जल सप्ताह के अवसर पर डीएम ने दिखाई हरी झंडी
Rampur, Uttar Pradesh:रामपुर: उत्तर प्रदेश सरकार के द्वारा जल संरक्षण को लेकर 16 जुलाई से जल सप्ताह की शुरुआत की गई है जो 22 जुलाई तक जारी रहेगा। जिलाधिकारी जोगिंदर सिंह के द्वारा प्रचार वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया है। जल सप्ताह का उद्देश्य भविष्य में आने वाले जल संकट से लोगों को जागरूक करना है और जल की कीमत को समझता है ताकि पानी को बेवजह बहाया ना जाए और इसकी कीमत समझी जाए। डीएम जोगिंदर सिंह ने जल सप्ताह के उद्देश्य की विस्तार पूर्वक जानकारी भी दी है।जेल में कैदी और अधिकारियों ने मिलकर लगाए पौधे
Rampur, Uttar Pradesh:रामपुर: शासन स्तर पर पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के स्तर पर मुहिम चलाई जा रही है जिसके तहत जनपद रामपुर में वन विभाग को 20 जुलाई को 26 लाख पौधे लगाए जाने का लक्ष्य दिया गया है। इसी क्रम में डीएफओ राजीव कुमार की अगुवाई में जिला जेल में कैदियों के द्वारा पौधा रोपित किए गए। जेल के अंदर डीएफओ राजीव कुमार एवं जेल अधीक्षक प्रशांत मौर्य के अलावा डिप्टी जेलर विनय प्रताप सिंह आदि ने भी पौधारोपण किया है।उत्तर प्रदेश अपराध निरोधक समिति कैदी के लिए बनी है मसीहा
Rampur, Uttar Pradesh:रामपुर जिला जेल में 8 साल से बंद कैदी की सजा पूरी हो चुकी थी लेकिन वह जुर्माना नहीं भर सका। जेल प्रशासन और उत्तर प्रदेश अपराध निरोधक समिति ने मिलकर उसकी जुर्माना राशि कोर्ट में जमा कराई। इसके बाद उसको जेल से रिहा कर दिया गया और उसने कई सालों बाद खुले आसमान में सांस ली। इस कदम की चारों ओर सराहना हो रही है।
आईएमसी प्रमुख मौलाना तौकीर रज़ा का फूका पुतला
Rampur, Uttar Pradesh:रामपुर:राष्ट्रीय शिव शक्ति सेवा के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय गुप्ता की अगुवाई में संगठन के पदाधिकारी सिविल लाइंस स्थित कार्यालय पर एकत्र हुए जहां पर उन्होंने पहले तो जोरदार नारेबाजी की फिर आईएमसी प्रमुख मौलाना तौकीर रज़ा का पुतला आज के हवाले कर दिया। संजय गुप्ता ने अपने वक्तव्य में तौकीर रजा पर तीखा हमला बोला है उनका कहना था कि वह हिंदू समाज के युवक और युवतियों को बहलाकर फुसलाकर धर्म परिवर्तन करा रहे हैं इसी बात से नाराज होकर संजय गुप्ता ने उन्हें पाकिस्तान तक चले जाने की नसीहत तक दे डाली है।रामपुर में नवाबी इमामबाड़े में मोहर्रम की परंपरा जारी
Rampur, Uttar Pradesh:रामपुर के ऐतिहासिक नवाबी इमामबाड़े में मोहर्रम के अवसर पर शहीदों के प्रति शोक संवेदनाएं व्यक्त की जा रही हैं। वहीं पूर्व मंत्री और इमामबाड़े के मुतावल्ली नवाब काजिम अली खान उर्फ नवेद मियां ने इमामबाड़े से जुड़ी धार्मिक परंपराओं की जानकारी दी। आपको बता दें कि 1949 में कोठी खास बाग परिसर में स्थापित इस इमामबाड़े में तब से लेकर अब तक शहीदाने कर्बला की याद में मातम किया जाता है। वहीं नवाब काजिम अली खान के नेतृत्व में धार्मिक रीति-रिवाजों का पालन किया जा रहा है।
