icon-pinewzicon-zee
PINEWZ
become creator
न्यूज़ क्रिएटर बनें

आपकी स्थानीय कहानियाँ, आपकी आवाज़

Follow us on
Download App fromplay-storeapp-store
Advertisement
Back

हमें फेसबुक पर लाइक करें, ट्विटर पर फॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब्ड करें ताकि आप ताजा खबरें और लाइव अपडेट्स प्राप्त कर सकें| और यदि आप विस्तार से पढ़ना चाहते हैं तो https://pinewz.com/hindi से जुड़े और पाए अपने इलाके की हर छोटी सी छोटी खबर|

मोदी के ईंधन बचाओ आह्वान पर Jalgaon मंत्री गुलाबराव पाटील इलेक्ट्रिक कार से सफर

Jalgaon, Maharashtra:जळगाव जळगावात शिवसेनेचे मंत्री गुलाबराव पाटील यांच्याकडून पंतप्रधान नरेंद्र मोदी यांच्या आवाहनाला प्रतिसाद मंत्री गुलाबराव पाटील यांनी त्यांच्या शासकीय वाहनातून प्रवास न करता इलेक्ट्रिक कारमधून प्रवास केला.. जळगाव विमानतळावर उतरल्यानंतर पाळधी गावातील निवासस्थानापर्यंत इलेक्ट्रिक कार ने प्रवास नरेंद्र मोदी यांच्या इंधन बचत करण्याच्या आवाहनाला मंत्री गुलाबराव पाटील यांच्याकडून पाठिंबा. मंत्री गुलाबराव पाटील यांनी त्यांच्या ताब्यातील एक वाहन देखील कमी केल्याची माहिती.... पंतप्रधान मोदी यांच्या आवाहनानुसार मंत्री गुलाबराव पाटील यापुढे देखील इलेक्ट्रिक कारमधूनच प्रवास करणार असल्याची माहिती
0
0
Report

ओवैसी ने भोजशाला फैसले को बाबरी निर्णय की नकल बताया

Hyderabad, Telangana:Asaduddin Owaisi ने Bhojshala verdict पर सख्त प्रतिक्रिया दी और फैसले को 'गलत' और 'Babri फैसले की नकल' बताया. उन्होंने कहा कि earthquakes और सदियों के प्राकृतिक बदलावों के कारण साइट की मूल संरचना और प्रकृति पूरी तरह बदल चुकी है. 1904 में ब्रिटिश कलेक्टर ने साइट से जुड़े आदेश जारी किए थे—उनके अनुसार ASI रिकॉर्ड इसे मुस्लिम place of worship मानते हैं और 1951 तक Hindu धार्मिक गतिविधियां अनुमति नहीं थीं. 1935 Dhar Gazette में भी ऐतिहासिक स्थिति का उल्लेख है. Dhar Book of History के हवाले से उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक रिकॉर्ड मुस्लिम पक्ष का समर्थन करते हैं. ASI survey findings पर सवाल उठाते हुए उन्होंने पूछा: 'Plastic वहाँ कैसे मिला? Plastic कब से बना?' 1995 में ₹10 स्टाम्प पेपर पर एक अवैध समझौता भी बताया. PIL मामले में 2022 में दायर हुई थी. Ram Mandir निर्णय की तुलना में Bhojshala verdict को 'replica' कहा गया. ASI Act यह भी कहता है कि किसी Place of Worship की पहचान और प्रकृति बदली नहीं जा सकती. कृषि विषयी चर्चा में उन्होंने सरकार से पूछा: 'अगर किसानों को खाद नहीं इस्तेमाल करने ko कहा गया है, तो वे क्या करें?' और पेट्रोल मूल्य वृद्धि से सभी आवश्यक वस्तुओं पर प्रभाव आने की बात कही. ओवैसी ने भरोसा जताया कि सुप्रीम कोर्ट मामले में न्याय देगा.
0
0
Report
Advertisement

SC expresses concern over airline fare manipulation; government urged to take relief steps

