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PPINEWZ10 May 2025, 04:41 am

Jamshedpur: 'ऑपरेशन सिंदूर' को लेकर महिलाओं में जोश, सेना और प्रधानमंत्री के समर्थन में लगाए नारे

Jamshedpur, Jharkhand:

जमशेदपुर में 'ऑपरेशन सिंदूर' को लेकर महिलाओं में खासा उत्साह देखने को मिला। शहर की महिलाओं ने हाथों में सिंदूर की डिब्बी लेकर "हिंदुस्तान जिंदाबाद", "प्रधानमंत्री जिंदाबाद" और "सेना जिंदाबाद" के जोरदार नारे लगाए। साथ ही "पाकिस्तान मुर्दाबाद" के भी नारे लगाए गए। महिलाओं का कहना है कि हमारे प्रधानमंत्री ने पाकिस्तान को सिंदूर की असली कीमत बता दी है और सेना को खुली छूट देकर आतंकवादियों को करारा जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि आतंकवादियों ने हमारे देशवासियों को धर्म पूछकर मारा था और महिलाओं से कहा था कि जाकर प्रधानमंत्री को बताओ - अब प्रधानमंत्री और सेना ने बता दिया कि सिंदूर की क्या अहमियत है। महिलाओं ने यह भी कहा कि रामायण और महाभारत भी महिलाओं के सम्मान के लिए हुए थे, और आज का 'ऑपरेशन सिंदूर' भी महिलाओं के आत्मसम्मान से जुड़ा है।

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हल्द्वानी में खड़गे अपमान पर विरोध तेज, कांग्रेस दलितों के हक के लिए लामबंद

VRVIJAY RANAJust now
Chandigarh, Chandigarh:चंडीगढ़。 अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की अध्यक्ष अलका लांबा का बयान उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के अपमान का मामला। खड़गे के अपमान के मामले में एफआईआर दर्ज नहीं करने को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को दि चेतावनी। मामला नहीं दर्ज करना बीजेपी को बड़ा महंगा पड़ेगा। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने भी संसद में बाबा साहेब का अपमान किया जबकि कांग्रेस संविधान और अंबेडकर साहब की बात कर रही है। खड़गे साहब के अपमान के मामले में खुद केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा नहीं संसद में कार्यवाही का आश्वासन दिया था लेकिन लंबा समय बीतने के बाद भी कोई कार्यवाही नहीं हुई इस मामले में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और नेता विपक्ष राहुल गांधी कई बार पत्र लिख चुके हैं। लेकिन कोई जवाब नहीं मिल रहा। जब तक हल्द्वानी में खड़गे साहब के अपमान के मामले में फिर दर्ज नहीं होगी विरोध प्रदर्शन नहीं रुकेगा मनुस्मृति और आरएसएस के लोग मिलकर दलितों का विरोध कर रहे हैं। छोटे-छोटे मामलों में भी दलितों के ऊपर अत्याचार बढ़ रहे हैं निशु आजाद और आकृति चौधरी इसका उदाहरण है आकृति चौधरी पर एक एक सवाल पूछने की आवाज में नेशनल सिक्योरिटी एक्ट लगा दिया जबकि इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सरकार और नोएडा डीएम को फटकार लगाई इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एनएसए लगाने के मामले में डीएम नोएडा को 5 लाख का जुर्माना भी किया। जंतर मंतर पर पैलेट गन से घायल हुए साहिल की एफआईआर दर्ज नहीं कर रहे थे नेता विपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी को 7 heure थाने में धरना देना पड़ा। इसके बाद फिर दर्ज हुई। कांग्रेस किसी भी सूरत में बीजेपी को दलितों के हक कुचलना नहीं देगी आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिमाग में डर झलक रहा है लाल किले से कभी दिमागी नक्सली तो कभी किसी शब्द का इस्तेमाल कर रहे हैं।
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बड़वानी के किसानों ने मोटर चोरी के आरोपियों को पकड़कर पुलिस के हवाले किया

