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झाड़ोल में थ्रेशर पलटने से चालक की मौत, इलाज में देरी बनी कारण
Awarda, Rajasthan:झाड़ोल थाना क्षेत्र के कोचला गांव में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। खेत में गेहूं निकालकर दूसरे खेत में जाते समय थ्रेशर अचानक अनियंत्रित होकर पलट गया, जिससे चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल चालक को तत्काल झाड़ोल अस्पताल लाया गया, लेकिन समय पर उचित इलाज नहीं मिलने के कारण उसकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही झाड़ोल पुलिस मौके पर पहुंची और मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।0
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झाड़ोल में CHO प्रोत्साहन राशि पर विवाद, समान भुगतान पर उठे सवाल
Awarda, Rajasthan:राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत कार्यरत सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (CHO) के Performance Based Incentive (PBI) वितरण को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। CHOs का आरोप है कि हाल ही में सभी कर्मियों को समान राशि दी गई, जबकि यह प्रोत्साहन व्यक्तिगत प्रदर्शन के आधार पर होना चाहिए। कर्मियों के अनुसार OPD, ANC/PNC, टीकाकरण व NCD स्क्रीनिंग जैसे मानकों पर मूल्यांकन के बावजूद समान भुगतान योजना की भावना के विपरीत है। ब्लॉक स्तर पर बजट की कमी और समय पर फॉर्मेट जमा नहीं होने का हवाला दिया गया, लेकिन CHOs का कहना है कि मासिक रिपोर्ट से भी प्रदर्शन आंका जा सकता था। मामले को लेकर CHOs ने SDM को ज्ञापन सौंपकर पारदर्शी जांच की मांग की है। जल्द समाधान नहीं होने पर उच्च स्तर पर शिकायत की चेतावनी दी गई है। फिलहाल विभागीय अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। झाड़ोल (उदयपुर)। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के अंतर्गत कार्यरत सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (CHO) को दिए जाने वाले Performance Based Incentive (PBI) के वितरण को लेकर झाड़ोल ब्लॉक में विवाद गहराता जा रहा है। CHOs का आरोप है कि हाल ही में वितरित किए गए PBI में सभी कार्मिकों को समान राशि प्रदान की गई, जबकि यह प्रोत्साहन राशि व्यक्तिगत कार्य निष्पादन (Performance) के आधार पर दी जानी चाहिए। CHO कर्मियों का कहना है कि PBI का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं में बेहतर प्रदर्शन को प्रोत्साहित करना है, जिसमें OPD सेवाएं, ANC/PNC देखभाल, टीकाकरण, NCD स्क्रीनिंग जैसे विभिन्न मानकों के आधार पर मूल्यांकन किया जाता है। ऐसे में सभी को समान राशि देना योजना की मूल भावना के विपरीत है। सूत्रों के अनुसार, दिसंबर माह में निर्धारित incentive format समय पर जमा नहीं हो पाने का हवाला देते हुए ब्लॉक स्तर पर समान भुगतान कर दिया गया। हालांकि CHOs का तर्क है कि मासिक रिपोर्ट के आधार पर भी व्यक्तिगत प्रदर्शन का आकलन संभव था। CHO कर्मियों ने यह भी आरोप लगाया कि विभिन्न महीनों में प्रोत्साहन राशि (जैसे ₹9000, ₹10000, ₹10500 आदि) बदलती रही, लेकिन हर माह सभी CHOs को समान राशि ही दी गई, जिससे व्यक्तिगत प्रदर्शन का कोई अंतर परिलक्षित नहीं होता। इस संबंध में ब्लॉक स्तर पर हुई चर्चा के दौरान BCMO द्वारा यह भी कहा गया कि “बजट कम प्राप्त हुआ है, इसलिए पूर्ण भुगतान संभव नहीं था”। हालांकि CHOs का कहना है कि बजट की कमी होने पर भी राशि का वितरण व्यक्तिगत प्रदर्शन के अनुपात में किया जाना चाहिए था, न कि सभी को समान रूप से। इस मुद्दे को लेकर CHOs ने अब मामला प्रशासनिक स्तर तक भी पहुंचा दिया है। सभी CHOs द्वारा उपखंड अधिकारी (SDM) को भी इस संबंध में ज्ञापन प्रस्तुत किया गया है, जिसमें पारदर्शी जांच एवं उचित कार्रवाई की मांग की गई है। CHO कर्मियों का कहना है कि यदि जल्द ही पारदर्शी पुनर्गणना (re-calculation) नहीं की गई, तो वे जिला एवं राज्य स्तर पर आगे भी शिकायत दर्ज करवाएंगे। स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों का कहना है कि यदि PBI वितरण में अनियमितता पाई जाती है, तो भविष्य में यह ऑडिट आपत्ति का कारण बन सकता है। फिलहाल, इस पूरे मामले में संबंधित अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। CHOs को अब उच्च स्तर से निष्पक्ष जांच और उचित कार्यवाही की उम्मीद है।0
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