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201304
गोरखपुर के 200 साल पुराने पीपल पर आग, आस्था बनाम विज्ञान बहस
Noida, Uttar Pradesh:गोरखपुर में 200 साल पुराना पीपल का पेड़ इन दिनों चर्चा का केंद्र बना हुआ है.. पूजा के दौरान जलाए गए दीपक से लगी आग दो दिन बाद भी नहीं बुझी है.. एक तरफ ग्रामीण इस घटना को आस्था और रहस्य से जोड़कर देख रहे हैं तो दूसरी ओर विशेषज्ञ इसे पूरी तरह वैज्ञानिक प्रक्रिया बता रहे हैं0
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201310
गिरधरपुर डबल मर्डर: नौ दोषियों को उम्रकैद, सभी को आजीवन कारावास
Greater Noida, Uttar Pradesh:गिरधरपुर डबल मर्डर कांड में नौ दोषियों को उम्रकैद, पांच सगे भाइयों समेत सभी को आजीवन कारावास ग्रेटर नोएडा में करीब पांच वर्ष पहले थाना बादलपुर क्षेत्र के गिरधरपुर सुनारसी गांव में जमीन विवाद को लेकर हुई चर्चित डबल मर्डर की वारदात में गौतमबुद्धनगर की अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश सोमप्रभा मिश्रा की अदालत ने पांच सगे भाइयों समेत नौ दोषियों को हत्या, हत्या के प्रयास, दंगा और अन्य धाराओं में दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने सभी दोषियों पर 86-86 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। जुर्माना अदा नहीं करने पर प्रत्येक दोषी को एक वर्ष का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। फैसले के बाद मृतकों के परिजनों ने न्याय मिलने पर संतोष जताया, जबकि अदालत परिसर में भावुक माहौल देखने को मिला。 एडीजीसी अपराध धर्मेंद्र जैंत ने बताया कि मामला 8 फरवरी 2021 का है। गांव में एक जमीन पर कब्जे को लेकर दो पक्षों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। विवाद सुलझाने के लिए पंचायत बुलाई गई थी, जिसमें दोनों पक्षों को बुलाया गया था। अभियोजन के अनुसार पंचायत शुरू होते ही आरोपियों ने गाली-गलौज शुरू कर दी और जान से मारने की नीयत से लाइसेंसी व अन्य हथियारों से अंधाधुंध फायरिंग कर दी। गोलियां लगने से सुरेश उर्फ सलेक, अमित पुत्र गजेंद्र और प्रेम पुत्र खजान गंभीर रूप से घायल हो गए। ग्रामीण तीनों को अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां यशोदा अस्पताल में अमित को मृत घोषित कर दिया गया, जबकि सुरेश उर्फ सलेक की इलाज के दौरान मौत हो गई। तीसरे घायल प्रेम सिंह का लंबे समय तक उपचार चला। घटना के अगले दिन वादी सुनील पुत्र राजेंद्र की तहरीर पर थाना बादलपुर में देवेन्द्र, रविन्द्र, सतेन्द्र, धर्मेन्द्र, जितेन्द्र, भोपाल, महिपाल उर्फ अल्लू, अमरजीत बंसल और अन्य के खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, दंगा, गाली-गलौज तथा क्रिमिनल लॉ अमेंडमेंट एक्ट समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। विवेचना के दौरान पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों को शामिल करते हुए आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया। सुनवाई के दौरान अदालत ने अमित बंसल को दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 319 के तहत तलब कर मुकदमे में शामिल किया। सत्र परीक्षण के दौरान अभियोजन पक्ष ने प्रत्यक्षदर्शियों, चिकित्सकीय साक्ष्यों और दस्तावेजी प्रमाणों के आधार पर आरोप सिद्ध किए। अदालत ने सभी साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद देवेन्द्र, रविन्द्र, सतेन्द्र, धर्मेन्द्र, जितेन्द्र, भोपाल, महिपाल उर्फ अल्लू, अमरजीत बंसल और अमित बंसल को दोषी करार दिया। सजा सुनाते समय अदालत ने कहा कि सामूहिक रूप से की गई