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RSRAKESH SINGH28 Jul 2025, 04:20 am

क्या आप जानते हैं शीलहौरी का रहस्य? भगवान विष्णु की मायानगरी!

Chapra, Bihar:

सारण जिले के हर क्षेत्र पौराणिक और ऐतिहासिक महत्व रखता है, मढौरा के शीलहौरी में भी भगवान बिष्णु की मायानगरी बनी थी, भगवान विष्णु ने देवऋषि नारद के ब्रह्मचर्य की रक्षा करने के लिए मढ़ौरा के बगल में एक मायानगरी की स्थापना की थी । छपरा जिले के मढौरा मुख्यालय से 2 किमी की दूरी पर स्थित शिल्हौरी शिव मंदिर का इतिहास विष्णु पुराण में वर्णित है, पौराणिक कथाओं में कहा जाता है, शिल्हौरी में श्री हरि विष्णु द्वारा माया की नगरी की रचना की गई थी, ताकि हरि विष्णु के भक्त देवर्षि नारद मुनि का मोह भंग किया जा सके। नारद मुनि श्रीहरि भगवान विष्णु की तपस्या में लीन थे, जिसके बाद उनकी तपस्या भंग करने को लेकर देवराज इंद्र द्वारा कामदेव को भेजकर उनकी तपस्या भंग कराने की पूरी कोशिश की गई, लेकिन देवर्षि नारद के ऊपर कामदेव का कोई प्रभाव नही पड़ा, जिससे नारद जी को इस बात का अहंकार हो गया था, की उन्होंने कामदेव पर विजय प्राप्त कर लिया है, उन्होंने इस बात की चर्चा भगवान शिव से की, नारद मुनि की इन बातों को सुनकर भगवान शिव समझ गये की नारद जी को अहंकार हो गया है। उन्होंने मन ही मन सोचा कि श्री हरि विष्णु को यदि इनके अहंकार का पता चल जायेगा, तो निश्चित ही नारद का अहित ही होगा, इसलिये उन्होंने नारद मुनि से कहा कि आप इस बात को श्री हरि विष्णु जी की नही बताइयेगा, लेकिन अहंकार में चूर नारद जी से रहा नही गया, वो भगवान शिव की बातों को अनसुना कर क्षीरसागर में पहुँचकर विष्णु जी से सब बातें बता दी। और नारद जी वहां से निकल पड़े। विष्णु जी तो खुद ही लीलाधारी है, उन्होंने देवर्षि नारद जी की बातों को सुनकर सोचा कि कोई ऐसा उपाय करता हूँ, जिससे नारद का अहंकार भी चूर हो जाये और मेरी लीला भी चलती रहे। नारद जी जिस रास्ते से जा रहे थे, वहां से सौ योजन की दूरी पर श्री हरि विष्णु ने एक माया की नगरी रची, और उस नगरी के राजा शीलनिधि थे, और उनकी एक पुत्री विश्वमोहिनी, वो भी इतनी सुंदर की स्वयं लक्ष्मी भी उनपर मोहित हो जाये। नगर के रास्ते से देवर्षि नारद को जाते देख राजा शीलनिधि ने देवर्षि नारद से अपनी पुत्री विश्वमोहिनी का हस्तरेखा देखने का आग्रह किये। उनकी हस्तरेखा बता रही थी कि विश्वमोहिनी जिससे भी शादी करेगी वह अमर हो जायेगा, वह तीनो लोको का स्वामी होगा, संसार के समस्त चर-अचर जीव उनकी सेवा करेंगे। इसी सोच में पड़े नारद मुनि ने राजा शीलनिधि से असल बात ना बताकर कुछ बनावटी बातें बनाकर वहां से निकल गए, और नारद जी मन ही मन विश्वमोहिनी को पाने के लिये विचार करने लगे, इसी बीच उनके मन में यह बात बात आई कि विश्वमोहीनी को पाने लिए सबसे सुंदर होना बहुत जरूरी है, फिर क्या था सुंदर स्वरूप पाने की इच्छा मन में पाले हुए देवर्षि नारद श्री हरि विष्णु के वापस गये। और उनसे श्री हरि विष्णु के एक स्वरूप को ही मांग लिया, भगवान ने हरि के एक स्वरूप बंदर का रूप देवर्षि