Feb 23, 2026, 11:52 AM IST
नुक्कड़ नाटक की शुरुआत कैसे हुई? जानिए जनआंदोलन से जुड़ा इसका दिलचस्प इतिहास
Support User
नुक्कड़ नाटक खुले स्थानों पर किया जाने वाला जननाट्य रूप है, जिसका उद्देश्य सीधे जनता से संवाद करना होता है।
इसकी जड़ें भारतीय लोक परंपराओं जैसे Nautanki और Tamasha में मिलती हैं।
स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान इसे जनजागरण के प्रभावी माध्यम के रूप में इस्तेमाल किया गया।
1943 में बने Indian People's Theatre Association ने इसे संगठित दिशा दी।
इसके माध्यम से सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों को आम लोगों तक पहुंचाया गया।
1970-80 के दशक में यह आंदोलनों की आवाज बना।
Safdar Hashmi ने इसे नई पहचान और ऊर्जा दी।
नुक्कड़ नाटक में मंच और साज-सज्जा की जरूरत नहीं होती।
यह दहेज, भ्रष्टाचार, महिला अधिकार और मजदूर शोषण जैसे मुद्दों को उठाता है।
आज भी यह समाज को जागरूक करने का सशक्त और प्रभावी माध्यम बना हुआ है।