271881बसंतपुर उदल रामनगर में कुल्हाड़ी से हमला, चार की मौत से दहशत
Babaganj, Uttar Pradesh:बसंतपुर उदल रामनगर में कुल्हाड़ी से हमला, चार की मौत से दहशत
बाबागंज। रुपईडीहा थाना के बसंतपुर उदल के मजरे रामनगर गांव में 1/2 मार्च की रात लगभग 12.30बजे एक सनसनीखेज घटना सामने आई। दो भाइयों के बिबाद में एक पुरुष सहित तीन महिलाओं की मौत हो गई तथा दोनो भाई गंभीर रूप से घायल हो गए,सभी को तत्काल पुलिस की मदद से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चरदा पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने 82 बर्षीय शिताला पत्नी राम फेरन, 62 वर्षीय बदलूराम पुत्र राम फेरन,60 वर्षीय संजू देवी पत्नी बदलूराम ,20 बर्षीय पार्वती पुत्री बदलूराम को मृत घोषित कर दिया लगभग 40 वर्षीय गुरुदेव पुत्र बदलू राम तथा 30 वर्षीय निरंकार पुत्र बदलू राम,गंभीर रूप से घायल हो गए। ग्रामीणों द्वारा घटना की सूचना मिलते ही चौकी प्रभारी बाबागंज शिवेश कुमार शुक्ला, 112 नंबर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने सभी को एंबुलेंस की सहायता से सीएचसी चरदा भेजा।सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चरदा के चिकित्सकों ने प्राथमिक परीक्षण के बाद एक पुरुष तीन महिलाओं सहित चार को मृत घोषित कर दिया, तथा गंभीर रूप से घायल निरंकार को जिला अस्पताल रेफर कर दिया, जहां से उसे लखनऊ ट्रामा सेंटर के भेज़ दिया गया,घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। थाना प्रभारी आरएस रावत, क्षेत्राधिकारी पहुप सिंह,अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण दुर्गा प्रसाद त्रिपाठी ,पुलिस अधीक्षक राम नयन सिंह ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।पुलिस अधीक्षक ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला पारिवारिक विवाद से जुड़ा प्रतीत हो रहा है, हालांकि हर पहलू से जांच की जा रही है। फोरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया गया, जिसने घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र किए। घर के भीतर खून के निशान, टूटी-फूटी वस्तुओं पड़ी दिखी और घटना में प्रयुक्त कुल्हाड़ी,घर के बाहर से बरामद की गई है। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल और पीएसी के जवानो को तैनात किया गया है। पुलिस प्रशासन ने ग्रामीणों से शांति बनाए रखने की अपील की है।ग्रामीणों का कहना है कि आरोपी पिछले कुछ समय से तनाव में था और घर में अक्सर विवाद की स्थिति बनी रहती थी। हालांकि इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। पुलिस सभी बिंदुओं पर गहनता से जांच कर रही है।घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है। गांव के लोग इस जघन्य घटना से स्तब्ध हैं।
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271881सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता का आयोजन
Babaganj, Uttar Pradesh:सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता का आयोजन
ब्लाक नवाबगंज प्रमुख जेपी सिंह के जन्मदिवस के अवसर पर सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।कार्यक्रम में क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। प्रतियोगिता का उद्देश्य बच्चों में प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित करना तथा उनकी बौद्धिक क्षमता को प्रोत्साहित करना रहा।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि कॉपरेटिव बैंक अध्यक्ष घनश्याम सिंह,तथा पूर्ब डी आईजी ओपी सिंह ने पुरूस्कार वितरित किया,श्री सिंह कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों के ज्ञानवर्धन के साथ-साथ आत्म विश्वास बढ़ाने में सहायक होती हैंप्रतियोगिता में इतिहास,भूगोल, विज्ञान,सामान्य अध्ययन और समसामयिक घटनाओं से जुड़े प्रश्न पूछे गए,कार्यक्रम में बद्रीसिंह, शिवपूजन सिंह,दुर्गेशवर्मा,आदि मौजूद रहे।
