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चंदेरी के बेटे की जीत: 20 असफलताओं के बाद विवेक यादव बने IPS, मां के संघर्ष ने लिखा इतिहास
Nitya DubeyNitya DubeyMar 06, 2026 15:04:05
Harai, Madhya Pradesh:

चंदेरी: मध्य प्रदेश के ऐतिहासिक शहर चंदेरी से संघर्ष, धैर्य और अटूट विश्वास की प्रेरणादायक कहानी सामने आई है। यहां के युवा विवेक यादव ने लगातार 20 प्रतियोगी परीक्षाओं में असफल होने के बाद आखिरकार अपने सपने को सच कर दिखाया और IPS अधिकारी बन गए। उनकी कहानी बताती है कि सच्ची मेहनत के आगे किस्मत भी झुक जाती है।

मां की सिलाई से बना बेटे का भविष्य

विवेक की सफलता के पीछे उनकी मां का अथक संघर्ष छिपा है। आर्थिक तंगी के बीच उनकी मां ने वर्षों तक दिन-रात सिलाई और बुनाई करके बेटे की पढ़ाई का खर्च उठाया। सिलाई मशीन पर चलने वाली हर सुई उनके बेटे के सपने को आगे बढ़ाने का जरिया बनी। थकान के बावजूद मां का हौसला कभी नहीं टूटा और वही विवेक की सबसे बड़ी ताकत बना।

20 असफलताएं, लेकिन हिम्मत नहीं हारी

विवेक का सफर बेहद कठिन रहा। उन्होंने अलग-अलग प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार 20 बार असफलता का सामना किया। कई लोगों ने उनकी काबिलियत पर सवाल उठाए, लेकिन विवेक ने हर हार को सीख में बदला। आखिरकार UPSC की 20वीं कोशिश में उन्होंने सफलता हासिल की और सिविल सेवा में जगह बनाई।

किस्मत की आखिरी परीक्षा

UPSC पास करने के बाद भी किस्मत ने एक और चुनौती दी। फॉर्म भरते समय OBC प्रमाणपत्र में तकनीकी समस्या के कारण उन्हें अपनी श्रेणी का लाभ नहीं मिल पाया। अच्छी रैंक के बावजूद उनका सपना IPS बनने का पूरा नहीं हो सका और उन्हें IRMS (इंडियन रेलवे मैनेजमेंट सर्विस) में जाना पड़ा।

आखिरकार मिला खाकी का सम्मान

ज्यादातर लोग इतनी बड़ी नौकरी मिलने के बाद संतुष्ट हो जाते, लेकिन विवेक का सपना खाकी वर्दी पहनने का था। नौकरी के साथ-साथ पढ़ाई जारी रखते हुए उन्होंने फिर परीक्षा दी और आखिरकार IPS अधिकारी बनकर अपने सपने को साकार कर दिया।

विवेक यादव का संदेश

“मेरी सफलता मेरी मां के उन अनगिनत घंटों का परिणाम है जो उन्होंने सिलाई मशीन पर बिताए। 19 बार असफल होने के बाद मुझे समझ आया कि किस्मत आपके सपनों को देर से पूरा कर सकती है, लेकिन हार नहीं सकती अगर आप हार मानने से इनकार कर दें।”

विवेक यादव की यह कहानी मध्य प्रदेश ही नहीं बल्कि पूरे देश के लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा की मिसाल बन गई है। यह साबित करती है कि अगर हिम्मत और मेहनत हो, तो कोई भी सपना असंभव नहीं होता।

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Agra282001
मौत बनकर टूटी छत! कर्मचारियों ने भागकर बचाई जान, निर्माण पर उठे सवाल
Nitya DubeyNitya DubeyFeb 19, 2026 10:47:40
Agra, Uttar Pradesh:

आगरा। आगरा फोर्ट रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार को बड़ा हादसा होते-होते टल गया। स्टेशन परिसर में बने टीटीई विश्राम गृह की छत का प्लास्टर अचानक नीचे गिर गया। उस समय कमरे में रेलवे कर्मचारी मौजूद थे, लेकिन सभी ने तुरंत बाहर भागकर अपनी जान बचा ली। किसी के गंभीर रूप से घायल होने की खबर नहीं है। कर्मचारियों के अनुसार, पहले छत से हल्की-हल्की मिट्टी और छोटे टुकड़े गिरने लगे। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, प्लास्टर का बड़ा हिस्सा भरभराकर नीचे गिर पड़ा। कमरे में धूल फैल गई और कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मच गई। घटना का वीडियो भी किसी ने मोबाइल से बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर फैल रहा है। बताया जा रहा है कि यह भवन साल 2020 में करोड़ों रुपये खर्च कर बनाया गया था। हैरानी की बात यह है कि दो महीने पहले ही इस कमरे में मरम्मत और पुताई का काम हुआ था। इसके बावजूद छत का इस तरह गिरना निर्माण और मरम्मत की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर रहा है। कर्मचारियों का कहना है कि काम सही तरीके से नहीं किया गया होगा। घटना की जानकारी मिलते ही रेलवे अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने जगह का निरीक्षण किया और जांच के आदेश दे दिए। अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जाएगी और जो भी जिम्मेदार होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। साथ ही बाकी कमरों और इमारतों की भी जांच कराई जाएगी। इस घटना के बाद कर्मचारियों में डर का माहौल है। उनका कहना है कि अगर यह हादसा थोड़ा देर से होता, तो किसी को गंभीर चोट लग सकती थी। अब सभी लोग उम्मीद कर रहे हैं कि रेलवे प्रशासन जल्दी से जल्दी जरूरी कदम उठाएगा, ताकि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो।

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