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श्रद्धा-शिवा मामले: पुलिस ने 7 लोगों से पूछताछ, बैंक खाते फ्रीज़
Noida, Uttar Pradesh:2310ZUP_LKO_SHRA_INP_R *वाक थ्रू* *देर तक हुआ था विवाद* पुलिस सूत्रों के अनुसार श्रद्धा की मेड से कई घंटे तक अलग-अलग पुलिस टीमों ने पूछताछ की मेड ने अपने बयान में बताया कि 9 अक्टूबर को उसने श्रद्धां को शिवा से झगड़ा करते देखा था। दोनों में काफी देर तक विवाद हुआ था। श्रद्धा बार-बार अपने संपर्को का हवाला देकर शिवा को धमका रही थी हालांकि, मेड यह स्पष्ट नहीं कर सकी कि शिवा किन परिस्थितियों में फ्लैट से गिरा। मेड के बयान के आधार पर पुलिस यही कयास लगा रही है कि दोनों के बीच ऐसा कुछ भयानक हुआ कि उसका अंत शिवा की मौत पर हुआ *7 लोगों से हुई है पूछताछ* पुलिस के सूत्रों के अनुसार अपार्टमेंट में रहने वाले एक व्यक्ति से भी पूछताछ की गई है। वह शिवा के गिरने पर मदद के लिए पहुंचा था और उसे अस्पताल पहुंचाया था। पुलिस ने अभी तक इस मामले में 7 लोगों के बयान दर्ज किए है。 *दो खाते फ्रीज़ किए* पुलिस ने श्रद्धा के दो बैंक खाते फ्रीज़ किए है। एक अकाउंट तो पुलिस ने घटना के पहले साइबर फ्रॉड के मामले में फ्रीज़ किया था। उस खाते में ढाई लाख रुपये थे। दूसरा खाता शिवा की मौत के बाद फ्रीज़ किया गया। उसमें करीब साढ़े छह लाख रुपये थे。 *मददगार पुलिस के रडार पर* पुलिस ने मददगारों के बारे में सवाल किया? आरोपितों ने किसी भी हाईप्रोफइल व्यक्ति का नाम नहीं लिया। आरोपितों ने मदद करने वाले 5-6 लोगों के नाम लिए हैं। पुलिस ने सवाल किया कि पकड़े जाने समय किससे बात कर रही थी? श्रद्धा ने जवाब दिया कि वह केस के अपडेट के लिए अपने वकील से अपार्टमेंट के वाई-फाई के जरिए बात कर रही थी。 *दो मोबाइल फोन गायब* पुलिस को आरोपितों के पास से दो मोबाइल मिले है। पुलिस ने पूछा कि बाकी दो मोबाइल कहां है? श्रद्धा ने कहा कि एक आई फोन नेपाल में गुम हो गया। चौथा मोबाइल उसके पास न होने की बात उसने कही। पुलिस का कहना है कि बरामद मोबाइल की फरेसिक जांच करवाई जाएगी。 *आमिर ने पहुंचाया नेपाल* सवाल--किसने नेपाल तक पहुंचाया ? आरोपितों ने बताया कि दुबग्गा निवासी आमिर उन लोगो को लखनऊ से लेकर भागा था। वे पहले सीतापुर गए। वहां से बहराइच के रुपईडीहा से नेपाल पहुंचे। *ट्रॉली बैग छोड़ा और बुर्का पहना* पुलिस ने श्रद्धा और से पूछा कि ट्रॉली बैग साथ क्यों नहीं रखा और बुर्का क्यों पहना ? श्रद्धा ने कहा कि लो प्रोफाइल दिखने के लिए ट्रॉली बैग छोड़ दिया था। नेपाल से महराजगंज में जिस रास्ते से वे दाखिल हुए, वह मुस्लिम इलाका था। इसलिए बुर्का पहन लिया था。 *रात में घूमने गए थे* पुलिस ने पूछा कि 8/9 अक्टूबर की रात कहां घूमने गए थे? श्रद्धा ने जवाब दिया कि हम लोग पार्टी करने गए थे। रात भर पार्टी की और 9 अक्टूबर की सुबह 7 बजे फ्लैट में पहुंचे थे。 *मेकअप नहीं, लिपिस्टिक के निशान* सवाल--शिवा के शरीर पर मेकअप क्यों था? श्रद्धा ने कहा कि शिवा मेरा बॉयफ्रेंड था। उसके शरीर पर मेरी लिपिस्टिक के निशान थे। श्रद्धा ने कहा कि हम लोग साथ में सो रहे थे। इसी बीच मेरी नीद खुली और शिवा मेरे सामने फ्लैट से कूद गया। श्रद्धा ने कहा कि मेरा वही पूरा बयान है, जो मैंने इंटरव्यू में दिया है। *पुलिस पीटेगी, इसलिए भागी* सवाल--सरेंडर करने आई थी तो भागी क्यों? श्रद्धा ने कहा कि अग्रिम जमानत, सरेंडर की प्रक्रिया और FIR क्वैश होने की प्रक्रिया में काफी समय लगना था। इसलिए उसने मन बना लिया था कि पुलिस के सामने सरेंडर कर देगी, लेकिन ड्राइवर दानिश ने कहा. कि पुलिस के सामने सरेंडर किया तो बहुत पीटेगी। इसलिए हम लखनऊ में हाई कोर्ट के वकील से मिलने के बाद भाग गए。 *देश नहीं छोड़ सके* सवाल --क्या विदेश भागने की तैयारी थी? श्रद्धा व अन्य आरोपितों ने बताया कि वे नेपाल से लौटने के बाद देश छोड़ने की फिराक में भी थे, लेकिन पुलिस ने लुकआउट नोटिस जारी कर दिया। ऐसे में वे हवाई यात्रा नहीं कर सकते थे *रुपये खत्म हो रहे थे* सवाल--रुपये की मदद कौन कर रहा था? इस सवाल पर आरोपित बोले कि जो कैश फ्लैट में था, वही लेकर भागे थे और सिर्फ 25 हजार रुपये ही उनके पास बचे थे। फरारी के दौरान वे कैब चालको को उनकी डिमांड से अधिक रुपये दे रहे थे。 *किराए पर लिया था फ्लैट* पुलिस ने पूछा कि नागपुर में फ्लैट किसने दिलाया था ? आरोपितों ने पहले तो गोलमोल जवाब दिया। फिर बताया कि फ्लैट अनलाइन बुक किया था। यह भी बताया कि 18/19 की रात कुछ देर के लिए गोविंदनगर इलाके में एक होटल में रुके थे। रात करीब डेढ़ बजे वहां से निकल कर फतेहपुर, सतना होते हुए नागपुर पहुंचे。 *गलत IP एड्रेस ने भी भटकाया* सूत्रों के मुताबिक एक बार टीम को कॉलिंग का गलत IP एड्रेस कंपनी की ओर से मिल गया और पुलिस उसे ट्रैक करते हुए प्रयागराज पहुंच गई। वहां पहुंचने पर पता चला कि IP एड्रेस गलत है。 *कैब ड्राइवर के फोन का प्रयोग* पुलिस के मुताबिक श्रद्धा अधिकतर अपने ड्राइवर दानिश के फोन का प्रयोग वॉट्सऐप कॉलिंग के लिए करती थी। वॉट्सऐप कॉलिंग के लिए उसने नागपुर जाते समय कैब ड्राइवर से भी हॉटस्पॉट लिया था। पुलिस के मुताबिक ड्राइवर ने 19 अक्टूबर की देर शाम आरोपितों को नागपुर छोड़ दिया था。0
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आजम चचा से मुलाकात: सीएम कुर्सी और मुस्लिम वोटों पर सियासी घमासान तेज
Noida, Uttar Pradesh:Om Prakash Rajbhar जी, कैसी रही आज़म चचा से मुलाक़ात? सुना है चचा साइकिल छोड़ पतंग उड़ाने की तैयारी में हैं। सुने ये भी है कि आपके ख़याली गृहमंत्री ने आपसे सीधे सीधे कह दिया कि अगर पार्टी में रोकना है तो उन्हें गृह नहीं, सीएम की कुर्सी चाहिए। यूपी के मुसलमानों ने सैफई वालों को कई बार मुख्यमंत्री बना दिया... थोड़ा बलिदानी आपको बनने की नसीहत मिलने लगी है। रामपुर से हमारे विश्वस्त सूत्र बता रहे हैं कि ख़ान चچا से आपकी बात बन नहीं पाई! सेटिंग नहीं बैठ पाई। ओवैसी ने रामपुर में आपका काम लगा दिया। सुनिए महाराज, वैसे भी आपकी सरकार आने नहीं जा रही इसलिए दिल पर पत्थर रखकर घोषणा कर दीजिए कि सपा की सरकार बनने पर किसी मुस्लिम को मुख्यमंत्री बनाएंगे। जय भारत, जय श्रीराम, जय श्रीकृष्ण, जय महाराजा सुहेलदेव!0
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श्रद्धा-शिवा केस: पुलिस ने 7 से अधिक से पूछताछ, नेपाल तक पहुंचाने वाला कौन?