नारद को दे दिया। उधर विश्वमोहिनी के स्वंयम्बर में पहुँचे देवर्षि नारद मुनि अत्यंत ही प्रसन्न थे, की विश्वमोहिनी उनका ही चयन करेंगी, तभी उस सभा मे राजा के भेष में श्री हरि विष्णु पहुँचे और विश्वमोहिनी ने राजा के वेश में पहुँचे श्री हरि विष्णु के गले मे वरमाला डाल दी। फिर क्या था नारद जी अपने साथ हुए छल और जल में बंदर स्वरूप देखकर अत्यंत क्रोधित हो गये और उसी समय उन्होंने श्री हरि विष्णु को श्राप दिया कि जिस प्रकार से आपने नर रूप में आकर मेरा उपहास किया, बंदर का स्वरूप दिया और मुझे स्त्री वियोग दिया है, उसी तरह आप भी नर रूप धारण करेंगे और स्त्री वियोग सहन करना पड़ेगा, और उस समय बंदर ही आपके काम आएंगे। नारद मोह भंग की कथा वाली यह जगह फिलहाल छपरा जिले के मढौरा प्रखंड मुख्यालय से नजदीक शिल्हौरी है। आज भी बारहों मास दूर दराज से श्रद्धालु यहां पहुँचते है, सावन और महाशिवरात्रि पर यहां विशेष पूजा और सजावट के साथ ही भंडारा का आयोजन होता है। जिसमे पहुंचने वाले लाखों श्रद्धालुओं की मनोकामना पूरी होती है। wt राकेश कुमार सिंह

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OP राजभर का PDA पर तंज, अखिलेश की नई परिभाषा से राजनीतिक हलचल

Lucknow, Uttar Pradesh:कैबिनेट मंत्री ओपी राजभर ने पीडीए की नई परिभाषा पर कसा तंज अखिलेश जी ने आज अपने PDA की नई व्याख्या की। उन्होंने कहा कि PDA में A का मतलब आदिवासी है। A को अल्पसंख्यक और अगड़ा वो, पहले ही बता चुके हैं। डर ये लग रहा है कि अखिलेश जी किसी दिन कोई सम्मेलन करते हुए यह न कह दें कि A का मतलब आंकवादी भी होता है! वैसे भी उनकी सरकार अपने कार्यकाल के दौरान वाराणसी सीरियल ब्लास्ट, लखनऊ और फैजाबाद कोर्ट ब्लास्ट के आतंकवादियों के मुकदमे वापस ले चुकी है। और तुष्टीकरण की राजनीति में अपने PDA के A के बारे में यह कह सकते हैं कि सपा के PDA का अर्थ 'अगड़ा, अल्पसंख्यक, आदिवासी, आतंकवादी' होता है। अखिलेश जी की यह हरकतें देखकर मुझे "गोविंद" जी की फिल्म "राजा बाबू" याद आ रही है, जिसमें "गोविंदा" जी का किरदार कभी वकील, कभी डॉक्टर, कभी पुलिस अधिकारी और कभी नेता बनता है। सही मायने में कहा जाए तो अखिलेश जी भारतीय राजनीति के "राजा बाबू" ही हैं।
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पटना समेत 14 जिलों में हीटवेव ऑरेंज अलर्ट; तापमान 42.2°C तक, भारी बारिश की चेतावनी

Noida, Uttar Pradesh:मौसम विभाग ने पटना, गया, बक्सर, भोजपुर, रोहतास, कैमूर, औरंगाबाद, अरवल, जहानाबाद, नालंदा, शेखपुरा, लखीसराय, नवादा और बेगूसराय समेत 14 जिलों में हीटवेव का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। गर्म पछुआ हवा और तेज धूप ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। कैमूर में बीते 24 घंटे में तापमान 42.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। वहीं मधुबनी, सुपौल, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया और कटिहार में भारी बारिश की चेतावनी है। पूरे राज्य में धूलभरी आंधी, तेज हवा और वज्रपात की भी आशंका जताई गई है। हवा की रफ्तार 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। राज्य में आज अधिकतम तापमान 44 डिग्री और न्यूनतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस तक रहने की संभावना है। पटना में भी दिनभर उमस रहेगी, लेकिन शाम या रात में हल्की बारिश से राहत मिल सकती है。
