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हापुड़ के लालपुर में मुस्लिम समुदायों के भिड़ंत में पथराव-लाठी, कई घायल
Hapur, Uttar Pradesh:उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में बच्चों की मामूली कहासुनी ने झगड़े का भयानक रूप ले लिया. धौलाना थाना क्षेत्र के गांव लालपुर में मुस्लिम समुदाय के दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट और पथराव हुआ. जिसमें कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं. बताया जा रहा है कि बच्चों में हुए विवाद के बाद देखते ही देखते दोनों पक्षों के लोग लाठी-डंडे और ईंट-पत्थर लेकर आमने-सामने आ गए. इस हिंसक झड़प में दोनों पक्षों के 5 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं. घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें दोनों ही मुस्लिम समुदाय के लोग खुलेआम लाठियां भांजते और एक-दूसरे पर पथराव करते हुए लोग नजर आ रहे हैं. विवाद कीे जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को इलाज के लिए पास के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया. एक पक्ष के नजरु का आरोप है कि पड़ोसी आलिम पक्ष के लोगों ने घर में घुसकर हमला किया और महिलाओं के साथ अभद्रता की, जबकि दूसरे पक्ष ने भी मारपीट का आरोप लगाया है. फिलहाल, इस मामले में सीओ पिलखुवा मुनीश चंद्र का कहना कि पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायतें दर्ज कर ली हैं और वायरल वीडियो के आधार पर उपद्रवियों की पहचान की जा रही है. सीओ ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई किए जाने की बात कही है.0
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दिल्ली HC: जंतर-मंतर प्रदर्शन रोक पर सरकार विचार क्यों नहीं कर रही?
Noida, Uttar Pradesh:*दिल्ली HC का सवाल: जंतर-मंतर पर प्रदर्शन बंद क्यों नहीं करती सरकार?* दिल्ली हाई कोर्ट ने सरकार से पूछा हैकि जंतर-मंतर को धरना-प्रदर्शन की जगह के रूप में बंद करने पर विचार क्यों नहीं किया जा रहा है。 जस्टिस अमित महाजन ने कहा कि मेरी व्यक्तिगत राय में जंतर-मंतर या शहर के बीचों-बीच प्रदर्शन नहीं होने चाहिए, क्योंकि इससे पूरे शहर को परेशानी होती है। विरोध-प्रदर्शनों की वजह से सड़कें जाम हो जाती हैं, एंबुलेंस की आवाजाही प्रभावित होती है और आम लोगों के कामकाज में बाधा आती है। यह एक तरह से पूरे शहर को बंधक बनाने जैसा है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि प्रदर्शन की अनुमति देना या न देना सरकार का काम है। अदालत इस संबंध में कोई फैसला नहीं दे रही है। *कोर्ट के सामने क्या मामला था?* दिल्ली हाई कोर्ट ने यह टिप्पणी ऑल इंडिया दलित क्रिश्चियन राइट्स प्रोटेक्शन कमेटी की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान की। कमेटी ने अदालत से मांग की थी कि वह दिल्ली पुलिस को उनके प्रदर्शन की अनुमति संबंधी आवेदन पर जल्द फैसला करने का निर्देश दे। कमेटी ने 10 अगस्त को जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति मांगी थी। इस प्रदर्शन का उद्देश्य दलित ईसाइयों को अनुसूचित जाति (SC) का दर्जा देने की मांग उठाना था। *याचिकाकर्ता की