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सुक्खू ने हिमाचल में 5% महंगाई भत्ता और 10 हजार रुपये एरियर घोषित किया

Shimla, Himachal Pradesh:दिवाली से पहले मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने हिमाचल प्रदेश के कर्मचारियों को तोहफा देते हुए 5 फीसदी महंगाई भत्ता (DA) देने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसकी नोटिफिकेशन आज ही जारी की जाएगी और पहली तारीख को कर्मचारियों के खातों में महंगाई भत्ते की राशि क्रेडिट हो जाएगी। वहीं, प्रदेश की आर्थिक स्थिति पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र से मिलने वाली राजस्व घाटा अनुदान (RDG) बंद होने और कर्मचारियों की देनदारियों के बावजूद सरकार प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल में लिए गए कर्ज का जिक्र करते हुए विपक्ष पर भी निशाना साधा। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि मौजूदा सरकार ने कर्मचारियों की देनदारियां चुकाने की दिशा में कदम उठाए हैं। उन्होंने पांच फीसदी DA देने की घोषणा करते हुए कहा कि इसकी अधिसूचना आज ही जारी होगी और पहली तारीख को कर्मचारियों के खातों में राशि आ जाएगी। मुख्यमंत्री ने क्लास-4 कर्मचारियों को 10 हजार रुपये एरियर देने की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि सरकार कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए फैसले ले रही है और ओल्ड पेंशन स्कीम को भी जारी रखा जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार को वित्तीय अनुशासन बनाए रखने के लिए कई कठिन फैसले लेने पड़े हैं। 31 मार्च 2023 तक हिमाचल प्रदेश पर 76,633 करोड़ रुपये का कर्ज था, जबकि कर्मचारियों की करीब 10 हजार करोड़ रुपये की देनदारियां थीं। जून 2022 में केंद्र सरकार की ओर से मिलने वाला GST कंपनसेशन भी बंद हो गया था। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार ने छठे वेतन आयोग की घोषणा तो की, लेकिन कर्मचारियों की देनदारियां नहीं चुकाईं। CM सुक्खू ने कहा कि राजस्व घाटा अनुदान बंद होने से प्रदेश की आर्थिक स्थिति पर दबाव बढ़ा है। उनके मुताबिक, अगर RDG जारी रहती तो हिमाचल इसी साल आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ सकता था। उन्होंने कहा कि प्रदेश हित और राज्य को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार फैसले ले रही है। इन फैसलों से लोगों में नाराजगी हो सकती है, लेकिन सरकार का उद्देश्य प्रदेश की आर्थिक स्थिति को मजबूत करना है। मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधारों का जिक्र करते हुए कहा कि प्रदेश में डॉक्टरों और अन्य कर्मचारियों की भारी कमी थी। जरूरत के मुकाबले करीब 35 फीसदी कर्मचारी और डॉक्टर ही उपलब्ध थे। एक्स-रे, MRI और CT स्कैन जैसी मशीनें भी लगभग 15 साल पुरानी थीं। सरकार IGMC, चमियाणा, टांडा, नेरचौक और हमीरपुर में दिल्ली AIIMS के स्तर की आधुनिक मशीनें उपलब्ध करवाने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में रोबोटिक सर्जरी की शुरुआत की गई है और चमियाणा अस्पताल में भी आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार किया गया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि मेडिकल कॉलेजों में स्टाफ की नियुक्ति का स्तर करीब 70 फीसदी तक पहुंचा है। सभी मेडिकल कॉलेजों में आधुनिक टेस्टिंग लैब स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसे दो चरणों में पूरा किया जाएगा। प्रदेश में पोस्ट ग्रेजुएट डॉक्टरों के 577 पदों के मुकाबले सरकार ने 320 पद बढ़वाए हैं। इसके अलावा डेडिकेटेड पैरामेडिकल कॉलेज विकसित किया गया है, जिसमें वर्ष 2028 में पहला बैच शुरू होने की उम्मीद है। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2030 तक हिमाचल प्रदेश को स्वास्थ्य क्षेत्र में शीर्ष राज्यों में शामिल करना सरकार का लक्ष्य है। मुख्यमंत्री ने पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के बयानों पर पलटवार करते हुए कहा कि उनकी सरकार के कार्यकाल में 43,261 करोड़ रुपये का कर्ज लिया गया था। इसमें बाजार से 34,790 करोड़, नाबार्ड से 3,530 करोड़ और EAP के तहत 381 करोड़ रुपये का कर्ज शामिल था। सुक्खू ने कहा कि मौजूदा सरकार अब तक 37,781 करोड़ रुपये का कर्ज ले चुकी है, जिसमें बाजार से लिया गया 30,095 करोड़ रुपये का कर्ज भी शामिल है। उन्होंने RDG बंद होने के बावजूद सरकार की वित्तीय चुनौतियों का सामना करने की बात कही और जयराम ठाकुर पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष को अपने कार्यकाल के दौरान लिए गए कर्ज का भी हिसाब देना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले कई मामलों में सरकार के वकील तथ्यों को प्रभावी ढंग से पेश नहीं कर पाते थे, जबकि निजी पक्षों के वकील मजबूत पैरवी करते थे। उन्होंने JSW से जुड़े मामले का उदाहरण देते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट में वकीलों पर करीब एक करोड़ रुपये खर्च कर सरकार ने 150 करोड़ रुपये का लाभ हासिल किया। उन्होंने किशाऊ बांध परियोजना का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार हिमाचल प्रदेश के अधिकारों की लड़ाई लड़ रही है। ऊर्जा से जुड़े मामलों में भी प्रदेश के हितों को सुरक्षित रखने के प्रयास किए जा रहे हैं। CM सुक्खू ने कहा कि सरकार ने राजस्व बढ़ाने के लिए भी कदम उठाए हैं। शराब के ठेकों की नीलामी से करीब 400 करोड़ रुपये की आय हुई है। उन्होंने दावा किया कि आने वाले पांच वर्षों में इससे होने वाली आय बढ़कर 1,500 करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास प्रदेश के संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल कर आय बढ़ाना और आर्थिक निर्भरता कम करना है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर भी बयान दिया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार को अभी 13 महीने हुए हैं और आने वाले समय में सरकार अपने कामकाज के आधार पर जनता के बीच जाएगी। उन्होंने दावा किया कि भाजपा के 16 विधायक चुनाव नहीं जीतेंगे। सुक्खू ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी प्रदेश में केवल हौसला अफजाई करने में लगी है और दिल्ली भी हिमाचल भाजपा से दुखी है.
