DM ने मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों-स्टूडेंट्स से किया सीधा संवाद, परखी मेडिकल कॉलेज की व्यवस्था, प्रिंसिपल ने बताईं डॉक्टरों की समस्याएं!
Ghazipur, Uttar Pradesh:गाजीपुर में जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला अचानक निरीक्षण पर निकले और जिला अस्पताल, NRC सेंटर, ट्रॉमा सेंटर और वन स्टॉप सेंटर का स्थलीय निरीक्षण किया। डीएम के अचानक पहुंचने से अधिकारियों और कर्मचारियों में हलचल रही। निरीक्षण के दौरान डीएम ने व्यवस्थाओं का जायजा लिया और मरीजों से भी सीधे बातचीत कर उनकी समस्याएं और संतुष्टि जानी।
इसके बाद जिलाधिकारी मेडिकल कॉलेज पहुंचे, जहां उन्होंने डॉक्टरों और मेडिकल स्टूडेंट्स से सीधे संवाद किया। डीएम ने एक-एक कर उनकी समस्याएं सुनीं और कहा कि किसी भी तरह की परेशानी हो तो उसे सीधे प्रशासन के संज्ञान में लाया जाए।
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य प्रोफेसर डॉ. आनंद मिश्रा के मुताबिक, डॉक्टरों और स्टूडेंट्स की प्रमुख समस्याएं सड़क की खराब स्थिति, पर्याप्त लाइटिंग और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी थीं।
वहीं, ट्रॉमा सेंटर के निरीक्षण के दौरान प्राचार्य ने डीएम को वहां मौजूद कमियों से अवगत कराया। डीएम ने बेसिक व्यवस्थाएं दुरुस्त कर ट्रॉमा सेंटर को जल्द शुरू करने की दिशा में कदम उठाने के निर्देश दिए।
वन स्टॉप सेंटर के निरीक्षण के दौरान भी डीएम ने कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान डीएम ने मरीजों से भी बातचीत की। प्राचार्य के मुताबिक, मरीजों की ओर से किसी बड़ी नकारात्मक शिकायत की बात सामने नहीं आई और अधिकांश मरीज व्यवस्थाओं से संतुष्ट नजर आए।
डीएम ने मेडिकल कॉलेज की सकारात्मक गतिविधियों को भी सामने लाने पर जोर दिया और अधिकारियों को निर्देश दिया कि कॉलेज की अच्छी पहल और उपलब्धियों की जानकारी भी नियमित रूप से साझा की जाए।
कुल मिलाकर जिलाधिकारी का यह दौरा अचानक निरीक्षण से लेकर डॉक्टरों, स्टूडेंट्स और मरीजों से सीधे संवाद तक केंद्रित रहा।
वहीं मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आनंद मिश्रा ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जनपदवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि गाजीपुर स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में लगातार आगे बढ़े और मेडिकल कॉलेज में बेहतर चिकित्सा सुविधाओं का लाभ ज्यादा से ज्यादा लोगों को मिले।
ईंधन बचाओ, देश बचाओ,डीएम अनुपम शुक्ला की जनपदवासियों से बड़ी अपील, पेट्रोल-डीजल की बचत को जनआंदोलन बनाने का आह्वान
Ghazipur, Uttar Pradesh:देश में ऊर्जा संरक्षण और पेट्रोलियम पदार्थों की बचत को लेकर अब जिला प्रशासन भी पूरी तरह एक्टिव हो गया है। गाजीपुर के जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने प्रेस वार्ता कर जनपदवासियों से पेट्रोल-डीजल की बचत करने और ऊर्जा संरक्षण को जनआंदोलन बनाने की अपील की है।
डीएम ने कहा कि ईंधन की बचत सिर्फ पैसों की नहीं, बल्कि राष्ट्रहित, पर्यावरण सुरक्षा और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से जुड़ा मुद्दा है। दरअसल गाजीपुर कलेक्ट्रेट सभागार यानी रायफल क्लब में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने प्रधानमंत्री के ऊर्जा संरक्षण अभियान का जिक्र करते हुए लोगों से पेट्रोलियम पदार्थों के सीमित और जरूरत के मुताबिक इस्तेमाल की अपील की। उन्होंने कहा कि पेट्रोल और डीजल देश की अमूल्य संपत्ति हैं और इनकी अनावश्यक खपत से राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था पर बोझ बढ़ता है, साथ ही पर्यावरण प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन जैसी गंभीर समस्याएं भी पैदा होती हैं। कहा कि ऊर्जा संरक्षण आज के समय की सबसे बड़ी जरूरत है।