दलील* याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील संजय घोष ने कोर्ट को बताया कि प्रदर्शन में सिर्फ 75 लोग शामिल होंगे और वे केवल इतना चाहते हैं कि दिल्ली पुलिस उनके आवेदन पर जल्द फैसला करे। इस पर जस्टिस महाजन ने कहा कि मेरी राय में शहर के भीतर ऐसे प्रदर्शन नहीं होने चाहिए। आखिर पूरे शहर को बेवजह परेशान करने का क्या औचित्य है? हालांकि, उन्होंने दोहराया कि प्रदर्शन की अनुमति देना या न देना सरकार का अधिकार है और अदालत इस पर कोई आदेश नहीं दे रही है। *सरकार की दलील* केंद्र सरकार की ओर से पेश एडिशनल सॉलिसिटर जनरल (ASG) चेतन शर्मा ने कहा कि इलाके में सुरक्षा कारणों से बीएनएसएस (BNSS) की धारा 163 लागू है। उन्होंने कहा कि 15 अगस्त के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी है और यह कहना मुश्किल है कि 75 लोगों की भीड़ कब बड़ी संख्या में बदल जाए। उन्होंने यह भी बताया कि सुप्रीम कोर्ट पहले से इस मुद्दे पर विचार कर रहा है कि जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल बनाए रखा जाना चाहिए या नहीं। हालांकि, चेतन शर्मा ने अदालत को आश्वस्त किया कि 8 अगस्त तक प्रशासन प्रदर्शन की अनुमति संबंधी आवेदन पर फैसला ले लेगा।0
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किशनपोल जोन में औचक निरीक्षण: 171 गैरहाजिर, 87.83% अनुपस्थिति
Noida, Uttar Pradesh:जयपुर।नगर निगम किशनपोल जोन में प्रशासनिक सुधार विभाग का औचक निरीक्षण। बायोमेट्रिक जांच, अफसरों-कर्मचारियों की खुली पोल। 5 में 5 राजपत्रित अधिकारी मिले अनुपस्थित, 100% गैरहाजिरी। 189 अराजपत्रित कर्मचारियों में 166 अनुपस्थित, 87.83% गैरहाजिरी। कुल 194 में से 171 अधिकारी-कर्मचारी निरीक्षण के समय गैरहाजिरी। निरीक्षण दल ने कई शाखाओं और कमरों का किया भौतिक सत्यापन। अनुपस्थित कर्मचारियों पर नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश। राज्य स्तरीय निरीक्षण दल ने उच्च स्तर पर रिपोर्ट भेजने की कही बात।0
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वन स्टेट-वन इलेक्शन से पंचायत राज-निकाय चुनाव होंगे, राजस्थान नीति मंजूर
Noida, Uttar Pradesh:मंत्रिमंडल एवं मंत्रिपरिषद की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय ओबीसी आयोग की सिफारिशें स्वीकृत, वन स्टेट-वन इलेक्शन के तहत होंगे पंचायत राज एवं नगरीय निकाय चुनाव राजस्थान कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण नीति से ग्रामीण क्षेत्रों में एग्रो इंडस्ट्रीज को मिलेगा बढ़ावा राजस्थान फूड पार्क विकास नीति का अनुमोदन, विश्वस्तरीय फूड पार्कों की स्थापना, संचालन एवं प्रबंधन का रोडमैप तैयार श्रम कल्याण की बड़ी पहल, काम के घण्टे हुए तय, साल में 2 बार बढ़ेगा महंगाई भत्ता Bपंचायत राज एवं नगरीय निकाय चुनाव, सीट आरक्षण के लिए शुरू होगी लॉटरी प्रक्रिया Bराजस्थान कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण नीति, 2026 का अनुमोदन Bउद्योग एवं वाणिज्य मंत्री ने बताया कि कृषि प्रसंस्करण उद्योगों को प्रोत्साहित करना, ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देना, उपज के मूल्य संवर्धन से किसानों की आय बढ़ाना