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शिमला के SSP पर नया मामला: आवास पर फंड दुरुपयोग की जांच शुरू

Shimla, Himachal Pradesh:ज़िला शिमला के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रहे DIG संजीव कुमार गांधी की मुश्किलें ख़त्म होने का नाम नहीं ले रही हैं। अब उन पर एक और मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस कांस्टेबल से धोखाधड़ी के आरोप के बाद अब शिमला में तत्कालीन पुलिस अधीक्षक संजीव कुमार गांधी के खिलाफ सरकारी धन के कथित दुरुपयोग और वित्तीय अनियमितताओं के आरोप में मामला दर्ज किया गया है। मामला शिमला के साउथवुड स्थित एसपी के सरकारी आवास की मरम्मत पर खर्च की गई धनराशि से जुड़ा है। पुलिस मुख्यालय की ऑडिट कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर सदर पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। SSP पद से ट्रांसफर होने के बाद जब उन्होंने अपना सरकारी आवास खाली नहीं किया, तो विभाग ने उनके कार्यकाल के दौरान किए गए कार्यों की जांच करवायी थी। रिपोर्ट के आधार पर यह मामला दर्ज किया गया है। पुलिस मुख्यालय की ऑडिट समिति की रिपोर्ट में सामने आई वित्तीय अनियमितताओं के आधार पर पुलिस थाना शिमला में 22 अक्टूबर 2026 को FIR संख्या 139/2026 दर्ज की गई। मामला भारतीय न्याय संहिता की धारा 316(5) के तहत दर्ज किया गया है। ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2022-63 से 2024-25 के दौरान पुलिस भवनों और जवानों के सरकारी आवासों की मरम्मत के लिए आवंटित करीब 1.28 करोड़ रुपये में से 14,07,392 रुपये तत्कालीन SSP संजीव गांधी के शिमला स्थित सरकारी आवास ‘साउथवुड’ पर खर्च किए गए दर्शाए गए। रिपोर्ट में कहा गया है कि इस आवास की मरम्मत के लिए न तो सरकार और न ही पुलिस मुख्यालय ने अलग से बजट स्वीकृत किया था। संबंधित कार्य मूल प्रस्तावों में भी शामिल नहीं थे और इनके लिए सक्षम प्राधिकारी की पूर्व अनुमति तथा जरूरी स्वीकृतियों के दस्तावेज उपलब्ध नहीं मिले। ऑडिट में सामने आया कि रामपुर के SDPO आवास की मरम्मत के लिए स्वीकृत 2.80 लाख रुपये संबंधित आवास पर खर्च करने के बजाय तत्कालीन SSP के शिमला स्थित सरकारी आवास पर खर्च किए गए दर्शाए गए। इसी तरह, शोघी पुलिस बैरियर की गुमटी की मरम्मत के लिए निर्धारित 2.50 लाख रुपये की राशि भी तत्कालीन SSP के आवास पर खर्च दर्शाई गई। रिपोर्ट के मुताबिक, फरवरी 2023 में काम पूरा होने का हवाला देकर यह राशि वापस प्राप्त की गई, लेकिन ऑडिट के दौरान शोघी में मरम्मत कार्य पूरा होने के प्रमाण नहीं मिले। रिपोर्ट में वर्ष 2023-24 के दौरान 1.62 लाख रुपये और वर्ष 2024-25 में 7.22 लाख रुपये तत्कालीन SSP के आवास पर खर्च किए जाने का भी उल्लेख है। इन कार्यों के लिए जरूरी पूर्व स्वीकृति और जिला स्तरीय समिति की अनुशंसा से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध नहीं पाए गए। इसके अलावा, वर्ष 2025-26 में 28.67 लाख रुपये के बजट के तहत प्रस्तावित 50 कार्यों में से 22 कार्य किए जाने का रिकॉर्ड मिला। इनमें 13 कार्य ऐसे बताए गए हैं, जो मूल स्वीकृत प्रस्ताव में शामिल नहीं थे। इस मामले में एक अहम पहलू यह भी है कि जिस मद से पुलिस जवानों के आवासों और कार्यस्थलों की मरम्मत होनी थी, उसी धनराशि का इस्तेमाल कथित तौर पर तत्कालीन SSP के सरकारी आवास पर किया गया। विज्ञप्ति में कहा गया है कि शोघी पुलिस पोस्ट आज भी एक कंटेनर में संचालित हो रही है, जहां पुलिस कर्मचारियों को कठिन परिस्थितियों में ड्यूटी करनी पड़ रही है। ऑडिट के दौरान खर्च से जुड़े पर्याप्त अभिलेख नहीं मिलने के कारण यह भी जांच का विषय है कि संबंधित धनराशि वास्तव में किन कार्यों पर खर्च हुई और वित्तीय नियमों तथा निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन किया गया या नहीं। पुलिस मुख्यालय के अनुसार, SP शिमला की ओर से मामला संज्ञान में लाए जाने के बाद FIR दर्ज करने के आदेश दिए गए। मामले की निष्पक्ष जांच जारी है और जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। संजीव गांधी के सरकारी आवास को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। इसके अनुसार, फरवरी 2026 में SP शिमला के पद से स्थानांतरण होने के बावजूद उन्होंने अभी तक पद के लिए निर्धारित सरकारी आवास खाली नहीं किया है। प्रचलित नियमों के अनुसार, पद छोड़ने के बाद संबंधित सरकारी आवास अधिकतम एक महीने तक अपने पास रखा जा सकता है। इससे पहले SP शिमला के पद पर रहे अधिकारियों ने पदभार छोड़ने के एक महीने के भीतर आवास खाली कर दिया था। ऐसे में स्थानांतरण के करीब आठ महीने बाद भी सरकारी आवास खाली नहीं किए जाने का मामला नियमों के अनुपालन और सभी अधिकारियों के लिए समान व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े करता है। फिलहाल, मरम्मत के बजट से जुड़े कथित वित्तीय दुरुपयोग के आरोपों की जांच जारी है। आरोपों की पुष्टि जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही होगी.
