम में कैब को टक्कर मारने वाला थार चालक गिरफ्तार खेड़की दौला थाना पुलिस ने आरोपी मनजीत रावत को दबोचा वारदात में इस्तेमाल थार गाड़ी भी पुलिस ने की बरामद सती चौक के पास कैब में मारी थी लापरवाही से टक्कर शराब पीने के बाद दोस्तों से हुआ था आरोपी का विवाद दोस्त कैब से जाने लगे तो आरोपी ने कैब में मारी टक्कर 18 सितंबर की वारदात, 20 सितंबर को आरोपी गिरफ्तार गुरुग्राम के खेड़की दौला थाना क्षेत्र में कैब को टक्कर मारने के मामले में पुलिस ने थार चालक को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार करने के साथ-साथ वारदात में इस्तेमाल की गई थार गाड़ी भी बरामद कर ली है। पुलिस के मुताबिक, 18 सितंबर 2026 को एक कैब चालक ने थाना खेड़की दौला में शिकायत दी थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि वह टैक्सी चलाता है और 18 सितंबर को सती चौक के पास अचानक एक थार गाड़ी चालक ने लापरवाही से वाहन चलाते हुए उसकी कैब में टक्कर मार दी। शिकायत के आधार पर थाना खेड़की दौला में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया और पुलिस ने जांच शुरू की। जांच के दौरान थाना खेड़की दौला पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए 20 सितंबर को आरोपी थार चालक को गुरुग्राम से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की पहचान 25 वर्षीय मनजीत रावत, निवासी भरथल, दिल्ली के रूप में हुई है। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपी अपनी थार गाड़ी में गांव के कुछ अन्य साथियों के साथ सोहना जा रहा था। इसी दौरान सभी ने शराब का सेवन किया। शराब पीने के बाद गाड़ी चलाने को लेकर आरोपी और उसके साथियों के बीच कहासुनी हो गई और आपस में मारपीट भी हुई। इसके बाद आरोपी के दोस्त एक कैब बुक करके वहां से जाने लगे। पुलिस के अनुसार, इसी दौरान आरोपी ने अपनी थार से उस कैब में टक्कर मार दी। पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए वारदात में इस्तेमाल की गई थार गाड़ी बरामद कर ली है। मामले में पुलिस द्वारा नियमानुसार आगामी कार्रवाई की जा रही है।
0
0
Report

द्वारका पुलिस ने ड्रग सप्लाई नेटवर्क का पर्दाफाश, महिला पेडलर व मुख्य सप्लायर गिरफ्तार

New Delhi, Delhi:द्वारका जिले में पुलिस ने ड्रग्स सप्लाई नेटवर्क का खुलासा करते हुए एक महिला ड्रग पेडलर और उसके मुख्य सप्लायर को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे और उनकी निशानदेही पर कुल 61.78 ग्राम स्मैक (हेरोइन) बरामद की गई है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 43.24 लाख रुपये बताई गई है। पुलिस ने आरोपियों से 17 हजार रुपये नकद और दो मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं। पुलिस के मुताबिक रणवीर मलिक के खिलाफ पहले से जुआ और अवैध शराब से जुड़े 6 मामले दर्ज हैं। पुलिस ने बताया कि उसकी पत्नी और बेटी के खिलाफ भी एनडीपीएस के मामले दर्ज पाए गए हैं। द्वारका पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर स्मैक की सप्लाई के मुख्य स्रोत और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने में जुटी है। मामले की जांच जारी है।
0
0
Report

सामाजिक बहिष्कार के आरोप: प्रशासन ने जांच के निर्देश दिए

Bemetara, Chhattisgarh:बेमेतरा के साजा तहसील के ग्राम काचरी में कथित सामाजिक बहिष्कार का मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने एसपी बेमेतरा से शिकायत कर गांव के कुछ पदाधिकारियों और ग्रामीणों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि चोरी की घटना की रिपोर्ट वापस लेने के लिए दबाव बनाया गया और रिपोर्ट वापस नहीं लेने पर बैठक बुलाकर सामाजिक बहिष्कार जैसी स्थिति पैदा की गई। ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई की मांग की है। मामले को लेकर कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाईं ने एसपी और एसडीएम को जांच के निर्देश दिए हैं। वहीं एसपी त्रिलोक बंसल ने संबंधित थाना प्रभारी को जांच के आदेश दिए हैं。
0
0
Report
Advertisement