अगर हर नागरिक प्रतिदिन थोड़ा-सा भी ईंधन बचाने का संकल्प ले, तो यह एक बड़ी राष्ट्रीय उपलब्धि साबित होगी। डीएम ने लोगों से छोटी दूरी के लिए पैदल चलने और साइकिल के इस्तेमाल की अपील की। साथ ही सार्वजनिक परिवहन और कार पूलिंग को प्राथमिकता देने की बात कही। उन्होंने कहा कि ट्रैफिक सिग्नल पर लंबे समय तक रुकने की स्थिति में वाहन का इंजन बंद रखें और समय-समय पर वाहन की सर्विस कराते रहें, ताकि ईंधन की खपत कम हो सके।
डीएम ने युवाओं और बच्चों को भी ऊर्जा संरक्षण के प्रति जागरूक करने पर जोर दिया। इसके साथ ही जिलाधिकारी ने सरकारी कार्यालयों, संस्थानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से भी ऊर्जा बचत के उपाय लागू करने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ सरकारी अभियान नहीं, बल्कि हर नागरिक की नैतिक जिम्मेदारी है।
हत्याकांड का खुलासा, ढाई लाख के विवाद में दोस्ती बनी दुश्मनी,बहन-भाई ने मिलकर युवक की गला दबाकर हत्या की, शव गंगा में फेंका
Ghazipur, Uttar Pradesh:गाजीपुर में दोस्ती, भरोसा और रिश्तों के पीछे छिपी साजिश ने एक युवक की जान ले ली। ढाई लाख रुपये के लेन-देन और कथित धमकियों से उपजे विवाद ने ऐसा खूनी रूप लिया कि बहन और भाई ने मिलकर युवक की गला दबाकर हत्या कर दी और शव को गंगा नदी में फेंक दिया।
इस पूरे मामले का खुलासा एसपी सिटी डॉ. राकेश मिश्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर किया है।
दरअसल गाजीपुर के सदर कोतवाली क्षेत्र के बारह बंगला निवासी मनोहर सिंह यादव के अपहरण की सूचना 9 फरवरी 2026 को परिजनों द्वारा कोतवाली पुलिस को दी गई थी। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
जांच के दौरान एसडीआरएफ और स्थानीय गोताखोरों की मदद से 11 फरवरी को गंगा नदी से एक शव बरामद हुआ, जिसकी पहचान मनोहर सिंह यादव के रूप में हुई। शव मिलने के बाद पुलिस ने जांच तेज की और हत्या व साक्ष्य मिटाने की धाराएँ बढ़ा दीं। जांच के क्रम में पुलिस ने मेदनीपुर, थाना सुहवल निवासी परीक्षित सिंह और उसकी बहन दीप सिंह को गिरफ्तार किया। प्रेस वार्ता में एसपी सिटी डॉ. राकेश मिश्रा ने बताया कि पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है।
बताया गया कि मृतक मनोहर सिंह यादव, दीप सिंह का पुराना परिचित था और कॉलेज के दिनों से दोनों के बीच जान-पहचान थी। आरोप है कि दीप सिंह ने एफडी तुड़वाकर मनोहर को करीब ढाई लाख रुपये उधार दिए थे, लेकिन मृतक मनोहर के द्वारा पैसे वापस नहीं किए जा रहे थे। साथ ही आरोप है कि मृतक द्वारा महिला को परेशान किया जा रहा था और बदनाम करने की धमकी दी जा रही थी। जिससे विवाद बढ़ता गया।
9 फरवरी की रात मनोहर सिंह यादव महिला को घर छोड़ने के बहाने गंगा नदी रेलवे पुल, सुहवल की ओर ले गया। वहीं पहले से मौजूद भाई परीक्षित सिंह ने पैसों को लेकर सवाल किया। इसी दौरान विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों भाई-बहन ने मिलकर युवक का गला दबाकर हत्या कर दी और शव गंगा नदी में फेंक दिया। हत्या के बाद साक्ष्य मिटाने के लिए आरोपियों ने मोटरसाइकिल की नंबर प्लेट पर मिट्टी लगा दी, बाइक को पुल पर खड़ा किया और मोबाइल, हेलमेट व चाबी नदी में फेंक दी। फिलहाल थाना कोतवाली पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और आगे की विधिक कार्रवाई जारी है।
गाजीपुर में हॉकी ओलंपियन धनराज पिल्ले ने क्रिकेट फेडरेशन की तारीफ, बीसीसीआई को बताया आदर्श मॉडल
Ghazipur, Uttar Pradesh:गाजीपुर में राज्य स्तरीय आमंत्रण महिला हॉकी प्रतियोगिता के दौरान भारतीय हॉकी के दिग्गज, पूर्व कप्तान, चार बार के ओलंपियन और अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित धनराज पिल्ले का गाजीपुर आगमन हुआ। उनके पहुंचते ही महिला खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों में उत्साह की लहर दौड़ गई। अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी अंबुज श्रीवास्तव के आमंत्रण पर पहुंचे धनराज पिल्ले ने मैदान में उतरकर महिला खिलाड़ियों से हाथ मिलाया, उनका हौसला बढ़ाया और अपने संघर्ष भरे जीवन के अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि वे खुद बेहद गरीब परिवार से आते हैं, लेकिन मेहनत और लगन ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया। पत्रकारों से बातचीत