Noida, Uttar Pradesh:देर तक हुआ था विवाद पुलिस सूत्रों के अनुसार श्रद्धा की मेड से कई घंटे तक अलग-अलग पुलिस टीमों ने पूछताछ की मेड ने अपने बयान में बताया कि 9 अक्टूबर को उसने श्रद्धां को शिवा से झगड़ा करते देखा था। दोनों में काफी देर तक विवाद हुआ था। श्रद्धा बार-बार अपने संपर्को का हवाला देकर शिवा को धमका रही थी हालांकि, मेड यह स्पष्ट नहीं कर सकी कि शिवा किन परिस्थितियों में फ्लैट से गिरा। मेड के बयान के आधार पर पुलिस यही कयास लगा रही है कि दोनों के बीच ऐसा कुछ भयानक हुआ कि उसका अंत शिवा की मौत पर हुआ 7 लोगों से हुई है पूछताछ पुलिस के सूत्रों के अनुसार अपार्टमेंट में रहने वाले एक व्यक्ति से भी पूछताछ की गई है। वह शिवा के गिरने पर मदद के लिए पहुंचा था और उसे अस्पताल पहुंचाया था। पुलिस ने अभी तक इस मामले में 7 लोगों के बयान दर्ज किए है। दो खाते फ्रीज़ किये पुलिस ने श्रद्धा के दो बैंक खाते फ्रीज़ किए है। एक अकाउंट तो पुलिस ने घटना के पहले साइबर फ्रॉड के मामले में फ्रीज़ किया था। उस खाते में ढाई लाख रुपये थे। दूसरा खाता शिवा की मौत के बाद फ्रीज़ किया गया। उसमें करीब sआधे छह लाख रुपये थे। मददगार पुलिस के रडार पर पुलिस ने मददगारों के बारे में सवाल किया? आरोपितों ने किसी भी हाईप्रोफाइल व्यक्ति का नाम नहीं लिया। आरोपितों ने मदद करने वाले 5-6 लोगों के नाम लिए हैं। पुलिस ने सवाल किया कि पकड़े जाने समय किससे बात कर रही थी? श्रद्धा ने जवाब दिया कि वह केस के अपडेट के लिए अपने वकील से अपार्टमेंट के वाई-फाई के जरिए बात कर रही थी। दो मोबाइल फोन गायब पुलिस को आरोपितों के पास से दो मोबाइल मिले है। पुलिस ने पूछा कि बाकी दो मोबाइल कहां है? श्रद्धा ने कहा कि एक आईफोन नेपाल में गुम हो गया। चौथा मोबाइल उसके पास न होने की बात उसने कही। पुलिस का कहना है कि बरामद मोबाइल की फरेसिक जांच करवाई जाएगी। आमिर ने पहुंचाया नेपाल किसने नेपाल तक पहुंचाया ? आरोपितों ने बताया कि दुबग्गा निवासी आमिर उन लोगो को लखनऊ से लेकर भागा था। वे पहले सीतापुर गए। वहां से बहराइच के रुपईडीहा से नेपाल पहुंचे। ट्रॉली बैग छोड़ा और बुर्का पहना पुलिस ने श्रद्धा और से पूछा कि ट्रॉली बैग साथ क्यों नहीं रखा और बुर्का क्यों पहना ? श्रद्धा ने कहा कि लो प्रोफाइल दिखने के लिए ट्रॉली बैग छोड़ दिया था। नेपाल से महराजगंज में जिस रास्ते से वे दाखिल हुए, वह मुस्लिम इलाका था। इसलिए बुर्का पहन लिया था。 रात में घूमने गए थे पुलिस ने पूछा कि 8/9 अक्टूबर की रात कहां घूमने गए थे? श्रद्धा ने जवाब दिया कि हम लोग पार्टी करने गए थे। रात भर पार्टी की और 9 अक्टूबर की सुबह 7 बजे फ्लैट में पहुंचे थे。 मेकअप नहीं, लिपिस्टिक के निशान शिवा के शरीर पर मेकअप क्यों था? श्रद्धा ने कहा कि शिवा मेरा बॉयफ्रेंड था। उसके शरीर पर मेरी लिपिस्टिक के निशान थे। श्रद्धा ने कहा कि हम लोग साथ में सो रहे थे। इसी बीच मेरी नीद खुली और शिवा मेरे सामने फ्लैट से कूद गया। श्रद्धा ने कहा कि मेरा वही पूरा बयान है, जो मैंने इंटरव्यू में दिया है。 