हाथरस में स्वास्थ्य सेवाओं पर चला धरना समाप्त, अधिकारियों ने दिया आश्वासन
Hathras, Uttar Pradesh:हाथरस में भारतीय किसान यूनियन (भानू गुट) का मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) कार्यालय के बाहर चल रहा अनिश्चितकालीन धरना मंगलवार देर शाम समाप्त हो गया। यह धरना जिले की स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की मांग को लेकर शुरू किया गया था। प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा उचित कार्रवाई के आश्वासन के बाद संगठन ने धरना खत्म करने की घोषणा की। यह प्रदर्शन तालाब ओवरब्रिज के नीचे आयोजित किया गया था, जिसमें विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में नागरिक शामिल हुए।प्रदर्शनकारियों ने धरने के दौरान जिले की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग पर लापरवाही और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए।उनकी मुख्य मांगों में से एक यह थी कि मेडिकल कॉलेज की घोषणा हुए लगभग छह वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन अभी तक उसका शिलान्यास भी नहीं हो सका है। इसके अतिरिक्त, प्रदर्शनकारियों ने जिला अस्पताल को 'रेफर सेंटर' बन जाने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि मरीजों को छोटी-छोटी बीमारियों के लिए भी अन्य अस्पतालों में रेफर किया जा रहा है, जिससे उन्हें परेशानी हो रही है। शाम करीब 7 बजे प्रशासनिक अधिकारी धरना स्थल पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से वार्ता की। इस दौरान अपर जिलाधिकारी, सीएमओ, उपजिलाधिकारी सदर, क्षेत्राधिकारी नगर (सीओ सिटी), सीएमएस और कोतवाली सदर प्रभारी सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे। उन्होंने प्रदर्शनकारियों की समस्याओं को सुना और उनकी मांगों के समाधान के लिए उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। अधिकारियों के सकारात्मक आश्वासन के बाद भारतीय किसान यूनियन (भानू गुट) के पदाधिकारियों ने धरना समाप्त करने की घोषणा की। हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समस्याओं के समाधान की दिशा में अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई तो भविष्य में फिर से आंदोलन शुरू किया जाएगा। धरने में कृष्णकांत रावत, प्रवीण खंडेलवाल, सुनील अग्रवाल, अभिषेक रंजन आर्य, सुभाष उपाध्याय, मदन मोहन गौड़, भूपेंद्र शर्मा, छोटू राणा, मनोज वार्ष्णेय, हर्षित गौड़, अनमोल अग्निहोत्री, अमरदीप, किशन भारती, गौरव ओझा, सौरव ओझा, डॉ. ललतेश शर्मा सहित कई अन्य लोग उपस्थित थे।हाथरस के सासनी में महिलाओं के झगड़े में हिंसा, सरिया से वार, एक महिला गम्भीर घायल
Hathras, Uttar Pradesh:हाथरस के सासनी कोतवाली क्षेत्र के खेड़ा फिरोजपुर गांव में महिलाओं के बीच हुए झगड़े ने हिंसक रूप ले लिया, जिसमें एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है। पुलिस ने मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। खेड़ा फिरोजपुर निवासी मंजू देवी पत्नी लक्ष्मन सिंह समूह की बैठक के लिए रामनगर जा रही थीं। तभी मोहल्ले की अनार देवी पत्नी प्रवेश ने उन पर अभद्र टिप्पणी की। मंजू देवी ने इसका विरोध किया, जिसके बाद विवाद बढ़ गया। आरोप है कि विवाद के दौरान अनार देवी के देवर सोनू पुत्र अमर सिंह ने मंजू देवी के सिर पर सरिया से वार कर दिया, जिससे उन्हें गंभीर चोट आई। अनार देवी ने भी मंजू देवी की आंख के पास काट लिया, जिससे वह बेहोश हो गईं। मारपीट के बाद दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए। घटना के बाद मंजू देवी को उनके रिश्तेदार घर ले गए और बाद में उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। उन्हें सिर और आंख के पास गंभीर चोटें आई हैं। मंजू देवी की शिकायत पर पुलिस ने प्रवेश और सोनू के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। मंजू देवी ने आरोप लगाया है कि आरोपियों ने उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी है, यह कहते हुए कि अगर वह थाने गईं तो उन्हें मार दिया जाएगा। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है।हाथरस में जिला अस्पताल की बदहाल व्यवस्थाओं पर फूटा जनआक्रोश, 11 सूत्रीय मांगों को लेकर धरने पर बैठे
