शामली में हिंदू रक्षा दल के कार्यकर्ताओं का हंगामा, नाहिद हसन के आवास पर धरने की तैयारी।
Shamli, Uttar Pradesh:रिपोर्ट:- अमित तरार उत्तर प्रदेश के जनपद शामली में हिंदू रक्षा दल के कार्यकर्ताओं ने कैराना विधायक नाहिद हसन के बयान को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। नाहिद हसन के ‘घर का घेर’ वाले बयान पर भड़के कार्यकर्ताओं ने उनके आवास पर धरना देने के लिए शामली पहुंचकर विरोध जताया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने विधायक नाहिद हसन को निशाने पर लेते हुए तीखी बयानबाजी की। हिंदू रक्षा दल के कार्यकर्ताओं ने नाहिद हसन के बयान पर नाराजगी जाहिर करते हुए घर का घेराव करने के बजाय घर का ढेर बना देने जैसी धमकी दी। कार्यकर्ताओं ने समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव पर भी जमकर निशाना साधा और उनके खिलाफ तीखे बयान दिए। वहीं, उत्तराखंडी को लेकर दिए गए कथित घुसपैठिया बयान पर भी कार्यकर्ताओं में आक्रोश देखने को मिला। कार्यकर्ताओं ने इस बयान को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का अपमान बताते हुए नाराजगी जताई। नाहिद हसन के आवास पर धरना देने के उद्देश्य से शामली पहुंचे हिंदू रक्षा दल के कार्यकर्ताओं के विरोध को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। विधायक के बयान और उसके बाद शुरू हुए विरोध प्रदर्शन से जिले में सियासी हलचल तेज हो गई है। बाइट :- ललित शर्मा (हिंदू रक्षादल )शामली में खाद्य विभाग की ताबड़तोड़ छापेमारी
Shamli, Uttar Pradesh:रिपोर्ट:- अमित तरार दीपावली का त्योहार नजदीक आते ही मिठाइयों की दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ बढ़ने लगी है। ऐसे में मिलावटी मिठाइयों की बिक्री पर रोक लगाने के लिए खाद्य विभाग ने भी कमर कस ली है। शामली जनपद में लखनऊ से आई खाद्य विभाग की 15 टीमों ने डेरा डाल दिया है। अलग-अलग स्थानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है। रसगुल्ला, रबड़ी और अन्य मिठाइयों के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे जा रहे हैं। खाद्य विभाग की इस कार्रवाई से मिठाई कारोबारियों में हड़कंप मचा हुआ है। दीपावली के त्योहार को देखते हुए बाजारों में मिठाइयों की मांग तेजी से बढ़ रही है। इसी के मद्देनजर खाद्य विभाग ने मिलावटखोरों के खिलाफ अभियान शुरू किया है। लखनऊ से आई खाद्य विभाग की करीब 15 टीमें शामली जनपद में अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी कर रही हैं ! खाद्य विभाग की टीमें मिठाई की दुकानों, प्रतिष्ठानों और मिठाई तैयार करने वाले स्थानों पर पहुंचकर जांच कर रही हैं। इस दौरान रसगुल्ला, रबड़ी और विभिन्न प्रकार की मिठाइयों के सैंपल लिए जा रहे हैं। सैंपल को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जा रहा है, ताकि मिठाइयों की गुणवत्ता और उनमें मिलावट की स्थिति का पता लगाया जा सके ,! खाद्य विभाग की इस कार्रवाई से शामली के मिठाई व्यापारियों में हड़कंप मचा हुआ है। टीमों की लगातार छापेमारी से दुकानदारों में भी हलचल देखने को मिल रही है। वहीं, शामली की प्रसिद्ध सैनी घेवर स्वीट्स पर भी खाद्य विभाग की टीम ने छापेमारी की। यहां से रबड़ी और रसगुल्ला के सैंपल लिए गए हैं। त्योहार के मौके पर मिठाइयों की गुणवत्ता बनाए रखने और लोगों को मिलावट से बचाने के लिए खाद्य विभाग की टीमें लगातार कार्रवाई कर रही हैं। दीपावली पर मिठाइयों की खरीदारी करने वाले लोगों के लिए खाद्य विभाग की यह कार्रवाई अहम मानी जा रही है। अब देखना होगा कि जांच के लिए भेजे गए मिठाइयों के सैंपल की रिपोर्ट में क्या सामने आता है और जांच में मिलावट पाए जाने पर संबंधित दुकानदारों के खिलाफ विभाग क्या कार्रवाई करता है ! फिलहाल शामली जनपद में खाद्य विभाग की छापेमारी लगातार जारी है।कैराना में ओवैसी का अखिलेश यादव पर हमला, बोले- यूपी के मुसलमानों को चाहिए अपनी सियासी लीडरशिप
Shamli, Uttar Pradesh:रिपोर्ट:- अमित तरार उत्तर प्रदेश के शामली जिले की कैराना विधानसभा में पहुंचे एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने केंद्र की मोदी सरकार, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर जमकर निशाना साधा। ओवैसी ने अंतरराष्ट्रीय हालात, चीन सीमा, बेरोजगारी, महंगाई, मुजफ्फरनगर दंगों और मुस्लिम राजनीतिक नेतृत्व के मुद्दे उठाए। उन्होंने कहा कि यूपी के मुसलमानों को अपनी स्वतंत्र राजनीतिक लीडरशिप खड़ी करनी होगी। अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए ओवैसी ने कहा कि वह मुसलमानों से वोट तो लेते हैं, लेकिन मुश्किल समय में उनके साथ खड़े होने का सवाल भी पूछा जाना चाहिए। कैराना में अपने संबोधन के दौरान ओवैसी ने सबसे पहले विदेशों में फंसे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि मक्का और जेद्दा में फंसे भारतीय नागरिकों को सुरक्षित वापस लाने के लिए केंद्र सरकार को तत्काल कदम उठाने चाहिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील करते हुए उन्होंने कहा कि इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से दोस्ती निभाने के बजाय भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाए। ओवैसी ने आशंका जताई कि क्षेत्र में युद्ध बढ़ने से भारत में पेट्रोल और गैस की कीमतों पर असर पड़ सकता है। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से भी युद्ध के बजाय शांति की दिशा में पहल करने की अपील की। ओवैसी ने चीन के साथ सीमा विवाद का मुद्दा उठाते हुए अरुणाचल प्रदेश में चीनी सैनिकों की मौजूदगी को लेकर केंद्र सरकार से जवाब मांगा। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार को सीमा की स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर तंज कसते हुए ओवैसी ने कहा कि बुलडोजर की कार्रवाई गरीबों और मस्जिदों तक सीमित क्यों दिखाई देती है। उन्होंने कटाक्ष किया कि अगर बुलडोजर चलाने की इतनी ही ताकत है तो उसे अरुणाचल प्रदेश की सीमा पर भेजकर दिखाया जाए। ये सभी आरोप और टिप्पणियां ओवैसी ने अपने राजनीतिक भाषण के दौरान कीं। अपने भाषण में ओवैसी ने बेरोजगारी और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि बड़े-बड़े आर्थिक लक्ष्य घोषित करने से जनता की समस्याएं हल नहीं होंगी। युवाओं को रोजगार, महिलाओं को आर्थिक सहायता और किसानों को गन्ने का बकाया भुगतान चाहिए। उन्होंने महिलाओं के खातों में पैसे भेजने के वादों और प्रदेश में विकास कार्यों के खर्च पर सवाल उठाए। ओवैसी ने कहा कि बुलडोजर की कार्रवाई से नौकरियां नहीं मिलेंगी। उन्होंने किसानों के गन्ने का मूल्य बढ़ाने की मांग भी उठाई। ओवैसी के निशाने पर समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव भी रहे। मुजफ्फरनगर दंगों का जिक्र करते हुए उन्होंने तत्कालीन सपा सरकार की भूमिका पर सवाल उठाए। ओवैसी ने कहा कि उस समय प्रदेश में अखिलेश यादव मुख्यमंत्री थे और विधानसभा में मुस्लिम विधायक भी मौजूद थे, इसके बावजूद दंगा प्रभावित परिवारों को राहत और सुरक्षा देने के सवाल उठे। उन्होंने आरोप लगाया कि संकट के समय पीड़ितों की पर्याप्त मदद नहीं की गई। ओवैसी ने दंगा प्रभावित राहत शिविरों का जिक्र करते हुए कहा कि वहां बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों की परेशानियों को उन्होंने करीब से देखा था। उन्होंने अखिलेश यादव से पूछा कि उस समय पीड़ित परिवारों के लिए क्या कदम उठाए गए थे।शामली में कांग्रेस सांसद गुरजीत सिंह औजला का भाजपा पर तीखा हमला, बोले— अमित शाह ज्योतिषी की दुकान खोल लें
Shamli, Uttar Pradesh:अमित तरार, शामली, उत्तर प्रदेश। अमृतसर से कांग्रेस सांसद गुरजीत सिंह औजला ने शामली पहुंचकर केंद्र की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। गृह मंत्री अमित शाह पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि अमित शाह को ज्योतिषी की दुकान खोल लेनी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा दर्ज करने की मांग कर राजनीतिक हलकों में हलचल पैदा कर दी। कांग्रेस सांसद ने चीन की कथित घुसपैठ, नीट पेपर लीक और लोकतंत्र से जुड़े मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। ## चीन की घुसपैठ और नीट पेपर लीक पर सरकार को घेरा गुरजीत सिंह औजला ने चीन के साथ सीमा विवाद का मुद्दा उठाते हुए केंद्र सरकार से सवाल किया कि चीन की गतिविधियों और भारतीय सीमाओं से जुड़े मामलों पर सरकार क्या कदम उठा रही है। उन्होंने नीट पेपर लीक मामले का जिक्र करते हुए कहा कि पेपर लीक होने से लाखों विद्यार्थियों के भविष्य पर असर पड़ता है। उन्होंने इस मामले में सरकार की जवाबदेही तय करने की मांग की और प्रभावित छात्रों की परेशानियों को लेकर चिंता जताई। ## मुख्य चुनाव आयुक्त पर भी साधा निशाना कांग्रेस सांसद ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर भी तीखी टिप्पणी की। उन्होंने उनके खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा दर्ज करने की मांग की। उनके इस बयान से चुनाव आयोग की भूमिका और चुनावी प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक विवाद बढ़ने की संभावना है। ## एक नवंबर को दिल्ली में होगी ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ सभा औजला ने घोषणा की कि आगामी **एक नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ अभियान के तहत विशाल सभा** आयोजित की जाएगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस लोकतंत्र और मताधिकार से जुड़े मुद्दों को लेकर जनता के बीच जाएगी। ## पंजाब में नशाखोरी और अपराध पर जताई चिंता कांग्रेस सांसद ने पंजाब में नशाखोरी और अपराध की स्थिति पर भी चिंता जताई। उन्होंने दावा किया कि राज्य में ये समस्याएं गंभीर स्तर पर पहुंच गई हैं। साथ ही भाजपा पर देश के वीर सेनानियों के इतिहास से डरने का आरोप लगाते हुए केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। गुरजीत सिंह औजला के इन बयानों से राजनीतिक माहौल गरमा गया है। अब देखना होगा कि भाजपा और संबंधित पक्ष उनके आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं।