Noida, Uttar Pradesh:बड़वानी-किसानों की सतर्कता से मोटर चोरी के संदिग्ध पकड़े, ग्राम पीपलूद में लगातार किसानों के खेतों से पानी की मोटर और केबल चोरी होने से किसान परेशान थे मामले को लेकर किसानों ने बड़वानी थाने में शिकायत भी दर्ज कराई थी. इसी बीच किसानों ने सतर्कता बरतते हुए मोटर चोरी के संदिग्ध आरोपियों को पकड़ लिया जिसके बाद ग्रामीणों ने संदिग्धों को गांव में घुमाया और बाद में उन्हें बड़वानी पुलिस के हवाले कर दिया. लगातार हो रही चोरी की घटनाओं के बीच किसानों की सजगता से संदिग्धों के पकड़े जाने के बाद ग्रामीणों में राहत का माहौल है अब पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर मोटर व केबल चोरी की अन्य वारदातों के संबंध में जानकारी जुटा रही है.
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हिंदी: हैल्टर हड़ताल अपडेट: 18 गिरफ्तार, मांगें जारी

Hansi, Haryana:हांसी बाइट : सफाई कर्मचारी जिला प्रधान बलजीत सिंह, अग्निशमन कर्मचारी जसबीर, विनोद कर्मचारी हांसी में सफाई व्यवस्था को लेकर प्रशासन और हड़ताली कर्मचारी आमने-सामने पुलिस ने 18 कर्मचारियों को गिरफ्तार इनमें 9 महिलाएं भी शामिल, कोर्ट में किया जायेगा पेश 34 दिन से जारी सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के बीच पुलिस ने 18 कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है। इनमें 9 महिलाएं भी शामिल हैं। सफाई कार्य में बाधा डालने के आरोप में पुलिस ने यह कार्रवाई की है। हिरासत में लिए गए कर्मचारियों का नागरिक अस्पताल में आज मेडिकल करवाया गया, अब थोड़ी देर बाद उन्हें कोर्ट में पेश किया जाएगा। नगर परिषद के सफाई कर्मचारी पिछले 34 दिनों से अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। कर्मचारियों का कहना है कि अभी तक किसी भी कर्मचारी ने ड्यूटी ज्वाइन नहीं की है। उनका साफ कहना है कि जब तक उनकी मांगों को लेकर सरकार की ओर से लिखित आदेश जारी नहीं होता, तब तक हड़ताल खत्म नहीं की जाएगी।बताया जा रहा है कि हिरासत में लिए गए 18 कर्मचारियों को पहले नारनौंद ले जाया गया था और बाद में उन्हें नहीं छोड़ा गया। अब इनका नागरिक हस्पताल में मेडिकल करवाया जा रहा है। अब पुलिस उन्हें कोर्ट में पेश करने की तैयारी में है। हड़ताल के दौरान यह पहला मामला दर्ज होने की बात सामने आई है। सफाई कर्मचारी जिला प्रधान बलजीत सिंह ने सरकार पर ज्यादती करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की मांगें जायज हैं। गिरफ्तारी से कर्मचारी पीछे हटने वाले नहीं हैं और मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा। 18 लोगों को गिरप्तार किया गया है।कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में कच्चे कर्मचारियों को पक्का करना शामिल है। कर्मचारियों का कहना है कि सरकार चाहे जितने कर्मचारियों को गिरफ्तार कर ले, लेकिन जब तक लिखित में आदेश जारी नहीं होता, हड़ताल समाप्त नहीं की जाएगी। वहीं गिरफ्तार किए गए कर्मचारी जसबीर ने कहा कि उन्हें गलत तरीके से पकड़ा गया है। उन्होंने सरकार से कर्मचारियों की मांगों पर गंभीरता से विचार कर उन्हें पूरा करने की मांग की। अग्निशमन कर्मचारी विनोद कुमार ने भी कर्मचारियों की गिरफ्तारी का विरोध किया। उन्होंने कहा कि 18 कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया है और कर्मचारियों के साथ गलत किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सभी कर्मचारी अपने साथियों के साथ खड़े हैं और जब तक मांगें नहीं मानी जातीं, आंदोलन जारी रहेगा। दूसरी ओर प्रशासन ने भी साफ कर दिया है कि हड़ताल के कारण शहर की सफाई व्यवस्था प्रभावित नहीं होने दी जाएगी। प्रशासन की ओर से वैकल्पिक संसाधनों के जरिए सफाई अभियान चलाया जा रहा है। डीएमसी लक्षित सरीन ने कहा कि शहरवासियों को स्वच्छ वातावरण उपलब्ध करवाना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने आमजन से अपील की कि लोग सड़कों, चौक-चौराहों और सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा न डालें। घरों और दुकानों से निकलने वाले कचरे को निर्धारित स्थान पर ही डालें, ताकि शहर की सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने में सहयोग मिल सके। फिलहाल हांसी में 34 दिन से जारी सफाई कर्मचारियों की हड़ताल और 18 कर्मचारियों की गिरफ्तारी के बाद टकराव और बढ़ता नजर आ रहा है। कर्मचारी मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने की बात कह रहे हैं, जबकि प्रशासन सफाई व्यवस्था बनाए रखने के लिए वैकल्पिक इंतजाम कर रहा है।
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स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2026: लखनऊ ने इतिहास रचा, वार्ड-70 देशभर में पहले स्थान पर

