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Kurukshetra136118
NH-44 पर रोडवेज बस बेकाबू, सेंट्रल वर्ज पर पेड़ टूटे, बड़ा हादसा टला
DKDARSHAN KAIT
Jan 08, 2026 09:21:24
Kurukshetra, Haryana
कुरुक्षेत्र के शाहाबाद में NH 44 पर रोडवेज बस बेकाबू,सेंट्रल-वर्ज के पेड़-पौधे रौंद हाईवे की दूसरी लाइन में घुसी, झज्जर से चंडीगढ़ जाना था कुरुक्षेत्र : शाहाबाद में दिल्ली-चंडीगढ़ नेशनल हाईवे-44 (जीटी रोड) पर बीती रात हरियाणा रोडवेज की बस बेकाबू हो गई। बस सेंट्रल वर्ज पर सामने खड़ी हर चीज को रौंदते हुए हाईवे के दूसरी तरफ रॉन्ग साइड में घुस गई। रॉन्ग साइड में भी बस करीब 200 मीटर आगे जाकर रुकी। इससे हाईवे पर करीब आधे घंटे तक जाम लगा रहा। सामने से बस को आते देख दिल्ली की तरफ जा रही ट्रैफिक में अफरा-तफरी मच गई। गनीमत रही इससे कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। अगर बस रॉन्ग साइड में किसी व्हीकल से टकराती, तो कोई बड़ा हादसा हो सकता था। हालांकि अंबाला से दिल्ली की ओर जा रही रोडवेज की दूसरी बस उससे भिड़ते-भिड़ते बची। हाईवे पर रात करीब 10 बजे रतनगढ़ गांव के पास झज्जर डिपो की हरियाणा रोडवेज बस बेकाबू हो गई। बस झज्जर से चंडीगढ़ जा रही थी। इस बस में 35-40 सवारियां बैठी थी। हालांकि ड्राइवर ने किसी तरह बस को कंट्रोल करने की कोशिश की, लेकिन बस रुकने से पहले सेंट्रल वर्ज से होते हुए काफी दूर तक चली गई। इस दौरान सेंट्रल वर्ज पर बस के रास्ते में आए पेड़ टूटकर और टुकड़े-टुकड़े होकर हाईवे की दोनों लेन पर फैल गए, जिससे ट्रैफिक रुक गया और जाम लग गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने ट्रैफिक कंट्रोल किया और जाम खुलवाया। ड्राइवर-कंडक्टर ने दूसरी बस का इंतजाम करके सवारियों को उनके गंतव्य की ओर रवाना किया। अभी तक हादसे के पीछे की वजह साफ नहीं हो पाई। हादसे में बस काफी टूट-फूट गई। बस का सामने का शीशा टूट गया और हेड लाइट भी खराब हो गई। बाद में हाइड्रा की मदद से बस को हाईवे से हटाया गया। बाद में बस को टोचन करके बस अड्डे तक पहुंचाया गया।
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CDChampak Dutta
Jan 09, 2026 06:18:43
Kaji Chak, West Bengal:*গ্রাম পঞ্চায়েতের উদ্যোগে লক্ষ্যাধিক টাকা ব্যায়ে কাঠের সেতু মেরামতিতে দুর্নীতির অভিযোগ তুলল বিজেপি। পুরানো নিম্নমানের পাটা দিয়েই মেরামত করা হচ্ছে কাঠের সেতু, জলে যাচ্ছে জনগণের টাকা, এমনই অভিযোগ তাদের। শুধু তাই নয় গ্রামের সাধারণ মানুষের ও দাবি সঠিক মালপত্র দিয়ে সেতুর গুরুত্ব বুঝে সেতু মেরামত করা হোক।* এমনই ঘটনা পশ্চিম মেদিনীপুর জেলা চন্দ্রকোনা এক নম্বর ব্লকের মনোহরপুর দুই গ্রাম পঞ্চায়েতের শিলাবতী নদীর উপর তেমনি ঘাটের কাঠের সেতুটির। জানাযায় প্রতিবছর গ্রাম পঞ্চায়েত থেকে লক্ষাধিক টাকা টেন্ডার ডেকে সেতুটি রক্ষণাবেক্ষণের জন্য এলাকার নির্দিষ্ট লোককে দেয়া হয়। এই সেতু দিয়েই পারাপার করে গ্রাম পঞ্চায়েত এলাকার প্রায় ১৫-১৬ টি গ্রামের মানুষজন। আর সেতুটি ক্ষতিগ্রস্ত হতে গ্রাম পঞ্চায়েতের উদ্যোগে লক্ষাধিক টাকা ব্যয়ে সেতুটি মেরামতের জন্য গ্রাম পঞ্চায়েতের তরফ থেকে টেন্ডার প্রক্রিয়া করে শুরু হয়েছে কাজ। আর সেই কাজের ক্ষেত্রে অলিখিত টেন্ডার নিম্নমানের মালপত্র দিয়ে কাজ,বিরোধী পঞ্চায়েত সদস্যদের না জানי কাজ হচ্ছে বলে অভিযোগ বিজেপির। অভিযোগের তীর গ্রাম পঞ্চায়েতের প্রধান প্রধানের মাধূরী সিং এর বিরুদ্ধে। জানাজায় এই গ্রাম পঞ্চায়েতে পাঁচজন রয়েছে বিজেপির পঞ্চায়েত সদস্য, তাদের জানানো হয়নি, সেতু মেরামতের কথা বলে অভিযোগ। ঘটনায় পাল্টা মিথ্যে অভিযোগ বলে দাবি করছেন গ্রাম পঞ্চায়েতের প্রধান।