SC के फैसले से पटियाला नगर निगम चुनाव दोबारा, लोकतंत्र की जीत: जय इंदर

Chandigarh, Chandigarh:पटियाला नगर निगम चुनावों पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला लोकतंत्र की बड़ी जीत: जय इंदर कौर सुप्रीम कोर्ट द्वारा 'आप' सरकार की धक्केशाही के खिलाफ पटियाला निगम चुनाव दोबारा कराने के निर्देश राज्य चुनाव आयोग और चीफ सेक्रेटरी से 28 सितंबर तक मांगा जवाब पटियाला, 21 सितंबर 2026 भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष जय इंदर कौर ने पटियाला नगर निगम चुनावों से संबंधित माननीय सुप्रीम कोर्ट द्वारा सुनाए गए फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने इस फैसले को लोकतंत्र और भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं की बड़ी जीत करार दिया। जय इंदर कौर ने जानकारी देते हुए बताया कि पटियाला कॉर्पोरेशन चुनावों के दौरान आम आदमी पार्टी की सरकार द्वारा की गई धक्केशाही और सरेआम गुंडागर्दी से पूरा पंजाब भली-भांति वाकिफ है। उन्होंने कहा कि 'आप' के शह-प्राप्त असामाजिक तत्वों द्वारा विपक्षी उम्मीदवारों के नामांकन पत्र फाड़े गए, उन्हें कागज भरने से रोका गया और लोकतांत्रिक मर्यादाओं की धज्जियां उड़ाई गईं। उन्होंने बताया कि इस धक्केशाही के खिलाफ पहले हाई कोर्ट और बाद में सुप्रीम कोर्ट का रुख किया गया था। माननीय सुप्रीम कोर्ट द्वारा मामले की निष्पक्ष जांच के लिए हाई कोर्ट की पूर्व जस्टिस निर्मलजीत कौर की अध्यक्षता में एक 'फैक्ट फाइंडिंग कमेटी' का गठन किया गया था। आज कमेटी द्वारा अपनी जांच रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में सौंपे जाने के बाद अदालत ने चुनाव दोबारा कराने के आदेश जारी किए हैं और पंजाब राज्य चुनाव आयोग तथा पंजाब चीफ सेक्रेटरी से 28 सितंबर तक जवाब तलब किया है। जय इंदर कौर ने कहा, "यह फैसला पटियाला के हर उस जागरूक नागरिक की जीत है, जो अपने वोट के अधिकार और निष्पक्ष लोकतंत्र की बहाली के लिए डटकर खड़ा रहा। अब पटियाला के लोग बिना किसी डर या दबाव के अपने वोट का इस्तेमाल करके अपनी पसंद की नगर निगम और मेयर का चुनाव करेंगे।" अंत में, जय इंदर कौर ने 'आप' सरकार की लोकतंत्र विरोधी नीतियों की निंदा की और दिन-रात गुंडागर्दी के खिलाफ संघर्ष करने वाले भारतीय जनता पार्टी के हर एक नेता और कार्यकर्ता का धन्यवाद किया।
0
0
Report

सिमडेगा में लूट: दो गिरफ्तार, नाबालिग हिरासत में, मोबाइल-नकद बरामদ

Simdega, Jharkhand:सिमडेगा : बानो थाना क्षेत्र में हुई सड़क लूट की घटना का त्वरित खुलासा किया है। पुलिस ने मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक नाबालिग को निरुद्ध किया गया है। पुलिस के मुताबिक, 18 सितंबर को बानो इलाके में दो लोगों से करीब 20 हजार रुपये नकद और मोबाइल फोन लूटे गए थे। शिकायत के बाद पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर विशेष टीम का गठन किया गया। तकनीकी जांच और मिले हुलिए के आधार पर पुलिस टीम ने खूंटी जिले के मुरहू थाना क्षेत्र के पंचघाघ गांव में छापेमारी कर तीनों को पकड़ा। आरोपियों के पास से दो मोबाइल फोन, घटना में इस्तेमाल मोटरसाइकिल, लोहे की चेन और हैंडपंच बरामद किया गया है। पुलिस ने बताया कि दोनों गिरफ्तार आरोपियों का पहले से भी आपराधिक इतिहास रहा है।
0
0
Report
Advertisement

