- Your PIN
- Trending
- Following
201307
NEET-UG 2026 रद्द: शिक्षक ने ऑनलाइन परीक्षा की मांग, मोड बदलने की प्रस्तावना
Noida, Uttar Pradesh:कोटा, राजस्थान: NEET-UG 2026 परीक्षा रद्द होने पर शिक्षक और मोशन एजुकेशन के संस्थापक नितिन विजय ने कहा, "एक ही रास्ते पर बार-बार जब घटना हो रही है तो समझना पड़ेगा कि क्यों ना इसका मोड बदला जाए। JEE में इस प्रकार की अप्रिय घटना नहीं होती क्योंकि ऑनलाइन परीक्षा होती है। NEET को भी ऑनलाइन कर देना चाहिए क्योंकि उसमें नकल की संभावना बहुत कम हो जाती है। इसमें नकल की संभावना अधिक हो जाती है। प्रिंटिंग प्रेस पर पेपर जाता है पता नहीं वहां कितने कर्मचारी उस पेपर को देखते हैं, उसके बाद पेपर 550 शहरों में जाता है, कहीं से भी लीक हो सकता है। कौन इस पूरी प्रक्रिया में शुद्ध है ये जान पाना आसान नहीं है..."0
0
Report
201307
Noida Authority ने अवैध कबाड़ पर सख्ती, रजिस्ट्रेशन और NOC अनिवार्य
Noida, Uttar Pradesh:Noida Authority अब शहर में तेजी से फैल रहे अवैध कबाड़ कारोबार पर सख्ती की तैयारी में जुट गया है। डूब क्षेत्र, खाली पड़े प्लॉटों और गांवों की जमीनों पर बढ़ते कबाड़ केंद्रों को लेकर प्राधिकरण ने नई पॉलिसी बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके तहत शहरभर में संचालित कबाड़ियों का सर्वे कराया जाएगा और उनका पूरा डेटा तैयार किया जाएगा। नई व्यवस्था के अनुसार अब कबाड़ कारोबार करने वालों के लिए रजिस्ट्रेशन अनिवार्य होगा। बिना रजिस्ट्रेशन कारोबार करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही कारोबार शुरू करने से पहले प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से एनओसी लेना जरूरी होगा। पुलिस वेरिफिकेशन भी अनिवार्य किया जाएगा ताकि अवैध गतिविधियों पर रोक लगाई जा सके। प्राधिकरण अधिकारियों का कहना है कि कई स्थानों पर खाली भूखंडों और डूब क्षेत्र में अवैध तरीके से कबाड़ जमा किया जा रहा है, जिससे प्रदूषण बढ़ने के साथ-साथ अतिक्रमण की समस्या भी गंभीर होती जा रही है। कई कबाड़ केंद्रों में सुरक्षा मानकों का भी पालन नहीं किया जा रहा, जिससे आग लगने जैसी घटनाओं का खतरा बना रहता है। ओएसडी Indu Prakash Singh ने बताया कि इस मामले में एक विशेष कमेटी गठित की जाएगी, जो पूरे शहर का सर्वे करेगी। सर्वे रिपोर्ट के आधार पर अवैध कबाड़ केंद्रों को चिन्हित कर कार्रवाई की जाएगी। प्राधिकरण का उद्देश्य शहर में सुव्यवस्थित और नियमों के तहत कबाड़ कारोबार सुनिश्चित करना है, ताकि अवैध कब्जों और प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सके।0
0
Report
110074
ग्राउंड जीरो में आयुष्मान आरोग्य मंदिर की स्थिति पर सवाल
New Delhi, Delhi:आयुष्मान आरोग्य मंदिर का रियलिटी चेक ग्राउंड जीरो पर located, दक्षिणी दिल्ली तिगड़ी लोकेशन से रिपोर्ट किया गया। ज़ी मीडिया के लिए विजय कुमार की रिपोर्ट। खबर पर वॉकथ्रू। ग्राउंड जीरो पर मिली जानकारी के अनुसार आए हुए पीड़ित रोगी बताते हैं कि यहां डॉक्टर मरीज को ठीक से देख रहे हैं और इलाज हो रहा है। वहीं एक गर्भवती पीड़ित ने बताया कि टेस्ट अपने बाहर से करवा रही हूं। आरोग्य मंदिर के रखरखाव की साफ-सफाई और डॉक्टर के ट्रीटमेंट के बारे में बातचीत के बाद पता चला कि इलाज सही तरीके से हो रहा है, लेकिन गर्भवती रोगी के टेस्ट बाहर से करवा लिए जा रहे हैं।0
0
Report
Advertisement
प्रधानमंत्री जी के 7 कदम: क्या यह आर्थिक संकट के सच पर बहस जगाएंगे?