Lucknow, Uttar Pradesh:स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026 में यूपी का परचम, लखनऊ ने इंदौर को पीछे छोड़ रचा इतिहास पहला स्थान हासिल किया। स्वच्छ, सुंदर और स्वस्थ शहरों की दिशा में उत्तर प्रदेश की बड़ी छलांग स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में यूपी के 16 शहरों ने बनाई जगह, लखनऊ सहित कई शहरों ने रचा इतिहास। इसी के साथ वार्ड लेवल पर लखनऊ के वार्ड-70 ने भी देशभर में हासिल किया प्रथम स्थान। स्वच्छ शहर के लिए 1.5 करोड़ और स्वच्छ वार्ड के लिए 50 लाख का मिला इनाम। इस उपलब्धि को लेकर लखनऊ की मेयर सुषमा खर्कवाल ने अपने सभी कर्मचारियों को बधाई देते हुए यह संकल्प लिया कि स्वच्छता में भी लखनऊ जल्द नंबर वन बनेगा。
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EOU की छापेमारी: दरभंगा-मुजफ्फरपुर BDO पर आय से अधिक संपत्ति का मामला

Muzaffarpur, Bihar:दरभंगा जिला के BDO और मुजफ्फरपुर के कांटी के तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी डॉ. आनंद विभूति के خلاف आय से अधिक संपत्ति के मामले में आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने बड़ी कार्रवाई की है। EOU की टीम ने दरभंगा और मुजफ्फरपुर आवास सहित पांच ठिकानों पर एक साथ छापेमारी शुरू की है और कई घंटे तलाशी चली है। मामले के अनुसार उनका आय से करीब 1 करोड़ 71 लाख 84 हजार रुपये अधिक संपत्ति अर्जित किया गया है, जो उनकी ज्ञात आय से लगभग 121.87 प्रतिशत अधिक बताई जा रही है। छापेमारी पूर्वी चंपारण स्थित पैतृक आवास, पटना के दानापुर स्थित साई विहार अपार्टमेंट के फ्लैट, दरभंगा के बहादुरपुर BDO कार्यालय, सरकारी आवास और मुजफ्फरपुर के अहियापुर स्थित आदर्श ग्राम स्थित निजी आवास पर की जा रही है। बताया गया है कि डॉ. आनंद विभूति दरभंगा जिले में पदस्थापना से पहले कांटी प्रखंड में भी BDO के पद पर तैनাত थे और बाद में दरभंगा के बहादुरपुर में पदस्थ हुए। छापेमारी के दौरान दस्तावेज और अन्य सामग्री की गहन जांच चल रही है। कार्रवाई की खबर मिलते ही प्रशासनिक महकमे में चर्चा तेज हो गई है। मुजफ्फरपुर के निजी आवास पर छापेमारी जारी है; पूरी कार्रवाई के बाद ही स्पष्ट होगा कि क्या बरामद हुआ है।
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दुमका में प्रदर्शन, JPSC-JSSC में अनियमितताओं की साक्ष्य-सीबीआई जांच की मांग

Dumka, Jharkhand:दुमका जे पी एस सी, जे एस एस सी परीक्षा में हुई गढ़वड़ी की जाँच सी बी आई से कराने और छात्रों पर हुए मुक़दमे को सरकार वापस लेने के साथ साथ छात्र हित और जनहित से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर भारतीय जनता पार्टी दुमका जिला की ओर से शहर में जोरदार प्रदर्शन किया गया। भाजपा कार्यकर्ता यज्ञ मैदान से जुलूस की शक्ल में निकले और नीचे बाजार होते हुए समाहरणालय पहुंचे, जहां डीसी और एसपी कार्यालय का घेराव किया गया।प्रदर्शन में झारखंड के प्रथम मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ,पूर्व सांसद सुनील सोरेन शामिल हुए। इस दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने छात्रों पर दर्ज मुकदमों को वापस लेने और झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) तथा झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) से जुड़ी कथित अनियमितताओं की सीबीआई जांच कराने की मांग को लेकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सभा को संबोधित करते हुए बाबूलाल मरांडी ने कहा कि झारखंड के नौजवान और छात्र अपने हक-अधिकार के लिए धरना और विधानसभा घेराव करते हैं तो सरकार उन पर मुकदमा दर्ज कर देती है, लेकिन गुंडागर्दी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाती। छात्रों के आंदोलन को दबाने के बजाय सरकार को उनकी समस्याओं का समाधान करना चाहिए।
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वाराणसी में H1N1 के नए मरीज, अस्पताल ने आइसोलेशन वार्ड और बेड बढ़ाए

JPJai Pal5m ago
Varanasi, Uttar Pradesh:• वाराणसी में स्वाइन फ्लू के मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हाई अलर्ट । • स्वाइन फ्लू के 4 नए मरीजों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। • जिले में अब तक कुल 10 मरीज H1N1 वायरस से संक्रमित पाए गए। • संदिग्ध मरीजों के 28 सैंपल जांच के लिए बीएचयू लैब भेजे गए। • कबीरचौरा स्थित शिव प्रसाद गुप्त मंडलीय चिकित्सालय में भर्ती कराए गए मरीज। • मरीजों के इलाज के लिए अस्पताल में 7 बेड का अलग आइसोलेशन वार्ड तैयार। • जिले में बाढ़ के हालातों के चलते संक्रामक बीमारियों का प्रकोप तेजी से बढ़ा। • संक्रमण के बढ़ते खतरों को देखते हुए मंडलीय अस्पताल को हाई अलर्ट पर रखा गया। • आपात स्थिति से निपटने के लिए अस्पताल में अलग से 10 अतिरिक्त बेड आरक्षित। • बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों और अस्पतालों में निगरानी बढ़ाई गई, लगातार की जा रही है सैंपलिंग。
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दिल्ली में PG-हॉस्टल नियमों पर नीति 1–1.5 महीने में संभव, सुरक्षा मुद्दों पर जोर