Noida, Uttar Pradesh:एक ही रूट, किराया 8 हजार से 18 हजार! एयरलाइंस कंपनियों की मनमानी पर SC ने जताई चिंता त्योहारों और छुट्टियों के दौरान हवाई जहाज़ के टिकटों की कीमत में भारी इज़ाफे पर सुप्रीम कोर्ट ने गहरी चिंता जाहिर की है। कोर्ट ने कहा है कि किराए तय करने में एयर लाइंस कंपनियों की मनमानी यात्रियों का शोषण करने जैसा है और सरकार को यात्रियों को राहत देने के लिए कदम उठाने चाहिए। क़ीमतों में भारी अंतर पर सवाल जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने टिकटों के कीमतों में भारी अंतर को लेकर भी सवाल उठाया। कोर्ट ने कहा कि एक ही दिन और एक ही रूट पर अलग-अलग एयरलाइंस बहुत अलग किराया ले रही हैं। एक एयरलाइन उसी रूट के लिए 8,000 ले रही है,जबकि दूसरी 18,000 तक ले रही है।ये सरकार की जिम्मेदारी बनती है कि वो टिकटों की क़ीमत को तर्कसंगत बनाए। सरकार की सफाई सरकार की तरफ से सॉलिसीटर तुषार मेहता ने कहा कि नया कानून भारतीय वायुयान अधिनियम जनवरी 2025 से लागू हो चुका है और उसके तहत नए नियम बनाए जा रहे हैं। तुषार मेहता ने कहा कि वो मानते है कि हवाई किरायों में भारी उतार-चढ़ाव एक समस्या है, लेकिन इसका स्थायी समाधान नए विमानन कानून के तहत नियम बनाकर ही किया जा सकता है。 सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को वक़्त दिया वहीं याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ वकील रवींद्र श्रीवास्तव ने दलील दी कि मौजूदा कानूनों में सरकार और संबंधित अधिकारियों के पास पहले से ही पर्याप्त अधिकार मौजूद हैं, लेकिन वो इस्तेमाल नहीं किया जा रहा। कोर्ट ने कहा कि केंद्र सरकार को यात्रियों को राहत देने के लिए कुछ अस्थायी कदमों पर विचार करना चाहिए। कोर्ट ने केंद्र सरकार को नए नियम बनाने के लिए समय देते हुए कहा कि हम जुलाई में आगे सुनवाई करेंगे याचिका में मांग सामाजिक कार्यकर्ता एस.लक्ष्मीनारायणन ने यह याचिका दायर की है।याचिका में कहा गया है कि त्योहारों और छुट्टियों के दौरान हवाई जहाज़ के टिकटों की कीमत में भारी इज़ाफ़ा होता है। याचिका में एयरलाइंस पर किराया तय करने में मनमानी का आरोप लगाते हुए कोर्ट के दखल की मांग की गई है। याचिका में कहा गया कि अभी कोई कोई रेगुलेटरी ऑथोरिटी नहीं है जिसके पास हवाई किरायों की समीक्षा करने या उनकी अधिकतम सीमा तय करने का अधिकार हो।
0
0
Report

कैनींग थाने के आईसी अमित हाथी को पक्षपात के आरोप पर निलंबित किया गया

Baruipur, West Bengal:আপডেট ২৪ ঘন্টা পার না হতে ক্যানিং থানার আইসিকে সাসপেন্ড করা হলো অমিত হাতি কে । পক্ষপাতির অভিযোগে তাকে সাসপেন্ড করা হয়েছে বলে জানা যায়। অভিযোগ, গণনার দিন রাতে বিজয় মিছিলে বিজেপি এক কর্মীকে গুলি করা হয়। সেই অভিযুক্তকেও গ্রেফ্তার করতে পারেনি পুলিশ। অভিযোগ ছিল তৃণমূলের দিকে। পাশাপাশি তৃণমূলের নেতা কর্মীরা বিজেপি কর্মীদের হুমকি দেয় দলীয় কার্যালয়ে গতকাল রাতে। তাদের ও গ্রেপ্তার করেনি পুলিশ। সেইসব অভিযোগে ২৪ ঘন্টার না পার হতেই আই সিকে সাসপেন্ড করা হয়ছে বলে জানা যাচ্ছে। বিজেপি কর্মী সমর্থকদের কে দুষ্কৃতিদের হুমকি,আতঙ্কিত বিজেপি কর্মীদের থানায় অবস্থান বিক্ষোভ বিজেপি ক্ষমতায় আসলেও ক্যানিংয়ে বিজেপি কর্মীদের এখনও চলছে তৃণমূল আশ্রিতদের হুমকি । অভিযোগ একের পর এক আক্রান্ত হচ্ছেন বিজেপি কর্মী সমর্থক থেকে কার্যকর্তারা। ক্যানিং পশ্চিম বিধানসভার অন্তর্গত মাতলা ২ পঞ্চায়েতের সেখানে বিজেপির পার্টি অফিস খুলে কার্যকর্তারা বসেছিলেন। অভিযোগ তৃণমূল নেতা ভোলা দাসের নেতৃত্বে জনাদশেক দুষ্কৃতি বন্দুক নিয়ে বিজেপির পার্টি অফিসে হাজির হয় বলে অভিযোগ । অভিযোগ在那里 বিজেপির কার্যকর্তা মুন্না লস্কর ও সুমন চক্রবর্তীকে হুমকি দেয়।অভিযোগ দুষ্কৃতিরা হুমকি দিয়ে বলে আজ রাতে বিজেপির পার্টি অফিসে তান্ডব চলবে। কৌ রদ করতে পারবেনা।হাত পা ভেঙে দেবো। গুলি চালিয়ে খতম করে দেবো। বিজেপি করার সাধ চিরতরে ঘুঁচিয়ে দেবো। দুষ্কৃতিরা হুমকি দিয়ে চলে যায় বলে অভিযোগ । এরপর বিজেপির কার্যকর্তারা প্রাণের ভয়ে আতঙ্কে ভুগতে থাকে। এমন খবর যায় দলের শীর্ষস্থানীয় নেতৃত্বের কাছে।দুষ্কৃতিদের গ্রেফতারের ন্যায় বিচারের দাবিেতে ক্যানিং থানার সামনে অবস্থান বিক্ষোভে সামিল হয় রাতে। দীর্ঘ প্রায় একঘন্টা অবস্থান বিক্ষোভ চলে। পরিস্থিতির যাতে অবনতি না হয় তারজন্য থানার সামনে বিশাল কেন্দ্রীয় বাহিনী মোতায়েত করা হয়। পরে পুলিশ প্রশাসন বিজেপি কর্মী সমর্থকদের কে বলেন অভিযুক্তদের তারা গ্রেফতার করবে ন।এরপর অবস্থান বৃক্ষ উঠে যায় এই নিয়ে এলাকায় ছাড়া ব্যাপক চাঞ্চল্য। তবে এ বিষয়ে তৃণমূলের তরফ থেকে কোন প্রতিক্রিয়া পাওয়া যায়নি。
0
0
Report