जहानाबाद: मानसिक रूप से कमजोर युवती के साथ दुष्कर्म; 65 वर्षीय आरोपी गिरफ्तार

Jehanabad, Bihar:बड़ी खबर जहानाबाद से है जहाँ मानसिक रूप से कमजोर एक युवती के साथ दुष्कर्म का सनसनीखेज मामला सामने आया है। घटना को अंजाम गांव के ही एक बुजुर्ग ने दिया। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। मामला घोसी थाना क्षेत्र के एक गांव की है। घटना के संबंध में बताया जाता है कि पीड़िता अपने घर के समीप टहल रही थी। इसी दौरान गांव का ही 65 वर्षीय उमेश प्रसाद उसे बहला-फुसलाकर गांव के बधार में सुनसान जगह पर ले गया और उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया। घटना के बाद पीड़िता की हालत देखकर परिजनों को मामले की जानकारी हुई, जिसके बाद उन्होंने तुरंत घोसी थाने में शिकायत दर्ज कराई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए प्राथमिकी दर्ज कर छापेमारी की और नामजद आरोपी उमेश प्रसाद को धर दबोचा। वहीं, पीड़िता को मेडिकल जांच के लिए सदर अस्पताल भेजा गया है। इधर घोसी एसडीपीओ कृति कमल ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि मानसिक रूप से कमजोर युवती के साथ दुष्कर्म का मामला प्रकाश में आया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। फिलहाल पीड़िता की स्थिति सामान्य है और पुलिस अग्रिम विधिक कार्रवाई में जुटी है।
0
0
Report

नालंदा: महादलित दंपती हत्या का एसपी ने बड़ा खुलासा किया

Pariaunna, Bihar:न nalanda एसपी ने पपरनौसा गांव में महादलित दंपती के अपह रण और हत्या के बारे में बड़ा खुलासा किया है। एसपी के मुताबिक मृतक सुरेंद्र मांझी लेबर कांट्रेक्टर का काम करता था और ईंट भट्ठे पर मजदूर सप्लाई करने के लिए उसने 65 हजार रुपये एडवांस लिए थे। आरोप है कि एडवांस लेने के बाद न तो मजदूरों की सप्लाई की गई और न ही रकम वापस की गई। इसी बकाया राशि को लेकर सुरेंद्र मांझी को बंधक बनाकर रखा गया था और विवाद के बाद उसकी पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। हत्या के बाद शव को छिपाने की बात भी सामने आई है। मामले में पुलिस ने अब तक एक महिला को गिरफ्तार किया है, जबकि अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। वहीं, मृतक की पत्नी ने पुलिस के दावे से अलग आरोप लगाया है। पत्नी का कहना है कि उनके पति ने एडवांस की रकम वापस कर दी थी और महज एक हजार रुपये बकाया थे। उनका कहना है कि उस एक हजार रुपये को भी मजदूरी कर लौटाने की बात कही गई थी। मृतक की पत्नी ने यह भी आरोप लगाया कि एक लाख रुपये का सूद बढ़ते-बढ़ते सात लाख रुपये तक पहुंच गया था।
0
0
Report
Advertisement

रोहिणी जेल में कैदी की हत्या, चाकू से हमला; पुलिस जांच

New Delhi, Delhi:रोहिणी जेल में कैदी की हत्या दिल्ली की हाई सिक्योरिटी जेलों में शामिल रोहिणी जेल से सनसनीखेज मामला सामने आया है。 रोहिणी जेल में एक कैदी की कथित तौर पर चाकू से हमला कर हत्या कर दी गई。 मृतक की पहचान 35 वर्षीय प्रदीप उर्फ महेंद्र बागड़ी के तौर पर हुई है。 बताया जा रहा है कि प्रदीप हत्या के एक मामले में पिछले करीब ढाई साल से रोहिणी जेल में बंद था。 परिजनों के मुताबिक, सोमवार दोपहर ही प्रदीप का भाई उससे जेल में मुलाकात करने पहुंचा था। आरोप है कि मुलाकात के कुछ समय बाद ही प्रदीप पर करीब 4 से 5 लोगों ने चाकू से हमला कर दिया。 हमले में प्रदीप गंभीर रूप से घायल हो गया और उसकी मौत हो गई。 घटना की जानकारी मिलने के बाद मृतक के परिजन जेल के बाहर पहुंच गए और हंगामा किया。 परिजनों ने जेल प्रशासन की कार्यशैली पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं。 फिलहाल हत्या के पीछे की वजह क्या थी और वारदात को अंजाम देने वाले आरोपी कौन हैं, यह साफ नहीं हो पाया है。 पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और जेल के अंदर लगे CCTV कैमरों समेत अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है。
0
0
Report