पुलिस पीटेगी, इसलिए भागी सरेंडर करने आई थी तो भागी क्यों? श्रद्धा ने कहा कि अग्रिम जमानत, सरेंडर की प्रक्रिया और FIR क्वैश होने की प्रक्रिया में काफी समय लगना था। इसलिए उसने मन बना लिया था कि पुलिस के सामने सरेंडर कर देगी, लेकिन ड्राइवर दानिश ने कहा कि पुलिस के सामने सरेंडर किया तो बहुत पीटेगी। इसलिए हम लखनऊ में हाई कोर्ट के वकील से मिलने के बाद भाग गए。 देश नहीं छोड़ सके क्या विदेश भागने की तैयारी थी? श्रद्धा व अन्य आरोपितों ने बताया कि वे नेपाल से लौटने के बाद देश छोड़ने की फिराक में भी थे, लेकिन पुलिस ने लुकआउट नोटिस जारी कर दिया। ऐसे में वे हवाई यात्रा नहीं कर सकते थे रुपये खत्म हो रहे थे रुपए की मदद कौन कर रहा था? इस सवाल पर आरोपित बोले कि जो कैश फ्लैट में था, वही लेकर भागे थे और सिर्फ 25 हजार रुपये ही उनके पास बचे थे। फरारी के दौरान वे कैब चालको को उनकी डिमांड से अधिक रुपये दे रहे थे。 किराए पर लिया था फ्लैट पुलिस ने पूछा कि नागपुर में फ्लैट किसने दिलाया था ? आरोपितों ने पहले तो गोलमोल जवाब दिया। फिर बताया कि फ्लैट अनलाइन बुक किया था। यह भी बताया कि 18/19 की रात कुछ देर के लिए गोविंदनगर इलाके में एक होटल में रुके थे। रात करीब डेढ़ बजे वहां से निकल कर फतेहपुर, सतना होते हुए नागपुर पहुंचे。 गलत IP एड्रेस ने भी भटकाया सूत्रों के मुताबिक एक बार टीम को कॉलिंग का गलत IP एड्रेस कंपनी की ओर से मिल गया और पुलिस उसे ट्रैक करते हुए प्रयागराज पहुंच गई। वहां पहुंचने पर पता चला कि IP एड्रेस गलत है。 कैब ड्रायवर के फोन का प्रयोग पुलिस के मुताबिक श्रद्धा अधिकतर अपने ड्राइवर दानिश के फोन का प्रयोग वॉट्सऐप कॉलिंग के लिए करती थी। वॉट्सऐप कॉलिंग के लिए उसने नागपुर जाते समय कैब ड्रायवर से भी हॉटस्पॉट लिया था। पुलिस के मुताबिक ड्रायवर ने 19 अक्टूबर की देर शाम आरोपितों को नागपुर छोड़ दिया था。0
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UP विधान परिषद चुनाव शुरू: 72 जिलों में मतदान, 14.81 लाख मतदाता
Noida, Uttar Pradesh:उत्तर प्रदेश विधान परिषद के 2026 द्विवार्षिक चुनाव के लिए पांच स्नातक और छह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान शुरू हो गया है। मतदान सुबह आठ बजे से शाम चार बजे तक चलेगा। कानपुर नगर, कानपुर देहात और उन्नाव को छोड़कर प्रदेश के सभी 72 जनपदों में मतदान कराया जा रहा है। इन चुनावों में कुल 14,81,310 मतदाता अपने मताधिकार का उपयोग करेंगे। इसके लिए 2,697 मतदान स्थल बनाए गए हैं। चुनाव मैदान में कुल 152 प्रत्याशी हैं। पांच खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में लखनऊ, आगरा, मेरठ, वाराणसी और बरेली-मुरादाबाद शामिल हैं। छह खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र लखनऊ, आगरा, मेरठ, वाराणसी, बरेली-मुरादाबाद और गोरखपुर-फैजाबाद हैं। निर्वाचन आयोग ने 11 प्रेक्षक तैनात किए हैं। इसके अतिरिक्त 1,041 सेक्टर मजिस्ट्रेट और 456 जोनल मजिस्ट्रेट भी लगाए गए हैं। मतदान स्थलों पर माइक्रो ऑब्जर्वर की तैनाती के साथ वीडियोग्राफी की व्यवस्था की गई है। चुनाव प्रक्रिया के संचालन के लिए 1,108 भारी वाहन, 1,737 हल्के वाहन और 12,309 मतदान कर्मी लगाए गए हैं।0
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