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201303
जयपुर में आंधी-बारिश से जवाहर नगर की कच्ची बस्ती में बालकनी गिर गई
Noida, Uttar Pradesh:जयपुर में आंधी-बारिश से जवाहर नगर की कच्ची बस्ती में बालकनी गिर गई टीला नंबर-1 पर देर रात हुआ हादसा तेज बारिश और आंधी से कमजोर ढांचा गिरा गनीमत रही, कोई जनहानि नहीं हुई आसपास के घरों के बिजली मीटर भी टूटे करीब आधे घंटे तक इलाके की बिजली रही बंद0
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कनाडा में एक्सटॉर्शन के मामले बढ़ रहे, कैलगरी पुलिस ने पंजाबी चेतावनी बोर्ड लगाया
Noida, Uttar Pradesh:ਕੈਨੇਡਾ ਵਿੱਚ ਐਕਸਟੋਰਸ਼ਨ ਦੇ ਮਾਮਲੇ ਲਗਾਤਾਰ ਵੱਧ ਰਹੇ ਹਨ, ਕੈਨੇਡਾ ਦੇ ਸ਼ਹਿਰ ਕੈਲਗਰੀ ਵਿਖੇ ਪੁਲਿਸ ਵੱਲੋਂ ਲਗਾਇਆ ਗਿਆ ਪੰਜਾਬੀ ਵਿੱਚ ਚੇਤਾਵਨੀ ਭਰਿਆ ਸਾਇਨ ਬੋਰਡ।0
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जयस ने SP कार्यालय घेराव किया; FIR खारिज न होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी
Noida, Uttar Pradesh:बड़वानी- जयस कार्यकर्ताओं ने बड़वानी SP कार्यालय घेरा झूठी FIR खारिज करने की मांग पर निकाली रैली कहा एफआईआर खारिज नही की तो संघठन करेगा बड़ा आंदोलन झूठी FIR को निराधार बताते हुए इसे तत्काल खारिज करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान जयस जिला प्रभारी मुन्ना मोरे और मीडिया प्रभारी विनोद डावर ने बताया कि 17 मार्च 2026 को उनके विरुद्ध धारा 229(2), 240, 3(5) BNS के तहत दर्ज FIR पूरी तरह से निराधार और द्वेषपूर्ण भावना से प्रेरित है। उन्होंने कहा कि उन्होंने केवल एक दुर्घटना के मामले में जनहित में आवाज उठाई थी, जिसे गलत तरीके से प्रस्तुत कर कार्रवाई की गई। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि संबंधित पुलिस अधिकारियों ने बदले की भावना से यह FIR दर्ज की है, जिससे संगठन की छवि को नुकसान पहुंचा है और समाज में गलत संदेश जा रहा है। कहा कि अगर सामाजिक कार्यकर्ताओं पर इस तरह की कार्रवाई होती रही, तो लोकतंत्र की मूल भावना पर सवाल खड़े होंगे। उन्होंने इसे आदिवासी समाज की आवाज को दबाने का प्रयास बताया और इसे किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। वहीं वंही चेतावनी दी कि यदि जल्द FIR खारिज नहीं की गई, तो संगठन प्रदेशभर में बड़ा आंदोलन करेगा0
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201303
टिहरी गढ़वाल में तैरती झोपड़ियाँ तूफान से क्षतिग्रस्त, 25-30 लोग बचाए गए
