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ब्रिक्स के बीच दिल्ली के नंद नगरी में बवाल, पथराव और तोड़फोड़

New Delhi, Delhi:विसुअल्स - वीडियो जिसमें बदमाश पथराव कर रहे हैं वाहनों को तोड़ रहे हैं थाना नंद नगरी शॉट, स्थानीय लोगों वॉक्सपोप जो यह पूरी वारदात बता रही है ब्रिक्स सम्मेलन के बीच दिल्ली में सुरक्षा के कड़े इंतजाम हैं, लेकिन उत्तर-पूर्वी दिल्ली के नंद नगरी इलाके में देर रात बवाल ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए। ये तस्वीरें नंद नगरी के डी-2 ब्लॉक की हैं, जहां आरोप है कि दो दर्जन से ज्यादा लोग एक गली में पहुंचे और जमकर उत्पात मचाया। इन तस्वीरों में आप देख सकते हैं कि सड़क किनारे खड़ी कार को निशाना बनाया गया और पथराव कर तोड़फोड़ की गई। स्थानीय लोगों का दावा है कि इस दौरान गोली चलने की आवाज भी सुनाई दी। घटना के बाद इलाके में दहशत फैल गई और लोग अपने घरों में छिपने को मजबूर हो गए।स्थानीय लोगों के मुताबिक, करीब सात साल पुराना विवाद इस घटना की वजह बताया जा रहा है। सूचना मिलते ही नंद नगरी थाना पुलिस मौके पर पहुंची। फिलहाल पुलिस सीसीटीवी फुटेज और सामने आए वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान में जुटी है। ब्रिक्स सम्मेलन के बीच हुई इस घटना ने दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं।
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201304

एशियन गेम्स चयन के बाद दिव्यांशी ने वीडियो जारी कर आरोप लगाए

Noida, Uttar Pradesh:KOTA SAMKIT JAIN ऐसी क्या नौबत आई प्रथम स्थान पर आने वाली एशियन गेम को जाने वाली दिव्यांशी ने यह वीडियो जारी किया पहले तो पूरे 3 महीने तक दिव्यांशी को मेंटली डिस्टर्ब किया गया रोशीबिना देवी द्वारा जोकि फाइनल एक साल मे पांचवी ट्रायल के अंदर चौथे स्थान पर रही थी जिसका कोई हक नहीं बनता था दोबारा ट्रायल के लिए बोलने का और फेडरेशन को भी कोई हक नहीं बनता चौथे स्थान वाली खिलाडी को भेजने का पर पक्षपात करके दिव्यांशी जो नंबर वन पर चल रही है उसे एशियन गेम्स की वुशु टीम से हटाकर रोशिबिना देवी का चयन किया गया जबकि दिव्यांशी पूरे 3 महीने से कैंप के अंदर अभ्यास कर रही है जिसे केम्प के दोरान गलत तरीके से ट्रेनिंग कराकर लिगामेंट इंजरी करी गई फिर भी खिलाडी पीछे नही हटी रोशिबिना देवी को कैंप से बाहर निकाल दिया गया टीम इंडिया की पूरी फाइनल लिस्ट भी जापान भेज चुके हैं और कौन-कौन सी कंट्री इसमें भाग ले रही है उसमे लिस्ट में भी दिव्यांशी का नाम है और 8 तारीख को भारत सरकार द्वारा जो सभी खिलाड़ियों को किट वितरण किए गए उसमें भी दिव्यांशी साथ में है किट लेते हुए आज दिव्यांशी ने यह वीडियो जारी किया है कि मैं आत्महत्या कर रही हूं फेडरेशन को छोड़ना मत माँ और पापा पहले तो मानसिक परेशान किया गया बुरी तरह से और सोमवार को टीम रवाना होनी है और गुरुवार को रात्रि 8:00 बजे नाम काट दिया जाता है ताकि कोई कानूनी कार्रवाई भी नहीं की जा सके
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ASAP ने DUSU चुनाव के लिए बदलाव का मैनिफेस्टो जारी किया; दृष्टिबाधित पंकज कुमार

