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201304
नालासोपारा–वसई ईस्ट में गणपति विसर्जन के दौरान मुस्लिम बच्चों ने रस्सी बम फेंके
Noida, Uttar Pradesh:नालासोपारा, वसई ईस्ट में गणपति विसर्जन करने जा रहे हिंदुओं के ऊपर मुस्लिम बच्चों ने रस्सी बम फेंके0
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पति ने गोली मारकर पत्नी की हत्या कर दी; जांच जारी
Noida, Uttar Pradesh:पति ने गोली मारकर पत्नी की हत्या की पत्नी की फाइल फोटो0
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201304
जमुई में नाबालिग से छेड़छाड़ पर मनोज कुमार की प्रतिक्रिया
Noida, Uttar Pradesh:बिहार के जमुई में नाबालिग के साथ हुई छेड़छाड़ की घटना पर कांग्रेस सांसद (सासाराम, बिहार) मनोज कुमार की प्रतिक्रिया0
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201310
यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो ग्रेटर नोएडा में 25–29 सितम्बर, 88 देश, 600+ बायर्स
Greater Noida, Uttar Pradesh:ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपोर्ट में 25 सितंबर से यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो के चौथे संस्करण का शुभारंभ होने जा रहा है। यह ट्रेड शो 25 सितंबर से 29 सितंबर तक चलेगा और इसको लेकर प्रशासन तैयारी में जुटा हुआ है। एक जगह पर पूरे उत्तर प्रदेश की झलक दिखाई देगी उत्तर प्रदेश के ओडीओपी से लेकर बड़े-बड़े इन्वेस्टमेंट की झलक एक छत के नीचे दिखेगी। कार्यक्रम के उद्घाटन के अवसर पर गृहमंत्री अमित शाह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित केंद्र और राज्य सरकार के कई मंत्री मौजूद रहेंगे, इस कार्यक्रम को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार नजर बनाए हुए हैं और उनके द्वारा कल अधिकारियों के साथ एक बैठक की गई और कार्यक्रम की तैयारियों का जायजा लिया गया। इस ट्रेड शो में लगभग 600 से ज्यादा इंटरनेशनल बायर्स पहुंचेंगे। 88 देश इसमें भागीदारी करेंगे, 2400 एक्सइजीबिटर्स इसमें हिस्सा लेंगे। इस बार इस इवेंट में 6 पार्टनरिंग कंट्री है, जिनमें ऑस्ट्रिया, वियतनाम, जापान, रूसिया, सिंगापुर, बेलार शामिल है। इस एक्सपो के लिए अब तक एक लाख से ऊपर बी2बी रजिस्ट्रेशन हो चुके हैं। इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए प्रशासन मुस्तैद है और लगातार तैयारी में जुटा हुआ है। जिलाधिकारी मेधा रूपम ने इस यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में आने के लिए सभी से अपील की है और कहा है कि आप इस इवेंट में जरूर आएं, सभी के लिए इसमें एंट्री फ्री है। युवाओं और स्टूडेंट के लिए यहां पर बहुत कुछ खास रहेगा।0
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121002
फरीदाबाद ESIC अस्पताल में ड्यूटी के दौरान डॉक्टर की बिगड़ती तबीयत पर सुरक्षा सवाल उठे
Faridabad, Haryana:रेजिडेंट डॉक्टरों ने पत्र में ईएसआईसी अस्पताल प्रबंधन पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं फरीदाबाद। ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में चिकित्सा व्यवस्थाओं और स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। अस्पताल के रेजिडेंट डॉक्टरों ने संस्थान के डीन को एक कड़ा पत्र लिखकर जनरल सर्जरी विभाग के एक पीजी रेजिडेंट डॉक्टर के साथ हुए अमानवीय और लापरवाह रवैये पर गहरा रोष व्यक्त किया है। यह पूरी घटना आज शनिवार 19 सितंबर 2026 की है, जब एक डॉक्टर ड्यूटी के दौरान गंभीर रूप से बीमार पड़ गया, लेकिन अस्पताल के भीतर ही उसे समय पर इलाज और बुनियादी सुविधाएं नहीं मिल पाईं। 35 घंटे की लंबी ड्यूटी और गंभीर कमजोरीपत्र के अनुसार, पीड़ित रेजिडेंट डॉक्टर ने पिछले 48 घंटों में से लगभग 35 घंटे ड्यूटी की थी। ऑपरेशन थिएटर में ड्यूटी के दौरान अचानक उन्हें गंभीर कमजोरी महसूस हुई, जो बढ़ते-बढ़ते 'क्वाड्रीपारेसिस' - हाथ-पैर में सुन्नपन और कमजोरी) में बदल गई। अपनी ही जान बचाने और इलाज पाने के लिए डॉक्टर को अस्पताल के भीतर ही भारी संघर्ष करना पड़ा。 अस्पताल प्रशासन की गंभीर लापरवाही के आरोप रेजिडेंट डॉक्टरों ने पत्र में अस्पताल प्रबंधन पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। ओटी से इमरजेंसी वार्ड तक शिफ्ट करने के लिए 90 मिनट तक कोई नर्सिंग ऑफिसर उपलब्ध नहीं हुआ। बुनियादी उपकरणों का अभाव: पूरे अस्पताल में 'सर्वाइकल हार्ड कॉलर' तक उपलब्ध नहीं था, जिसे अंततः 'ब्लिंकिट' के जरिए मंगाना पड़ा। इमरजेंसी का अनुरोध करने के बावजूद ब्लड रिपोर्ट में 3 घंटे की देरी की गई और केएफटी प्रोटोकॉल का हवाला देकर एमआरआई में भी विलंब किया गया। एम्बुलेंस और डॉक्टर नदारद अस्पताल की तरफ से कोई एम्बुलेंस मुहैया नहीं कराई गई, जिसके चलते निजी अस्पताल से एम्बुलेंस बुलानी पड़ी। इसके अलावा प्राथमिकता के आधार पर कोई न्यूरोलॉजी या न्यूरोसर्जरी कंसल्टेंट भी उपलब्ध नहीं हो सका। स्ट्रेचर के लिए मोलभाव: हद तो तब हो गई जब एमआरआई-संगत स्ट्रेचर के लिए भी मोलभाव करना पड़ा। अमृता अस्पताल का जताया आभार, प्रशासन को अल्टीमेटम रेजिडेंट डॉक्टरों ने अपनी नाराजगी जताते हुए कहा कि यदि एक डॉक्टर को अपने ही संस्थान में ऐसी अमानवीय स्थिति का सामना करना पड़े, तो आम मरीज की सुरक्षा का क्या हाल होगा? उन्होंने समय पर और बेहतर इलाज के लिए अमृता अस्पताल का आभार जताया है, जहां पीड़ित डॉक्टर का समय पर इलाज हो सका। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि अस्पताल अपने डॉक्टरों की सुरक्षा नहीं कर सकता, तो उसे मरीजों की सेवा कराने का भी नैतिक अधिकार नहीं है। रेजिडेंट डॉक्टरों ने डीन से 24 घंटे के भीतर लिखित जवाब और एक्शन टेकन रिपोर्ट की मांग की है, ऐसा न करने पर सामूहिक रूप से बड़े स्तर पर कदम उठाने की चेतावनी दी है। इस घटना ने सरकारी अस्पतालों में काम करने वाले डॉक्टरों के ड्यूटी ऑवर्स और सुरक्षा मानकों पर एक बार फिर गंभीर बहस छेड़ दी है।0
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