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CBI Chandigarh कार्यालय में राजवीर घूंमन चौथी पूछताछ, तीन बार बुलाने के बाद पहुँचे

Chandigarh, Chandigarh:ਰਾਜਵੀਰ ਘੁੰਮਣ ਚੋਥੀ ਵਾਰੀ ਸੀਬੀੀਆਈ ਦੇ ਤਲਬ ਕਰਨ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਜਾਂਚ ਵਿੱਚ ਸ਼ਾਮਿਲ ਹੋਣ ਦੇ ਲਈ ਸੀਬੀਏਈ ਦਫਤਰ ਚੰਡੀਗੜ੍ਹ ਪਹੁੰਚੇ ਗੌਰ ਤਲਬ ਹੈ ਕਿ ਇਸ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਉਹਨਾਂ ਨੂੰ ਤਿੰਨ ਵਾਰੀ ਜਾਂਚ ਦੇ ਵਿੱਚ ਸ਼ਾਮਿਲ ਹੋਣ ਦੀ ਬੁਲਾਇਆ ਗਿਆ ਸੀ ਜਿਸ ਦੌਰਾਨ ਉਹ ਦੋ ਵਾਰੀ ਜਾਂਚ ਵਿੱਚ ਸ਼ਾਮਿਲ ਹੋਣ ਦੇ ਲਈ پਹੁੰਚੇ ਸਨ ਅਤੇ ਇੱਕ ਵਾਰੀ ਉਹਨਾਂ ਵੱਲੋਂ ਲਿਖਤੀ ਤੌਰ ਦੇ ਉੱਤੇ ਜਾਂਚ ਵਿੱਚ ਨਾ ਸ਼ਾਮਿਲ ਹੋਣ ਬਾਬਤ ਜਾਣਕਾਰੀ ਵੀ ਦਿੱਤੀ ਗਈ ਸੀ ਅਤੇ ਇਹ ਚੌਥੀ ਵਾਰੀ ਹੈ ਜਦੋਂ ਉਹਨਾਂ ਨੂੰ ਤਲਬ ਕੀਤਾ ਗਿਆ ਅਤੇ ਤੀਸਰੀ ਵਾਰੀ ਜਦੋਂ ਉਹ ਅੱਜ ਇਸ ਜਗ੍ਹਾ ਉੱਤੇ ਪਹੁੰਚੇ ਹਾਂ ਜੇਕਰ ਪਹਿਲਾਂ ਦੀ ਗੱਲ ਕੀਤੀ ਜਾਵੇ ਤਾਂ ਸੱਤ ਤੋਂ ਅੱਠ ਘੰਟੇ ਲਗਾਤਾਰ ਉਹਨਾਂ ਤੋਂ ਪੁੱਛਕਿਛ ਕੀਤੀ ਗਈ ਸੀ ਅਤੇ ਇਹਨਾਂ ਵੱਲੋਂ ਬਾਹਰ ਆ ਕੇ ਇਹ ਕਿਹਾ ਗਿਆ ਸੀ ਕਿ ਸੀਬੀਆਈ ਵੱਲੋਂ ਜਿਹੜੇ ਸਵਾਲ ਕੀਤੇ ਜਾ ਰਹੇ ਹਨ ਉਹਨਾਂ ਦਾ ਪੂਰਾ ਜਵਾਬ ਦਿੱਤਾ ਜਾ ਰਿਹਾ ਹੈ ਅਤੇ ਸੀਬੀਆਈ ਦੇ ਨਾਲ ਪੂਰਾ ਸਹਿਯੋਗ ਕੀਤਾ ਜਾ ਰਿਹਾ
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खन्ना का दावा: पंजाब में नशा रोकने के लिए सभी को साथ आना होगा

Noida, Uttar Pradesh:भाजपा के सीनियर नेता अविनाश राय खन्ना का बयान, पंजाब में नशा बड़ा हैं नशा एक सामाजिक कलंक हैं, सबको मिलकर काम करना होगा, अभी हाल ही में पंजाब पुलिस का जवान पकड़ा उसे पकड़ा bsf ने , इसलिए काम हो रहा हैं, गुजरात नशा पकड़ा जा रहा हैं, पंजाब ही क्यों बदनाम, हमारा युवा खेती कृषि और देश की सुरक्षा के लिए आगे था लेकिन अब हमारी एक पीढ़ी खत्म हुई हैं दुख हैं सबको साथ आना होगा गृह मंत्री का बयान आया हैं उन्होंने साफ कर दिया हैं कि पंजाब में एनडीए की सरकार बन रही हैं, हमारे पंजाब अध्यक्ष ने साफ किया हैं कि हम 117 सीटों पर तैयारी का रहे हैं, दिलजीत दोसांझ के शो की परमिशन नहीं मिलने पर खन्ना ने कहा इजाजत देना ना या ना देना ये प्रशासनिक काम हैं क्यों नहीं दी इसके तमाम पहलू हैं अगर ज्यादा लोगों को इकट्ठे होकर संभालने में समस्या हैं तो नहीं दी दिलजीत पंजाब की शान हैं, वही उन्होंने कहा दिलेर मेहंदी पर कहा की दलेर मेहंदी पंजाब की शान है ऐसे में खुद दलेर को आगे आना चाहिए बाइट: अविनाश राय खन्ना
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BSF ने अमृतसर में 6.581 किग्रा हेरोइन के साथ पैकिंग सामग्री पकड़ी