में धनराज पिल्ले ने क्रिकेट फेडरेशन की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि बीसीसीआई अपने पुराने खिलाड़ियों को साथ जोड़कर रखता है, यही वजह है कि क्रिकेट आज सबसे लोकप्रिय खेल है। हॉकी को क्रिकेट के मुकाबले उतने स्पॉन्सर नहीं मिल पाते, यही दोनों खेलों के बीच सबसे बड़ा अंतर है। उन्होंने महिला खिलाड़ियों को संदेश देते हुए कहा कि आज सरकार खेलों के लिए संसाधन और सुविधाएं दे रही है, जरूरत सिर्फ खिलाड़ियों की मेहनत और लगन की है। अगर खिलाड़ी अच्छा खेलेंगे तो अपने माता-पिता और खुद के लिए एक बेहतर जिंदगी बना सकते हैं। धनराज पिल्ले ने कहा—कभी खुद को कमजोर या कमतर मत समझिए। मैंने भी राष्ट्रपति भवन जाकर अर्जुन अवार्ड लेने का सपना देखा था और उसे पूरा किया। वहीं अमेरिका द्वारा टैरिफ लगाए जाने से जुड़े सवाल पर धनराज पिल्ले ने मुस्कुराते हुए हाथ जोड़कर कहा— “हमको काहे राजनीति में फंसा रहे हो भाई।” उनके इस जवाब पर माहौल हल्का और खुशनुमा हो गया।
बता दें कि गाजीपुर में आयोजित इस राज्य स्तरीय महिला हॉकी प्रतियोगिता में उत्तर प्रदेश की कुल छह ख्यातिलब्ध टीमें हिस्सा ले रही हैं। आज उद्घाटन मैच यूपी पुलिस और गोरखपुर स्पोर्ट्स कॉलेज के बीच खेला गया, जो बेहद रोमांचक रहा।
सपा सांसद अफजाल अंसारी ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद प्रकरण व गाय को राष्ट्रमाता घोषित करने पर दिया बयान
Ghazipur, Uttar Pradesh:गाजीपुर के राइफल क्लब में आयोजित दिशा समिति की बैठक के बाद समाजवादी पार्टी के सांसद अफजाल अंसारी ने आज एक साथ कई अहम और संवेदनशील मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी। शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के मामले से लेकर गाय को राष्ट्र माता घोषित करने की मांग, हलाल उत्पाद, मणिकर्णिका घाट प्रकरण और यहां तक कि अपनी जान को खतरे की आशंका तक -अफजाल अंसारी ने सरकार और प्रशासन पर तीखे सवाल खड़े किए। सबसे पहले बात शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के मामले में अफजाल अंसारी ने कहा कि इस पूरे प्रकरण में जो भी अधिकारी दोषी हैं, उन्हें शंकराचार्य से सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने कहा कि संत समाज का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। अफजाल अंसारी ने यह भी याद दिलाया कि जब उनके शासनकाल में शंकराचार्य के साथ दुर्व्यवहार हुआ था, तब तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने स्वयं माफी मांगी थी, जिसे शंकराचार्य ने क्षमा कर दिया था। अंसारी ने कहा कि शंकराचार्य संत हैं, वे किसी को श्राप नहीं दे सकते और उनके बारे में गलत धारणाएं फैलाना दुर्भाग्यपूर्ण है।
गाय को राष्ट्र माता घोषित करने की मांग पर भी अफजाल अंसारी ने खुलकर समर्थन किया।
उन्होंने सवाल किया कि जब शेर को राष्ट्रीय पशु और मोर को राष्ट्रीय पक्षी घोषित किया जा सकता है, तो फिर गाय को राष्ट्र माता क्यों नहीं बनाया जा सकता। उनके मुताबिक, इस मांग पर किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘हलाल’ लिखे खाद्य पदार्थों को लेकर दिए गए बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए अफजाल अंसारी ने कहा कि एक तरफ हलाल पर सवाल उठाए जा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ओमान से हलाल का प्रोफार्मा लेकर आते हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि आज भारत बीफ एक्सपोर्ट में ब्राजील को पीछे छोड़ चुका है और खुद को ‘विश्वगुरु’ कह रहा है। अफजाल अंसारी ने कहा कि देश में एक तरफ संविधान की धज्जियां उड़ रही हैं, तो दूसरी तरफ सनातन धर्म का भी अपमान हो रहा है। वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर हुई तोड़फोड़ के मामले में भी अफजाल अंसारी ने बड़ा आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि वाराणसी के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को गुमराह किया है और उन्हीं अफसरों की वजह से मुख्यमंत्री से यह कहलवाया गया कि वायरल वीडियो एआई-जनरेटेड हैं, जबकि सच्चाई कुछ और है।