Noida, Uttar Pradesh:टिहरी गढ़वाल, उत्तराखंड | आज शाम करीब 7:45 बजे, टिहरी गढ़वाल में आपदा नियंत्रण कक्ष को सूचना मिली कि डोबरा-चांठी के पास झील में बनी तैरती हुई झोपड़ियाँ एक भीषण तूफ़ान के कारण क्षतिग्रस्त हो गई हैं, और आशंका है कि कई लोग उनमें फँस गए हैं। यह सूचना मिलते ही, कोटी कॉलोनी पोस्ट से SDRF की एक टीम, जिसका नेतृत्व सब-इंस्पेक्टर नरेंद्र राणा कर रहे थे, तुरंत घटनास्थल की ओर रवाना हो गई। मौके पर पहुँचने पर टीम ने पाया कि तेज़ हवाओं और तूफ़ान के कारण तैरती हुई झोपड़ियाँ बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई थीं और बह गई थीं। SDRF की टीम ने बचाव अभियान चलाया और तैरती हुई झोपड़ियों से लगभग 25 से 30 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इसके बाद, बचाए गए लोगों को पर्यटन विभाग द्वारा उपलब्ध कराई गई नावों की मदद से सुरक्षित रूप से कोटी कॉलोनी पहुँचाया गया।0
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टाइप 1 डायबिटीज़ के रोगी के क्लेम नियम पर सरकार से निर्देश माँगे परिवार
Greater Noida, Uttar Pradesh:-क्लेम चाहिए तो बार-बार अस्पताल आइए, -टाइप वन डायबिटीज़ मरीज 14 साल के आदर्श का दर्द -सरकार दें इंश्योरेंस कंपनियों को निर्देश नोएडा में रहने वाले DK सिन्हा का 14 साल का बेटा आदर्श सिन्हा टाइप वन डायबिटीज़ से पीड़ित है. जब वो एक 5 का था तो चिकित्सा में लापरवाही के चलते अस्पताल ने डायबिटिक होते हुए उसे ग्लूकोज दे दिया गया था। जिसकी वजह से वो कोमा में चला गया था। उसके बाद 5 साल की उम्र से वो इंसुलिन पर निर्भर है। आदर्श और उसके पूरे परिवार का हेल्थ इंश्योरेंस तो है लेकिन उसे अपने टाइप वन डायबिटीज़ के लिए इंश्योरेंस कंपनी की शर्त के मुताबिक़ बार बार अस्पताल में भर्ती होना होगा । लेकिन अफ़सोस की बात यह है कि जब भी उसे महंगी इंसुलिन देने की बात होती है तो बीमा कम्पनियाँ उसे बार बार अस्पताल में भर्ती करवाने पर ही क्लेम देने की बात करती है जिसकी वजह से उनका पूरा परिवार बेहद परेशान है। इंश्योरेंस कंपनियों के मुताबिक़ टाइप वन डायबिटीज़ के लिए अस्पताल में भर्ती होना ज़रूरी है अगर ऐसा नहीं होता है तो जो महँगा इंसुलिन के इंजेक्शन है वह क्लेम के तौर पर नहीं दिए जा सकेंगे DK सिन्हा के मुताबिक़ इंश्योरेंस कंपनियों का कहना है कि उन्हें सरकार से इस बारे में कोई निर्देश नहीं मिला सिन्हा का कहना है कि सरकार को चाहिए की जीवन रक्षा से जुड़ी जितनी दवाएँ है उनको इंश्योरेंस का हिस्सा बनायी जाए उनका ये भी कहना है कि इंसॉलिन पंप मशीन भी आती है लेकिन वह बहुत महँगी है उसकी क़ीमत बाज़ार में 89 लाख रुपये है जैसे आम आदमी नई ख़रीद सकता ऐसे में सरकार को मशीन भी उपलब्ध कराई कराने की व्यवस्था करनी चाहिए DK सिन्हा आदर्श की मम्मी के मुताबिक़ उन्हें रोज़ स्कूल के लिए बच्चे के बाद मैं एक आइस पैक में रखकर इंसुलिन इंस्पेक्टर भेजना पड़ता है अब ये परिवार सरकार से माँग कर रहा है कि इंश्योरेंस कंपनियों को हिदायत दी जाए कि वह बार बार अस्पताल में भर्ती करवाने की बात ना करके दवा के प्रिस्क्रिप्शन के आधार पर उनका क्लेम दे।0
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