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शराब की दुकान हटाने की मांग पर महिलाओं ने हाथों में झाड़ू चप्पल लेकर किया प्रदर्शन
Ballia, Uttar Pradesh:एंकर- बलिया में शराब की दुकान और शराबियों के हुड़दंग से परेशान महिलाओं ने हाथों में झाड़ू और चप्पल लेकर प्रदर्शन किया। दरअसल सदर कोतवाली अंतर्गत बेदुआ बांध पर शराब की तीन दुकाने है। स्थानीय लोगों का आरोप है की शाम ढलते ही शराबियों का हुडंग शुरू हो जाता है और आने जाने वाली महिलाओं और लड़कियों का चलना दुभर हो जाता है। शराब की दुकानों को स्थानांतरित करने की मांग को लेकर पिछले 10 दिनों से क्रमिक धरना प्रदर्शन चल रहा है। प्रदर्शनकारियो का कहना है कि कुछ दिनों पहले ही सिटी मजिस्ट्रेट ने आश्वासन दिया था की दुकानों को स्थानांतरित कर दिया जाएगा लेकिन जिला प्रशासन ने कोई कार्यवाही नहीं की लिहाजा स्थानीय महिलाएं एवं पुरुष हाथों में झाड़ू चप्पल लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं।0
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बलिया में मुकेश साहनी का निषाद पार्टी के अध्यक्ष संजय निषाद को चुनौती
Ballia, Uttar Pradesh:यूपी में मौसम चाहे बदला हो पर 2027 मैं आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक पार्टियों में सरगर्मियां जरूर बढ़ गई है। बलिया पहुंचे वीआईपी पार्टी के संस्थापक और बिहार के पूर्व मंत्री मुकेश साहनी ने निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और यूपी सरकार के मंत्री संजय निषाद को चुनौती दे डाली है कि अगर 6 महीने के भीतर डॉ0 संजय निषाद भाजपा सरकार में रहते हुए निषादों को आरक्षण नहीं दिला पाए तो एनडीए छोड़कर इंडी गठबंधन में आ जाएं। वही कहा कि यूपी विधानसभा चुनाव को लेकर उनकी पार्टी विशेष अभियान चलाने जा रही है। जिसकी तहत निषाद समाज को उसके आरक्षण के अधिकार को लेकर हम घर-घर तक जाएंगे। वही कहा कि अगर संजय निषाद निषादों को आरक्षण दिला देते हैं और मुझे एनडीए में आने को कहते हैं तो मैं जरूर आ जाऊंगा।0
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बलिया पहुंचे वीआईपीपार्टी के संस्थापक मुकेश साहनी ने यूपी सरकार के मंत्री डॉ संजय निषाद को दी चुनौती
Ballia, Uttar Pradesh:यूपी में मौसम चाहे बदला हो पर 2027 मैं आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक पार्टियों में सरगर्मियां जरूर बढ़ गई है। बलिया पहुंचे वीआईपी पार्टी के संस्थापक और बिहार के पूर्व मंत्री मुकेश साहनी ने निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और यूपी सरकार के मंत्री संजय निषाद को चुनौती दे डाली है कि अगर 6 महीने के भीतर डॉ0 संजय निषाद भाजपा सरकार में रहते हुए निषादों को आरक्षण नहीं दिला पाए तो एनडीए छोड़कर इंडी गठबंधन में आ जाएं। वही कहा कि यूपी विधानसभा चुनाव को लेकर उनकी पार्टी विशेष अभियान चलाने जा रही है। जिसकी तहत निषाद समाज को उसके आरक्षण के अधिकार को लेकर हम घर-घर तक जाएंगे। वही कहा कि अगर संजय निषाद निषादों को आरक्षण दिला देते हैं और मुझे एनडीए में आने को कहते हैं तो मैं जरूर आ जाऊंगा।0
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बलिया पहुंचे अभिनेता एवं भाजपा सांसद रवि किशन ने महिला आरक्षण बिल संशोधन को लेकर विपक्ष पर साधा निशा
Ballia, Uttar Pradesh:बलिया पहुंचे अभिनेता एवं भाजपा सांसद रवि किशन ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि महिला आरक्षण बिल का विरोध परिवार वाद वालों ने किया। जीने लगता है कि घर की महिलाएं आगे आ जाएगी और पुरुष का वर्चस्व खत्म हो जाएगा इस धारणा को ही प्रधानमंत्री मोदी तोड़ना चाहते थे। वही कहा कि प्रधानमंत्री जो प्रण लेते हैं उसे पूरा जरूर करते हैं 2019 में हम पूरी संख्या के साथ आएंगे और इस बिल को पारित करेंगे। वही कहा कि विपक्ष इसे अपनी जीत कैसे कह सकता है ।महिलाओं महिला शक्ति को हराकर आखिरकार कैसी जीत। वहीं पश्चिम बंगाल चुनाव पर प्रधानमंत्री के झालमुरी खाने पर कहा कि प्रधानमंत्री ने पश्चिम बंगाल के गुंडे और माफिया को यह चेतावनी दे दी है कि वह जमीन पर उतरकर पश्चिम बंगाल की जनता की रक्षा और सुरक्षा के लिए खड़े हैं। साथी प्रधानमंत्री ने गुंडे माफियाओं को यह चेतावनी भी दी है कि 29 तक थाने में सरेंडर करले वरना 4 मई को रिजल्ट आने के बाद कोई बचेगा नहीं।0
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महिला आरक्षण बिल के संशोधन का बलिया की महिलाओं ने किया स्वागत
Ballia, Uttar Pradesh:देश की संसद में महिला आरक्षण बिल एवं सीट परिसीमन संशोधन विधेयक को लेकर तीन ड्राफ्ट पेश किया जा रहे हैं। नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन की कवायद को लेकर बलिया की महिलाओं का कहना है कि राजनीति में महिलाओं की भागीदारी और हिस्सेदारी बढ़नी चाहिए। आजादी के बाद देश की आधी आबादी अभी भी अपने अधिकारों से वंचित है। वहीं कुछ महिलाओं का कहना है की सरकर के इस कदम का पक्ष और विपक्ष सभी पार्टियों को समर्थन करना चाहिए ताकि महिलाओं को मिलने वाला 33% आरक्षण पूरी तरीके से लागू हो सके। वहीं अन्य महिलाओं ने कहा कि आज भी महिलाएं राजनीति में स्टांप की तरह काम कर रही है यानी पुरुषों का वर्चस्व अभी भी काफी हद तक बना हुआ है। ऐसे में महिलाओं का शैक्षिक, आर्थिक, सामाजिक और मानसिक रूप से सशक्त होना जरूरी है ताकि पुरुषों के बजाय वह स्वयं निर्णय लेने की क्षमता अपने अंदर पैदा कर सकें। महिलाओं ने कहा कि अगर परिसीमन के बाद सीटों की संख्या बढ़ती है तो वह नजारा बेहद खूबसूरत होगा जब बड़ी संख्या में महिलाएं विधानसभा सहित लोकसभा में प्रतिनिधित्व करती दिखाई देगी0
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