Ludhiana, Punjab:अमृतसर में BSF ने 6.581 किलो हेरोइन और पैकिंग सामग्री पकड़ी, NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज अमृतसर में सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जवानों ने 6.581 किलोग्राम हेरोइन और उसकी पैकिंग में इस्तेमाल होने वाली सामग्री बरामद की है। इस संबंध में BSF की 100वीं बटालियन की 'G' कंपनी के कमांडर इंस्पेक्टर आर. राजेश चंद की ओर से पुलिस को शिकायत दी गई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने NDPS एक्ट और भारतीय वायुयान अधिनियम, 2024 की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, यह मामला 22 अक्टूबर 2026 को दर्ज किया गया। शिकायतकर्ता इंस्पेक्टर आर. राजेश चंद, कमांडर 'G' कंपनी, 100वीं बटालियन BSF, बॉर्डर आउटपोस्ट (BOP) दलबीरा, अमृतसर से संबंधित हैं। शिकायत में बताया गया कि BSF के जवानों ने एक संदिग्ध पैकेट बरामद किया था। इसका वजन 6.581 किलोग्राम बताया गया है। पैकेट को इंस्पेक्टर आर. राजेश चंद के हवाले किया गया। इसके बाद साथी कर्मचारियों की मौजूदगी में पैकेट को खोलकर जांच की गई। जांच के दौरान इसमें 6.581 किलोग्राम हेरोइन और पैकिंग सामग्री मिली। इसके बाद बरामद सामग्री के संबंध में पुलिस को सूचना दी गई और कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई। पुलिस ने इस मामले में NDPS एक्ट की धारा 21(C), 23, 61, 85, 25, 26 और 29 के साथ भारतीय वायुयान अधिनियम, 2024 की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। मामले में पुलिस की ओर से आगे की जांच की जानी है। दस्तावेज में मामले से संबंधित पुलिस अधिकारी के तौर पर SI/SHO जसदीप सिंह का नाम दर्ज है। शिकायत में BSF की 100वीं बटालियन की 'G' कंपनी और BOP दलबीरा का उल्लेख किया गया है। हालांकि, उपलब्ध शिकायत के विवरण में हेरोइन की बरामदगी की सटीक जगह, बरामदगी के समय और इस मामले में किसी आरोपी की गिरफ्तारी के संबंध में स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है। इसलिए इन तथ्यों की पुष्टि पुलिस की आगे की जांच के बाद ही हो सकेगी।
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पंजाब में पराली जलाने की 510 मामले, पर्यावरणीय जुर्माना 9.30 लाख

Amritsar, Punjab:पंजाब में पराली जलाने की 510 घटनाएं दर्ज, 184 मामलों में लगा पर्यावरणीय जुर्माना अमृतसर और तरनतारन में सबसे अधिक मामले, 467 घटनाओं की हुई जांच; पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की 22 अक्टूबर तक की रिपोर्ट में सामने आए आंकड़े पटियाला। पंजाब में धान की पराली जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासन की कार्रवाई जारी है। पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (PPCB) की 22 अक्टूबर 2026 तक की रिपोर्ट के अनुसार, राज्य में पराली जलाने की कुल 510 घटनाएं दर्ज की गई हैं। इनमें से 467 मामलों का भौतिक निरीक्षण किया जा चुका है, जबकि 184 मामलों में पर्यावरणीय मुआवजा (ईसी) लगाया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, राज्य