फायरिंग में दो लोगों की मौत और एक व्यक्ति का गंभीर रूप से घायल होना अत्यंत जघन्य अपराध है। न्यायालय ने यह भी कहा कि दंड निर्धारण में अपराध की प्रकृति, उसकी गंभीरता और समाज पर उसके प्रभाव को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। इसी आधार पर सभी दोषियों को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/149 के तहत आजीवन कारावास सहित अन्य धाराओं में भी सजा सुनाई गई। सजा के बिंदु पर बचाव पक्ष ने अदालत से नरमी बरतने की अपील करते हुए कहा कि देवेन्द्र, रविन्द्र, सतेन्द्र, धर्मेन्द्र और जितेन्द्र सगे भाइयों हैं तथा परिवार की जिम्मेदारी उन्हीं पर है। उनके पिता का निधन हो चुका है। महिपाल अविवाहित है, जबकि भोपाल और बंसल बंधुओं के छोटे-छोटे बच्चे हैं। साथ ही यह भी दलील दी गई कि किसी भी आरोपी का पूर्व आपराधिक इतिहास नहीं है और मामला 'विरल से विरलतम' श्रेणी का नहीं है। हालांकि अदालत ने इन तर्कों को स्वीकार नहीं किया और अपराध की गंभीरता को देखते हुए कठोर सजा सुनाई। इस दोहरे हत्याकांड में घायल प्रेम सिंह बाद में सबसे महत्वपूर्ण प्रत्यक्षदर्शी गवाह बने थे। इलाज के बाद स्वस्थ होने पर उन्होंने मामले में अहम गवाही दी। शुरुआती कुछ महीनों तक उन्हें पुलिस सुरक्षा मिली, लेकिन सुरक्षा हटने के बाद 16 दिसंबर 2021 को खेत से घर लौटते समय बाइक सवार बदमाशों ने उन्हें गोलियों से भून दिया। अस्पताल में उनकी भी मौत हो गई। इस मामले में भी मुख्य आरोपियों के खिलाफ अलग से मुकदमा दर्ज किया गया था।0
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जनरल धीरज सेठ बने 31वें COAS, भारतीय सेना के नए प्रमुख
Noida, Uttar Pradesh:General Dhiraj Seth, PVSM, UYSM, AVSM takes over as the 31st Chief of the Army Staff, COAS of the Indian Army from General Upendra Dwivedi, PVSM, AVSM. An accomplished officer with four decades of distinguished service, General Dhiraj Seth brings extensive operational, command and staff experience across diverse theatres and appointments. He assumes command at a pivotal juncture in the Indian Army's transformation journey: ADG PI - INDIAN ARMY0
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दिल्ली DRI ने 21 करोड़ रुपये के सोने की तस्करी गिरोह पकड़ा, 4 गिरफ्तार
New Delhi, Delhi:दिल्ली में राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने सोने की तस्करी करने वाले एक अंतरराष्ट्रीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। कार्रवाई में करीब 15 किलो विदेशी सोना बरामद किया गया है, जिसकी कीमत लगभग 21.40 करोड़ रुपये बताई जा रही है। DRI अधिकारियों ने दिल्ली के कूरियर टर्मिनल पर थाईलैंड से आये एक अंतरराष्ट्रीय कूरियर को पकड़ा। कागजों में इस सामान को “वॉर्न गियर” बताया गया था, लेकिन जांच में इसके अंदर छिपाकर रखे गए सोने के 8 बड़े टुकड़े मिले। हर टुकड़े का वजन करीब 1.5 किलो था। इस कूरियर से कुल 12 किलो सोना बरामद हुआ। इसके बाद DRI ने सामान लेने वाले व्यक्ति और गिरोह के कथित मास्टरमाइंड के ठिकानों पर छापेमारी की, जहां से 3 किलो और सोना मिला। मामले में मास्टरमाइंड समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें एक विदेशी नागरिक भी शामिल है। जांच में यह भी सामने आया है कि तस्करी के पैसों के लेन-देन के लिए क्रिप्टोकरेंसी का इस्तेमाल किया जा रहा था। DRI अब पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है。0
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