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MPMAHESH PARIHAR1
Jan 09, 2026 06:17:58
Jhalawar, Rajasthan:झालावाड़ के कालीसिंध थर्मल पावर प्लांट के फ्लाई ऐश ठेके को लेकर शामिल अन्य फर्मों ने एक ही फर्म को लाभ पहुंचाने और अनियमितता के आरोप लगाए है। ठेके में शामिल ओजस लॉजिस्टिक फर्म के प्रतिनिधि रमेश विजय ने आरोप लगाया है, कि थर्मल प्रबंधन द्वारा गुरुकृपा फर्म का ठेका लगातार एक्सटेंड किया जा रहा। जबकि उक्त फर्म द्वारा समय पर पौंड से राख खाली नहीं हो पा रही, जिससे थर्मल प्रबंधन को पॉन्ड को खाली करवाने में ही करोड़ों रुपए अतिरिक्त खर्च करने पड़ रहे। बावजूद इसके उक्त फर्म का बार-बार एक्सटेंशन किया जा रहा। ओजस लॉजिस्टिक फर्म के रमेश विजय ने बताया कि कालीसिंध थर्मल पावर प्लांट में पौंड से फ्लाई ऐश उठाने के लिए गुरुकृपा लॉजिस्टिक को 1 वर्ष के लिए ठेका दिया गया था, लेकिन अगस्त माह से उसे लगातार एक्सटेंड किया जा रहा। उधर ठेका प्राप्त चार अन्य फर्मों को थर्मल प्रबंधन द्वारा पॉन्ड से राख नहीं उठाने दी जा रही। ऐसे में उनकी मांग है, कि ठेके में शामिल अन्य चार फर्मों को भी राख उठाने दी जाए। ओजस लॉजिस्टिक फर्म के रमेश विजय ने गुरुकृपा फर्म के ठेके को बार बार एक्सटेंड करने की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। उधर मामले में कालीसिंध थर्मल पावर प्लांट के चीफ इंजीनियर डी.के. मित्तल ने ओजस लॉजिस्टिक के आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने कहा कि पॉन्ड से राख उठाने की प्रक्रिया पूर्णतया निशुल्क है। पॉन्ड की राख तो लगातार खाली करवानी होती है, ऐसे में इन ठेका फर्मों को राख उठाने से हम क्यों मना करेंगे है। थर्मल प्रबंधन तो चाहता है, कि पोंड की राख लगातार खाली हो। चीफ इंजीनियर डी.के. मित्तल ने कहा कि ये इन ठेका फर्मों का आपसी विवाद है। थर्मल प्रबंधन पर लगाए आरोप बेबुनियाद है।
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AKAshwani Kumar
Jan 09, 2026 06:16:11
Bhagalpur, Bihar:INTRO - अंग क्षेत्र की गौरवशाली लोककला मंजूषा एक बार फिर अपनी जड़ों से निकलकर शहर की दीवारों पर जीवंत हो उठी है। परंपरा, आस्था और संस्कृति का यह अनूठा संगम अब सरकारी भवनों की दीवारों पर रंगों के जरिए अपनी कहानी खुद बयां कर रहा है। उद्देश्य साफ है मंजूषा कला को नया मंच देना और आज की युवा पीढ़ी को अपनी लोक विरासत से जोड़ना। VO 1 - जिला प्रशासन की पहल पर मंजूषा गुरु मनोज पंडित के नेतृत्व में महिला कलाकारों की टोली तीन रंगों की कूची से दीवारों पर मंजूषा की आकर्षक और भव्य आकृतियाँ उकेर रही है। हर स्ट्रोक में इतिहास है, हर रंग में अंग क्षेत्र की पहचान। इन कलाकृतियों में विक्रमशिला विश्वविद्यालय के भग्नावशेष, अजगैबीनाथ धाम, तिलकामांझी, लोक आस्था का महापर्व छठ और मनसा विषहरी पूजा को बेहद सजीव रूप में दर्शाया गया है, जो राहगीरों को ठहरकर देखने पर मजबूर कर देता है। मंजूषा गुरु मनोज पंडित ने बताया कि प्रशासन की पहल पर मंजूषा कला को बढ़ावा दिया जा रहा है इससे विरासत को पहचान मिलने के साथ साथ महिलाओ को रोजगार भी मिले है। मंजूषा कला मनसा विषहरी गाथा से जुड़ी हुई है काफी पौराणिक है। तीन रंगों गुलाबी, हरा और पिला से कलाकृति बनाई जाती है। गुलाबी प्रेम हरा समृद्धि और पिला विकास का प्रतीक माना जाता है। Byte- मनोज पंडित, मंजूषा गुरु Vo 2 - 30 महिलाएं कई महीनों से सरकारी भवनों की दीवारों पर कलाकृतियां बना रहे हैं।