में 195 ऐसे स्थानों की पहचान की गई, जहां पराली जलाने की घटनाओं की पुष्टि हुई। इसके अलावा चार मामलों में नोडल अधिकारियों या संबंधित कर्मचारियों की भूमिका से जुड़े रिकॉर्ड दर्ज किए गए हैं। रिपोर्ट में पर्यावरणीय मुआवजे के रूप में कुल 9.30 लाख रुपये लगाए जाने और 4.93 लाख रुपये वसूल किए जाने का उल्लेख है। अमृतसर और तरनतारन में सबसे अधिक घटनाएं जिलावार आंकड़ों में अमृतसर 136 घटनाओं के साथ सबसे आगे है। यहां 127 मामलों का निरीक्षण किया गया और 51 मामलों में पर्यावरणीय मुआवजा लगाया गया। तरनतारन में 247 घटनाएं दर्ज की गईं, जिनमें 229 का निरीक्षण हुआ और 97 मामलों में पर्यावरणीय मुआवजा लगाया गया। हालांकि, रिपोर्ट में जिलेवार दर्ज घटनाओं के आंकड़ों का योग राज्य के कुल आंकड़े से अलग दिखाई देता है, इसलिए इन आंकड़ों की पुष्टि आवश्यक है। गुरदासपुर में 32, फिरोजपुर में 26, कपूरथला में 18 और फाजिल्का व जालंधर में नौ-नौ घटनाएं दर्ज की गईं। पटियाला में पांच घटनाएं सामने आईं, जिनमें चार का निरीक्षण किया गया और तीन मामलों में पर्यावरणीय मुआवजा लगाया गया। 227 अधिकारियों को चेतावनी नोटिस रिपोर्ट में 227 नोडल और सुपरवाइजरी अधिकारियों को चेतावनी नोटिस जारी करने का उल्लेख है। वहीं, चार मामलों में एफआईआर दर्ज की गई है और 166 रेड एंट्री रिकॉर्ड की गई हैं। रिपोर्ट के अनुसार, अधिकारियों के खिलाफ विभागीय चार्जशीट या निलंबन के आदेश जारी नहीं किए गए हैं। प्रशासन की ओर से पराली जलाने की घटनाओं पर निगरानी और कार्रवाई की जा रही है। हालांकि, खेतों में पराली जलाने पर रोक लगाने के प्रयासों के बीच दर्ज घटनाओं और वसूले गए पर्यावरणीय मुआवजे के आंकड़े यह संकेत देते हैं कि निगरानी और कार्रवाई को लगातार प्रभावी बनाए रखने की जरूरत है।
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शिरोमणि अकाली दल ने पंजाब सरकार पर नशा विरोधी अभियान पर सवाल उठाए

Chandigarh, Chandigarh:ਸ਼੍ਰੋਮਣੀ ਅਕਾਲੀ ਦਲ ਦਾ ਇੱਕ ਵਫਾਦ ਜਿਸ ਦੀ ਅਗਵਾਈ ਸੁਖਬੀਰ ਸਿੰਘ ਬਾਦਲ ਵੱਲੋਂ ਕੀਤੀ ਗਈ ਇਸ ਵੱਲੋਂ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਗਵਰਨਰ ਗੁਲਾਬ ਚੰਦ ਕਟਾਰੀਆ ਦੇ ਨਾਲ ਮੁਲਾਕਾਤ ਕੀਤੀ ਸ਼੍ਰੋਮਣੀ ਅਕਾਲੀ ਦਲ ਦੀਆਂ ਮੁੱਖ ਮੰਗਾਂ ਅਤੇ ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ’ਤੇ ਨਿਸ਼ਾਨਾ 1. ਨਸ਼ਿਆਂ ਦੇ ਮੁੱਦੇ ’ਤੇ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਨੂੰ ਬਰਖ਼ਾਸਤ ਕਰਨ ਦੀ ਮੰਗ ਸ਼੍ਰੋਮਣੀ ਅਕਾਲੀ ਦਲ ਨੇ ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਕਾਨੂੰਨ ਵਿਵਸਥਾ ਦੀ ਸਥਿਤੀ ’ਤੇ ਸਵਾਲ ਚੁੱਕਦਿਆਂ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਭਗਵੰਤ ਮਾਨ ਨੂੰ ਨਲਾਇਕ ਕਰਾਰ ਦਿੱਤਾ。 ਦੋਸ਼ ਲਾਇਆ ਕਿ ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਨਸ਼ਾ ਮਾਫੀਆ ਨਾਲ ਮਿਲਕੇ ਕੰਮ ਕਰ ਰਹੀ ਹੈ。 