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चित्तौड़गढ़ में भीषण गर्मी के बाद रात को बारिश ने दी राहत

Begun, Rajasthan:चित्तौड़गढ़ - पिछले कई दिनों से भीषण गर्मी और उमस से परेशान चित्तौड़गढ़ जिले के लोगों को देर रात मौसम बदलने से राहत मिली। चित्तौड़गढ़ शहर सहित निम्बाहेड़ा, कपासन और गंगरार क्षेत्र में तेज हवाओं के साथ बारिश दर्ज की गई। दिनभर 40 डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान और उमस के कारण लोग बेहाल रहे, लेकिन रात में अचानक बादल छाने के बाद मौसम ने करवट ली और कई स्थानों पर अच्छी बारिश हुई। बारिश से तापमान में गिरावट दर्ज की गई तथा लोगों ने राहत महसूस की। मौसम विभाग ने आगामी 28 जून तक जिले में बारिश, तेज हवा और आंधी की संभावना जताई है। ऐसे में आने वाले दिनों में मौसम और अधिक सुहावना होने की उम्मीद है।
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जयपुर के मुहाना में चार नाबालिग लापता, CCTV से तलाश जारी

Jaipur, Rajasthan:राजधानी जयपुर के मुहाना क्षेत्र से एक ही परिवार के चार बच्चों के लापता होने का मामला सामने आया है। बुधवार दोपहर चारों नाबालिग बहन-भाई बिना बताए घर से निकल गए। शहर में लगे अलग-अलग CCTV फुटेजों के आधार पर पुलिस लापता बच्चों को ढूंढ रही है। मुहाना इलाके में रहने वाले 13 साल की बेटी व 9 साल की बहन और चचेरे भाई की 11 साल की बेटी व 8 साल का बेटा लापता हुए है। दोपहर करीब 2 बजे चारों भाई-बहन बिना बताए घर से निकले थे। देर शाम तक वापस नहीं लौटने पर परिजनों ने रिश्तेदारों के साथ मिलकर ढूंढ़ा। काफी तलाश के बाद भी चारों भाई-बहनों का पता नहीं चल सका। पुलिस ने जांच शुरू करते हुए आसपास के CCTV फुटेजों को खंगाला। फुटेजों में चारों बच्चे एक साथ मालपुरा गेट की ओर जाते दिखाई दिए। एक फुटेज में वे चूड़ी शॉप पर रुककर चूड़ियां देखते नजर आए, जबकि, दूसरी फुटेज में बच्चे एक ई-रिक्शा के पास खड़े दिखाई दिए। पुलिस अब उस क्षेत्र के ई-रिक्शा चालकों से पूछताछ कर रही है, ताकि बच्चों के आगे जाने की जानकारी मिल सके।परिजनों का कहना है- बच्चों के पास मोबाइल नहीं है। घटना के बाद दोनों परिवारों में चिंता का माहौल है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और वे बच्चों की सुरक्षित वापसी का इंतजार कर रहे हैं। पुलिस का कहना है कि हर संभावित एंगल पर जांच की जा रही है और जल्द ही बच्चों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस ने अलग-अगल टीमें बनाकर मालपुरा गेट बस स्टैंड, मार्केट, पब्लिक पैलेस और आसपास के इलाकों में सर्च ऑपरेशन शुरू कर रखा है। संभावित रूट के सभी सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी जुटाई जा रही है.