ED को सुप्रीम कोर्ट से राहत: कई मामलों में राहत के संकेत

Delhi, Delhi:*ED को आज 15 मई 2026 को सुप्रीम कोर्ट में कई मामलों में राहत मिली। अलग-अलग मामलों में सुप्रीम कोर्ट ने ED के पक्ष में आदेश दिए। इनमें कोयला ब्लॉक केस, मनी लॉन्ड्रिंग, ड्रग्स तस्करी, फर्जी निवेश और बैंक खातों को फ्रीज करने जैसे मामले शामिल हैं।* *जिंदल स्टील मामले में ED को राहत* Jindal Steel & Power Limited से जुड़े कोयला ब्लॉक मामले में ED ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। ED का कहना था कि कुछ अहम कानूनी सवाल पहले से सुप्रीम कोर्ट में लंबित हैं, इसलिए ट्रायल कोर्ट को अभी आरोप तय नहीं करने चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने ED की दलील मानते हुए राउज एवेन्यू स्थित विशेष अदालत से कहा कि मामले की सुनवाई 29 जुलाई 2026 के बाद रखी जाए। *राजेश कुमार अग्रवाल मामले में नोटिस जारी* दिल्ली हाई कोर्ट ने ED की जब्ती कार्रवाई रद्द कर दी थी। हाई कोर्ट ने कहा था कि PMLA के तहत जरूरी रिटेंशन ऑर्डर नहीं था। ED ने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। सुप्रीम कोर्ट ने ED की दलील सुनने के बाद नोटिस जारी कर दिया है। *ड्रग्स तस्करी मामले में जमानत खारिज* बनमीत सिंह नाम का आरोपी डार्क वेब के जरिए ड्रग्स बेचने के आरोप में गिरफ्तार हुआ था। यह मामला भारत और अमेरिका की साझा जांच से जुड़ा है। आरोपी ने लंबे समय से जेल में रहने और ट्रायल में देरी का हवाला देकर जमानत मांगी थी। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने आरोपों की गंभीरता और मनी लॉन्ड्रिंग की रकम को देखते हुए जमानत याचिका खारिज कर दी। *बांग्लादेशी घुसपैठ से जुड़े मामले में राहत नहीं* रोनी मंडल पर बांग्लादेश से लड़कियों की तस्करी करने वाले गिरोह से जुड़े होने का आरोप है। ED ने उसे नवंबर 2024 में गिरफ्तार किया था। सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड हाई कोर्ट के आदेश में दखल देने से इनकार करते हुए उसकी जमानत याचिका खारिज कर दी। *बैंक खाते फ्रीज करने वाले मामले में ED के पक्ष में फैसला* Zo Pvt. Ltd. मामले में कर्नाटक हाई कोर्ट ने कंपनी को फ्रीज बैंक खातों से पैसे निकालने की अनुमति दी थी। ED ने इस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जब PMLA के तहत दूसरा कानूनी रास्ता मौजूद है, तब हाई कोर्ट को ऐसा आदेश नहीं देना चाहिए था। कोर्ट ने मामला PMLA की एडजुडिकेटिंग अथॉरिटी को वापस भेज दिया। *सतिंदर सिंह भसीन की हिरासत को मंजूरी* सतिंदर सिंह भसीन मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट ने ED जांच पर रोक लगाई थी और गिरफ्तारी से राहत दी थी। बाद में सुप्रीम कोर्ट ने भसीन को जांच में सहयोग करने को कहा था। ED के मुताबिक, भसीन को तीन बार बुलाया गया लेकिन वह पेश नहीं हुआ। अब सुप्रीम कोर्ट ने ED को उसकी कस्टडी लेने की अनुमति दे दी है। *3700 करोड़ की ठगी मामले में ED की अटैच संपत्ति सुरक्षित।* आयुषी मित्तल और उसके पति पर करीब 3700 करोड़ रुपये की निवेश ठगी का आरोप है। ED ने इस मामले में करीब 595 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच की थी, जिनमें से 139 करोड़ रुपये कब्जे में भी लिए गए। दूसरी एजेंसियां भी इस रकम पर दावा कर रही थीं। सुप्रीम कोर्ट ने ED को मामले में पक्षकार बनाया और कहा कि ED द्वारा अटैच की गई संपत्ति को कोई दूसरी एजेंसी नहीं छुएगी।
0
0
Report
Advertisement