Delhi, Delhi:प्रधानमंत्री ने देशवासियों से 7 कदम अपनाने की अपील की है — वर्क फ्रॉम होम करें, सोना न खरीदें, पेट्रोल-डीज़ल बचाएं और पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करें, कम खाद का उपयोग करें, विदेशी सामान कम खरीदें, कम कुकिंग ऑयल इस्तेमाल करें और विदेश यात्राओं से बचें। 1950 के बाद देश ने कई कठिन दौर देखे हैं, आर्थिक संकट भी आए हैं, लेकिन किसी प्रधानमंत्री ने इस तरह की अपील नहीं की। लाल बहादुर शास्त्री जी और इंदिरा गांधी जी ने भी देशवासियों से सोना न खरीदने की अपील की थी, लेकिन इतनी व्यापक मांगें कभी नहीं रहीं। मैं प्रधानमंत्री जी से निवेदन करना चाहता हूँ कि यदि आपने देशवासियों से ऐसे कदम उठाने को कहा है, तो इसका मतलब है कि देश किसी आर्थिक संकट से गुजर रहा है। जनता को यह जानने का अधिकार है कि देश की अर्थव्यवस्था की वास्तविक स्थिति क्या है। देशहित में जनता हर त्याग करने को तैयार है, लेकिन कम से कम लोगों को सच पता होना चाहिए। लोगों को बताया जाना चाहिए कि देश कहाँ खड़ा है, वरना अफवाहों पर भरोसा बढ़ता है। हम सब जानते हैं कि इराक और अमेरिका के बीच युद्ध जैसी परिस्थितियाँ वैश्विक असर डालती हैं, लेकिन उसका प्रभाव केवल भारत पर नहीं, पूरी दुनिया पर पड़ता है। फिर ऐसा क्या कारण है कि दूसरे देशों की सरकारों ने अपने नागरिकों से ऐसी अपील नहीं की, लेकिन भारत में की जा रही है? इससे लोगों के मन में सवाल उठना स्वाभाविक है कि कहीं सिर्फ युद्ध ही नहीं, कुछ और भी कारण तो नहीं हैं। और सबसे बड़ा सवाल — हर बोझ सिर्फ middle class पर ही क्यों डाला जा रहा है? देश पर संकट आता है तो सबसे पहले middle class ही आगे बढ़कर हर जिम्मेदारी निभाता है। लेकिन इस समय सबसे पहले सरकार को खुद उदाहरण पेश करना चाहिए। मंत्री, अधिकारी, और देश के सबसे अमीर लोग भी त्याग करें। मोदी जी के करीबी उद्योगपति भी आगे आएं। लेकिन अपील सिर्फ मध्यम वर्ग से ही क्यों? On neet exam उन लाखों बच्चों और पेरेंट्स को मैं अपनी संवेदना देना चाहता हूँ जो उससे प्रभावित हुए मैंने भी एग्जाम दिए हैं 24 घंटे बैठा मैं तैयारी करता था उन दिनों में पेपर लीक नहीं हुआ करते थे गरीब परिवार होते हैं और कोचिंग इतनी महंगी है कई माता-पिता अपनी जमीन बेच देते हैं सोना गिरवी रखते हैं और उसके बाद अगर पेपर लीक हो जाए तो उससे बड़ी बात कोई नहीं 4 बार पेपर लीक हो चुका है पेपर ऐसे तो लीक होते नहीं इसके मतलब बहुत बड़े स्तर पर कुछ मिली भगत है जिन्होंने 2017, 2021, 2024 का पेपर लीक किया था क्या उन्हें सजा मिली? सब लोग बाहर है उन्हें बेल मिल गई सरकार चलाना कोई आसान काम नहीं बहुत मुश्किल काम है जिन लोगों से एक पेपर ठीक से नहीं होते वह सरकार क्या चलाएंगे सड़कों पर उतरना पड़ेगा यह सरकार केवल जनांदोलन की भाषा समझती है और केजरवाल आपके साथ है0
0
Report
NEET 2026 रद्द: पेपर लीक और भ्रष्टाचार से छात्रों का भविष्य खतरे में
Noida, Uttar Pradesh:NEET 2026 की परीक्षा रद्द हो गयी। 22 लाख से ज़्यादा छात्रों की मेहनत, त्याग और सपनों को इस भ्रष्ट भाजपाई व्यवस्था ने कुचल दिया। किसी पिता ने कर्ज़ लिया, किसी माँ ने गहने बेचे, लाखों बच्चों ने रात-रात भर जागकर पढ़ाई की, और बदले में मिला, पेपर लीक, सरकारी लापरवाही और शिक्षा में संगठित भ्रष्टाचार। यह सिर्फ़ नाकामी नहीं, युवाओं के भविष्य के साथ अपराध है। हर बार पेपर माफिया बच निकलते हैं और ईमानदार छात्र सज़ा भुगतते हैं। अब लाखों छात्र फिर से वही मानसिक तनाव, आर्थिक बोझ और अनिश्चितता झेलेंगे। अगर अपनी तकदीर परिश्रम से नहीं, पैसे और पहुँच से तय होगा, तो फिर शिक्षा का मतलब क्या रह जाएगा? प्रधानमंत्री का तथाकथित अमृतकाल, देश के लिए विषकाल बन गया है।0
0
Report
