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Narayanpur494661

नारायणपुर में पुनर्वास से शांति का नया अध्याय: वायान वाटिका में पौधारोपण

HSHEMANT SANCHETI
Nov 30, 2025 07:03:58
Narayanpur, Chhattisgarh
नारायणपुर जिले में शांति और सामाजिक पुनर्समावेशन की दिशा में एक ऐतिहासिक क्षण दर्ज हुआ, जब पुनर्वासित माओवादी कैडरों ने स्थानीय समुदाय के वरिष्ठजनों की उपस्थिति में वायान वाटिका में पौधारोपण कर आशा, विश्वास और नए भविष्य का संदेश दिया। गोंडी भाषा में “वायान” का अर्थ है आशा और भविष्य की बगिया, और सचमुच यह स्थल अब शांतिपूर्ण बदलाव का एक जीवित प्रतीक बनकर उभर रहा है। लंबे समय तक उथल-पुथल और असुरक्षा से प्रभावित रहे नारायणपुर और अबूझमाड़ जैसे क्षेत्रों में यह कार्यक्रम सामाजिक विश्वास को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव साबित हुआ। पुनर्वास केंद्र स्थित वायान वाटिका में आयोजित पौधारोपण सिर्फ एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि यह उन कैडरों के जीवन में नए अध्याय की शुरुआत थी, जिन्होंने मुख्यधारा में लौटकर शांति का मार्ग चुना है। वरिष्ठजनों का आशीर्वाद और स्वीकार्यता का संदेश स्थानीय समुदाय के वरिष्ठजनों ने पुनर्वासित 28 माओवादी कैडरों को पौधे सौंपकर उन्हें समाज में पुनः स्वीकार्यता का मजबूत संदेश दिया। ये पौधे उनके नए जीवन, नई शुरुआत और समाज के साथ सामूहिक विकास के संकल्प का प्रतिक बन गए। यह क्षण समुदाय और प्रशासन—दोनों के लिए—विश्वास और सहयोग की नई परंपरा की नींव रखता है। “पूना मारगम” पहल का प्रभाव दिखने लगा यह कार्यक्रम “पूना मारगम: पुनर्वास से सामाजिक पुनर्समावेशन” पहल की बढ़ती सफलता का सशक्त प्रमाण है। इस पहल का उद्देश्य है—हिंसा की राह छोड़ चुके युवाओं को सुरक्षित, सम्मानजनक और सम्भावनाओं से भरे भविष्य की ओर ले जाना। पुनर्वासित कैडरों द्वारा लगाए गए ये पौधे शांति, स्वीकार्यता और समाज के साथ मिली-जुली प्रगति के प्रतीक हैं। सुरक्षा और शांति की साझी जिम्मेदारी नारायणपुर के पुलिस अधीक्षक रॉबिनसन गुरिया ने कार्यक्रम के दौरान कहा कि यह पहल अबूझमाड़ जैसे भीतरी इलाकों में विश्वास-निर्माण की प्रक्रिया को मजबूत कर रही है। क्षेत्र की सतत् शांति अब विश्वसनीय सुरक्षा व्यवस्थाओं और समुदाय की सक्रिय भागीदारी से संभव हो पाई है। उन्होंने यह भी कहा कि शांति सिर्फ प्रशासन की नहीं, बल्कि पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है, और आज का कार्यक्रम इसी सोच को मजबूती से आगे बढ़ाता है। बस्तर: स्थायी शांति और विकास की ओर बढ़ता कदम पूना मारगम पहल के अंतर्गत आयोजित यह पौधारोपण कार्यक्रम बताता है कि बस्तर अब बदलाव की तेज़ राह पर है। लंबे समय से संघर्ष और अविश्वास से जूझते रहे समुदाय अब एक नए युग की दहलीज़ पर खड़े हैं—जहां शांति, समावेश और विकास की बयार बह रही है। वायान वाटिका आज सिर्फ पौधों की बगिया नहीं, बल्कि उम्मीद, मेल-मिलाप और एक शांतिपूर्ण भविष्य की खिलती हुई तस्वीर बन गई है।
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SPSanjay Prakash
Nov 30, 2025 07:19:12
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JGJugal Gandhi
Nov 30, 2025 07:18:23
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KLKANHAIYA LAL SHARMA
Nov 30, 2025 07:17:12
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DBDURGESH BISEN
Nov 30, 2025 07:16:49
Pendra, Chhattisgarh:छत्तीसगढ़ के सीमावर्ती जिले पेंड्रा में तस्करी का धान रोकना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। तस्कर धान लाने के नए-नए तरीके ईजाद कर रहे हैं। धान तस्कर बोरो में धान लाने के बजाए बिना मिसाइ किए खड़ी फसल सीधे मध्यप्रदेश के खेतों से काटकर पिकअप वाहनों में भरकर छत्तीसगढ़ ला रहे हैं। मंडी एक्ट के तहत ऐसी खड़ी फसल पर कार्यवाही का प्रावधान न होने की वजह से इस मामले पर कार्यवाही नहीं की जा सकी। छत्तीसगढ़ में धान खरीद जारी है, सरकार किसानों का एक-एक दाना धान खरीदने के लिए प्रतिबद्ध है मगर छत्तीसगढ़ के किसानों की आड़ में कोचिए और व्यापारी किस्म के लोग सीमावर्ती राज्यों से धन लकड़ छत्तीसगढ़ की मंदिरों में खपाते हैं, जिसे रोकने के लिए सरकार तमाम कवायत करती है, पर तस्कर भी धन तस्करी के नए-नए रास्ते और तरीके ईजाद कर लेते हैं। ऐसा ही एक मामला सामने आया मरवाही ब्लॉक के निमधा गांव में जहां धान तस्कर जंगल के चोर रास्तों से पिकअप वाहन में भरकर खड़ी फसल छत्तीसगढ़ ले आए। धान की यह खड़ी फसल खेतों से काटकर बिना मिसाइ किए हुए लाई जा रही थी, यानी धान के दाने धान की बालियां और पौधों से अलग नहीं किए गए थे। देर रात धान तस्करी करते वाहन पकड़े जाने के बाद प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची पर मंडी एक्ट के तहत इस तरह के खड़ी फसल के अंतर राज्य परिवहन पर किसी भी प्रकार का कोई प्रावधान न होने की वजह से धन एवं वाहन को जप्त नहीं किया गया। हालांकि कड़ी फटकार लगाते हुए एवं भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न करने की समझाइए देते हुए वाहन को छोड़ दिया गया।
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RNRajesh Nilshad
Nov 30, 2025 07:16:21
Chittorgarh, Rajasthan:रायपुर आंबेडकर अस्पताल नवजात अपहरण मामले में कोर्ट का बड़ा फैसला.. 10 महीने पुराने केस में दो महिलाओं को 10-10 साल की सजा.. रानी साहू और उसकी बेटी पायल दोषी करार.. बिलासपुर में 50 हजार में नवजात को बेचने की थी तैयारी.. सहानुभूति दिखाकर नीता रात्रे और उसकी सास को किया झांसे में.. मेरी बहू की बच्ची की मौत हो गई कहकर बढ़ाया था मेलजोल.. 4 जनवरी को लंच के समय बच्ची को चोरी कर भाग निकलीं.. पुलिस की सतर्कता से खुली चोरी की कहानी... पुलिस ने रायपुर से बिलासपुर ट्रेन से जाते वक्त दोनों महिलाओं को दबोचा था.. नवजात बेचने की साजिश की पुष्टि.. आरोपियों का पुराना रिकॉर्ड भी सामने आया.. 10-10 साल की सुनाई सजा..
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