हाथरस में मृत गाय को दफनाकर लौट रही नगर पालिका की जेसीबी ने 11 साल की बच्ची को रौंदा, मौके पर ही तोड़ा दम
Hathras, Uttar Pradesh:हाथरस गेट कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला जोगीपुरा में आज रविवार शाम 6 बजे के लगभग एक जेसीबी की चपेट में आने से 11 साल की बच्ची नैना की मौत हो गई। वह कक्षा 2 की छात्रा थी। परिवार के लोग उसे तुरंत जिला अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने बच्ची के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजना चाहा, लेकिन परिवार के कुछ लोगों ने इसका विरोध किया। उन्होंने मांग की कि जब तक बच्ची के पिता बबलू नहीं आ जाते, तब तक शव का पोस्टमार्टम नहीं कराया जाएगा। इस दौरान उनकी पुलिस से नोंक-झोंक भी हुई। बच्ची के पिता बबलू पशुपालन और खेती-बाड़ी का काम करते हैं। उनकी पत्नी अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज में भर्ती थीं, और बबलू अपनी पत्नी के साथ अलीगढ़ में ही थे। आज दोपहर में बबलू की एक गाय मर गई थी। परिवार के अन्य सदस्यों ने इसकी सूचना नगर पालिका के एक सभासद को दी। परिवार वालों ने बताया कि सभासद के कहने पर नगर पालिका की जेसीबी गाय को दफनाने के लिए मौके पर पहुंची थी। जेसीबी चालक ने इस काम के लिए पैसे भी लिए थे। गाय को दफनाने के बाद जब चालक जेसीबी लेकर लौट रहा था, तभी पास खड़ी 10 साल की नैना जेसीबी के अगले हिस्से की चपेट में आ गई। वह वहीं तड़पने लगी। कुछ लोगों ने जेसीबी और उसके चालक को पकड़ लिया। बच्ची को तुरंत जिला अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका। बच्ची के चाचा ने आरोप लगाया कि जेसीबी चालक और उसके साथ मौजूद एक अन्य व्यक्ति शराब पिए हुए थे। उन्होंने बिना देखे ही बच्ची पर जेसीबी चढ़ा दी। पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की कोशिश की। हालांकि, परिवार के लोग अपनी मांग पर अड़े रहे कि पिता के आने तक पोस्टमार्टम नहीं होगा। बाद में हाथरस गेट कोतवाली निरीक्षक ने परिवार वालों को समझाकर शांत किया। इस घटना के बाद परिवार में मातम छा गया है।