ਪਾਰਟੀ ਨੇ ਰਾਜਪਾਲ ਤੋਂ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਨੂੰ ਤੁਰੰਤ ਅਹੁਦੇ ਤੋਂ ਬਰਖ਼ਾਸਤ ਕਰਨ ਦੀ ਮੰਗ ਕੀਤੀ。 2. ਪਰਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਝੋਟਾ ਦੇ ਪਰਿਵਾਰ ਲਈ 2 ਕਰੋڑ ਰੁਪਏ ਅਤੇ ਸਰਕਾਰੀ ਨੌਕਰੀ ਦੀ ਮੰਗ ਅਕਾਲੀ ਦਲ ਨੇ ਕੀਤਾ ਕਿ ਨਸ਼ਿਆਂ ਵਿਰੁੱਧ ਆਵਾਜ਼ ਬੁਲੰਦ ਕਰਨ ਵਾਲੇ ਪਰਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਝੋਟਾ ਨੇ ਪੰਜਾਬ ਦੀ ਜਵਾਨੀ ਨੂੰ ਬਚਾਉਣ ਲਈ ਸੰਘਰਸ਼ ਕੀਤਾ。 ਪਾਰਟੀ ਨੇ ਮੰਗ ਕੀਤੀ ਕਿ ਝੋਟਾ ਦੀ ਪਤਨੀ ਨੂੰ ਉਸ ਦੀ ਯੋਗਤਾ ਅਨੁਸਾਰ ਚੰਗੀ ਸਰਕਾਰੀ ਨੌਕਰੀ ਦਿੱਤੀ ਜਾਵੇ। ਪਰਿਵਾਰ ਨੂੰ ਸਰਕਾਰ ਵੱਲੋਂ 2 ਕਰੋੜ ਰੁਪਏ ਦੀ ਆਰਥਿਕ ਸਹਾਇਤਾ ਦਿੱਤੀ ਜਾਵੇ। ਅਕਾਲੀ ਦਲ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਇਹ ਕਦਮ ਨਸ਼ਿਆਂ ਵਿਰੁੱਧ ਲੜਨ ਵਾਲੇ ਹੋਰ ਲੋਕਾਂ ਅਤੇ ਪਰਿਵਾਰਾਂ ਦਾ ਹੌਸਲਾ ਵਧਾਏਗਾ。 3. ਨਸ਼ਿਆਂ ਨਾਲ ਸਬੰਧਤ ਮਾਮਲਿਆਂ ਦੀ ਸੀਬੀਆਈ ਜਾਂਚ ਦੀ ਮੰਗ ਅਕਾਲੀ ਦਲ ਨੇ ਪੰਜਾਬ ਪੁਲਿਸ ਦੀ ਜਾਂਚ ’ਤੇ ਬੇਭਰੋਸਗੀ ਪ੍ਰਗਟਾਈ。 ਪਾਰਟੀ ਨੇ ਪਰਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਝੋਟਾ ਨਾਲ ਸਬੰਧਤ ਮਾਮਲੇ ਦੀ ਜਾਂਚ ਜਾਰੀ ਰੱਖਣ ਅਤੇ ਹੋਰ ਨਸ਼ਾ ਤਸਕਰੀ ਨਾਲ ਜੁੜੇ ਮਾਮਲਿਆਂ ਦੀ ਜਾਂਚ ਸੀਬੀਆਈ ਨੂੰ सੌਂਪਣ ਦੀ ਮੰਗ ਕੀਤੀ。 ਗੁਰਦਾਸਪੁਰ ਸਮੇਤ ਹੋਰ ਥਾਵਾਂ ’ਤੇ ਨਸ਼ਿਆਂ ਨਾਲ ਜੁੜੀਆਂ ਘਟਨਾਵਾਂ ਦਾ ਜ਼ਿਕਰ ਕਰਦਿਆਂ ਸਰਕਾਰ ਦੀ ਕਾਰਗੁਜ਼ਾਰੀ ’ਤੇ ਸਵਾਲ ਚੁੱਕੇ。 4. ਨਸ਼ਾ ਤਸਕਰਾਂ ਵਿਰੁੱਧ ਸਖ਼ਤ ਕਾਨੂੰਨ ਲਾਗੂ ਨਾ ਕਰਨ ਦੇ ਦੋਸ਼ ਅਕਾਲੀ ਦਲ ਨੇ ਦਾਅਵਾ ਕੀਤਾ ਕਿ ਨਸ਼ਾ ਤਸਕਰਾਂ ਦੀ ਜਾਇਦਾਦ ਜ਼ਬਤ ਕਰਨ ਅਤੇ ਜ਼ਮਾਨਤ ਸਬੰਧੀ ਸਖ਼ਤ ਪ੍ਰਬੰਧਾਂ ਵਾਲੇ ਨਵੇਂ ਕਾਨੂੰਨ ਤਹਿਤ ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਨੇ ਕੋਈ ਕੇਸ ਦਰਜ ਨਹੀਂ ਕੀਤਾ。 ਪਾਰਟੀ ਨੇ ਇਸ ਨੂੰ ਸਰਕਾਰ ਦੀ ਵੱਡੀ ਨਾਕਾਮੀ ਕਰਾਰ ਦਿੱਤਾ。 ਬੁਲਾਰੇ ਨੇ ਦੋਸ਼ ਲਾਇਆ ਕਿ ਪੁਲਿਸ ਪੁਰਾਣੇ ਕਾਨੂੰਨਾਂ ਤਹਿਤ ਕੇਸ ਦਰਜ ਕਰ ਰਹੀ ਹੈ, ਜਿਸ ਨਾਲ ਮੁਲਜ਼ਮਾਂ ਨੂੰ ਜ਼ਮਾਨਤ ਮਿਲਣ ਦਾ ਰਾਹ ਆਸਾਨ ਹੋ ਜਾਂਦਾ ਹੈ。 5. ਐਂਟੀ ਡਰੱਗ ਕਮੇਟੀ ਦੀਆਂ ਮੀਟਿੰਗਾਂ ਵਿੱਚ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਦੀ ਸ਼ਮੂਲੀਅਤ ’ਤੇ ਸਵਾਲ ਅਕਾਲੀ ਦਲ ਨੇ ਨਸ਼ਿਆਂ ਵਿਰੁੱਧ ਬਣੀ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀਆਂ ਦੀ ਕਮੇਟੀ ਦੀਆਂ ਮੀਟਿੰਗਾਂ ਵਿੱਚ ਭਗਵੰਤ ਮਾਨ ਦੀ ਗੈਰਹਾਜ਼ਰੀ ’ਤੇ ਸਵਾਲ ਚੁੱਕੇ。 ਪਾਰਟੀ ਨੇ ਦੋਸ਼ ਲਾਇਆ ਕਿ ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਨਸ਼ਿਆਂ ਦੀ ਸਮੱਸਿਆ ਗੰਭੀਰ ਹੋਣ ਦੇ ਬਾਵਜੂਦ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਇਸ ਮੁੱਦੇ ਪ੍ਰਤੀ ਗੰਭੀਰ ਨਹੀਂ ਹਨ。 6. ਨਸ਼ਾ ਵੇਚਣ ਵਾਲਿਆਂ ਨੂੰ ਅਸਲਾ ਲਾਇਸੈਂਸ ਜਾਰੀ ਕਰਨ ’ਤੇ ਸਵਾਲ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ ਦੇ ਵਿਦੇਸ਼ੀ ਦੌਰੇ ਉੱਤੇ ਸੁਖਬੀਰ ਸਿੰਘ ਬਾਦਲ ਹੋਰਾਂ ਵੱਲੋਂ ਕੱਸਿਆ ਗਿਆ ਤੰਜ ਰਾਜਨੀਤਿਕ ਮੁੱਦੇਆਂ ਤੇ ਗੱਲਬਾਤ ਕੀਤੀ ਜਾਵੇ ਤਾਂ ਸੁਖਬੀਰ ਸਿੰਘ ਬਾਦਲ ਹੋਰਾਂ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਅਕਾਲੀ ਦਲ ਅਤੇ ਭਾਜਪਾ ਦੀ ਸਰਕਾਰ ਸਮੇਂ ਦੇਸ਼ ਦਾ ਇੱਕ ਨੰਬਰ ਸੂਬਾ ਪੰਜਾਬ ਬਣ ਗਿਆ ਸੀ ਲੇਕਿਨ ਪਿਛਲੇ 10 ਸਾਲਾਂ ਦੌਰਾਨ ਵੱਖੋ ਵੱਖ ਪਾਰਟੀਆਂ ਦੀਆਂ ਸਰਕਾਰਾਂ ਨੇ ਹਾਲਾਤ ਖ਼ਸਤਾ ਕਰ ਦਿੱਤੇ ਹਨ ਉਹਨਾਂ ਨੇ ਕਿਹਾ ਸ਼੍ਰੋਮਣੀ ਅਕਾਲੀ ਦਲ ਪੰਜਾਬ ਦੀ ਖੇਤਰੀ ਪਾਰਟੀ ਹੈ। ਅਤੇ ਜੌ ਖੇਤਰੀ ਪਾਰਟੀਆਂ ਸਾਡੇ ਨਾਲ ਸੂਬੇ ਦੇ ਮਾਮਲੇ ਉੱਤੇ ਗੱਲ ਕਰਨੀ ਆ ਚਾਹੁੰਦੀਆਂ ਹਨ ਉਹਨਾਂ ਦਾ ਜੀ ਆਇਆ ਨੂੰ ਹੈ। ਸਾਡੇ ਲਈ ਕਾਂਗਰਸ ਅਤੇ ਆਮ ਆਦਮੀ ਪਾਰਟੀ ਪੰਜਾਬ ਸਭ ਤੋਂ ਵੱਡੀ ਸੀ ਦੁਸ਼ਮਣ ਹਨ ਪੰਜਾਬ ਅਕਾਲੀ ਦਲ ਨੇ ਦੋਸ਼ ਲਾਇਆ ਕਿ ਨਸ਼ਿਆਂ ਦੀ ਵਿਕਰੀ ਨਾਲ ਜੁੜੇ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਅਸਲਾ ਲਾਇਸੈਂਸ ਕਿਵੇਂ ਜਾਰੀ ਕੀਤੇ ਜਾ ਰਹੇ ਹਨ。 ਸੁਖਬੀਰ ਬਾਦਲ ਨੇ ਪੁੱਛਿਆ ਕਿ ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਵਿਅਕਤੀਆਂ ਵਿਰੁੱਧ ਐਨਡੀਪੀਐੱਸ ਐਕਟ ਤਹਿਤ ਮਾਮਲੇ ਦਰਜ ਹੋਣ ਦੇ ਦੋਸ਼ ਹਨ, ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਦਵਾਈਆਂ ਦੀ ਵਿਕਰੀ ਲਈ ਲਾਇਸੈਂਸ ਕਿਵੇਂ ਮਿਲ ਰਹੇ ਹਨ。
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पंजाब में पहली बार एशियन चैंपियंस ट्रॉफी: जापान टीम का गर्मजोशी भरा स्वागत

Noida, Uttar Pradesh:ਪੰਜਾਬ ਦੀ ਧਰਤੀ ਉੱਤੇ ਪਹਿਲੀ ਵਾਰ ਹੋਣ ਜਾ ਰਹੀ ਨੌਵੀਂ ਹਾਕੀ ‘ਏਸ਼ੀਅਨ ਚੈਂਪੀਅਨਜ਼ ਟਰਾਫੀ' ਲਈ ਜਪਾਨ ਦੀ ਹਾਕੀ ਟੀਮ ਦਾ ਮੋਹਾਲੀ ਹਵਾਈ ਅੱਡੇ ਉੱਤੇ ਢੋਲ ਦੀ ਤਾਲ ਅਤੇ ਭੰਗੜੇ ਨਾਲ ਨਿੱਘਾ ਸਵਾਗਤ ਕੀਤਾ ਗਿਆ…ਜਿੱਥੇ 27 ਅਕਤੂਬਰ ਤੋਂ 5 ਨਵੰਬਰ ਤੱਕ ਭਾਰਤ, ਜਪਾਨ, ਦੱਖਣੀ ਕੋਰੀਆ, ਚੀਨ, ਮਲੇਸ਼ੀਆ ਅਤੇ ਬੰਗਲਾਦੇਸ਼ ਦੀਆਂ ਟੀਮਾਂ ਆਪਣੀ ਖੇਡ ਦਾ ਜੌਹਰ ਦਿਖਾਉਣਗੀਆਂ… ਟੂਰਨਾਮੈਂਟ ਦਾ ਆਗਾਜ਼ 27 ਅਕਤੂਬਰ ਨੂੰ ਓਲੰਪੀਅਨ ਸੁਰਜੀਤ ਹਾਕੀ ਸਟੇਡੀਅਮ ਜਲੰਧਰ ਅਤੇ ਫ਼ਾਈਨਲ 5 ਨਵੰਬਰ ਨੂੰ ਓਲੰਪੀਅਨ ਬਲਬੀਰ ਸਿੰਘ ਸੀਨੀਅਰ ਹਾਕੀ ਸਟੇਡੀਅਮ ਜੀਲੰਧਰ ਵਿਚ ਖੇਡਿਆ ਜਾਵੇਗਾ। ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਵੱਲੋਂ ਸਮੂਹ ਮਹਿਮਾਨ ਖਿਡਾਰੀਆਂ ਦਾ ਨਿੱਘਾ ਸਵਾਗਤ ਹੈ…
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IG रैंक नहीं तो 6 आईपीएस को मिली नशा रोकथाम की नई जिम्मेदारी

Noida, Uttar Pradesh:नशे का नेटवर्क रोकने को पंजाब में पहलः जहां आईजी रैंक का अधिकारी नहीं, वहां 6 वरिष्ठ आईपीएस अफसरों को सौंपी जिम्मेदारी आईजी रैंक के अफसरों को विशेष अधिकार, आशंका पर भी तस्कर को हिरासत में ले सकेंगे पंजाब में नशा तस्करी का नेटवर्क तोड़ने के लिए सरकार ने पुलिस को विशेष अधिकार दिए हैं। गृह विभाग के फैसले के तहत आईजी रैंक या उससे ऊपर के पुलिस कमिश्नर और रेंज प्रभारी अपने क्षेत्र में निवारक हिरासत के आदेश जारी कर सकेंगे। जहां आईजी रैंक का अधिकारी नहीं है, वहां 6 वरिष्ठ आईपीएस अफसरों को भी डीजीपी द्वारा निर्धारित क्षेत्र के लिए अधिकृत किया गया है। पीआईटी-एनडीपीएस एक्ट, 1988 की धारा 3(1) के तहत कानूनी शर्तें पूरी होने पर ऐसे व्यक्ति को हिरासत में लिया जा सकता है, जिसके नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार में होने की आशंका हो। यह सामान्य गिरफ्तारी से अलग है। सरकार ने 60 दिन के मिशन मोड में 435 हॉट स्पॉट पर निगरानी शुरू की है। राज्य सरकार