New Delhi, Delhi:दिल्ली के अर्बन डेवलपमेंट मिनिस्टर आशीष सूद ने दिल्ली में अलग-अलग इलाकों में पीजी में रह रहे बच्चों से मुलाकात की, उनकी समस्याएं सुनी और बातचीत के दौरान बताया कि प्राइवेट पीजी को रेगुलेट करने के लिए पॉलिसी पर काम चल रहा है और विचार के बाद मुख्यमंत्री उपराज्यपाल और स्टेकहोल्डर से बातचीत के बाद एक से डेढ़ महीने में पॉलिसी को लाने का प्रयास है. आशीष सूद- पीजी में रहने वाले छात्रों से मुलाकात के बाद सरकार ने कोचिंग और पीजी को रेगुलेट करने के लिए पॉलिसी बनाने की दिशा में काम तेज कर दिया है. कल उपराज्यपाल के साथ हुई बैठक में मुख्यमंत्री भी मौजूद थीं। बैठक में इस बात पर चर्चा हुई कि ऐसी नीति लाई जाए, जिसके तहत कोचिंग संस्थानों और पीजी को रेगुलेट किया जा सके। आज दिल्ली यूनिवर्सिटी और इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी के कैंपस से आए छात्रों से मुलाकात की गई, ताकि यह समझा जा सके कि उन्हें किन समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। छात्रों ने किराए के अलावा पीजी में मिलने वाली सुविधाओं, एग्रीमेंट का पालन, संचालकों की जवाबदेही और अपनी सुरक्षा से जुड़े मुद्दे सरकार के सामने रखे। छात्रों की शिकायतों और सुझावों को एक पोर्टल पर भी उपलब्ध कराने की योजना है। अर्बन डेवलपमेंट विभाग पहले से ही इस दिशा में काम कर रहा था, लेकिन हालिया घटना के बाद गठित समिति की रिपोर्ट के आधार पर इसे और आगे बढ़ाया जाएगा। इस प्रक्रिया में छात्रों, एजेंसियों और अभिभावकों समेत सभी स्टेकहोल्डर्स से बातचीत की जाएगी। मुख्यमंत्री और उपराज्यपाल से चर्चा, कैबिनेट में विचार-विमर्श और सभी संबंधित पक्षों से सुझाव लेने के बाद अगले एक से डेढ़ महीने में नीति लाने का प्रयास किया जाएगा। सरकार द्वारा बनाए जाने वाले कानून के तहत आगे आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। एक बड़ी चिंता यह भी है कि कई मामलों में बिल्डिंग किसी और की होती है और उसका संचालन कोई दूसरा व्यक्ति कर रहा होता है। ऐसे मामलों में जिम्मेदारी और जवाबदेही तय करना बेहद जरूरी है। सरकार ने कल ही नए हॉस्टल बनाने के लिए FAR बढ़ाने का फैसला किया है। केंद्र सरकार की मदद लेकर नए हॉस्टल बनाने के लिए भी दिल्ली सरकार तैयार है। दिल्ली में दूसरे शहरों से दो लाख से ज्यादा छात्र पढ़ने आते हैं, जिसके कारण हॉस्टल की मांग और उपलब्धता के बीच बड़ा अंतर है। ऐसे में सरकारी प्रयासों के साथ-साथ निजी क्षेत्र की भूमिका भी जरूरी रहेगी। रीडेवेलपमेंट के लिए FAR बढ़ाने के बावजूद निजी खिलाड़ियों की जरूरत बनी रहेगी। वहीं नरेला में उपलब्ध इमारतों का भी इस्तेमाल छात्रों के लिए किया जा सकता है या नहीं, इस दिशा में काम किया जा रहा है। सरकार का कहना है कि वह उन लोगों की तरह नहीं है जो असुरक्षित निर्माण के खिलाफ कार्रवाई का विरोध करें। छात्रों की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है और किसी भी असुरक्षित निर्माण या लापरवाही पर कार्रवाई की जाएगी।
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मोदीनगर रेलवे स्टेशन पर दीपावली में टिकट बुकिंग विफल, सर्वर डाउन यात्री नाराज़

Ghaziabad, Uttar Pradesh:गाजियाबाद के मोदीनगर में रेलवे के सर्वर ने यात्रियों को धोखा दे दिया। दीपावली पर घर जाने के लिए सुबह 3 बजे से लाइन में लगे लोगों को खाली हाथ लौटना पड़ा। दीपावली का त्योहारी सीजन शुरू होते ही रेलवे स्टेशनों पर भीड़ बढ़ गई है। 7 नवंबर की बुकिंग के लिए मंगलवार सुबह 3 बजे से ही मोदीनगर रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की लंबी लाइन लग गई। सबको उम्मीद थी कि 8 बजे काउंटर खुलते ही कन्फर्म टिकट मिल जाएगा। लेकिन 8 बजते ही रेलवे का सर्वर डाउन हो गया। क्लर्क ने बार-बार कोशिश की, लेकिन स्क्रीन पर सिर्फ 'सर्वर डाउन' ही दिखता रहा। 3 घंटे तक एक भी टिकट बुक नहीं हो सका। खिड़की से निराश लोगों ने मोबाइल पर IRCTC से कोशिश की, लेकिन ऐप भी फेल हो गया। टिकट न मिलने से यात्रियों और रेलवे कर्मचारियों के बीच नोकझोंक भी हुई। यात्रियों का कहना है कि दीपावली और छठ साल का सबसे बड़ा त्योहार है, और हर साल रेलवे की यही लापरवाही सामने आती है।
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NDPS मामला: ठियोग में 1.64 करोड़ से अधिक संपत्ति सीज, पुलिस की बड़ी कार्रवाई