Hathras, Uttar Pradesh:हाथरस में जिला अस्पताल की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्थाओं के खिलाफ जनआक्रोश खुलकर सामने आ गया है। भारतीय किसान यूनियन भानू, विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल, व्यापार मंडल सहित करीब एक दर्जन सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों ने सीएमओ कार्यालय के सामने पुल के नीचे अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जिला अस्पताल में डॉक्टरों की कमी नहीं है, लेकिन मरीजों को समय पर और उचित उपचार नहीं मिल पा रहा है। धरने पर बैठे लोगों का आरोप है कि जिला अस्पताल की इमरजेंसी अब उपचार केंद्र नहीं बल्कि रेफर सेंटर बनकर रह गई है। मामूली चोट, कटने-फटने या पेट दर्द जैसी सामान्य समस्याओं के मरीजों को भी तत्काल अलीगढ़, आगरा अथवा अन्य बड़े अस्पतालों के लिए रेफर कर दिया जाता है। इससे मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है और कई बार समय पर इलाज न मिलने के कारण गंभीर परिणाम भी सामने आते हैं। प्रदर्शनकारियों ने जिला अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार, इमरजेंसी सेवाओं को प्रभावी बनाने, विशेषज्ञ चिकित्सकों की जवाबदेही तय करने तथा हाथरस में मेडिकल कॉलेज की स्थापना सहित 11 सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन शुरू किया है। उनका कहना है कि जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक धरना जारी रहेगा। धरने में शामिल लोगों ने आरोप लगाया कि डॉक्टरों की लापरवाही के चलते कई मरीज अपनी जान गंवा चुके हैं। हाल ही में एक पत्रकार की पत्नी की मौत का मामला भी लोगों के आक्रोश का प्रमुख कारण बना हुआ है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस कार्रवाई की जरूरत है। फिलहाल धरना स्थल पर बड़ी संख्या में लोग मौजूद हैं और स्वास्थ्य विभाग की बुद्धि शुद्धि के लिए हवन यज्ञ कर रहे हैं। वही सभी की निगाहें जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।हाथरस की ग्रीन वैली कॉलोनी में सूने घर का ताला काटकर चोरी, स्कूटी-लैपटॉप-चांदी के जेवर ले उड़े बदमाश
Hathras, Uttar Pradesh:थाना हाथरस गेट क्षेत्र के अंतर्गत ग्रीन वैली रमनपुर में चोरों के हौसले बुलंद हैं। बीती रात अज्ञात चोरों ने एक सूने मकान को अपना निशाना बनाते हुए नकदी, आभूषण, इलेक्ट्रॉनिक्स सामान और एक स्कूटी पर हाथ साफ कर दिया। पीड़ित ने इस संबंध में थाना हाथरस गेट पुलिस को लिखित तहरीर देकर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्रीन वैली रमनपुर निवासी लक्ष्मण कुमार पुत्र महिपाल सिंह के घर में 1 जून की रात को अज्ञात चोरों ने धावा बोला। चोरों ने घर की अलमारी का ताला काटा और उसमें रखे दो लैपटॉप, करीब 20 हजा रुपये की नकदी, दो जोड़ी तोड़िया (पायल) और चांदी का अन्य कीमती सामान चोरी कर लिया। इतना ही नहीं, शातिर चोर घर में खड़ी एक स्कूटी भी अपने साथ ले गए। घटना की जानकारी पीड़ित परिवार को सुबह हुई, जिसके बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। पीड़ित लक्ष्मण कुमार ने थाना हाथरस गेट प्रभारी को शिकायती पत्र सौंपकर मामले की रिपोर्ट दर्ज करने और चोरी गया सामान बरामद करने की गुहार लगाई है। पुलिस मामले की छानबीन में जुट गई है।