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271881पंडितपुरवा में श्रीमद् भागवत कथा के पांचवें दिन श्रीकृष्ण लीला का भावपूर्ण वर्णन,भक्तिमय हुआ वातावरण
Imam Nagar Gadrahwa, Uttar Pradesh:पंडितपुरवा में श्रीमद् भागवत कथा के पांचवें दिन श्रीकृष्ण लीला का भावपूर्ण वर्णन, भक्तिमय हुआ वातावरण
ब्लॉक नवाबगंज क्षेत्र के पंडितपुरवा गांव में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के पांचवें दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। कथा व्यास पंडित कुमारी शोभा शास्त्री एवं पंडित नैमिष शास्त्री ने श्रीकृष्ण लीला का अत्यंत मार्मिक और विस्तृत वर्णन किया। कथा पंडाल में उपस्थित श्रद्धालु भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं, गोवर्धन धारण, कालिय दमन और रासलीला के प्रसंगों को सुनकर भावविभोर हो उठे। पूरा वातावरण “राधे-राधे” और “जय श्रीकृष्ण” के जयघोष से गुंजायमान रहा।
कथा व्यास पंडित कुमारी शोभा शास्त्री ने कहा कि श्रीमद् भागवत कथा मनुष्य जीवन को दिशा देने वाली दिव्य कथा है। भगवान श्रीकृष्ण की लीलाएं हमें प्रेम, करुणा, धर्म और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती हैं। उन्होंने श्रीकृष्ण जन्म प्रसंग का वर्णन करते हुए बताया कि जब-जब पृथ्वी पर अधर्म बढ़ता है, तब-तब भगवान विभिन्न अवतारों में अवतरित होकर धर्म की स्थापना करते हैं। कंस के अत्याचारों से त्रस्त मथुरा नगरी में भगवान का अवतरण केवल एक चमत्कार नहीं, बल्कि यह संदेश है कि अन्याय का अंत निश्चित है।
पंडित नैमिष शास्त्री ने श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन करते हुए बताया कि किस प्रकार नटखट कान्हा ने अपने बाल सखाओं के साथ माखन चोरी की, गोपियों को प्रेम का सच्चा अर्थ समझाया और यशोदा मैया के वात्सल्य को सार्थक किया। उन्होंने कहा कि भगवान की प्रत्येक लीला में गहरा आध्यात्मिक संदेश छिपा है। कालिय नाग दमन की कथा सुनाते हुए उन्होंने बताया कि यह प्रसंग हमें अहंकार का त्याग करने और ईश्वर की शरण में जाने की सीख देता है।
गोवर्धन पर्वत धारण की कथा का वर्णन करते हुए पंडित नैमिष शास्त्री ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने इंद्र के अभिमान को तोड़कर यह सिद्ध किया कि प्रकृति और गौ सेवा का महत्व सर्वोपरि है। उन्होंने ग्रामीण जीवन में प्रकृति संरक्षण और पशुधन की रक्षा के महत्व पर भी प्रकाश डाला। कथा के दौरान श्रद्धालु बार-बार भावुक होकर हरि नाम का संकीर्तन करने लगे।
कथा को संगीत मय बनाने में सहयोगी कलाकारों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। हरिराम, कुलदीप मिश्रा, विक्रम प्रसाद, बसंतलाल, कृष्ण कुमार और अनूप कुमार सहित अन्य सहयोगियों ने भजन और संकीर्तन की मधुर प्रस्तुति देकर श्रद्धालुओं को भक्ति रस में डुबो दिया। ढोलक, हारमोनियम और झांझ की ध्वनि के साथ जब “श्याम तेरी बंसी पुकारे राधा नाम” और “गोविंद बोलो हरि गोपाल बोलो” जैसे भजन गूंजे तो पूरा पंडाल भक्तिरस में सराबोर हो गया।
महिलाएं और बच्चे भी कथा में बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कई श्रद्धालु दूर-दराज के गांवों से कथा श्रवण के लिए पहुंचे। आयोजन समिति द्वारा कथा स्थल पर श्रद्धालुओं के बैठने, पेयजल और प्रसाद वितरण की समुचित व्यवस्था की गई थी। गांव के युवाओं ने व्यवस्था संभालने में सक्रिय भूमिका निभाई।
कथा के दौरान पंडित कुमारी शोभा शास्त्री ने रासलीला का वर्णन करते हुए कहा कि यह लीला आत्मा और परमात्मा के मिलन का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि गोपियों का श्रीकृष्ण के प्रति प्रेम निष्काम भक्ति का आदर्श उदाहरण है। भक्ति मार्ग पर चलने वाला व्यक्ति संसार के बंधनों से मुक्त होकर ईश्वर की कृपा प्राप्त करता है।
श्रद्धालुओं ने कथा के उपरांत आरती में भाग लिया और भगवान श्रीकृष्ण के चरणों में पुष्प अर्पित किए। आरती के समय दीपों की रोशनी और शंखनाद से वातावरण और भी पवित्र हो गया।
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