Noida, Uttar Pradesh:"आप" छात्र विंग एसैप ने डुसु चुनाव के लिए "बदलाव का मैनिफेस्टो" जारी के कहा, "अब वादे नहीं, काम चाहिए" *- पहली बार दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ का चुनाव लड़ने जा रही एसैप ने उतारे उमीदवार* *- एसैप ने एक दृष्टिबाधित दलित छात्र को सचिव पद पर मैदान में उतारा* *- सालों से छात्रों को सिर्फ खोखले वादे ही मिले, काम किसी ने नहीं किया- एसैप* *-छात्र पुरानी राजनीति के बजाय बदलाव, जवाबदेही और अपनी असली आवाज को चुनें - एसैप* आदाम आदमी पार्टी की छात्र इकाई एसैप ने शुक्रवार को दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डुसु) चुनावों के लिए अपना ‘बदलाव का मैनिफेस्टो’ लॉन्च किया। पहली बार डुसु का चुनाव लड़ने जा रही एसैप ने मैनिफेस्टो में छात्रों की शिक्षा, हॉस्टल, फीस, छात्र सुविधाओं और लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों को प्रमुखता से उठाया है। एसैप ने एक दृष्टिबाधित दलित छात्र को सचिव पद पर मैदान में उतारा है। एसैप का कहना है कि अब सिर्फ खोखले वादे नहीं, बल्कि धरातल पर काम चाहिए। मैनिफेस्टो लॉन्च के दौरान एसैप ने कहा कि दिल्ली विश्वविद्यालय में वर्षों से छात्र राजनीति के नाम पर वही पुराने वादे दोहराए जा रहे हैं। चुनाव आते हैं, घोषणाएं होती हैं और चुनाव खत्म होते ही छात्रों के मुद्दे पीछे छूट जाते हैं। अब छात्रों को वादों की नहीं, जवाबदेही और ठोस काम की जरूरत है। एसैप के प्रभारी धर्मेंद्र रावत ने कहा कि हम छात्र राजनीति को सिर्फ चुनाव और पोस्टर तक सीमित नहीं रखना चाहते। हम एक आम छात्र को नेतृत्व का मौका देना चाहते हैं—ऐसे छात्र को, जो खुद छात्रों के बीच रहा है और उनकी समस्याओं को करीब से समझता है।” एसैप ने अध्यक्ष पद के लिए अश्मित कुमार (गुर्जर) को अपना प्रेजीडेंशियल कंडीडेट घोषित किया है। संगठन ने कहा कि अश्मित कुमार छात्रों के मुद्दों को मजबूती से उठाने और विश्वविद्यालय में जवाबदेह छात्र राजनीति को आगे बढ़ाने के संकल्प के साथ चुनाव मैदान में हैं। इसी सोच का प्रतिनिधित्व एसैप के सचिव पद के उम्मीदवार पंकज कुमार करते हैं। पंकज कुमार दृष्टिबाधित छात्र हैं और दलित समाज से आते हैं। एसैप ने कहा कि पंकज का चुनाव लड़ना सिर्फ एक उम्मीदवार को मैदान में उतारना नहीं, बल्कि दिल्ली विश्वविद्यालय की छात्र राजनीति में उन आवाज़ों को प्रतिनिधित्व देने की कोशिश है, जिन्हें लंबे समय तक मुख्य धारा से दूर रखा गया है। इस दौरान प्रदेश सह प्रभारी ने ईशना गुप्ता ने कहा कि पंकज कुमार जैसे छात्र को नेतृत्व का अवसर देना हमारे लिए प्रतीकात्मक कदम नहीं है। यह उस राजनीति की शुरुआत है जिसमें आम छात्र, वंचित छात्र और हर वह युवा नेतृत्व कर सके जो अपने अधिकारों के लिए आवाज़ उठाता रहा है।” एसैप ने छात्रों से अपील की कि वे आगामी डुसु चुनाव में पुरानी राजनीति और खोखले वादों के बजाय बदलाव, जवाबदेही और छात्रों की वास्तविक आवाज़ को चुनें। एसैप का संदेश स्पष्ट है कि डुसु में सिर्फ चेहरे बदलने की नहीं, बल्कि छात्र राजनीति की दिशा और कार्यशैली बदलने की जरूरत है।
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