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श्रावस्ती में मोहर्रम जुलूस थाने में लेने के दावे पर पुलिस ने भ्रामक ठहराया

Shravasti, Uttar Pradesh:मोहर्रम का जुलूस थाने के अंदर ले जाने का वीडियो वायरल। यूपी के श्रावस्ती जिले से है जहां सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। वायरल वीडियो में मोहर्रम का जुलूस थाने के अंदर ले जाने की बात कही जा रही है। वहीं इस वीडियो में जुलूस में शामिल लोग थाना परिसर से निकलते दिखाई दे रहे हैं। पुलिस ने वायरल वीडियो को भ्रामक बताकर अपनी सफाई दी है। श्रावस्ती जिले के इकौना थाना क्षेत्र का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में मोहर्रम का जुलूस थाना परिसर के अंदर ले जाने की बात सामने आई है। वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि जुलूस में शामिल लोग थाना परिसर से निकल रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद विभिन्न सामाजिक और हिंदू संगठनों के बीच इसको लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया। वहीं इस मामले पर पुलिस ने तत्काल प्रतिक्रिया देते हुए वायरल दावे को असत्य और भ्रामक बताया है। पुलिस के अनुसार जांच में यह तथ्य सामने आया है कि मोहर्रम, रामनवमी, होली सहित अन्य प्रमुख त्योहारों के सकुशल और शांतिपूर्ण संपन्न होने के बाद आयोजकों द्वारा पुलिस का धन्यवाद ज्ञापित करने की परंपरा रही है। वायरल वीडियो भी इसी परंपरा का हिस्सा है और इसे गलत संदर्भ में प्रसारित किया जा रहा है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि बिना सत्यता जाने ऐसे भ्रामक वीडियो को साझा न करें और सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने से बचें। बताया जा रहा है कि वायरल वीडियो 24 जून का है और इकौना थाने से जुड़ा हुआ है। फिलहाल पुलिस ने वायरल दावे का खंडन करते हुए लोगों से संयम बरतने और केवल सत्यापित जानकारी पर ही भरोसा करने की अपील की है।
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झुंझुनूं के चिड़ावा में ईसीएचएस अधिकारी बनकर ठगी की कोशिश, आरोपी फरार

Jhunjhunu, Rajasthan:झुंझुनूं के चिड़ावा से बड़ी खबर आर्मी की वर्दी में आए युवक पर ठगी का आरोप अस्पतालों में दिखाया रौब और किया ठगी का प्रयास ईसीएचएस विजिलेंस अधिकारी बनकर पहुंचा युवक तीन अस्पताल में जांच के बाद शक होने पर भागा आरोपित कथित ईसीएचएस विजिलेंस अधिकारी का सीसीटीवी आया सामने जिसमें पूरे रौब के साथ जांच पड़ताल करता दिख रहा है आरोपित झुंझुनूं जिले के चिड़ावा कस्बे में संचालित कुछ निजी अस्पतालों में ईसीएचएस अधिकारी बनकर पहुंचे कथित आरोपी ने ठगी के प्रयास किए। आरोपी ने खुद को दिल्ली से आर्मी का विजिलेंस ऑफिसर बताते हुए अस्पताल संचालकों से योजना से जुड़ी जानकारी लेते हुए डराने-धमकाने के प्रयास किए। हालांकि अस्पताल संचालकों और ईसीएचएस पॉलीक्लिनिक चिड़ावा के अधिकारियों की सतर्कता से वारदात टल गई। मामला सामने आने के बाद चिड़ावा ईसीएचएस प्रभारी ने टीम को भेजकर कथित ठग को पकड़ने के प्रयास किए। मगर आरोपी कार से फरार हो गया। जानकारी के मुताबिक काले रंग की कार में सवार होकर लेफ्टिनेंट कर्नल की