ED की बड़ी कार्रवाई: वरिष्ठ पुलिस अधिकारी शांतनु सिन्हा बिस्वास की जमानत खारिज

Delhi, Delhi:कोलकाता में ED की बड़ी कार्रवाई के बाद गिरफ्तार किए गए वरिष्ठ पुलिस अधिकारी शांतनु सिन्हा बिस्वास को कोर्ट से बड़ा झटका लगा है...सिटी सेशंस कोर्ट, कलकत्ता ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी है और ED को 14 दिन की रिमांड दे दी है... कोर्ट में सुनवाई के दौरान ED की तरफ से कहा गया कि शांतनु सिन्हा बिस्वास का कथित अवैध सिंडिकेट, जमीन कब्जाने, वसूली और पुलिस विभाग में ट्रांसफर-पोस्टिंग रैकेट से संबंध है...एजेंसी ने दावा किया कि आरोपी मनी लॉन्ड्रिंग के पूरे नेटवर्क में सक्रिय भूमिका निभा रहा था और उससे जुड़े कई अहम सबूत भी बरामद किए जा चुके है.. वहीं आरोपी पक्ष के वकील ने कोर्ट में कहा कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप झूठे और बेबुनियाद है.. बचाव पक्ष ने दलील दी कि शांतनु सिन्हा बिस्वास एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी है.. इसलिए उनके फरार होने या जांच में बाधा डालने का कोई सवाल ही नहीं उठता...ये भी कहा गया कि उन्होंने जांच में सहयोग किया था और उनका किसी कथित अवैध लेनदेन से कोई संबंध नहीं है.. हालांकि कोर्ट ने ED की दलीलों को गंभीर मानते हुए कहा कि मामले में प्रथम दृष्टया आरोपी की संलिप्तता दिखाई देती है... अदालत ने माना कि मनी लॉन्ड्रिंग एक गंभीर अपराध है और इसकी जांच अभी शुरुआती चरण में है...ऐसे में आरोपी को फिलहाल राहत नहीं दी जा सकती.. कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि जांच एजेंसी को आरोपी से पूछताछ कर डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक सबूतों का सामना करवाना है...साथ ही कथित अपराध से जुड़ी अवैध कमाई और संपत्तियों के बारे में भी जानकारी जुटानी है..अਦालत ने ED को आरोपी की हिरासत में पूछताछ की अनुमति देते हुए 28 मई 2026 को उसे फिर से कोर्ट में पेश करने का निर्देश दिया है..
0
0
Report

गोरखपुर में ट्रैक्टर-ट्रॉली से पीछे से टकराए ऑटो में चालक की मौत, 8 घायल

Gorakhpur, Uttar Pradesh:गोरखपुर के झंगहा थाना क्षेत्र में एक दर्दनाक सड़क हादसे में ऑटो चालक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि ऑटो में सवार 8 लोग घायल हो गए। इनमें चार लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिन्हें इलाज के लिए गोरखपुर एम्स में भर्ती कराया गया है। हादसा उस समय हुआ जब तेज रफ्तार ऑटो सड़क किनारे खड़ी ट्रैक्टर-ट्रॉली में पीछे से जा भिड़ा। टक्कर इतनी जोरदार थी कि मौके पर चीख-पुकार मच गई और स्थानीय लोग राहत-बचाव में जुट गए। मृतक चालक अपने घर शादी में आए हुए रिश्तेदारों को शादी समारोह के बीत जाने के बाद छोड़ने जा रहा था। शादी कार्यक्रम में अत्यधिक देर तक जगे रहने के कारण ऑटो चालक को रास्ते में झपकी आ गई। जिसके बाद ऑटो दुर्घटना की शिकार हो गई।
0
0
Report