Shimla, Himachal Pradesh:NDPS मामले में 1.64 करोड़ रुपये की संपत्ति सीज, शिमला पुलिस की बड़ी कार्रवाई एंकर-नशा तस्करों के खिलाफ आर्थिक मोर्चे पर शिमला पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। ठियोग के एक NDPS मामले में पुलिस ने आरोपी और उसके सहयोगियों से जुड़ी 1.64 करोड़ रुपए से ज्यादा की चल-अचल और वित्तीय संपत्तियाँ सीज की हैं। पुलिस थाना ठियोग में 10 जून 2026 को FIR संख्या 77/2026 के तहत मामला दर्ज किया गया था। आरोपी सोहन लाल उर्फ हैपी की रहीघाट स्थित नाई की दुकान से करीब 71 ग्राम अफीम बरामद हुई थी। जांच में सामने आया कि आरोपी लंबे समय से ठियोग, कोटखाई, रोहड़ू और आसपास के क्षेत्रों में अफीम की अवैध तस्करी कर रहा था। जिला शिमला पुलिस ASP सिटी मेहर पंवर ने बताया कि इस मामले की वित्तीय जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी और उसके सहयोगियों की संपत्तियों और आय के स्रोतों का विश्लेषण किया। इस दौरान आवासीय प्लॉट, कृषि भूमि, दो मंजिला दुकान, वाहन और बैंक व डाकघर खातों में जमा राशि समेत कुल ₹1.64 करोड़ से अधिक की संपत्तियों की पहचान हुई। ASP सिटी मेहर पंवर ने बताया कि प्रथम दृष्टया ये संपत्तियाँ नशे के अवैध कारोबार से अर्जित आय से संबंधित पाई गईं। इसके बाद इन्हें NDPS एक्ट के तहत सीज कर दिया गया। 2026 में अब तक 12 NDPS मामलों में वित्तीय जांच के जरिए ₹8 करोड़ से अधिक की चल-अचल और वित्तीय संपत्तियाँ सीज की जा चुकी हैं। जबकि वर्ष 2024 और 2025 में ऐसे मामलों में कोई वित्तीय जांच या संपत्ति सीज नहीं की गई थी। ASP सिटी मेहर पंवर ने बताया कि अब कार्रवाई केवल नशे की बरामदगी और आरोपियों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि नशे के कारोबार से अर्जित अवैध संपत्तियों पर भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी。
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FCI गोदाम से डीलरों तक राशन पहुंचाने के नियम पर मजदूरों ने विरोध जताया

