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गाजियाबाद में स्वाइन फ्लू के मामले बढ़े; डीएम ने अस्पतालों की तैयारी चाक-चौबंद की
Ghaziabad, Uttar Pradesh:गाजियाबाद में बढ़ते स्वाइन फ्लू के मामलों को देखते हुए जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर है। खुद गाजियाबाद के जिलाधिकारी एमएमजी अस्पताल पहुंचे और स्वाइन फ्लू को लेकर की गई तैयारियों का जायजा लिया। एमएमजी अस्पताल में स्वाइन फ्लू के मरीजों के लिए 10 बेड का अलग वार्ड तैयार किया गया है। अस्पताल में ऑक्सीजन, दवाइयों और डॉक्टरों समेत जरूरी स्टाफ की व्यवस्था की गई है। गाजियाबाद में अब तक स्वाइन फ्लू के 9 मामले सामने आए हैं, हालांकि स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक इनमें से कोई भी मरीज क्रिटिकल नहीं है और सभी का इलाज फिलहाल घर पर ही चल रहा है। प्रशासन का कहना है कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग को पहले से तैयार रखा जा रहा है। इस वार्ड में ऑक्सीजन की व्यवस्था के साथ-साथ जरूरी दवाइयां और डॉक्टरों एवं स्वास्थ्यकर्मियों की तैनाती की गई है। जिलाधिकारी के मुताबिक गाजियाबाद में अब तक स्वाइन फ्लू के 9 मामले रिपोर्ट हुए हैं। हालांकि राहत की बात यह है कि इनमें से कोई भी मामला क्रिटिकल नहीं है और सभी मरीजों का इलाज उनके घर पर ही चल रहा है। प्रशासन ने सरकारी अस्पतालों के साथ-साथ निजी अस्पतालों को भी स्वाइन फ्लू के मामलों की जानकारी स्वास्थ्य विभाग को लगातार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।0
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अखिलेश यादव के जेपीएनआईसी बेचने के आरोप पर यूपी मंत्री सुरेश खन्ना का बयान
Noida, Uttar Pradesh:लखनऊ बाइट सुरेश खन्ना मंत्री यूपी सरकार अखिलेश यादव के जेपीएनआईसी बेंचने के आरोप पर0
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नारायणा में पीडब्ल्यूडी की लापरवाही: फुटपाथ से कूड़ेदान हटाने में हाई कोर्ट की जीत
Delhi, Delhi:दिल्ली के नारायणा में पीडब्ल्यूडी की लापरवाही से फुटपाथ पर कूड़ेदान बनाकर रखा गया था। नारायणा गाँव के लोगों ने कूड़ेदान हटाने के लिए विभाग के खिलाफ एक साल की लड़ाई लड़ी। एक साल बाद हाई कोर्ट के आदेश पर कूड़ेदान हटाया गया। अब लोगों के लिए फुटपाथ खोला जाएगा। लोगों ने राहत की सांस ली और हाई कोर्ट के आदेश का धन्यवाद किया। उन्होंने हस्ताक्षर अभियान चलाया। एक साल के बाद मिली बहुत बड़ी जीत। नारायणा गाँव में पीडब्ल्यूडी ने रिंग रोड के साथ पैदल चलने वाली जगह पर एक साल पहले फुटपाथ पर कब्जा कर दिया था; स्थानीय लोगों ने इसका विरोध किया और अदालत का रुख किया, जिसके बाद हाई कोर्ट ने 2 सितम्बर से पहले इस कूड़ेदान को तोड़ने का आदेश दिया। कूड़ेदान तोड़ दिया गया। इस फैसले से लोगों ने खुशी जताई। नारायणा रिंग रोड पर जाने के लिए मुख्य एंट्री है, सड़क सुरक्षा सदन और पुलिस पिंक बूथ बना हुआ है; फुटपाथ से स्कूली बच्चे और लोग निकलते थे और कूड़ादान बनने से बीमारी फैलने का खतरा बढ़ गया था। एक साल की लड़ाई के बाद जीत मिली।0
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