ईंधन बचाओ, देश बचाओ: गाजीपुर के डीएम अनुपम शुक्ला की ऊर्जा संरक्षण अपील

Ghazipur, Uttar Pradesh:गाजीपुर ईंधन बचाओ, देश बचाओ,डीएम अनुपम शुक्ला की जनपदवासियों से बड़ी अपील, पेट्रोल-डीजल की बचत को जनआंदोलन बनाने का आह्वान कलेक्ट्रेट सभागार में प्रेस वार्ता कर ऊर्जा संरक्षण को बताया राष्ट्रीय जिम्मेदारी डीएम बोले— अनावश्यक वाहन प्रयोग से बचें, छोटी दूरी पर पैदल या साइकिल अपनाएं सार्वजनिक परिवहन और कार पूलिंग को प्राथमिकता देने की अपील ट्रैफिक सिग्नल पर इंजन बंद रखने और वाहन सर्विसिंग पर दिया जोर युवाओं और बच्चों को भी ऊर्जा संरक्षण के प्रति जागरूक करने का आह्वान डीएम ने कहा— ईंधन की बचत, देश और पर्यावरण दोनों की सुरक्षा है देश में ऊर्जा संरक्षण और पेट्रोलियम पदार्थों की बचत को लेकर अब जिला प्रशासन भी पूरी तरह एक्टिव हो गया है। गाजीपुर के जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने प्रेस वार्ता कर जनपदवासियों से पेट्रोल-डीजल की बचत करने और ऊर्जा संरक्षण को जनआंदोलन बनाने की अपील की है। डीएम ने कहा कि ईंधन की बचत सिर्फ पैसों की नहीं, बल्कि राष्ट्रहित, पर्यावरण सुरक्षा और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से जुड़ा मुद्दा है। दरअसल गाजीपुर कलेक्ट्रेट सभागार यानी रायफल क्लब में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने प्रधानमंत्री के ऊर्जा संरक्षण अभियान का जिक्र करते हुए लोगों से पेट्रोलियम पदार्थों के सीमित और जरूरत के मुताबिक इस्तेमाल की अपील की। उन्होंने कहा कि पेट्रोल और डीजल देश की अमूल्य संपत्ति हैं और इनकी अनावश्यक खपत से राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था पर बोझ बढ़ता है, साथ ही पर्यावरण प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन जैसी गंभीर समस्याएं भी पैदा होती हैं। कहा कि ऊर्जा संरक्षण आज के समय की सबसे बड़ी जरूरत है。 अगर हर नागरिक प्रतिदिन थोड़ा-सा भी ईंधन बचाने का संकल्प ले, तो यह एक बड़ी राष्ट्रीय उपलब्धि साबित होगी। डीएम ने लोगों से छोटी दूरी के लिए पैदल चलने और साइकिल के इस्तेमाल की अपील की। साथ ही सार्वजनिक परिवहन और कार पूलिंग को प्राथमिकता देने की बात कही। उन्होंने कहा कि ट्रैफिक सिग्नल पर लंबे समय तक रुकने की स्थिति में वाहन का इंजन बंद रखें और समय-समय पर वाहन की सर्विस कराते रहें, ताकि ईंधन की खपत कम हो सके। डीएम ने युवाओं और बच्चों को भी ऊर्जा संरक्षण के प्रति जागरूक करने पर जोर दिया। इसके साथ ही  जिलाधिकारी ने सरकारी कार्यालयों, संस्थानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से भी ऊर्जा बचत के उपाय लागू करने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ सरकारी अभियान नहीं, बल्कि हर नागरिक की नैतिक जिम्मेदारी है。
0
0
Report
Advertisement

कौशांबी में 15 दिनों का सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान शुरू

Gohara Marufpur, Uttar Pradesh:कौशांबी जिले में लगातार बढ़ रहे सड़क हादसों और मौतों को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। पुलिस अधीक्षक सत्यनारायण के निर्देशन में आज से जनपदभर में 15 दिनों का विशेष सड़क सुरक्षा एवं जागरूकता अभियान शुरू किया गया है। इस अभियान का उद्देश्य लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करना और सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना है। जनपद कौशांबी में हाल के दिनों में लगातार सड़क हादसों में लोगों की मौत के मामले सामने आ रहे हैं। इन घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक सत्यनारायण प्रजापत के निर्देश पर सड़क सुरक्षा एवं जागरूकता अभियान की शुरुआत की गई है। यह विशेष अभियान लगातार 15 दिनों तक चलाया जाएगा, जिसमें पुलिस टीम स्कूलों, बाजारों, चौराहों और सार्वजनिक स्थानों पर लोगों को ट्रैफिक नियमों के पालन के लिए जागरूक करेगी। अभिान के दौरान हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट लगाने, ओवरस्पीड से बचने और शराब पीकर वाहन न चलाने जैसे महत्वपूर्ण संदेश दिए जाएंगे। साथ ही नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई भी की जाएगी। पुलिस प्रशासन का मानना है कि जागरूकता और सख्ती दोनों के जरिए ही सड़क हादसों पर लगाम लगाई जा सकती है
0
0
Report

