Back
गुजरात के मलातज गांव में मगरमच्छों के साथ मानव-सह-अस्तित्व का अनोखा नमूना
BPBurhan pathan
Mar 10, 2026 13:46:16
Anand, Gujarat
एन्करः पूरी दुनिया में ऐसे स्थान बहुत कम देखने को मिलते हैं जहाँ इंसान और जंगली जानवरों के बीच सह-अस्तित्व दिखाई देता हो। आमतौर पर मगरमच्छ का नाम सुनते ही लोगों के मन में डर पैदा हो जाता है। लेकिन गुजरात के आणंद जिले में एक ऐसा गांव है जहाँ लोग वर्षों से मगरमच्छों के साथ मित्रतापूर्ण तरीके से रह रहे हैं। जी हाँ, हम बात कर रहे है सोजीत्रा तहसील के मलातज गांव की। यह गांव आज “मगर मित्र गांव” के रूप में जाना जाता है। यहां के तालाब में 80 से अधिक मगरमच्छ रहते हैं, फिर भी आज तक किसी इंसान या पशु पर हमले की एक भी घटना सामने नहीं आई है। आइए आपको ले चलते हैं एक ऐसे गांव में जहाँ इंसान और मगरमच्छ के बीच का अनोखा रिश्ता प्रकृति के साथ सह-अस्तित्व का अद्भुत उदाहरण बन गया है। मध्य गुजरात में अगर मगरमच्छों के सबसे बड़े आश्रय स्थल की बात की जाए तो सबसे पहले नाम आता है वडोदरा की विश्वामित्री नदी का। लेकिन इसके बाद अगर किसी क्षेत्र का नाम लिया जाता है तो वह है आणंद जिले का मलातज गांव। यह गांव आज “मगर मित्र गांव” के रूप में जाना जाता है। सोजीत्रा से लगभग सात किलोमीटर दूर स्थित मलातज गांव की आबादी करीब छह हजार है। गांव के पास स्थित वैजनाथ महादेव मंदिर और उसके बगल में बना महादेव तालाब यहां के मगरमच्छों का मुख्य निवास स्थान माना जाता है। इस तालाब में करीब 80 से अधिक मगरमच्छ रहते हैं। खासकर बारिश के मौसम में जब भारी बारिश के कारण तालाब लबालब भर जाता है, तब ये मगरमच्छ गांव की गलियों में घूमते हुए भी नजर आ जाते हैं। लेकिन सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि विक्रम संवत 1455 में जब इस गांव में बसावट शुरू हुई, तब से लेकर आज तक मगरमच्छों द्वारा किसी इंसान या पशु को नुकसान पहुंचाने की एक भी घटना दर्ज नहीं हुई है। कहा जाता है कि वडोदरा के गायकवाड़ राजा ने संवत 1455 में मलातज गांव बसाया था और उसी समय वडोदरा से मगरमच्छों को लाकर यहां के तालाब में बसाया गया था। तब से लेकर आज तक मगरमच्छ और इंसान एक-दूसरे के अस्तित्व को स्वीकार करते हुए साथ-साथ जीवन जी रहे हैं। इसी कारण मलातज गांव इंसान और मगरमच्छ के सह-अस्तित्व का जीवंत उदाहरण बन गया है। मलातज गांव के तालाब में देसी प्रजाति के मगरमच्छ पाए जाते हैं। मादा मगरमच्छ तालाब के किनारे मिट्टी में बने घोंसले में अंडे देती है और जब उनमें से बच्चे बाहर निकलते हैं तो गांव के बच्चे उनकी विशेष देखभाल करते हुए दिखाई देते हैं। आमतौर पर दूसरे गांवों में बच्चे पिल्लों के साथ खेलते नजर आते हैं, लेकिन मलातज गांव में बच्चे मगरमच्छ के बच्चों के साथ खेलते दिखाई देते हैं। यह दृश्य यहां आने वाले हर व्यक्ति के लिए बेहद आश्चर्यजनक होता है। हाल ही में गांव के एक घर में रात के समय करीब नौ फुट लंबा विशाल मगरमच्छ घुस आया था। लेकिन गांव वालों ने घबराने के बजाय उसे सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू करके फिर से तालाब में छोड़ दिया। खास बात यह है कि उस घर में छोटे बच्चे और दुधारू पशुओं के बछड़े होने के बावजूद मगरमच्छ ने किसी को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया। मलातज गांव सिर्फ मगरमच्छों के कारण ही नहीं बल्कि पर्यावरण प्रेमियों और पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बन गया है। प्राकृतिक वातावरण में मगरमच्छों को देखने के लिए आसपास के क्षेत्रों से लोग यहां आते हैं। हालांकि गांव वाले इस बात का विशेष ध्यान रखते हैं कि बाहर से आने वाले पर्यटक मगरमच्छों को किसी भी तरह से परेशान न करें। सिर्फ मलातज गांव ही नहीं बल्कि इसके आसपास के डभोऊ और वसो तालुका के पेटली और देवा वांटा क्षेत्रों के तालाबों में भी मगरमच्छों की अच्छी-खासी संख्या देखने को मिलती है। यह क्षेत्र इंसान और प्रकृति के बीच संतुलन का अनोखा उदाहरण पेश करता है। जहां एक ओर मगरमच्छ जैसे जंगली जानवर के प्रति डर होता है, वहीं दूसरी ओर यह गांव दिखाता है कि सह-अस्तित्व भी संभव है। बाइट – संजयसिंह (स्थानीय) बाइट – तुषार राणा (स्थानीय) बाइट – जिगर (वॉलेंटियर) बाइट – राकेश पटेल (रेन्ज फॉरेस्ट ऑफिसर) बुरहान पठाण जी मीडिया, आणंड
0
Report
For breaking news and live news updates, like us on Facebook or follow us on Twitter and YouTube . Read more on Latest News on Pinewz.com
Advertisement
URUday Ranjan
FollowMar 10, 2026 14:40:050
Report
0
Report
CPCHETAN PATEL
FollowMar 10, 2026 13:46:580
Report
AKArpan Kaydawala
FollowMar 10, 2026 13:46:430
Report
AKArpan Kaydawala
FollowMar 10, 2026 12:20:120
Report
SPSANDHI PARVEZ MAYURBHAI
FollowMar 10, 2026 11:38:030
Report
SVSANDEEP VASAVA
FollowMar 10, 2026 10:57:260
Report
NJNILESH JOSHI
FollowMar 10, 2026 10:56:100
Report
DPDhaval Parekh
FollowMar 10, 2026 10:16:270
Report
HBHimanshu Bhatt
FollowMar 10, 2026 09:30:110
Report
AKAshok Kumar
FollowMar 10, 2026 09:01:570
Report
BPBurhan pathan
FollowMar 10, 2026 09:01:420
Report
AKArpan Kaydawala
FollowMar 10, 2026 08:16:130
Report
CPCHETAN PATEL
FollowMar 10, 2026 08:15:580
Report