वहीं दीवारों पर मंजूषा कला को उकेड़ रही पूनम कुमारी ने बताया कि 7 साल पहले उन्होंने मनोज पंडित से यह सीखा उसके बाद अलग अलग तरीके मंजूषा कलाकृति बनाते है फ़िलहाल 30 महिलाओं की अलग अलग टोलियां सरकारी भवन के दीवारों पर सांस्कृतिक धरोहरों को उकेड़ रहे हैं। मंजूषा कला की खासियत है इसमें तीन रंग का उपयोग होता है साथ ही जो तस्वीरें बनती है उसमें महिला हो या पुरुष उनके कान और भौंहे नहीं होती है। जो मंजूषा कला को और खास बनाती है। Byte- पूनम कुमारी, मंजूषा कलाकार Vo 3 - बिहुला- विषहरी की अमर लोकगाथा से जुड़ी मंजूषा कला आज सिर्फ दीवारों तक सीमित नहीं है। यह कला अब सम्मान और पहचान का प्रतीक बनती जा रही है। अतिथियों और गणमान्य लोगों के स्वागत में मंजूषा चित्र भेंट किए जा रहे हैं, वहीं कपड़ों पर उकेरी गई मंजूषा कला देश-विदेश तक अंग क्षेत्र की सांस्कृतिक खुशबू फैला रही है। Byte- डॉ नवल किशोर चौधरी, जिलाधिकारी Final vo - कुल मिलाकर, यह पहल सिर्फ दीवारों को सजाने का प्रयास नहीं, बल्कि लोककला को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में एक मजबूत कदम है जहाँ रंग बोलते हैं, दीवारें इतिहास सुनाती हैं और मंजूषा कला एक बार फिर अंग क्षेत्र की शान बनकर उभरती नजर आ रही है। Wt- अश्वनी कुमार, ज़ी मीडिया, भागलपुर
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ADAbhijeet Dave
Jan 09, 2026 06:11:50
Ajmer, Rajasthan:लक्ष्मीपुरा में पेयजल संकट, ग्रामीणों ने विधायक से की पानी की टंकी स्थानांतरण की मांग ग्राम पंचायत कनेईकलां के अंतर्गत ग्राम लक्ष्मीपुरा में गंभीर पेयजल संकट बना हुआ है। ग्रामीणों ने बताया कि पिछले करीब 20 वर्षों से गांव में पानी की नियमित आपूर्ति नहीं हो पा रही है। पहले कनेईकलां से लक्ष्मीपुरा तक सीमेंट की पाइपलाइन बिछाई गई थी, लेकिन ऊंचाई के कारण पानी गांव तक नहीं पहुंच सका। इसके बाद वर्ष 2025 में बीरियां से लक्ष्मीपुरा तक पाइपलाइन डाली गई, परंतु वहां भी यही समस्या बनी रही。 ग्रामीणों का कहना है कि गांव में पीने के पानी की भारी किल्लत है, महिलाओं को लगभग एक किलोमीटर दूर से पानी लाना पड़ता है, जिससे उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बुजुर्ग और अकेली महिलाएं पानी लाने में असमर्थ हैं。 ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जल जीवन मिशन के तहत प्रस्तावित पानी की टंकी ग्राम निमेड़ा में स्वीकृत कर दी गई, जिसकी जानकारी लक्ष्मीपुरा के ग्रामीणों को नहीं दी गई। ऊंचाई अधिक होने के कारण उस टंकी से भी लक्ष्मीपुरा को पानी मिलने की संभावना नहीं है。 ग्रामीणों ने विधायक से मांग की है कि पानी की टंकी ग्राम लक्ष्मीपुरा और कनेईकलां के बीच स्थापित करवाई जाए, ताकि दोनों गांवों को समान रूप से पेयजल उपलब्ध हो सके। इस संबंध में समस्त ग्रामवासियों ने हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन सौंपा है。
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KJKamran Jalili
Jan 09, 2026 06:11:22
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BKBRAJESH KUMAR
Jan 09, 2026 06:10:19