धनबाद में दलालों के झांसे में गर्भवती महिला के निजी अस्पताल भर्ती होने का मामला

Dhanbad, Jharkhand:धनबाद के टुंडी से मानवता को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। सरकारी अस्पताल से रेफर हुई एक गरीब गर्भवती महिला को सहिया और दलालों ने मिलकर निजी अस्पताल पहुंचा दिया, जहां मुफ्त इलाज का झांसा देकर अब परिवार से 25 हजार रुपये की मांग की जा रही है। मामले के सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। बताया जा रहा है कि टुंडी स्वास्थ्य केंद्र से गर्भवती महिला निशा कुमारी को बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल रेफर किया गया था। लेकिन आरोप है कि रास्ते में सहिया और दलालों ने महिला के अनपढ़ ससुर को बहला-फुसलाकर ममता वाहन से सीधे हीरक रिंग रोड स्थित निजी अस्पताल एनआरएस में भर्ती करा दिया। निज़ी अस्पताल में महिला का सीजर ऑपरेशन कराया गया, जहां उसने बच्ची को जन्म दिया। परिजनों का आरोप है कि पहले उन्हें मुफ्त इलाज और सरकारी सुविधा का भरोसा दिया गया था, लेकिन अब अस्पताल प्रबंधन की ओर से 25 हजार रुपये जमा करने का दबाव बनाया जा रहा है। मामले में एनआरएस अस्पताल प्रबंधन की ओर से अपनी सफाई दी गई है। अस्पताल प्रबंधक डॉक्टर नरेश प्रसाद ने कहा कि मरीज को इलाज के लिए भर्ती किया गया था और अस्पताल नियम के अनुसार कार्य कर रहा है। धनबाद के सिविल सर्जन डॉक्टर आलोक विश्वकर्मा ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि यदि लिखित शिकायत मिलती है तो दोषी सहिया, दलाल और संबंधित निजी अस्पताल के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सरकार स्वास्थ्य व्यवस्था और ममता वाहन जैसी योजनाओं के बीच दलालों का यह खेल अब कई गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। फिलहाल सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि स्वास्थ्य विभाग इस मामले में क्या कार्रवाई करता है।
0
0
Report