चिता आंदोलन का दशम दिन: फांसी और मिट्टी सत्याग्रह से विस्थापन मुद्दे तेज

Panna, Madhya Pradesh:दसवें दिन चिता आंदोलन के साथ फांसी और मिट्टी सत्याग्रह भी शुरू दुशासन की तरह प्रशासन लोकतंत्र का कर रहा चीरहरण चिता आंदोलन के दसवें दिन आंदोलन और हुआ तेज, सुबह से देर रात तक जारी रहा सत्याग्रह केन-बेतवा लिंक परियोजना और ललितपुर सिंगरौली रेल मार्ग से प्रभावित आदिवासी किसानों के विस्थापन, मुआवजे और पुनर्वास से जुड़े सवालों के साथ केन बेतवा में 46 लाख पेड़ों की बलि, पन्ना रिजर्व टाईगर और केन नदी के अस्तित्व बचाने को लेकर चल रहा चिता आंदोलन दसवें दिन और तीव्र हो गया। चिता सत्याग्रह के साथ अब फांसी सत्याग्रह और मिट्टी सत्याग्रह भी शुरू कर दिया गया है। आंदोलनकारी सुबह से देर रात तक धरना, प्रदर्शन और सत्याग्रह कर रहे हैं। आंदोलनकारियों में शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली को लेकर लगातार आक्रोश बढ़ रहा है। विस्थापितों और आंदोलन के नेतृत्वकर्ता अमित भटनागर ने कहा कि जब गांवों में पानी बढ़ रहा है और लोगों के घर डूबने की स्थिति में हैं, तब भी प्रशासन के पास विस्थापित परिवारों की स्पष्ट सूची, प्रत्येक परिवार को मिलने वाले मुआवजे और लंबित मुआवजे का पारदर्शी लेखा-जोखा उपलब्ध नहीं है। अमित भटनागर ने आरोप लगाया कि “जब शासन-प्रशासन अपने ही बनाए कानूनों का पालन नहीं करता, तब लोकतंत्र और संविधान दोनों कमजोर होते हैं। महाभारत में दुशासन ने जिस तरह द्रौपदी का चीरहरण किया था, उसी तरह आज प्रशासन लोकतंत्र का चीरहरण कर रहा है।” भटनागर ने कहा, आंदोलन का उद्देश्य विकास रोकना नहीं, बल्कि कानून के अनुसार न्यायपूर्ण विस्थापन, उचित मुआवजा, पुनर्वास और पर्यावरण की रक्षा सुनिश्चित कराना है। मझगाय-रुंझ प्रभावितों का आरोप—मुआवजा पूरा नहीं, मकान तोड़ने की कार्रवाई तेज मझगाय और रुंझ बांध प्रभावितों का कहना है कि मुख्यमंत्री द्वारा घोषित ₹12.50 लाख के पैकेज के बावजूद अनेक परिवारों को अब तक पूरी राशि नहीं मिली है। आंदोलनकारियों के अनुसार घोषणा को दो महीने से अधिक समय बीत जाने के बाद भी भुगतान की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई, जबकि दूसरी ओर प्रभावितों के मकान तोड़ने और डूब क्षेत्र में पानी बढ़ने की स्थिति लगातार बनी हुई है। अमित भटनागर ने कहा, “जब तक परिवार को उसका पूरा अधिकार और मुआवजा नहीं दिया गया, तब तक उसके घर को उजाड़ना किस कानून और इंसानियत के तहत उचित है? मकान तोड़ने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस और अधिकारी पहुंच जाते हैं, लेकिन लोगों की मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के समय केवल आश्वासन दिए जाते हैं। क्या सिर्फ बातों से जनता का पेट भर जाएगा....?” यदि शासन-प्रशासन ने तत्काल प्रभावितों की समस्याओं का समाधान नहीं किया और आंदोलन को दबाने के प्रयास जारी रहे तो देशभर के सामाजिक कार्यकर्ताओं, किसान संगठनों, आदिवासी संगठनों और लोकतांत्रिक आंदोलनों से संपर्क कर राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक आंदोलन खड़ा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि चिता आंदोलन अब केवल स्थानीय मुद्दा नहीं रह गया है। आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक प्रभावित परिवारों को उनके कानूनी अधिकार, पूरा मुआवजा, सम्मानजनक पुनर्वास और मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित नहीं की जातीं।
0
0
Report
Advertisement
Advertisement
Back to top