स्टार लगी वर्दी के साथ कथित आरोपी चुंगी नाका के पास निजी अस्पताल पहुंचा। आरोपी ने अस्पताल प्रबंधन को खुद को दिल्ली से ईसीएचएस अधिकारी बताते हुए रिकॉर्ड मांगा। जिस पर अस्पताल प्रबंधन ने जरूरी दस्तावेज दिखा दिए। यहां काफी देर तक जांच-पड़ताल के बाद कथित आरोपी कार में सवार होकर खेतड़ी रोड के निजी अस्पताल पहुंचा। जहां काफी देर तक रुककर जांच-पड़ताल की कोशिश की। मगर अस्पताल प्रबंधन ने ज्यादा तवज्जो नहीं दी। ऐसे में वर्दीधारी आरोपी खेतड़ी रोड के ही अन्य निजी अस्पताल पहुंच गया। यहाँ स्टाफ से ईसीएचएस योजना से संबंधित मरीजों की ओपीडी, भर्ती और इलाज से संबंधित दस्तावेज मांगे। अस्पताल स्टाफ ने रिकॉर्ड भी दिखा दिया। इस बीच अस्पताल के डायरेक्टर भी रिकॉर्ड रूम में आ गए। उन्होंने कथित आरोपी से जरूरी जानकारी चाही तो ये चैंबर में चलने की बात कहने लगे। बाद में अस्पताल के डायरेक्टर ने अपने चैंबर में आर्मी से जुड़ी बातें की तो कुछ शक हुआ। उधर, दूसरे निजी अस्पताल संचालक ने कथित आरोपी की जानकारी अस्पताल के डायरेक्टर और ईसीएचएस प्रभारी कर्नल दलीप सिंह शेखावत को दे दी। इस बीच प्रभारी कर्नल शेखावत ने अस्पताल निदेशक से संपर्क कर कथित आरोपी को रोकने की बात कही। मगर आरोपी दूसरे अस्पताल का निरीक्षण कर वापस आने की बात कहकर फरार हो गया। खुद को लेफ्टिनेंट कर्नल और विजिलेंस ऑफिसर बताकर अस्पताल का निरीक्षण करने आए कथित आरोपी की भनक लगने पर चिड़ावा ईसीएचएस पॉलीक्लिनिक के प्रभारी कर्नल दलीप सिंह शेखावत ने सूबेदार मेजर हीरासिंह और एएलडी जितेंद्र कुमार को अस्पताल भेजा। मगर तब तक आरोपी फरार हो चुका था। बाद में अस्पताल प्रबंधन ने आरोपी का हरियाणा बॉर्डर के पिलोद तक पीछा भी किया। मगर आरोपी किसी दूसरे रास्ते से हरियाणा की तरफ फरार हो गया। आरोपी के पास हरियाणा नंबरों की ही कार थी। निजी अस्पताल में ईसीएचएस योजना के निरीक्षण के लिए आया आरोपी आर्मी की वर्दी में था। जिसकी वर्दी पर अशोक स्तंभ और स्टार लगा हुआ था। जिसकी उम्र करीब 30-35 साल के बीच लग रही थी। आरोपी को आर्मी और योजना से जुड़ी काफी जानकारी थी। गाड़ी में आरोपी के अलावा चालक भी सवार था। अस्पताल प्रबंधन को पहली बार तो हकीकत में विजिलेंस टीम के पहुंचने का अंदेशा हुआ। मगर बाद में देखा कि खुद को विजिलेंस ऑफिसर बता रहे व्यक्ति के साथ आर्मी का कोई सुरक्षाकर्मी नहीं था। ऐसे में युवक पर शक हुआ। अस्पताल संचालकों ने सतर्कता दिखाते हुए आर्मी से जुड़ी जानकारी मांगी तो आरोपी सकपका गया। खेतड़ी रोड के अस्पताल संचालक ने पॉलीक्लिनिक के प्रभारी कर्नल शेखावत से बात करवाई तो कुछ सवालों में उलझ गया। खुद को फंसता देख आरोपी मौके से भाग गया। इस मामले में ईसीएचएस पॉली क्लिनिक चिड़ावा के प्रभारी कर्नल दलीप सिंह शेखावत ने बताया कि निजी अस्पतालों से आर्मी विजिलेंस ऑफिसर के जांच के लिए पहुंचने की शिकायत मिली थी। खुद को विजिलेंस ऑफिसर बता रहे आरोपी से मैंने बात की और कुछ आर्मी कोर और ट्रेड से संबंधित सवाल किए तो वह जवाब नहीं दे पाया। जिस कारण हमें शक हुआ। पॉली क्लिनिक से दो जवानों को पकड़ने के लिए भी भेजा। मगर आरोपी फरार हो गया। जिसकी शिकायत आर्मी हैड क्वार्टर को भेजी जा रही है.
