हाथरस में शंकराचार्य अवमुक्तेश्वरानंद की गविष्ठि यात्रा, बोले- गौ माता को राष्ट्रमाता का दर्जा मिलने तक जारी रहेगा आंदोलन
Hathras, Uttar Pradesh:जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी अवमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने हाथरस जिले में अपनी गविष्ठि यात्रा के दौरान गौ माता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने की मुहिम को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प दोहराया। शंकराचार्य ने बताया कि यह गविष्ठि यात्रा देशभर में गौ हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध की मांग को लेकर निकाली जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक गौ माता को राष्ट्रमाता का दर्जा नहीं मिल जाता और उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक यह अभियान जारी रहेगा। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को नकली हिंदू बताया।सिकंद्राराऊ में मीडिया से बात करते हुए शंकराचार्य ने राम मंदिर के चढ़ावे में कथित गड़बड़ी का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने अखिलेश यादव पर 'टोंटी चोर' होने का आरोप लगाया था, उन्हें अब राम मंदिर के चढ़ावे से जुड़े तथ्यों पर जवाब देना चाहिए। शंकराचार्य ने कहा कि पहले चंपत राय ने सफाई दी थी कि कोई गड़बड़ी नहीं है, लेकिन अब पैसा बरामद होने और चार लोगों की गिरफ्तारी की खबरें आ रही हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि अयोध्या के साधु-संत भी नियमित चोरी की बात कह रहे हैं। हाथरस में मीडिया से बातचीत के दौरान, उन्होंने आशुतोष महाराज से संबंधित एक सवाल पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। शंकराचार्य ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार केवल सनातन का दिखावा कर रही है, जबकि उसका वास्तविक उद्देश्य सनातन के नाम पर सत्ता हासिल करना है।उन्होंने बताया कि उनकी यात्रा का उद्देश्य 2027 में होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों के मद्देनजर मतदाताओं को जागरूक करना है। शंकराचार्य ने मतदाताओं से कहा कि वे अगले चुनाव में गाय की रक्षा के लिए मतदान करें और उसी पार्टी को वोट दें जो गाय को राष्ट्रमाता घोषित करे। शंकराचार्य ने यह भी कहा कि मुस्लिम समुदाय के लोग भी गाय को बचाने की बात कर रहे हैं, फिर भी सरकार गाय को राष्ट्रमाता घोषित नहीं कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुसलमानों का नाम तो लिया जा रहा था, लेकिन असली जड़ तो यही लोग हैं। इस मौके पर यात्रा का जोशीला स्वागत किया गया।