बाबरी मस्जिद मामले पर मुस्लिम नेताओं की विस्तृत समीक्षा रिपोर्ट जारी

Delhi, Delhi:बाबरी मस्जिद पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर जमीयत उलेमा ए हिंद ने एक डिटेल रिपोर्ट तैयार की है उसे रिपोर्ट को आज जमीअत उलमा ए हिंद के अध्यक्ष मौलाना महमूद मदनी समेत कई वरिष्ठ लोगों ने दिल्ली के कांस्टीट्यूशन क्लब में लॉन्च किया सलमान खुर्शीद वरिष्ठ वकील इंदिरा जय सिंह फैजान मुस्तफा जमील के सेक्रेटरी नियाज अहमद फारूकी समेत कई लोग शामिल हुए मौलाना महमूद मदनी। इस रिपोर्ट को तैयार करने से पहले आपको एक छोटी सी कहानी बताना चाहता हूं डेढ़ साल पहले अपने साथियों से मशवरा किया की जो जजमेंट हुआ है वह गलत इंसाफ पर मदनी और आस्था की बुनियाद पर किया गया। हमने सोचा इस पूरे जजमेंट के ऊपर एक एनालिसिस हमारे पास होना चाहिए बहुत से लोगों ने बोला कि अब क्या फायदा है इसका तुमने सोचा की हिस्ट्री में तो रहेगा ना यह जजमेंट मौजूद यह रिपोर्ट रहेगी यह हिस्टोरिकल जजमेंट था उसके हिस्टोरिकल इम्पैक्ट आने वाले थे और आ रहे हैं यह भी एक ही हिस्टोरिकल मूवमेंट है यह रिपोर्ट Places of worship act की अलग से व्याख्या कर दी गई है जब यह फैसला होने वाला था तब मुसलमान ने बहुत जिम्मेदारी के साथ भारत के संविधान के सिस्टम के साथ भरोसा करके जो रवैया अपनाया था वह भी हिस्टोरिकल था इन्द्रिरा जय सिंह, सीनियर वकील हम इस सवाल का जवाब चाहते है कि जो जज अदालत में बैठे है उनका लोकतान्त्रिक धर्म क्या है?? हमें नज़र आता है क़ि सबूतों के बजाए आस्था को बुनियाद बनाया जा रहा है सबरीमाला मामले में भी यही हो रहा है बार बार कहा जा रहा है कि कुछ लोगों क़ी आस्था है कि वहा महिलाए नहीँ जाए मै पूछना चाहती हूँ क़ि जज ने आस्था की शपथ ली है या संविधान की चाहे बाबरी मस्जिद का मामला हो या सबरीमाला का.. दोनों में यही हुआ मै कहना चाहती हूँ कि अदालत में आस्था का रोल नहीँ होने चाहिए बल्कि संविधान से फैसला देना चाहिर आज देश में हिन्दुओ के लिए एक क़ानून औऱ दसुरो के लिए दूसरा क़ानून ये हमें मंज़ूर नहीँ है सलमान खुर्शीद, सीनियर वकील औऱ कांग्रेस नेता बाबरी मस्जिद के मामले में कई अहम चीज है बाबरी मस्जिद मामले में ये माना गया क़ि वहा बुरा अगर हुआ तो मुसलमानो के साथ हुआ भोजशाला का मामला अलग है यहां टाइटल शूट नहीँ था मुसलमानो ने सिर्फ ये कहा था कि हम नमाज़ पढ़ते आ रहा है हमें इसकी इज़ाज़त दी जाए लेकिन हिन्दू पक्ष कहता है क़ि ये मंदिर है नमाज़ की इज़ाज़त नहीँ होनी चाहिए हमने इस मामले में बहस की थी मै ये मानता हूँ कि अगर भोजशाला मामले में सुप्रीम कोर्ट में अपील आएगी तो हमारा कोर्ट में दावा ज्यादा मज़बूत होगा यह रिपोर्ट इस बात की विस्तृत और आलोचनात्मक समीक्षा प्रस्तुत करती है कि भारत की कानूनी व्यवस्था—विशेषकर सर्वोच्च न्यायालय—ने 1991 के “पूजा स्थलों (विशेष प्रावधान) अधिनियम” तथा मुस्लिम धार्मिक स्थलों से जुड़े विवादों को किस प्रकार संभाला है। यह दो महत्वपूर्ण निर्णयों—इस्माइल फारुकी (1994) और एम. सिद्दीक़ (2019)—पर केंद्रित है, और यह पड़ताल करती है कि राम जन्मभूमि आंदोलन से उत्पन्न राजनीतिक कथाएँ, जो बाबरी मस्जिद के विध्वंस पर जाकर समाप्त हुईं, किस प्रकार न्यायिक तर्कों में समाहित हो गई हैं। हिंदुत्ववादी बहुसंख्यकवादी दबावों के विरुद्ध दृढ़ता से खड़े होने के बजाय, यह रिपोर्ट दिखाती है कि कानून को किस प्रकार चुपचाप इस तरह पुनर्गठित किया गया है कि वह हिंदुत्व राष्ट्रवादी दावों को वैधता और बढ़ावा प्रदान करे। अपने मूल में, यह रिपोर्ट तर्क देती है कि भारत की संवैधानिक धर्मनिरपेक्षता के प्रति प्रतिबद्धता एक मौन किंतु गहरे परिवर्तन से गुज़री है। यह बदलाव धर्मनिरपेक्ष सिद्धांतों के प्रत्यक्ष अस्वीकार के माध्यम से नहीं, बल्कि चयनात्मक कानूनी तर्कों, प्रतीकात्मक समझौतों, और न्यायालयों द्वारा ऐतिहासिक जवाबदेही से व्यवस्थित बचाव के माध्यम से आया है। जैसे-जैसे न्यायपालिका हिंदुत्ववादी बहुसंख्यकवाद को अधिकाधिक स्वीकार करती जा रही है, मुस्लिम पवित्र स्थल कानून रूप से अधिक असुरक्षित, सांस्कृतिक रूप से विवादित, और राजनीतिक रूप से निशाना बनाए गए बनते जा रहे हैं। byt इINDira जय सिंह महमूद मदनी सलमान खुर्शीद
0
0
Report
Advertisement