आदि उद्देश्यों के साथ 50 लाख-1 करोड़ रुपये तक के ऋण पर पूंजीगत अनुदान, 60-40 प्रतिशत दर से अनुदान आदि का प्रावधान है। Bक्लस्टर आधार पर जिलों में फूड पार्क बनेंगे; भूमि आवंटन, चार श्रेणियों में वर्गीकरण, एंकर फूड प्रोसेसिंग इमो से जुड़ी प्राथमिकताएं Bश्रमिक कल्याण सुनिश्चित करेंगे मजदूरी संहिता (राजस्थान) नियम, 2026 Bऔद्योगिक विवादों के त्वरित समाधान के लिए राजस्थान औद्योगिक संबंध नियम, 2026 Bहरित क्षेत्र विस्तार, ट्री आउटसाइड फॉरेस्ट पॉलिसी को मिली स्वीकृति Bअक्षय ऊर्जा परियोजनाओं को 10 प्रतिशत भूमि वृक्षारोपण के लिए आरक्षित Bराजस्थान एकीकृत स्वच्छ ऊर्जा नीति, 2024 में संशोधन को मंजूरी Bविकसित भारत- जी राम जी योजना से ग्रामीण अर्थव्यवस्था बनेगी आत्मनिर्भर Bराजस्थान सरकारी कर्मचारी बीमा नियम, 1998 में संशोधन Bनमक खान विस्थापन के लिए डिस्टर्बेंस चार्जेज में वृद्धि Bसीमेंट उद्योगों को औद्योगिक भूमि का आवंटन 9 से 17 अगस्त तक हर घर तिरंगा अभियान Bअक्षय ऊर्जा परियोजनाओं को भूमि आवंटन की स्वीकृति Bप्रभारी मंत्री करेंगे जिलों का दौरा Bकृषि आदान की निर्बाध उपलब्धता होगी सुनिश्चित0
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JPSC-JSSC उम्मीदवारों का विरोध जारी, मंत्रियों से चर्चा के बावजूद मांगें पूरी नहीं
Noida, Uttar Pradesh:रांची में JPSC-JSSC उम्मीदवारों का विरोध-प्रदर्शन | राज्य सरकार के प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक के बाद, छात्र नेता रवींद्र पासवान ने कहा, "आज हमारे 10 सदस्यों वाले प्रतिनिधिमंडल की सरकार के प्रतिनिधिमंडल के साथ पहली बैठक हुई। हमने अपनी मुख्य मांगें रखीं और उन्हें विस्तार से समझाया। मंत्रियों ने हमारी बात ध्यान से सुनी और भरोसा दिलाया कि वे हमारी मुख्य मांगों पर विचार करेंगे। हमने कहा कि जब तक हमारी मुख्य मांगें पूरी नहीं हो जातीं, हमारा विरोध-प्रदर्शन जारी रहेगा..." उन्होंने यह भी कहा, "हमें कोई समय-सीमा नहीं दी गई है, लेकिन हमने साफ कर दिया है कि सरकार को हमारी जायज़ मांगें जल्द से जल्द पूरी करनी चाहिए। जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, हम अपना विरोध-प्रदर्शन जारी रखेंगे..." रांची में JPSC-JSSC उम्मीदवारों का विरोध प्रदर्शन | राज्य सरकार के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के बाद छात्र नेता पीयूष कुमार ने कहा, "10 अगस्त को 'विधानसभा घेराव' का हमारा प्रस्ताव कायम है। हम 10 अगस्त को इसे आगे बढ़ाएंगे। जब तक हमारी सभी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। 'विधानसभा घेराव' किया जाएगा। बातचीत चरणों में होगी." रांची में JPSC-JSSC उम्मीदवारों का विरोध-प्रदर्शन | राज्य सरकार के प्रतिनिधिमंडल से मुलाक़ात के बाद, छात्र नेता नीतू कुजूर ने कहा, "...हमारे प्रतिनिधिमंडल के तालमेल और जिस तरह से हमने बात रखी, उससे वे प्रभावित हुए। उन्होंने कहा कि उन्हें सच में लगा कि हमने इस पर काम किया है। उन्होंने कहा कि सुधार तो होने ही चाहिए और सरकार इसके लिए तैयार है...हमें लगता है कि सरकार सच में हमारा साथ देने को तैयार है..."0
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