212207कौशाम्बी: पति की लाइसेंसी रायफल से पत्नी ने खुद को मारी गोली
Babura, Uttar Pradesh:यूपी के कौशाम्बी जिले में एक महिला ने अपने पति की लाइसेंसी राइफल से खुद को गोली मार ली,पति व बेटे उसे जिला अस्पताल ले गए,जहां डॉक्टरो ने महिला को मृत घोषित कर दिया। जांच के दौरान पता चला कि महिला डिप्रेशन में चल रही थी जिसका इलाज़ प्रयागराज में चल रहा था,घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और मामले की जांच में जुटी हुई है।
घटना पश्चिम शरीरा थाना क्षेत्र की है जहा संगीता सिंह (42) पत्नी करन सिंह, निवासी पचम्भा अपने पति व बच्चों के साथ पूरब शरीरा स्थित निजी आवास में रह रही थी। पति करन सिंह सहज जनसेवा केंद्र के संचालक हैं।
परिजनों के अनुसार संगीता लंबे समय से मानसिक बीमारी से पीड़ित थी। बीती रात अचानक उसने पति की लाइसेंसी राइफल से अपने सीने में गोली मार ली। फायर की आवाज सुनकर परिजन कमरे की ओर दौड़े तो संगीता खून से लथपथ जमीन पर पड़ी तड़प रही थी। आनन-फानन में उसे जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।सूचना मिलते ही पश्चिम शरीरा पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
घटना की सूचना कर एएसपी राजेश कुमार सिंह ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और परिजनों से पूछताछ की, एएसपी ने बताया कि महिला डिप्रेशन की शिकार थी,उसका प्रयागराज में इलाज चल रहा था,उसने अपने पति की लाइसेंसी रायफल से खुद को गोली मार ली,जिसकी मौत हो गई।घटना कैसे और किन कारणों से घटित हुई है प्रत्येक पहलुओं से जांच की जा रही है।
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212204कौशांबी:करारी नगर पंचायत में जिलाधिकारी ने किया औचक निरीक्षण साथ ही प्रशासनिक सख़्ती का संदेश
Daranagar, Saini, Uttar Pradesh:जिलाधिकारी अमित पाल शर्मा का आकस्मिक निरीक्षण, व्यवस्था सुधार का स्पष्ट अल्टीमेटम
करारी नगर पंचायत कार्यालय में आज उस समय प्रशासनिक हलचल तेज़ हो गई, जब जिलाधिकारी डॉ. अमित पाल शर्मा ने बिना पूर्व सूचना आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण का उद्देश्य केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि जमीनी हकीकत को परखना था और तस्वीर संतोषजनक नहीं मिली।जिलाधिकारी ने शिकायत पंजिका का गहन अवलोकन किया तो गंभीर लापरवाही सामने आई। कई शिकायतों में न तो शिकायतकर्ता का मोबाइल नंबर दर्ज था, न ही पंजिका पूर्ण एवं सत्यापित पाई गई। इस पर उन्होंने कड़ा रुख अपनाते हुए अधिशासी अधिकारी से तत्काल स्पष्टीकरण तलब करने के निर्देश दिए। उनका स्पष्ट संदेश था कि जनसमस्याओं से जुड़ा कोई भी अभिलेख अधूरा या लापरवाह तरीके से नहीं रखा जा सकता।निरीक्षण के दौरान कार्यालय एवं परिसर की साफ-सफाई व्यवस्था भी कसौटी पर खरी नहीं उतरी। जिलाधिकारी ने साफ शब्दों में कहा कि नगर पंचायत जैसे संवेदनशील संस्थान में अव्यवस्था स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने बेहतर स्वच्छता, व्यवस्थित अभिलेख प्रबंधन और जवाबदेह कार्यसंस्कृति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।डॉ. अमित पाल शर्मा ने अधिशासी अधिकारी को चेताया कि शिकायतों का निस्तारण केवल कागज़ी नहीं, बल्कि गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध होना चाहिए, ताकि आम नागरिक का प्रशासन पर भरोसा मजबूत हो। यह निरीक्षण स्पष्ट संकेत है कि जिले में लापरवाही नहीं, बल्कि जवाबदेही और पारदर्शिता ही प्रशासन की प्राथमिकता है।
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