Khunti, Jharkhand:रिपोर्ट ब्रजेश कुमार। क्षेत्र - खूँटी। स्लग - जंगली हाथियों का कहर जारी, रंगरोड़ी गांव में मकान धंसाया व फसल नुकसान किया एंकर - खूंटी जिले में हाथियों का उपद्रव जारी है। रनिया थाना क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में हाथियों के विचरण करने से लोगों में दहशत का वातावरण है विगत रात रंगरोड़ी गाँव में जंगली हाथी ने किसान सीमोन तोपनो के कच्चे खपरैल मकान पर हमला कर दीवार ध्वस्त कर दिया । जिससे दैनिक उपयोगी सामग्री बर्बाद हो गया। इसके बाद जंगली हाथी के द्वारा गांव के ही किसान गोल्डेन तोपनो और वेनेदिक तोपनो के बारी में लगे साग सब्जी और खलिहान में रखे मडुवा को खाकर तीतर बितर कर दिया। जंगली हाथियों का उपद्रव तोकेन गांव में भी देखने को मिला जहाँ बुधुवा क़ोनगाड़ी के मकान को तोड़ दिया इस प्रकार कुलहई में शांति कण्डुलना के मकान को तोड़कर पीड़ित परिवार की परेशानी बढ़ा दिया। पीड़ित परिवारों ने वन विभाग के कर्मियों को मामले की जानकारी देकर मुआवजे की मांग किया है। विजुअल।
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PTPawan Tiwari
Jan 09, 2026 06:09:27
Balrampur, Uttar Pradesh:बलरामपुर जनपद की गैसड़ी विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी के विधायक राकेश यादव पर एक महिला द्वारा जबरन जमीन कब्जाने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पीड़िता संघमित्रा गौतम ने जिलाधिकारी बलरामपुर को शिकायती पत्र सौंपकर न्याय की गुहार लगाई है। महिला का आरोप है कि प्रभावशाली लोगों द्वारा उसकी वैध भूमि पर अवैध कब्जा कर लिया गया है, जिससे उसकी सुरक्षा को भी खतरा उत्पन्न हो गया है। शिकायत पत्र के अनुसार, पीड़िता ने गैसड़ी क्षेत्र के ग्राम दुर्गापुर में स्थित गाटा संख्या 765/055, रकबा लगभग 15 डिसमिल भूमि को विधिवत रूप से क्रय किया था। वह उक्त भूमि पर आवास निर्माण की तैयारी कर रही थी। आरोप है कि सपा विधायक राकेश यादव, उनके परिजन एवं सहयोगियों द्वारा दबंगई के बल पर उसके प्लॉट पर मिट्टी पटवाकर बाउंड्री करा दी गई और जबरन कब्जा कर लिया गया। पीड़िता का कहना है कि जब उसने इस अवैध कब्जे का विरोध किया तो उसके साथ गाली-गलौज की गई, जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया गया तथा जान से मारने की धमकी भी दी गई। महिला ने आरोप लगाया कि इस पूरे प्रकरण में वह मानसिक रूप से भयभीत है और उसे किसी अप्रिय घटना की आशंका बनी हुई है। संघमित्रा गौतम ने यह भी बताया कि उसने पूर्व में पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों से कई बार शिकायत की, लेकिन विधायक के प्रभाव के चलते कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी। महिला का दावा है कि उसने इस मामले में उच्च न्यायालय तक का दरवाजा खटखटाया, जहां से आदेश भी पारित हुए, इसके बावजूद अब तक जमीन से अवैध कब्जा नहीं हटाया गया। शिकायत पत्र में महिला ने उल्लेख किया है कि उसके पास भूमि से संबंधित सभी वैध दस्तावेज मौजूद हैं तथा सीमांकन भी कराया जा चुका है, इसके बावजूद दबंगों द्वारा कब्जा बनाए रखा गया है। पीड़िता ने जिलाधिकारी से मांग की है कि उसके प्लॉट को अवैध कब्जे से मुक्त कराया जाए, दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई हो और उसे सुरक्षा प्रदान की जाए। इस मामले के सामने आने के बाद जनपद के राजनीतिक गलियारों में भी हलचल मच गई है। विपक्षी दलों ने निष्पक्ष जांच की मांग की है। वहीं प्रशासन की ओर से बताया गया है कि शिकायती पत्र प्राप्त हो गया है और मामले की जांच कर विधिक कार्रवाई की जाएगी। उधर, इस पूरे प्रकरण पर सपा विधायक राकेश यादव से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका फोन रिसीव नहीं हो सका।
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