Dhanbad, Jharkhand:सरकार के नए नियम के तहत FCI गोदाम से राशन दुकानदारों यानी डीलरों तक अनाज सीधे पहुंचाया जाना है। लेकिन धनबाद के बरमसिया स्थित FCI गोदाम से लोड होकर निकले ट्रकों से अनाज को JFCI गोदाम के पास 407 वाहनों में दोबारा लोड किए जाने का मामला सामने आया है। इसको लेकर JFCI गोदाम में काम करने वाले मजदूरों ने विरोध जताया है। मजदूरों का कहना है कि सरकार के नए नियम से पहले ही JFCI में काम करने वाले सैकड़ों मजदूरों की रोजी-रोटी पर संकट खड़ा हो गया है। अब FCI गोदाम से सीधे राशन डीलरों तक अनाज पहुंचाने के बजाय JFCI गोदाम के पास बड़े ट्रकों से अनाज उतारकर छोटे 407 वाहनों में लोड किया जा रहा है। मजदूरों ने इस पूरी प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि नियमों का पालन होना चाहिए अगर यही अनाज JFCI गोदाम से राशन डीलरो को जाता तो हम लोगों को रोजगार मिलता अनाज की आवाजाही में पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए। वहीं इस मामले में JFCI गोदाम के AGM राहुल मुंशी ने बताया कि सोमवार को अंधेरा और ट्रैफिक जाम की समस्या के कारण बड़े ट्रकों को आगे ले जाना संभव नहीं था। इसी वजह से बड़े ट्रकों से अनाज उतारकर 407 वाहनों के माध्यम से राशन डीलरों तक भेजा जा रहा था। इधर JFCI मजदूरों का आरोप है कि सरकार के नियम कब बदल जाते हैं, इसका पता नहीं चलता। उनका कहना है कि जब अनाज FCI गोदाम से सीधे राशन डीलरों तक पहुंचाने का प्रावधान है, तो उसे JFCI गोदाम के पास लाकर दोबारा छोटे वाहनों में लोड करने की जरूरत क्यों पड़ रही है। उन्होंने पूरे मामले की जांच कराने और सरकार के निर्धारित नियमों के अनुसार ही अनाज का परिवहन सुनिश्चित करने की मांग की है। अब सवाल यह है कि अगर FCI से सीधे राशन डीलरों तक अनाज पहुंचाने का नियम लागू है, तो JFCI गोदाम के पास अनाज को दोबारा छोटे वाहनों में लोड करने की जरूरत क्यों पड़ी? इस मामले में प्रशासन और संबंधित विभाग की स्पष्टता का इंतजार है।
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किच्छा नदी में करोड़ों रुपए की ओवरहेड टंकी डूबी, परियोजना ठप

Bareilly, Uttar Pradesh:शेरगढ़ ब्लाक की ग्राम पंचायत बैरमनगर में निर्माणाधीन पानी की टंकी किच्छा नदी में समा गई है। यह ओवरहेड टैंक जल जीवन मिशन की ओर से हर घर जल हर घर नल योजना के तहत तकरीबन 3.97 करोड़ रुपए की लागत से बनाया जा रहा था। बीते सप्ताह किच्छा नदी में बड़े जलस्तर के चलते बृहस्पतिवार के दिन ओवरहेड टैंक की सुरक्षा को बनाई गई चारदीवारी की किच्छा नदी में कट गई थी। नदी में भू-काटन इस कदर हो रहा था कि किसानों की कई एकड़ यूकेलिप्टस और पापुलर की कीमती लकड़ी भी नदी में समा गई। एक्सईएन आकांक्षा सिंह,एई संजय सिंह और जेई राकेश चौधरी ने भी गांव का दौरा कर ओवरहेड टैंक के हालातों को परखा था। अधिकारियों ने जरूरी सामान जिसमें सोलर पैनल,डीजी, स्कॉड़ा तथा जनरेटर आदि ट्रैक्टर ट्रालियों में भरवा कर सुरक्षित बचा लिया था। नदी में धीरे-धीरे कटान जारी था और आखिरकार करोड़ों रुपए की लागत से बनाई जा रही टंकी किच्छा नदी की भेंट चढ़ गई। ग्राम प्रधान शमशुल खां सहित गांव वासियों ने कई बार अधिकारियों को अवगत कराते हुए पिचिंग की मांग की लेकिन पिचिंग नहीं लगाई गई। अब एक कमरा शेष बचा है जिस पर खतरा मंडरा रहा है। ग्राम प्रधान शमशुल खा ने बताया कि जिस समय ओवरहेड टैंक निर्माण के लिए स्थल का चयन किया गया उसे समय जिम्मेदारों ने ध्यान नहीं दिया। उस समय किच्छा नदी की दूरी 500 मीटर थी जो बीते दो-तीन सालों में धीरे-धीरे नदी में भू-कटान के बाद 100 मीटर रह गई थी। इस बार ओवरहेड टैंक ही नदी में दफन हो गया और ग्रामीणों की स्वच्छ पेयजल की तमन्ना धारी की धरी रह गई। ग्रामीणों की माने तो गांव में 70 फ़ीसदी घरों में टोंटियां भी लगा दी गई है। गांव में पाइप लाइन भी बिछा दी गई है।
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