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कैथल डंपिंग यार्ड विवाद: पुलिस ने गेट खुलवाकर शहर का कचरा डालना शुरू किया

Kaithal, Haryana:कैथल न्यूज रिपोर्टर विपिन शर्मा 2506ZDN_KTH_DUMPING_R एंकर : कैथल में डंपिंग यार्ड को लेकर टकराव, पुलिस बल की मौजूदगी में खुलवाया गया गेट, ग्रामीणों का धरना जारी, इसके लिए पहले ग्रामीणों को समझाया जब ग्रामीण नहीं माने तो प्रशासन में पुलिस बल बुलाकर डंपी यार्ड का ताला थोड़ा और कचरा डलवाया एंकर : कैथल के खुराना रोड स्थित डंपिंग यार्ड को लेकर पिछले एक सप्ताह से जारी विवाद उस समय और बढ़ गया जब प्रशासन ने पुलिस बल की मदद से यार्ड का गेट खुलवाकर शहर का जमा कचरा वहां डलवाया। दरअसल, आसपास के करीब एक दर्जन गांवों के ग्रामीणों ने डंपिंग यार्ड के विरोध में उसके गेट पर ताला जड़ रखा था और लगातार धरना-प्रदर्शन कर रहे थे। उनकी मांग है कि इस डंपिंग यार्ड को पूरी तरह बंद किया जाए और इलाके से कचरा उठान की व्यवस्था की जाए। ग्रामीणों का कहना है कि डंपिंग यार्ड के कारण क्षेत्र में असहनीय बदबू फैल रही है, जिससे लोगों का रहना मुश्किल हो गया है। उन्होंने साफ तौर पर प्रशासन की अपील ठुकराते हुए कहा कि जब तक यार्ड बंद नहीं होता, वे ताला नहीं खोलेंगे। वहीं, प्रशासन का तर्क है कि शहर में कचरे का निपटान जरूरी है और यार्ड को बंद करना तत्काल संभव नहीं है। गौरत है कि जब यह डंपिंग यार्ड बनाया गया था, उस समय आसपास कोई आबादी नहीं थी, लेकिन समय के साथ यहां बस्तियां बस गईं, जिससे समस्या बढ़ती चली गई। प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से लंबी बातचीत की, लेकिन सहमति नहीं बन सकी। ग्रामीणों ने निर्णय के लिए एक day का समय मांगा, जबकि प्रशासन को आशंका थी कि हालात बिगड़ सकते हैं। ऐसे में अधिकारियों ने करीब दो घंटे का समय देने के बाद पुलिस बल के साथ इलाके का घेराव किया, ताला तोड़कर गेट खुलवाया और कई दिनों से जमा शहर का कचरा यार्ड में डलवा दिया। हालांकि, इस कार्रवाई के बाद भी ग्रामीणों का धरना जारी है। उनका कहना है कि प्रशासन कब तक पुलिस के सहारे कचरा डलवाएगा और यदि समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकाला गया, तो आने वाले समय में विवाद और बढ़ सकता है。 Byte संदीप कुमार EO नगर परिषद कैथल
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बलरामपुर के आंगनबाड़ी केंद्र में निजी जमीन पर कब्जा, बच्चे किराये के मकान में पढ़ रहे