के आधिकारिक अधिकारी द्वारा धारा 3 के तहत आदेश जारी करने पर केंद्र सरकार को 10 दिनों में रिपोर्ट भेजनी होती है। हिरासत के आधारों की जानकारी, निर्धारित समय-सीमा व संवैधानिक सुरक्षा उपायों का पालन जरूरी है। बड़े सप्लायरों के संपकों और संदिग्ध वित्तीय लेन-देन की जांच होगी। किन अधिकारियों को मिली जिम्मेदारी जहां आईजी रैंक का अधिकारी उपलब्ध नहीं है, वहां डीजीपी द्वारा आवंटित क्षेत्र में वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी जिम्मेदारी संभालेंगे। इनमें एएस राय (विशेष पुलिस महानिदेशक, यातायात), गौतम चीमा (अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक), शिवे वर्मा (अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, आंतरिक सुरक्षा), कौस्तुभ शर्मा (अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, सुरक्षा), नौनिहाल सिंह (अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, आंतरिक सतर्कता प्रकोष्ठ) और एस. भूपति (पुलिस महानिरीक्षक, प्रोविजनिंग) शामिल हैं। अवैध कारोबार रोकने के लिए आदेश धारा 3(1) के तहत कानूनी शर्तें पूरी होने पर अधिकृत अधिकारी निवारक हिरासत का आदेश जारी कर सकता है। उद्देश्य संबंधित व्यक्ति को नशीले पदार्थों का अवैध कारोबार जारी रखने से रोकना है। केवल आरोप लगने से हिरासत स्वतः लागू नहीं होगी। अधिकारी को उपलब्ध सामग्री के आधार पर कानूनी संतुष्टि बनानी होगी। 435 हॉट स्पॉट पर 2,913 पेडलर चिह्नित पुलिस ने 312 बड़े सप्लायर भी चিহ्नित किए हैं। डीजीपी गौरव यादव के अनुसार, 95 हजार से अधिक एनडीपीएस मामले दर्ज हुए, 1.27 लाख से ज्यादा गिरफ्तारियां हुईं, 7,260 किलो से अधिक हेरोइन बरामद हुई और 902 करोड़ रुपए की संपत्ति फ्रीज की गई। उन्होंने दोषसिद्धि दर 90% बताई। सीबीआई की मानसा में सख्त कार्रवाई झोटा हत्याकांड के मुख्य आरोपी अश्वनी के घर कई घंटे तलाशी. फार्मेसी का रजिस्टेशन भी रह मानसा परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड में सीबीआई ने मुख्यारोपी अश्वनी कुमार व सहयोगी विपिन के घर कई घंटे तलाशी ली। घर की अलमारियां खुलवाकर जांच की। विपिन के परिवार से भी पूछताछ की। उधर, पंजाब फार्मेसी काउंसिल ने अश्वनी का फार्मासिस्ट रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया है। काउंसिल चेयरमैन सुनील कुमार ने कहा- अश्वनी का रजिस्ट्रेशन 10 जुलाई 2020 को हुआ था। झोटा के पिता ने आरोप लगाया कि हत्या के पीछे तस्करों का हाथ हो सकता है। हत्याकांड के 10वें दिन भी पोस्टमार्टम कराने पर सहमति नहीं बन पाई। उधर, अश्वनी, पत्नी नीलम, विपिन व लाडी को कोर्ट ने 5 नवंबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
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