रायगढ़ में युवती हत्या: वकीलों का मौन प्रदर्शन, न्याय की आवाज तेज

Darogapara, Chhattisgarh:एंकर: -रायगढ़ जिले के पूंजीपथरा थाना क्षेत्र अंतर्गत एक युवती  की हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। जिसकी पहचान कुमारी आराधना सिदार के रूप में हुआ है, जोकि जिला अधिवक्ता संघ रायगढ़ की सक्रिय सदस्य थी,कु. अराधना सिदार की निर्मम हत्या ने पूरे शहर और विशेषकर विधि जगत को झकझोर कर रख दिया है। अराधना का शव पूंजीपथरा थाना क्षेत्र के अंतर्गत तुमिडीह के जंगल में निर्वस्त्र बीते  तीन दिनों  पहले मिला था। और चेहरा को बुरी तरह कुचल दिया गया था। अत्यंत संदिग्ध और जघन्य अवस्था में प्राप्त हुआ था । जिसके बाद से ही जिले के वकीलों और आम जनमानस में भारी आक्रोश व्याप्त है। वही आज शुक्रवार को जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष लालमणि त्रिपाठी और सचिव लोकनाथ केशरवानी के नेतृत्व में सैकड़ों की संख्या में वकीलों का प्रतिनिधिमंडल रायगढ़ न्यायलय से मौन जुलूस निकाल कर पुलिस अधीक्षक (SSP) कार्यालय पहुँचकर ज्ञापन सौंपा। संघ ने स्पष्ट रूप से मांग की है कि इस हत्याकांड की जाँच सूक्ष्मता और निष्पक्षता से की जाए। अधिवक्ता संघ ने एक बड़ा फैसला लेते हुए यह भी घोषणा की है कि इस जघन्य अपराध में शामिल किसी भी आरोपी की पैरवी जिला अधिवक्ता संघ का कोई भी सदस्य नहीं करेगा। यदि बाहर से भी कोई वकील पैरवी के लिए आता है, तो उसका पुरजोर विरोध किया जाएगा।मीडिया से बात करते हुए मृतका की बहन ने बेहद भावुक और चौंकाने वाले खुलासे किए। उन्होंने बताया कि अराधना कई घंटों से फोन नहीं उठा रही थी। काफी कोशिशों के बाद जब फोन उठा, तो किसी अज्ञात लड़की ने बात की और बहाने बनाती रही कि अराधना सो रही है या नहा रही है। बहन का आरोप है कि आरोपियों ने अराधना की पहचान छुपाने और साक्ष्यों को मिटाने की कोशिश की है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से गुहार लगाई है कि जाँच की गति तेज की जाए, ताकि समय रहते सभी अपराधी कानून के शिकंजे में हों।मामले की गंभीरता को देखते हुए रायगढ़ पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने अधिवक्ता संघ और परिजनों को आश्वस्त किया है। पुलिस अधीक्षक कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस ने 'मर्ग' कायम कर मामले को विवेचना में ले लिया है। अधिकारियों का कहना है कि पुलिस प्रोफेशनल तरीके से साक्ष्य जुटा रही है और संदिग्धों से पूछताछ जारी है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही इस हत्याकांड का पर्दाफाश कर दोषियों को सलाखों के पीछे भेजा जाएगा। बाइट - 01लालमणि त्रिपाठी अधिवक्ता संघ अध्यक्ष रायगढ़ बाइट -02 गणेशी सिंदर मृतिका की बहन बाइट -03 शशि मोहन सिंह एसएसपी रायगढ़।
0
0
Report

बालोद में ड्राई पेट्रोल पंपों के कारण लोग घंटों कतार में

Raipur, Chhattisgarh:बालोद बालोद जिले के एक तिहाई से अधिक पेट्रोल पंप में ड्राई की स्थिति बनी हुई है लोगों को दिनभर यहां से वहां भटकना पड़ रहा है वहीं टंकी शुरू होने पर भगदड़ जैसी स्थिति देखने को मिल रही है और पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी में पेट्रोल पंप का संचालन किया जा रहा है, प्रशासन लाख कह ले कि पेट्रोल का पर्याप्त स्टॉक है पैनिक ना हो लेकिन मैदान पर हालत कुछ ठीक नहीं हैं, लोग इस पेट्रोल पंप से उस पेट्रोल पंप में भटकने को मजबूर है कई शिक्षक हैं जिन्हें स्कूल जाना है अस्पताल के कर्मचारी हैं परंतु ईंधन की कमी से लोग परेशान हैं। बालोद शहर एवं आसपास के पेट्रोल पंप ड्राई स्थिति से गुजर रहे हैं वहीं शाम होते ही जब HPCL के पेट्रोल पंप में ईंधन पहुंचा तो वहां लोगों की भीड़ लग गई वहीं बालोद थाने की टीम ने मौके पर पहुंच कर मोर्चा सम्हाला लेकिन लोग परेशान नजर आए, आलम ये रहा कि इतनी गर्मी में पेट्रोल के लिए घंटों लाइन लगना पड़ रहा है वहीं कुछ पेट्रोल पंप में ईंधन रहते हुए शासकीय गाड़ियों के लिए रिजर्व रखने का हवाला देते हुए ईंधन नहीं दिया गया, केवल सरकारी गाड़ियों के ईंधन ही भरे जा रहे थे।
0
0
Report
Advertisement
Advertisement
Back to top