Balrampur, Uttar Pradesh:एंकर बलरामपुर जिले में वाड्रफनगर जनपद पंचायत के पंडरी गांव में बने नये आंगनबाड़ी भवन में जमीन मालिक ने कब्जा कर लिया और मजबूरी में नौनिहालों को किराये के कच्चे मकान में अपना भविष्य गढ़ना पड़ रहा है, इतना ही नहीं सरकारी भवन होने के वावजूद भी महिला बाल विकास विभाग को आंगनबाड़ी केंद्र संचालन के लिए मकान का किराया चुकाना पड़ रहा है Vo 1- पूरा मामला वाड्रफनगर जनपद पंचायत के पंडरी गांव में बछरू डूबा आंगनबाड़ी केंद्र का है जहाँ पर नौनिहालों के भविष्य को गढ़ने के लिए शाशन ने वर्ष 2019-20 में नए आंगनबाड़ी भवन निर्माण की स्वीकृति दी थी और निर्माण एजेंसी ग्राम पंचायत को बनाया था ,,लेकिन निर्माण एजेंसी और जनपद पंचायत के अधिकारियों ने मिली भगत कर भवन का निर्माण शाशकीय जमीन में न करवाकर गांव के ही एक ब्यक्ति के निजी जमीन पर करवा दिया ,,और जमीन के मालिक का यह आरोप है कि जमीन देते वक्त उसके परिवार से एक ब्यक्ति को आंगनबाड़ी केंद्र में नौकरी देने का आश्वासन सरपंच और अधिकारियों द्वारा दिया गया था,,,लेकिन जब परिवार में किसी को नौकरी नही मिली तो जमीन मालिक ने नए आंगनबाड़ी केंद्र में ताला जड़ दिया और उसमें अपना कब्जा जमा लिया,,, जिसके कारण केंद्र का संचालन किराये के कच्चे मकान में किया जा रहा है,,,जिससे केंद्र में पढ़ने वाले बच्चों के साथ साथ बरसात के दिनों में केंद्र संचालन में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा,,वही करीब दो से तीन वर्षों से आंगनबाड़ी भवन में काबिज ग्रामीण का कहना है कि शासन उसको जमीन के बदले ज़मीन मुहैया करवा दे उसके बाद आंगनबाड़ी केंद्र से कब्जा हटा लिया जाएगा,,,, वहीँ मामले को लेकर SDM ने जाँच की बात तो कही है लेकिन शायद SDM साहब इस बात को भूल गए है कि ये मामला पिछले कई महीनों से सुर्खियों में है लेकिन SDM को अभी तक पता नही है और अभी भी जमीन के कागजात चेक करने की बात कह रहे है जिससे यह साफ जाहिर होता है कि प्रशासन को सरकारी पैसों से कोई खास लगाव नही है । बाइट जमीन मालिक महिला बाइट ग्रामीण महिला बाइट नीर निधि नंढेहा SDM वाड्रफनगर
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अमरोहा के हसनपुर में अवैध कॉलोनियों पर प्रशासन का बुलडोजर, भू-माफियाओं में हलचल

Amroha, Uttar Pradesh:अमरोहा जनपद के हसनपुर में बिना धारा-80 की अनुमति के अवैध रूप से विकसित की जा रही कॉलोनियों पर प्रशासन का बुलडोजर गरज उठा। एसडीएम हिमांशु उपाध्याय और नायब तहसीलदार मनोज कुमार की मौजूदगी में प्रशासनिक टीम ने चामुंडा रोड और करनखाल रोड क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध प्लाटिंग और निर्माण कार्यों को ध्वस्त कर दिया। दोपहर बाद जैसे ही प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा, भू-माफियाओं और अवैध कॉलोनाइजरों में हड़कंप मच गया। कार्रवाई के दौरान कई स्थानों पर अवैध रूप से काटे गए प्लॉटों को चिन्हित कर उन पर सख्त कदम उठाए गए। एसडीएम हिमांशु उपाध्याय ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि बिना वैध अनुमति और नियमों का पालन किए किसी भी प्रकार की अवैध प्लाटिंग या कॉलोनी विकसित करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि शासन के निर्देशों के तहत अवैध निर्माण और कॉलोनियां काटने वालों के खिलाफ आगे भी लगातार अभियान चलाया जाएगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की इस कार्रवाई से अवैध कॉलोनाइजरों में खलबली मच चुकी है।
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पेंड्रा में आवारा कुत्तों के हमले से चीतल घायल, विभाग ने उपचार शुरू किया

Karhi, Chhattisgarh:लोकेशन - पेंड्रा एंकर - भोजन पानी की तलाश में भटक कर रिहायशी इलाके पहुंचे चीतल पर आवारा कुत्तों ने किया हमला, कुत्ते के हमले से घायल चीतल भागते हुए पहुंचा पुलिस लाइन, पुलिस लाइन के जवानों ने आवारा कुत्तों को भगाकर बचाई चीतल की जान, कुत्ते के हमले से गंभीर रूप से घायल चीतल को वन विभाग की टीम ने अपने संरक्षण में लेकर उपचार के लिए पशु चिकित्सालय पेंड्रा पहुंचाया, पेन्ड्रा के अमरपुर पुलिस लाइन परिसर में आवारा कुत्तों के दौड़ने से भागता हुआ एक नर चीतल दिखाई दिया। संभवतः वह भोजन या पानी की तलाश में जंगल से भटककर आबादी क्षेत्र में पहुंच गया था, कुत्तों के हमले से घबराया चीतल इधर-उधर भागने लगा, लेकिन झुंड ने उसे घेर लिया और घायल कर दिया。 वही मैदान में रोजाना की तरह खेलकूद कर रहे पुलिस लाइन के जवानों की नजर जैसे ही चीतल पर पड़ी तत्काल मौके पर पहुंचे और जवानों ने कुत्तों को खदेड़कर चीतल को सुरक्षित किया इसके बाद वन विभाग को सूचना दी गई। सूचना मिलने पर वन विभाग के कर्मचारी एवं वन्यजीव बचाव दल मौके पर पहुंचे और घायल चीतल का प्राथमिक परीक्षण किया。 वन विभाग की टीम ने घायल चीतल को वन्यजीव एम्बुलेंस के माध्यम से पशु चिकित्सालय पेंड्रा पहुंचाया, जहां पशु चिकित्सकों ने उसका उपचार किया। चिकित्सकों के अनुसार चीतल के शरीर पर कुत्तों के काटने और हमले के कई निशान पाए गए हैं। उसकी स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज और विशेष निगराणी के लिए उसे कानन पेंडारी, बिलासपुर रेफर कर दिया गया। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि चीतल का उपचार विशेषज्ञ चिकित्सकों की देखरेख में कराया जाएगा और स्वस्थ होने के बाद उसे पुनः प्राकृतिक आवास में छोड़ा जाएगा। स्थानीय लोगों ने पुलिस जवानों और वन विभाग की त्वरित कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि समय पर रेस्क्यू नहीं होता तो चीतल की जान को गंभीर खतरा हो सकता था। यह घटना वन्यजीवों के आबादी क्षेत्रों में पहुंचने और उनकी सुरक्षा को लेकर भी चिंता का विषय बन गई है।।
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